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गर्मी में राहत देगा प्याज का ठंडा रायता, 5 मिनट में बनकर होगा तैयार

मई की इस झुलसाने वाली गर्मी और कड़कती धूप में दोपहर के वक्त कुछ भी भारी या मसालेदार खाने का मन नहीं करता. भारी खाना गैस की समस्या को भी दावत दे सकता है. ऐसे में दोपहर के लंच में सादे दाल-चावल या दाल-रोटी के साथ अगर कुछ ठंडा-ठंडा मिल जाए तो खाने का स्वाद और बढ़ जाता है. गर्मियों के इस हैवी लंच को लाइट और रिफ्रेशिंग बनाने का सबसे बेस्ट तरीका है प्याज का ठंडा-ठंडा रायता. दही की ठंडी तासीर पेट को अंदर से राहत देती है और प्रोबायोटिक्स से भरपूर होने के कारण खाने को आसानी से पचाती है. वहीं दूसरी ओर प्याज को आयुर्वेद में लू से बचने का अच्छा तरीका माना जाता है. ऐसे में यहां हम आपको सिर्फ 5 मिनट में तैयार होने वाले इस प्याज के रायते की बेहद आसान और टेस्टी रेसिपी बता रहे हैं जो इस समर सीजन में आपको लू और डिहाइड्रेशन से कोसों दूर रखेगी. प्याज का रायता बनाने की सामग्री ताजा गाढ़ा दही – 2 कप प्याज – 1 बड़ा (बारीक कटा हुआ) हरी मिर्च – 1-2 (बारीक कटी हुई) पुदीने के पत्ते – 8-10 (बारीक कटे हुए) बारीक कटा हरा धनिया – 1 बड़ा चम्मच भुना जीरा पाउडर – 1 छोटा चम्मच काला नमक – आधा छोटा चम्मच सादा नमक – स्वादानुसार लाल मिर्च पाउडर या चाट मसाला – एक चुटकी (सजाने के लिए) बनाने का तरीका सबसे पहले एक बड़े मिक्सिंग बाउल में ताजा और गाढ़ा दही लें. व्हिस्कर या मथनी की मदद से दही को तब तक अच्छी तरह फेंटें जब तक कि वह एकदम स्मूद और मलाईदार न हो जाए. अगर दही बहुत ज्यादा गाढ़ा हो तो आप इसमें 2-3 चम्मच ठंडा पानी भी मिला सकते हैं. अब फेंटे हुए दही में बारीक कटा हुआ प्याज, हरी मिर्च, हरा धनिया और पुदीने के पत्ते डालें. पुदीना डालने से रायते का स्वाद और इसकी कूलिंग प्रॉपर्टीज दोनों बढ़ जाती हैं. इसके बाद बाउल में भुना जीरा पाउडर, काला नमक और सादा नमक डालकर सभी चीजों को चम्मच की मदद से अच्छी तरह मिक्स कर लें. तैयार रायते को कम से कम 15-20 मिनट के लिए फ्रिज में रख दें ताकि यह एकदम चिल्ड हो जाए. सर्व करते समय ऊपर से एक चुटकी भुना जीरा पाउडर, लाल मिर्च पाउडर या चाट मसाला और पुदीने की पत्ती से गार्निश करें. इसे दोपहर के लंच में गरमा-गरम दाल-रोटी या बिरयानी के साथ ठंडा-ठंडा परोसें.

धारीदार या चिकना तरबूजम,कौन सा ज्यादा मीठा और रसीला होता है? जानें सच

लाल और रसीले तरबूज गर्मियां आते ही बाजार में बिकने शुरू हो जाते हैं, जिन्हें देखकर ही मुंह में पानी आने लगता है. गर्मियों में तो तरबूज सबसे ज्यादा मार्केट में देखने को मिलते हैं और लोग उनको काफी खाते भी हैं. लाल और रसीले के अलावा लोगों के मन में तरबूज खरीदते समय यह भी सवाल आता है कि हरा चिकना या धारीवाला यानी लाइनों वाले तरबूज में से कौन-सा खाना ज्यादा फायदेमंद होगा. धारीवाला और चिकना हरा तरबूज में से कौन ज्यादा मीठा और रसीला होता है, इसे लेकर लोगों के मन में काफी सवाल आते हैं. अगर आप भी इसी कन्फ्यूजन में रहते हैं, तो आइए आपकी इस उलझन का हल कर देते हैं. अगली बार जब भी आप तरबूज खरीदने जाएं तो बिना किसी झंझट के सही और लाल-रसीला तरबूज ही खरीदकर लाएंगे. दोनों तरबूज में क्या फर्क होता है? धारीदार तरबूज की बाहरी सतह पर हल्की और गहरी ग्रीन कलर री लाइन्स बनी होती है. वहीं बिना धारी वाले तरबूज का कलर डार्क ग्रीन कलर का होता है और वो चिकना होता है. यह असल में दोनों अलग-अलग किस्म के तरबूज होते हैं, लेकिन दोनों एक ही फैमिली से आते हैं. इन दोनों में सिर्फ इतना ही फर्क होता है कि इनका ऊपरी डिजाइन अलग होता है, टेस्ट में थोड़ा बहुत फर्क हो सकता है, सेहत के फायदे लगभग एक जैसे ही होते हैं. इतना ही नहीं इन दोनों तरह के तरबूज में पोषण लगभग बराबर मात्रा में मौजूद होते हैं. तरबूज में 90 प्रतिशत से ज्यादा पानी होता है, जो शरीर को गर्मी में हाइड्रेट रखने में मदद करता है. इसके अलावा इसमें विटामिन C, विटामिन A,एंटीऑक्सीडेंट और लाइकोपीन पाए जाते हैं. लाइकोपीन के फायदे? लाइकोपीन दिल की सेहत के लिए अच्छा माना जाता है, इसके साथ ही तरबूज कम कैलोरी वाला फल है. इसलिए यह उन लोगों के लिए बहुत फायदेमंद होता है जो वेट लॉस कर रहे हैं. कौन सा तरबूज ज्यादा मीठा होता है? कई लोग मानते हैं कि धारीदार तरबूज ज्यादा मीठा होता है, जबकि बिना धारी वाला थोड़ा कम मीठा और सख्त हो सकता है. जबकि मिठास इस बात पर निर्भर करती है कि तरबूज कितना पका हुआ है और उसे कैसे उगाया गया है.यानी सिर्फ धारियों को देखकर यह फैसला नहीं किया जा सकता कि कौन सा तरबूज ज्यादा मीठा होगा. इसलिए दोनों ही तरबूज अच्छे हैं और गर्मी में बिना किसी झंझट के दोनों को आराम से आप खा सकते हैं. अच्छा तरबूज खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखें?     तरबूज में नीचे पीला धब्बा हो, जिसका मतलब फल प्राकृतिक तरीके से पका है.     तरबूज अपने आकार के हिसाब से भारी लगे     थपथपाने पर गहरी खोखली आवाज आए     कटे, दबे या नरम हिस्सों वाला तरबूज न लें  

