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भीषण लू का खतरा: प्रदेश के जिलों में तापमान 44°C तक जाने का अनुमान, रतलाम सबसे गर्म

भोपाल  मध्य प्रदेश में गर्मी ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है. तपिश बढ़ने से कई जिलों में गर्मी बढ़ गई है. सोमवार को प्रदेश के कई शहरों में दिन का तापमान 41 डिग्री सेल्सियस के पार दर्ज किया गया. रतलाम में सबसे ज्यादा तापमान रहा. यहां 41.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया. वहीं पारा 41 डिग्री के पार पहुंचते ही प्रदेश के कई इलाकों में हीट जोन का असर दिखने लगा है. राजधानी भोपाल समेत इंदौर, उज्जैन और जबलपुर में भी तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों की दिनचर्या बिगाड़ दी।  3-5 डिग्री तक पारा में उछाल  मौसम विभाग के अनुसार, 15 अप्रैल से मध्य प्रदेश के कई जिलों में लू चलने की संभावना है. इसके अलावा प्रदेश के तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक उछाल आने की संभावना है।  41 डिग्री के पार पहुंचा MP का पारा बीते 24 घंटे में सबसे अधिक तापमान रतलाम का 41.2 डिग्री दर्ज किया गया. वहीं नर्मदापुरम का 40.8 डिग्री सेल्सियस, धार में तापमान 40. 4 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया. इसके अलावा खरगोन और मंडला में तापमान 40 डिग्री,  बैतूल में 39.5 डिग्री, शाजापुर में 39.3 डिग्री, खजुराहो, छिंदवाड़ा में 39.2 डिग्री, खंडवा में 39.1 डिग्री मलाजखंड और रायसेन में 39 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया. वहीं बड़े शहरों की बात करे तो जबलपुर सबसे गर्म रहा. यहां तापमान 39.2 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि राजधानी भोपाल और इंदौर में तापमान 38.8 डिग्री सेल्सियस रहा. उज्जैन में 39 डिग्री दर्ज हुआ।  इन जिलों में चलेगी लू, IND ने जारी किया अलर्ट  मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों के लिए लू चलने की चेतावनी जारी की है. 16 और 17 अप्रैल को रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, खरगोन, खंडवा, सीधी, सिंगरौली, मंडला और बालाघाट में लू चलने की संभावना है. इसके अलावा राजधानी भोपाल, इंदौर और उज्जैन में भी गर्म हवाओं की चपेट में रहेंगे।   इन जिलों में चलेगी लू, अलर्ट जारी 16 और 17 अप्रैल को रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, खरगोन, खंडवा, सीधी, सिंगरौली, मंडला और बालाघाट में लू चलने की चेतावनी जारी की गई है। इसके अलावा भोपाल, इंदौर और उज्जैन जैसे बड़े शहर भी गर्म हवाओं की चपेट में रहेंगे। इन शहरों में 40 के आसपास पहुंचा तापमान रतलाम: 41.2 डिग्री नर्मदापुरम: 40.8 डिग्री धार: 40.4 डिग्री खरगोन, मंडला: 40 डिग्री बैतूल: 39.5 डिग्री शाजापुर: 39.3 डिग्री खजुराहो, छिंदवाड़ा: 39.2 डिग्री खंडवा: 39.1 डिग्री मलाजखंड, रायसेन: 39 डिग्री बड़े शहरों में जबलपुर सबसे गर्म रहा (39.2 डिग्री), जबकि भोपाल और इंदौर में 38.8 डिग्री, उज्जैन में 39 डिग्री दर्ज हुआ। 15 अप्रैल से नया सिस्टम सक्रिय, पर नहीं मिलेगी राहत 15 अप्रैल से एक नया मौसम सिस्टम बन तो रहा है, लेकिन वह काफी कमजोर है। इसका मतलब है कि अब गर्मी से राहत मिलने के आसार कम हैं। मौसम विभाग के अनुसार, अप्रैल का दूसरा पखवाड़ा ऐतिहासिक रूप से सबसे गर्म रहता है। ग्वालियर में तो तापमान 45°C और भोपाल में 44°C तक जाने का रिकॉर्ड रहा है। अप्रैल में लगातार 9 दिन तक बारिश बता दें कि अप्रैल में अब तक भीषण गर्मी पड़ने के बजाय आंधी-बारिश और ओले वाला मौसम रहा। 