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भीषण गर्मी से निपटने की तैयारी तेज, अस्पतालों और बिजली व्यवस्था पर सीएम योगी की नजर

लखनऊ उत्तर प्रदेश में लगातार बढ़ रहे तापमान और हीट वेव के खतरे को देखते हुए सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों, स्वास्थ्य विभाग, बिजली विभाग और राहत एजेंसियों को सतर्क रहते हुए प्रभावी इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि कि आमजन को गर्मी से राहत दिलाने में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को अस्पतालों, पेयजल आपूर्ति और बिजली व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखने को कहा है। निर्देश दिए गए हैं कि सरकारी अस्पतालों में हीट स्ट्रोक से प्रभावित मरीजों के उपचार के लिए पर्याप्त बेड, दवाएं, आइस पैक, ओआरएस और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध रहें, ताकि जरूरत पड़ने पर लोगों को तुरंत चिकित्सा सहायता मिल सके। सीएम योगी आदित्यनाथ ने राहत और बचाव कार्य पूरी गंभीरता और तत्परता के साथ संचालित किए जाएं। विशेष रूप से श्रमिकों, बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरती जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मजदूरों को लू, थकावट और निर्जलीकरण से बचाने के लिए जरूरी इंतजाम किए जाएं। उन्होंने इसके साथ ही आमजन से भी सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि लोग दोपहर में तेज धूप में बाहर निकलने से बचें, पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें और हल्के, सूती या खादी के ढीले कपड़े पहनें। बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की सलाह भी दी गई है। इसके साथ ही आग लगने की घटनाओं को लेकर भी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। अपील की कि ऐसी किसी भी लापरवाही से बचें, जिससे आग लगने की आशंका पैदा हो सकती है।

Heatwave Alert: रांची समेत कई जिलों में तेज गर्मी, 26 मई तक येलो अलर्ट जारी

 रांची झारखंड में भीषण गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है. आसमान से बरस रही आग में राजधानी रांची समेत झारखंड के कई जिले तप रहे हैं. गर्मी से लोग परेशान हैं. गुरुवार को रांची का अधिकतम तापमान 38.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. इसमें पिछले 24 घंटे में 0.4 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हुई. वहीं, जमशेदपुर का अधिकतम तापमान 43.1 डिग्री सेल्सियस, बोकारो का 41.1 डिग्री सेल्सियस और चाईबासा का 41.8 डिग्री सेल्सियस रहा. इन जिलों में शुक्रवार को भी तेज गर्मी का असर शुक्रवार को रांची सहित गुमला, सिमडेगा, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, रामगढ़, गिरिडीह, बोकारो, धनबाद, सरायकेला, देवघर, जामताड़ा, दुमका, गोड्डा, साहिबगंज और पाकुड़ में दोपहर तक तेज धूप रहेगी और तापमान बढ़ेगा. हालांकि, दोपहर बाद तेज हवा के साथ कहीं-कहीं बारिश हो सकती है. अन्य जिलों में स्थिति सामान्य होगी. रांची में 26 मई तक येलो अलर्ट जारी रांची में मौसम का मिजाज अगले कुछ दिनों तक बदलता रहेगा. रांची में 26 मई तक दोपहर बाद बादल छाने और बारिश की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है. मेदिनीनगर में पारा 45 डिग्री के पार मेदिनीनगर का अधिकतम तापमान गुरुवार को 45.2 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया. इससे पहले छह मई 1978 को मेदिनीनगर का अधिकतम तापमान 47.8 डिग्री सेल्सियस और मई 2024 को अधिकतम तापमान 47.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था. मौसम विभाग के अनुसार, 22 और 23 मई को गढ़वा, पलामू, चतरा में लू चलने की संभावना है. स्वास्थ्य मंत्री ने लोगों से की अपील झारखंड में लगातार बढ़ते तापमान, भीषण गर्मी और लू (हीट स्ट्रोक) की गंभीर स्थिति को देखते हुए राज्य के स्वास्थ्य, खाद्य आपूर्ति एवं आपदा प्रबंधन मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने राज्य की जनता से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है. उन्होंने दिन के वक्त आम जनता से जरूरत पड़ने पर ही घर से निकलने की सलाह दी है. वहीं, राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों, सदर अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को हाई अलर्ट पर रखा गया है. अस्पतालों में गर्मी से बचने के लिए विशेष इंतजाम करने को कहा है. इनमें ORS काउंटर, जरूरी दवाइयां, आइवी फ्लूइड्स, आपातकालीन बेड, कूलिंग सुविधा और चिकित्सकीय टीमों को अलर्ट मोड में रखा गया है. इसके अलावा अस्पतालों में वाटर कूलर, निर्बाध बिजली बहाल रखने सहित इस जैसी आपदा से निबटने की हर संभव उपाय करने को कहा है.