गर्मियों में अंडा खाना सुरक्षित या नहीं? एक्सपर्ट्स ने बताया पूरा सच

 भारत के कई हिस्सा में पारा 40 डिग्री के पार पहुंच गया है और सुबह 7 बजे से ही गर्माहट समझ आने लगी है. ऐसे में गर्मी के मौसम में अक्सर लोग खान-पान को लेकर सचेत रहते हैं ताकि उनका डाइजेशन और सेहत सही रहे. लेकिन जो लोग रोजाना अंडे खाते हैं, उन लोगों को भी चिंता होने लगती है कि रोजाना अंडा खाएं या नहीं? अंडा जिसे सुपरफूड माना जाता है, उसे लेकर एक बड़ा भ्रम यह है कि इसकी तासीर गर्म होती है और गर्मियों में इसे खाने से पेट खराब या शरीर में गर्मी बढ़ सकती है. लेकिन क्या वाकई ऐसा है? हार्वर्ड हेल्थ और इंटरनेशनल रिसर्च डेटा के अनुसार, अंडा गर्मियों में भी उतना ही सुरक्षित है जितना सर्दियों में, बस शर्त यह है कि उसे खाने का तरीका सही होना चाहिए. तो आइए जान लीजिए कि इस तपती गर्मी में आपको अंडे का सेवन कैसे करना चाहिए. गर्मियों में अंडे और शरीर की गर्मी का सच हॉवर्ड न्यूट्रिशन सोर्स के अनुसार, अंडा विटामिन D और कोलीन का बेहतरीन सोर्स है. अगर आप इसे सही हाइड्रेशन यानी पर्याप्त पानी के साथ लेते हैं, तो यह शरीर में गर्मी पैदा नहीं करता. अक्सर माना जाता है कि अंडे खाने से शरीर का तापमान बढ़ जाता है. हालांकि, एक्सपर्ट्स के मुताबिक अंडे में हाई क्वालिटी वाला प्रोटीन और अमीनो एसिड होते हैं जिन्हें पचाने के लिए शरीर को अधिक एनर्जी की आवश्यकता होती है. इस प्रोसेस को थर्मिक इफेक्ट ऑफ फूड कहा जाता है. क्या है अंडा खाने का सबसे सही समय? ऑस्ट्रेलिया एग्स की रिपोर्ट बताती है कि सुबह अंडा खाने से दिनभर एनर्जी बनी रहती है और बार-बार भूख नहीं लगती. दरअसल, गर्मी के मौसम में मेटाबॉलिज्म दोपहर और रात के समय थोड़ा धीमा हो जाता है इसलिए इस समय भारी भोजन को पचाना मुश्किल होता है. हेल्थ एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि अंडों का सेवन सुबह के नाश्ते में करना सबसे बेहतर रहेगा. सुबह शरीर का मेटाबॉलिज्म सबसे अधिक होता है जिससे अंडे का प्रोटीन आसानी से पच जाता है. दोपहर की कड़ी धूप या रात को सोने से ठीक पहले अंडा खाने से बचना चाहिए क्योंकि इससे एसिडिटी या ब्लोटिंग की समस्या हो सकती है. गर्मियों में इन 2 बातों का रखें ख्याल गर्मियों में सबसे बड़ा खतरा साल्मोनेला (Salmonella) बैक्टीरिया का होता है. अधिक तापमान में अंडे जल्दी खराब हो सकते हैं. इसलिए हमेशा अंडों को फ्रिज में 4°C से कम तापमान पर स्टोर करें. इसके अलावा गर्मियों में भारी तेल-मसाले वाले ऑमलेट या एग करी के बजाय उबले हुए अंडे या कम तेल वाली पोच्ड एग को प्राथमिकता दें. अंडे को इसे खीरे, पुदीने या ताजी सब्जियों के सलाद के साथ खाएं ताकि शरीर का हाइड्रेशन लेवल बना रहे. अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार, किसी स्वस्थ व्यक्ति गर्मियों में भी रोज 1 से 2 अंडे सुरक्षित रूप से खा सकता है.