1 से 9 अप्रैल तक प्रदेश में कहीं न कहीं मौसम बदला। 15 से ज्यादा जिलों में ओलावृष्टि हुई तो करीब 45 जिलों में पानी गिरा। ग्वालियर में सबसे ज्यादा पानी गिरा। एमपी में अप्रैल के दूसरे पखवाड़े से गर्मी का असर तेज होने लगता है। महीने के आखिरी दिनों में तो तापमान रिकॉर्ड तोड़ देता है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर की 10 साल की डेटा बेस्ड स्टडी में सामने आया कि भोपाल-इंदौर में पारा 43 डिग्री, जबकि जबलपुर में 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है। ग्वालियर में तो तापमान 45 डिग्री सेल्सियस पार कर चुका है। भोपाल में 1996 में पड़ी थी सबसे ज्यादा गर्मी अप्रैल में गर्मी के ट्रेंड की बात करें तो भोपाल में 29 अप्रैल 1996 को अधिकतम तापमान 44.4 डिग्री सेल्सियस पहुंचा था। इस महीने भोपाल में बारिश-आंधी के आसार भी बनते हैं। यही कारण है कि कुछ साल से अप्रैल में बारिश का दौर चल रहा है। 20 अप्रैल 2013 को भोपाल में 24 घंटे के भीतर 30.8 मिमी यानी एक इंच से ज्यादा बारिश हुई थी। वहीं, 2023 में 22.6 मिमी पानी गिरा था।  कमजोर सिस्टम भी नहीं देगा राहत 15 अप्रैल से एक नया मौसम सिस्टम एक्टिव जरूर होगा, लेकिन यह इतना कमजोर रहेगा कि गर्मी से राहत नहीं मिलेगी। उल्टा, इसके बाद तापमान और चढ़ने के आसार हैं। यानी आने वाले दिनों में ‘हीट वेव’ का लंबा दौर देखने को मिल सकता है।  अप्रैल की शुरुआत रही अलग, अब बदला मिजाज इस बार अप्रैल के पहले 9 दिन सामान्य से अलग रहे। आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने गर्मी को थामे रखा। करीब 45 जिलों में बारिश दर्ज हुई, जबकि 15 से ज्यादा जिलों में ओले गिरे। ग्वालियर में सबसे ज्यादा वर्षा हुई। लेकिन अब मौसम ने करवट बदल ली है और अप्रैल के दूसरे पखवाड़े में परंपरागत तेज गर्मी का दौर शुरू हो गया है। लू से बचाव के लिए एडवाइजरी – दिनभर पर्याप्त पानी पिएं – दोपहर में धूप से बचें – हल्के और सूती कपड़े पहनें – बच्चों और बुजुर्गों का खास ध्यान रखें – बाहर निकलते समय सिर और चेहरे को ढककर रखें 

मध्य प्रदेश में 16 अप्रैल से भीषण गर्मी, रतलाम में तापमान 41°C, अन्य शहरों में बढ़े पारे

भोपाल  मध्य प्रदेश में अब धीरे-धीरे तेज गर्मी का असर देखने को मिल रहा है. 16 अप्रैल से हीटवेव का असर दिखेगा. धार, खरगोन, खंडवा, सीधी और सिंगरौली में लू चलने का अलर्ट है. वहीं 15 अप्रैल से नया वेदर सिस्टम है, पर इसका असर नहीं होगा. इस दौरान लू चलेगी. मौसम विज्ञान केंद्र का कहना है कि प्रदेश में अब भीषण गर्मी पड़ेगी. गर्मी का असर बढ़ते ही मौसम विज्ञान केंद्र ने बचाव की एडवाइजरी जारी कर दी है. रविवार को पांच शहरों में दिन का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार रहा. रतलाम में तापमान सबसे ज्यादा 41 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।  रतलाम सबसे गर्म, आसमान से बरस रही आग प्रदेश में इस वक्त रतलाम जिला सबसे गर्म रिकॉर्ड किया गया है, जहाँ अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अब आसमान साफ रहने और बादलों की आवाजाही बंद होने के कारण दिन के तापमान में और भी तेजी से उछाल आएगा। तीखी धूप ने लोगों का घरों से निकलना मुश्किल कर दिया है। रतलाम के बाद खजुराहो में 40.4 डिग्री, धार, मंडला-नर्मदापुरम में 40.2 डिग्री, दमोह, रीवा-टीकमगढ़ में 39.5 डिग्री, खरगोन में 39.2 डिग्री, रायसेन, छिंदवाड़ा, उमरिया, सतना और मलाजखंड में पारा 39 डिग्री, बैतूल-सागर में 38.8 डिग्री, गुना-शाजापुर में 38.4 डिग्री, नौगांव में 38.2 डिग्री, खंडवा में 38.1 डिग्री, सिवनी-सीधी में 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। प्रदेश के 5 बड़े शहरों की बात करें तो इंदौर में सबसे ज्यादा 39.2 डिग्री, भोपाल में 38.6 डिग्री, ग्वालियर में 36.1 डिग्री, उज्जैन में 38.5 डिग्री और जबलपुर में पारा 38.7 डिग्री सेल्सियस रहा। 