फलोदी-चित्तौड़गढ़ में पारा 44 डिग्री पार, मौसम विभाग ने जारी किया येलो अलर्ट

जयपुर प्रदेश में हीटवेव के साथ आंधी बारिश का दौर भी लगातार जारी है. बीते कुछ दिनों में प्रदेश के कुछ इलाकों में लू का कहर रहा तो वहीं कुछ इलाकों में तेज हवाएं चली. गुरुवार (14 मई) शाम से मौसम बदलने के बाद से फिलहाल राहत बनी हुई है. शुक्रवार (15 मई) को तापमान में भी करीब 2 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की गई है. मौसम विभाग के मुताबिक, आज (16 मई) से दिन के तापमान में बढ़ोतरी होगी और पश्चिमी राजस्थान में भीषण गर्मी पड़ेगी. हालांकि, पूर्वी राजस्थान के कुछ इलाकों में बारिश के चलते तापमान में जरूर गिरावट रह सकती है. इन जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट झालावाड़, चित्तौड़गढ़, कोटा, बाड़मेर, जैसलमेर, जोधपुर और फलौदी जिले के लिए हीटवेव का अलर्ट जारी किया गया है. इसके अलावा अलवर, भरतपुर, दौसा, डीग, धौलपुर, करौली, खैरथल-तिजारा और कोटपुतली-बहरोड़ में आंधी-बारिश का येलो अलर्ट है. फलोदी-चित्तौड़गढ़ में तापमान 44 डिग्री के पार प्रदेश में सर्वाधिक तापमान फलोदी में 44.8 डिग्री दर्ज किया गया. चित्तौड़गढ़ में भी तापमान 44.2 डिग्री तक पहुंच गया है. इसके अलावा जैसलमेर, अजमेर, भीलवाड़ा, अलवर, उदयपुर, कोटा, बीकानेर, जोधपुर, नागौर, करौली, दौसा, लूणकरणसर और पाली जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक रहा. इस बार जल्दी आएगा मानसून   राजस्थान में मानसून समय से पहले पहुंचने का अनुमान लगाया जा रहा है. इस बार 25 जून की जगह मानसून प्रदेश में 20 जून तक एंट्री ले सकता है. पिछले साल भी मानसून ने समय से पहले दस्तक दी थी. पिछले 6 साल की बात करें तो केवल 2022 में मानसून देरी से पहुंचा था.

गर्मी से निपटने की तैयारी तेज, सीएम ने पानी-बिजली पर कड़ा रुख अपनाया

रांची  राज्य में लगातार बढ़ती गर्मी और हीटवेव के खतरे को देखते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के उपायुक्तों और वरीय अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में पेयजल आपूर्ति, बिजली व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सख्त निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि गर्मी के इस दौर में आम लोगों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिया कि सभी क्षेत्रों में पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। जलापूर्ति योजनाओं, चापाकलों और टैंकरों की नियमित मॉनिटरिंग हो तथा जहां भी जल संकट की सूचना मिले, वहां तत्काल कार्रवाई की जाए। बिजली आपूर्ति को लेकर भी मुख्यमंत्री ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि गर्मी के दौरान निर्बाध बिजली आपूर्ति बेहद जरूरी है। ट्रांसफार्मर खराबी, बिजली कटौती और अन्य तकनीकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष ध्यान देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हीटवेव और लू से प्रभावित मरीजों के इलाज के लिए अस्पतालों में पूरी तैयारी रहनी चाहिए। सभी स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक दवाइयां, ओआरएस, पेयजल और पर्याप्त स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया। ऑफिस से निकलें, जमीनी हकीकत जानें अधिकारी सीएम ने राज्य के सभी उपायुक्तों को नियमित रूप से क्षेत्र भ्रमण करने और जमीनी हकीकत का आकलन करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अधिकारी आम लोगों से सीधे संवाद करें, उनकी समस्याएं सुनें और त्वरित समाधान सुनिश्चित करें। बैठक में प्रशासनिक समन्वय पर भी जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी विभाग आपसी तालमेल के साथ काम करें ताकि किसी भी नागरिक को पानी, बिजली या स्वास्थ्य सेवाओं के अभाव में कठिनाई का सामना न करना पड़े। बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, अपर मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) अजय कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव (गृह) वंदना दादेल सहित सभी जिलों के उपायुक्त और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