15 अप्रैल से नया सिस्टम, पर असर नहीं, लू चलेगी मौसम विभाग के अनुसार, 15 अप्रैल को नया सिस्टम एक्टिव हो रहा है, लेकिन यह कमजोर रहेगा। यानी, अब प्रदेश में तेज गर्मी वाला दौर ही रहेगा। गर्मी बढ़ने से लोग उससे बचने के तरीके भी तलाश रहे हैं। कोई मुंह पर कपड़ा बांधकर घर से बाहर निकल रहा है तो कोई गन्ने का ज्यूस, कोल्ड्रिंक्स, आइस्क्रीम का लुत्फ उठा रहा है। गर्मी का असर बढ़ते ही मौसम विभाग ने बचाव की एडवाइजरी भी जारी की है। लोगों से कहा गया है कि वे दिनभर पर्याप्त पानी पिएं और शरीर को हाइड्रेट रखें। दोपहर के समय लंबे समय तक धूप में न रहे। हल्के वजन और रंग के सूती कपड़े पहनें। बच्चे और बुजुर्ग खासतौर पर ध्यान रखें। वहीं, 16 अप्रैल से तेज गर्मी का दौर शुरू हो जाएगा। धार, खरगोन, खंडवा, सीधी और सिंगरौली में लू चलने का अलर्ट है। 16 अप्रैल से 'हीटवेव' का हाई अलर्ट IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, 16 अप्रैल से मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में हीटवेव (लू) चलने की प्रबल संभावना है। मौसम विभाग का मानना है कि इस साल गर्मी अपने पुराने रिकॉर्ड तोड़ सकती है। अप्रैल के महीने में ही पारा 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने के संकेत मिल रहे हैं। पश्चिमी विक्षोभ का असर पूरी तरह समाप्त होने से अब केवल गर्म शुष्क हवाएं ही प्रदेश को अपनी चपेट में लेंगी। गर्मी तोड़ेगी रिकॉर्ड विशेषज्ञों के मुताबिक, आने वाले दिनों में किसी भी प्रकार की राहत की उम्मीद नहीं है। तीखी धूप और लू के चलते लोगों को दोपहर के समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। राज्य के अन्य हिस्सों में भी तापमान में 2 से 3 डिग्री की वृद्धि दर्ज की जा सकती है। अप्रैल में लगातार 9 दिन तक बारिश बता दें कि अबकी बार अप्रैल में भीषण गर्मी की बजाय आंधी-बारिश और ओले वाला मौसम रहा। 1 से 9 अप्रैल तक प्रदेश में कहीं न कहीं मौसम बदला। इस दौरान ग्वालियर में सबसे ज्यादा पानी गिरा। 15 से ज्यादा जिलों में ओलावृष्टि हुई तो करीब 45 जिलों में पानी गिरा। अप्रैल के दूसरे पखवाड़े में पड़ती है तेज गर्मी मौसम विभाग के अनुसार, जिस तरह दिसंबर-जनवरी में सर्दी और जुलाई-अगस्त में सबसे ज्यादा बारिश होती है, उसी तरह गर्मी के दो प्रमुख महीने अप्रैल और मई हैं। अप्रैल के दूसरे पखवाड़े से तेज गर्मी पड़ती है।

MP में बढ़ेगी गर्मी: कल से पारा 5-6°C तक बढ़ेगा, 7 जिलों में अलर्ट जारी

भोपाल मध्यप्रदेश में मौसम का मिजाज एक बार फिर करवट लेने वाला है। बीते कई दिनों से आंधी-बारिश और बादलों के कारण मिली राहत अब खत्म होने जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार 10 अप्रैल से प्रदेश में तेज गर्मी का दौर शुरू होगा और दिन के तापमान में 5 से 6 डिग्री सेल्सियस तक उछाल आ सकता है।हालांकि, इससे पहले गुरुवार को प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम सक्रिय रहेगा। उमरिया, शहडोल, डिंडौरी, अनूपपुर, मंडला, सिवनी और बालाघाट जिलों में आंधी, बारिश और गरज-चमक का अलर्ट जारी किया गया है।  मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के लिए उमरिया, शहडोल, डिंडौरी, अनूपपुर, मंडला, सिवनी, बालाघाट में आंधी, बारिश और गरज-चमक का अलर्ट जारी किया है। इससे पहले बुधवार को भोपाल, जबलपुर, रायसेन, शिवपुरी, रतलाम, छतरपुर, नर्मदापुरम, उज्जैन, इंदौर, धार समेत 15 से ज्यादा जिलों में बारिश का दौर रहा। इससे दिन के तापमान में भी गिरावट देखने को मिली। यह सिस्टम एक्टिव रहे बुधवार को एमपी के उत्तर, पूर्वी और पश्चिमी हिस्से में 3 साइक्लोनिक सकुर्लेशन (चक्रवात) एक्टिव रहे। इस वजह से बारिश का दौर रहा। भोपाल में भी हल्की बारिश के साथ तेज आंधी चली। 11 अप्रैल को नया सिस्टम मौसम विभाग की माने तो 11 अप्रैल को उत्तर-पश्चिमी हिस्से में नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) एक्टिव होगा। हालांकि, एमपी में इसका असर कम ही देखने को मिलेगा। तेज आंधी भी चलेगी मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार को प्रदेश में तेज आंधी भी चलेगी। कुछ जिलों में इसकी अधिकतम रफ्तार 40 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा तक रहेगी। बाकी में 30 से 40 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से आंधी चलेगी। मौसम का मिजाज दोपहर बाद ही बदलेगा। अब शुरू होगा असली गर्मी का सीजन मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अप्रैल और मई प्रदेश में गर्मी के पीक महीने होते हैं। इस बार मार्च के आखिरी दिनों में तापमान 41°C के पार पहुंच गया था, लेकिन बार-बार एक्टिव सिस्टम के चलते गर्मी का असर धीमा पड़ा। पिछले 8 दिनों से प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में लगातार बारिश, ओलावृष्टि और आंधी का दौर बना रहा। फरवरी और मार्च में भी चार-चार बार मौसम बदला, जिससे फसलों को भारी नुकसान हुआ। . अप्रैल-मई में सबसे ज्यादा गर्मी जिस तरह दिसंबर-जनवरी में सर्दी और जुलाई-अगस्त में सबसे ज्यादा बारिश होती है, उसी तरह गर्मी के दो प्रमुख महीने अप्रैल और मई हैं। इस बार मध्यप्रदेश में मार्च के दूसरे पखवाड़े में पारा 41 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचा था। मार्च के आखिरी में टेम्प्रेचर बढ़ने लगता है, लेकिन इस बार ऐसा मौसम नहीं रहा। आखिरी 3 दिन वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) और साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम की वजह से पारे में गिरावट आई। इसी तरह अप्रैल के पहले पखवाड़े में बारिश, ओले और आंधी का दौर चल रहा है। पिछले 8 दिन से प्रदेश में कहीं न कहीं बारिश हो रही है। फरवरी-मार्च में 4-4 बार बदला मौसम इस साल जनवरी में बारिश नहीं हुई, लेकिन फरवरी और मार्च में 4-4 बार मौसम बदला। ठंड के मौसम में ही फरवरी में मौसम का मिजाज बदल गया। शुरुआत में ही प्रदेश में दो बार ओले, बारिश और आंधी का दौर रहा। इससे फसलों को खासा नुकसान हुआ था। इसके बाद सरकार ने प्रभावित फसलों का सर्वे भी कराया था। 18 फरवरी से तीसरी बार प्रदेश भीग गया है। 19, 20 और 21 फरवरी को भी असर रहा। फिर चौथी बार 23-24 फरवरी को भी ओले-बारिश का दौर रहा। मार्च में गर्मी के सीजन की शुरुआत हो गई। पहले पखवाड़े में तेज गर्मी वाला मौसम रहा। दूसरे पखवाड़े में बारिश शुरू हो गई। एक दौर लगातार 4 दिन तक रहा। इस दौरान 45 से ज्यादा जिलों में आंधी-बारिश हुई। वहीं, 17 जिलों में ओले भी गिरे। इससे गेहूं, पपीता और केले की फसलें बर्बाद हुई है। तीसरा दौर 26-27 मार्च को रहा। 27 मार्च को सतना, रीवा, दतिया और भिंड में बारिश हुई। सतना के चित्रकूट में आंधी चलने और बारिश होने की वजह से दीप सज्जा के कार्यक्रम पर असर पड़ा था। चौथी बार मौसम ने 29-30 मार्च को फिर से करवट बदली है। 30 मार्च को एमपी के आधे हिस्से में कहीं बारिश-आंधी तो कहीं ओले भी गिरें।