लू से बचाव के लिए स्कूलों और अस्पतालों में खास इंतजाम, डीएम ने दिए आदेश

लखनऊ  यूपी के कई जिले तप रहे हैं । पारा हाई है। भीषण गर्मी और हीट वेव के बढ़ते असर को देखते हुए शाहजहांपुर जिला प्रशासन ने राहत और बचाव के लिए विशेष इंतजाम शुरू कर दिए हैं। डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्कूलों में बच्चों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए प्रत्येक घंटे वाटर ब्रेक कराया जाए। बच्चों को धूप से बचाकर छायादार स्थानों पर बैठाया जाए और उनसे अनावश्यक शारीरिक कार्य न कराया जाए। डीएम का मानना है कि लगातार बढ़ते तापमान का सबसे अधिक असर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों पर पड़ता है। ऐसे में स्कूलों में समय-समय पर पानी पिलाना, पर्याप्त छाया की व्यवस्था करना और गर्मी से बचाव के उपाय अपनाना जरूरी है। निर्देश दिए गए हैं कि विद्यालयों में शिक्षक बच्चों की सेहत पर नजर रखें और किसी बच्चे को चक्कर, घबराहट या कमजोरी महसूस होने पर तुरंत प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया जाए। सार्वजनिक स्थानों पर पेयजल व्यवस्था मजबूत करने पर भी जोर दिया गया है। शेल्टर हाउस, बस अड्डों और अन्य भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में लगाए गए वाटर कूलर की जानकारी लोगों तक पहुंचाने को कहा गया है। पेट्रोल पंपों पर भी पेयजल और शौचालय की सुविधा सार्वजनिक उपयोग के लिए उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं। इस अवसर पर नगर आयुक्त सौम्या गुरुरानी, अपर जिलाधिकारी प्रशासन रजनीश कुमार मिश्र एवं अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अरविंद कुमार सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। अस्पतालों में तैयारी, दो-दो बेड रिजर्व किए गए हीट वेव को देखते हुए जिले के सभी सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में दो-दो बेड आरक्षित किए जाएंगे। डॉक्टरों और स्टाफ को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। लू लगने, डिहाइड्रेशन, चक्कर और कमजोरी से पीड़ित मरीजों को तत्काल उपचार देने की व्यवस्था की जा रही है। जरूरत पड़ने पर रेफर सेवा भी सक्रिय रहेगी। गोशालाओं में छाया और पानी पर दिया गया जोर भीषण गर्मी से गोवंशों को बचाने के लिए गोशालाओं में पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था करने को कहा गया है। शेड के पास टाट या बोरों के पर्दे लगाने और उन पर पानी का छिड़काव कराने के निर्देश दिए गए हैं। पशुओं को धूप से बचाने और नियमित पानी उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया है। लापरवाही पर कार्रवाई होगी। शाहजहांपुर में लू और उष्ण रात्रि की चेतावनी: लू एवं उष्ण रात्रि चेतावनी आज भी शाहजहांपुर जिले के लिए है। बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, प्रतापगढ़, वाराणसी, जौनपुर, गाजीपुर, बलिया, फर्रुखाबाद, मथुरा, हाथरस, कासगंज, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, शाहजहांपुर आदि जगहों पर आगामी दो दिनों का अलर्ट है।

आसमान साफ होने से कैथल के तापमान में दर्ज हुई दो डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी

  कैथल कुछ दिनों की लुका-छिपी के बाद मौसम ने फिर करवट ली है। शनिवार सुबह साफ आसमान और तेज धूप के साथ हुई, जिससे दिन चढ़ने के साथ ही गर्मी का अहसास बढ़ने लगा। ठंडी हवाओं के थमने और बादलों के छंटने से तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।  आगामी दिनों में 35 डिग्री तक पहुंच सकता है पारा पिछले 24 घंटों में न्यूनतम और अधिकतम तापमान में औसतन 2 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हुई है। शहर का अधिकतम तापमान फिलहाल 32 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया है। सुबह के समय हल्की ठंडक बनी रहने के बावजूद दोपहर में सूरज के तेवर तीखे हो रहे हैं। बढ़ती गर्मी के चलते दोपहर के समय सड़कों पर आवाजाही में कमी देखी गई और लोग पंखे व कूलर का सहारा लेते नजर आए। मौसम विभाग के अनुसार आगामी तीन-चार दिनों तक आसमान साफ रहने की संभावना है। यदि हवाओं की गति में तेजी नहीं आई तो अधिकतम तापमान 34 से 35 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जिससे गर्मी और बढ़ने के आसार हैं। मौसम विशेषज्ञ डॉ. रमेश चंद्र के अनुसार हवा की दिशा में बदलाव और आसमान साफ रहने से सूर्य का विकिरण सीधे धरातल तक पहुंच रहा है, जिससे तापमान में तेजी से वृद्धि हो रही है। हालांकि 32 डिग्री तापमान फिलहाल सामान्य श्रेणी में है। बदलते मौसम में स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने दी सतर्क रहने की सलाह लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इस बदलते मौसम में सतर्क रहने की सलाह दी है। अचानक तापमान बढ़ने से वायरल बुखार, सर्दी-जुकाम जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। हवाओं के सुस्त पड़ने से वातावरण में गर्मी तापमान बढ़ने का एक प्रमुख कारण हवाओं की गति में कमी भी माना जा रहा है। जहां पिछले दिनों तेज हवाएं चल रही थीं, वहीं अब हवा की रफ्तार घटकर करीब 8 किलोमीटर प्रति घंटा रह गई है। हवाओं के सुस्त पड़ने से वातावरण में गर्मी ठहर गई है, जिससे धूप की तपिश अधिक महसूस हो रही है।