मार्च के दूसरे हफ्ते में MP में गर्मी का प्रकोप, नर्मदापुरम में 40°C से ज्यादा, बारिश की चेतावनी जारी

भोपाल मार्च के दूसरे सप्ताह में ही मध्य प्रदेश में गर्मी ने तीखे तेवर दिखाना शुरू कर दिया है। सीजन में पहली बार नर्मदापुरम, रतलाम और धार में गर्म हवाएं चली।  आज भी यहां लू की चेतावनी जारी की गई है। वहीं, 10 शहरों में पारा 38 डिग्री के पार पहुंच गया। नर्मदापुरम में 40.2 डिग्री रहा। 15 और 16 मार्च को प्रदेश में बारिश, बादल और गरज-चमक वाला मौसम भी रह सकता है। इधर, मौसम विभाग ने 14 मार्च को एक्टिव होने वाले वेस्टर्न डिस्टरबेंस की वजह से दो दिन तक अलर्ट जारी किया है। 15 मार्च को प्रदेश में असर दिखाई देगा। इस दिन ग्वालियर-जबलपुर समेत 16 जिलों में बारिश हो सकती है। वहीं, 16 मार्च को पूर्वी हिस्से के 14 जिलों में भी मौसम बदला रहेगा। भोपाल में गर्मी बढ़ गई राजधानी भोपाल में गर्मी बढ़ गई है। आलम यह है कि धूप से बचने के लिए वाहन चालक मुंह पर कपड़ा बांधकर निकल रहे हैं। इससे पहले पूरे प्रदेश में तेज गर्मी का असर बढ़ गया है। धार, नर्मदापुरम और रतलाम में पारा आम दिनों की तुलना में ज्यादा रहा। यहां पर गर्म हवाएं भी चली। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर में भी पारा बढ़ा हुआ रहा।  कई जिलों में 38-39 डिग्री के बीच तापमान प्रदेश के कई शहरों में तापमान तेजी से बढ़ रहा है। रतलाम में 39.5°, खजुराहो में 39°, धार में 38.8°, खंडवा में 38.1° और शिवपुरी में 38° तापमान दर्ज किया गया। वहीं ग्वालियर, इंदौर, उज्जैन, दतिया और गुना में भी पारा 37 डिग्री के आसपास रहा।  सुबह-शाम की नमी भी कम हुई मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार गुरुवार सुबह भोपाल में 44 प्रतिशत आर्द्रता दर्ज की गई, जो शाम तक घटकर 17 प्रतिशत रह गई। नमी कम होने और तेज धूप के कारण दिन में गर्मी ज्यादा महसूस हो रही है।मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में फिलहाल मौसम शुष्क बना हुआ है साफ आसमान और तेज धूप के कारण तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है। अप्रैल और मई में हीट वेव का रहेगा असर मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अबकी बार अप्रैल और मई में हीट वेव यानी, लू चलेगी। 15 से 20 दिन तक लू चल सकती है, लेकिन मार्च में लू चलने का अलर्ट नहीं है। मार्च के शुरुआती दिनों में पारा बढ़ा हुआ है।अप्रैल-मई सबसे ज्यादा गर्म रहेंगे विभाग ने इस साल अप्रैल और मई में सबसे ज्यादा गर्मी पड़ने का अनुमान जताया है। इन दो महीने के अंदर ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में पारा 45 डिग्री के पार पहुंच सकता है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग भी गर्म रहेंगे।  इससे पहले पूरे प्रदेश में तेज गर्मी का असर रहेगा। बुधवार को तीन जिलों में लू चलने के साथ पारे में भी खासी बढ़ोतरी देखने को मिली। धार, नर्मदापुरम और रतलाम में पारा आम दिनों की तुलना में ज्यादा रहा। यहां पर गर्म हवाएं भी चलीं। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर में भी पारा बढ़ा हुआ रहा। मौसम विभाग के अनुसार, नर्मदापुरम सबसे गर्म रहा। रतलाम में 39.5 डिग्री, खजुराहो में 39 डिग्री, धार में 38.8 डिग्री, दमोह-टीकमगढ़ में 38.5 डिग्री, खंडवा में 38.1 डिग्री, मंडला, श्योपुर-खरगोन में पारा 38 डिग्री दर्ज किया गया। प्रदेश के 5 बड़े शहरों की बात करें तो इंदौर में सबसे ज्यादा 37.8 डिग्री, उज्जैन में 37.5 डिग्री, ग्वालियर में 37.2 डिग्री, भोपाल में 37 डिग्री और जबलपुर में 36.9 डिग्री सेल्सियस रहा। इस वजह से गर्मी का असर तेज मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में हवा की दिशा उत्तर-पूर्व से अब पश्चिम और उत्तर-पश्चिम है। वहीं, हवा में नमी बहुत कम है। साथ ही रेगिस्तानी इलाकों से मप्र पहुंचती है। यह अपने साथ गर्मी भी लाती है। 2 दिन इन जिलों में बदलेगा मौसम     15 मार्च- ग्वालियर, जबलपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, नरसिंहपुर, सिवनी, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा।     16 मार्च- सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, पन्ना, मैहर, कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट। मार्च में सर्दी-जुकाम, एलर्जी का खतरा डॉक्टरों‎ की मानें तो मार्च का यही मौसम ‎सबसे ज्यादा बीमारियां फैलाता है। दरअसल, इस महीने दिन में तो गर्मी बढ़ जाती है, लेकिन रात और सुबह हल्की ठंड रहती है। कई बार लोग दिन की गर्मी से बचने के लिए हल्के कपड़े पहन लेते हैं। वहीं, कोल्ड्रिंक्स समेत शीतल पेय पदार्थों का भी सेवन करते हैं। इससे सर्दी-जुकाम एलर्जी‎ और अस्थमा के मरीज बढ़ते हैं। ‎सुबह और देर रात ठंडी हवा से ‎बचना जरूरी है। खासकर बच्चों और ‎बुजुर्गों को।‎ मार्च के दूसरे सप्ताह में गर्मी का ट्रेंड प्रदेश में मार्च के दूसरे पखवाड़े में तेज गर्मी का ट्रेंड है। पिछले 10 साल में 15 मार्च के बाद ही तेज गर्मी पड़ी है, लेकिन इस बार ट्रेंड बदल गया है। दूसरे पखवाड़े की बजाय शुरुआत में ही पारे में उछाल आया है।

छत्तीसगढ़ में बढ़ा गर्मी का असर, 39°C तक पहुंचा पारा

रायपुर. छत्तीसगढ़ में मार्च के साथ ही गर्मी का असर तेज होने लगा है। प्रदेश के कई इलाकों में अधिकतम तापमान सामान्य से 2 से 4 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया जा रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में अगले तीन दिनों तक तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है और अधिकतम तापमान सामान्य से 2-4°सी अधिक रहेगा। मंगलवार को प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 39.0 डिग्री सेल्सियस दुर्ग और राजनांदगांव में दर्ज किया गया। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान 16.4 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में रिकॉर्ड किया गया। मौसम प्रणाली मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण झारखंड और उससे लगे उत्तरी छत्तीसगढ़ के ऊपर समुद्र तल से करीब 1.5 किमी ऊंचाई पर चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसके अलावा इसी क्षेत्र से लेकर ओडिशा, छत्तीसगढ़, विदर्भ और मराठवाड़ा तक 0.9 किमी ऊंचाई पर एक द्रोणिका भी बनी हुई है। प्रदेश में आज भी मौसम शुष्क बने रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने किसी प्रकार की चेतावनी जारी नहीं की है। रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम राजधानी रायपुर में 11 मार्च को हल्की धुंध रहने की संभावना जताई गई है। यहां अधिकतम तापमान करीब 38°C और न्यूनतम तापमान 23°C के आसपास रहने का अनुमान है।

मार्च में ही गर्मी का कहर: अलीगढ़ में पारा 35° पार, लू जैसा महसूस हुआ मौसम

अलीगढ़ मार्च की शुरुआत के साथ ही अलीगढ़ शहर में गर्मी के तेवर तेज होने लगे हैं। स्थिति यह है कि बीते दो दिन से अलीगढ़ पूरे प्रदेश में तीसरा सबसे गर्म जिला बना हुआ है। रविवार को अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, लेकिन तेज धूप और मौसम में नमी कम होने के कारण लोगों को 37 डिग्री जैसा तापमान महसूस हुआ। दरअसल पिछले कुछ दिनों में तापमान में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है, जिससे दोपहर के समय गर्मी का असर ज्यादा महसूस हो रहा है। दोपहर के समय तेज धूप के कारण सड़कों और बाजारों में लोगों की आवाजाही भी कम नजर आई। खासकर दोपहर 12 बजे से तीन बजे के बीच गर्मी का असर अधिक रहा। लोग धूप से बचने के लिए छाता, गमछा और पानी की बोतल साथ लेकर निकलते दिखाई दिए। झांसी में सबसे ज्यादा गर्मी, दूसरे स्थान पर आगरा मौसम विभाग की जिलेवार रिपोर्ट के अनुसार, बीते 7 मार्च को उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में सबसे ज्यादा तापमान झांसी, आगरा और अलीगढ़ में दर्ज किया गया। इन जिलों में क्रमश : 36.6, 36.4 और 35 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। नई दिल्ली स्थित मौसम विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिक प्रो. एम राजकुमार बताते हैं कि बुंदेलखंड में ज्यादा गर्मी सामान्य मानी जाती है, लेकिन पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी कुछ परिस्थितियों में तापमान तेजी से बढ़ जाता है। इसलिए गर्म हो रहा अलीगढ़     प्रो. एम राजकुमार ने बताया कि जब उत्तर भारत से पश्चिमी विक्षोभ गुजर जाता है तो उसके बाद आसमान साफ हो जाता है। बादल और नमी कम होने से सूर्य की सीधी किरणें जमीन को ज्यादा गर्म करती हैं, जिससे तापमान तेजी से बढ़ जाता है। अगर हवा की गति कम हो जाए तो गर्मी ज्यादा महसूस होती है। हवा न चलने पर जमीन की गर्मी आसपास ही बनी रहती है, जिससे तापमान और हीट इंडेक्स दोनों बढ़ जाते हैं।     राजस्थान और बुंदेलखंड की तरफ से आने वाली शुष्क गर्म हवा पश्चिम यूपी के हिस्सों तक पहुंच जाती है। इससे दिन का तापमान सामान्य से ज्यादा हो सकता है।     अलीगढ़ में कंक्रीट, सड़कें और इमारतें ज्यादा होने से जमीन तेजी से गर्म होती है और गर्मी ज्यादा देर तक बनी रहती है। इसे शहरी हीट आइलैंड प्रभाव कहते हैं। अगले दो दिन में 37 डिग्री पार मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अगले कुछ दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी होने की संभावना है। अगले दो दिन में अलीगढ़ का तापमान 35 से 37 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है। सर्वाधिक बुधवार को दोपहर के वक्त 37 डिग्री सेल्सियस रहने का पूर्वानुमान है। मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर की तेज धूप से बचने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी जा रही है।  

भीषण गर्मी का अलर्ट: देश के 417 जिले हाई रिस्क में, दिन ही नहीं रातें भी दे रहीं राहत नहीं

नई दिल्ली भारत में क्लाइमेट चेंज का असर अब सिर्फ "चिलचिलाती दोपहर" तक ही सीमित नहीं है, बल्कि "घुटन भरी रातें" और "बढ़ती नमी" भी बड़ी आबादी के लिए जानलेवा खतरा बन रही हैं। काउंसिल ऑन एनर्जी, एनवायरनमेंट एंड वॉटर (CEEW) की तरफ से जारी की गई नई स्टडी, "बहुत ज्यादा गर्मी भारत पर कैसे असर डाल रही है: जिला-लेवल हीट रिस्क का आकलन 2025", ने चौंकाने वाले तथ्य सामने लाए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के 57 प्रतिशत ज़िले, जहां देश की 76 प्रतिशत आबादी रहती है, अब बहुत ज़्यादा से लेकर बहुत ज्यादा गर्मी के खतरे का सामना कर रहे हैं। यह स्टडी पहली बार 35 इंडिकेटर्स के आधार पर 734 ज़िलों का डिटेल्ड एनालिसिस करती है, जो 1982 से 2022 तक बदलते ट्रेंड्स को दिखाता है। हीट 'हॉटस्पॉट': दिल्ली और महाराष्ट्र लिस्ट में सबसे ऊपर CEEW डेटा के मुताबिक, देश के 417 जिले 'हाई रिस्क' कैटेगरी में हैं, जबकि 201 जिलों में मीडियम रिस्क है। सबसे ज्यादा गर्मी के खतरे वाले टॉप 10 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की लिस्ट इस तरह है: दिल्ली, आंध्र प्रदेश, गोवा, केरल, महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, कर्नाटक, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश दिलचस्प और चिंता की बात यह है कि यह खतरा सिर्फ़ शहरी इलाकों तक ही सीमित नहीं है। जहाँ दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद और बेंगलुरु जैसे आर्थिक केंद्र खतरे में हैं, वहीं महाराष्ट्र, केरल, उत्तर प्रदेश और बिहार के ग्रामीण ज़िले, जहाँ खेती करने वाले मज़दूर खुले आसमान के नीचे काम करने को मजबूर हैं, भी ज़्यादा खतरे में हैं। रातें दिनों से ज्यादा खतरनाक स्टडी की सबसे डरावनी बात 'गर्म रातों' (बहुत ज़्यादा गर्म रातें) में बढ़ोतरी है। रिपोर्ट से पता चलता है कि पिछले एक दशक (2012-2022) में, लगभग 70 प्रतिशत ज़िलों में हर गर्मी के मौसम में कम से कम पाँच और बहुत ज़्यादा गर्म रातें दर्ज की गई हैं। "साइंस साफ़ है—हम अब बहुत ज़्यादा, लंबे समय तक चलने वाली गर्मी और खतरनाक रूप से गर्म रातों के दौर में आ गए हैं।" जब रात का टेम्परेचर नॉर्मल से काफ़ी ज़्यादा रहता है, तो इंसान के शरीर को दिन की गर्मी से उबरने का समय नहीं मिलता, जिससे हीट स्ट्रोक और दिल की बीमारी का खतरा बढ़ जाता है। डेटा के मुताबिक, गर्म दिनों के मुकाबले गर्म रातें बहुत तेज़ी से बढ़ रही हैं। उत्तर भारत में बढ़ती ह्यूमिडिटी उत्तर भारत के ज़िले, जिन्हें पहले सूखा माना जाता था, अब तटीय इलाकों के बराबर ह्यूमिडिटी महसूस कर रहे हैं। पिछले दस सालों में इंडो-गैंगेटिक मैदानों में रिलेटिव ह्यूमिडिटी में 10 परसेंट की बढ़ोतरी देखी गई है। बदलाव: कानपुर, जयपुर, दिल्ली और वाराणसी जैसे शहरों में ह्यूमिडिटी का लेवल 30-40 परसेंट से बढ़कर 40-50 परसेंट हो गया है। असर: ज्यादा ह्यूमिडिटी की वजह से महसूस होने वाला टेम्परेचर असल टेम्परेचर से 3-5 डिग्री सेल्सियस ज़्यादा हो जाता है। इससे शरीर के पसीना निकलने के नैचुरल कूलिंग प्रोसेस में रुकावट आती है, जिससे नॉर्मल टेम्परेचर भी जानलेवा हो जाता है। आगे का रास्ता: डिस्ट्रिक्ट लेवल पर हीट एक्शन प्लान CEEW में सीनियर प्रोग्राम लीड, डॉ. विश्वास चिताले ने ज़ोर दिया कि लोकल लेवल पर हीट एक्शन प्लान लागू करने का समय आ गया है। महाराष्ट्र, ओडिशा और गुजरात जैसे राज्यों ने इस दिशा में कदम उठाए हैं, लेकिन इसे नेशनल लेवल पर बढ़ाने की जरूरत है। मुख्य सुझाव:     फाइनेंशियल मदद: 2024 में हीटवेव को डिजास्टर कैटेगरी में शामिल किए जाने के साथ, राज्य अब स्टेट डिज़ास्टर मिटिगेशन फंड का इस्तेमाल कर सकते हैं।     समाधान: नेट-जीरो कूलिंग शेल्टर, कूल रूफ और अर्ली वार्निंग सिस्टम को ज़रूरी करें।     डेटा अपडेट: हीट एक्शन प्लान में सिर्फ टेम्परेचर ही नहीं, बल्कि रात में होने वाली गर्मी और ह्यूमिडिटी का डेटा भी शामिल करें।     यह रिपोर्ट साफ करती है कि बहुत ज़्यादा गर्मी अब भविष्य की चेतावनी नहीं है, बल्कि आज की एक त्रासदी है, जिससे निपटने के लिए पॉलिसी और स्ट्रक्चरल बदलावों की जरूरत है।