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जिले के शासकीय छात्रावासों में बच्चों का होगा नियमित स्वास्थ्य परीक्षण

जिले के शासकीय छात्रावासों में बच्चों का होगा नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कलेक्टर ने सीएमएचओ को दिए आवश्यक व्यवस्थायें सुनिश्चित करने के निर्देश ग्वालियर  जिले में जनजाति कल्याण विभाग के छात्रावासों के साथ-साथ सर्व शिक्षा अभियान अंतर्गत संचालित बालिका एवं बालक छात्रावासों में निवासरत बच्चों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण किया जायेगा। कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने स्वास्थ्य परीक्षण की नियमित व पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को दिए हैं। उन्होंने कहा है कि छात्रावासों में रहने वाले बच्चों के स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं आवश्यक चिकित्सा सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाए।     कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं कि छात्रावासों में माह में एक बार बालिकाओं का स्वास्थ्य परीक्षण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने आवश्यकता अनुसार महिला चिकित्सक की ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कहा है कि छात्रावासों के निकट स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अथवा अन्य शासकीय अस्पतालों के चिकित्सकों को भी नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के लिए जिम्मेदारी सौंपी जाए। उन्होंने हर छात्रावास में प्राथमिक स्वास्थ्य किट रखवाने के निर्देश भी दिए हैं।      बालिका छात्रावासों में महिला चिकित्सक द्वारा प्रतिमाह स्वास्थ्य परीक्षण के साथ ही हीमोग्लोबिन टेस्ट एवं आंखों की जांच कराई जाएगी। प्रत्येक बालिका का स्वास्थ्य कार्ड तैयार किया जाएगा। इसके साथ ही पुरानी बीमारी से पीड़ित बच्चों के उपचार की भी समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी कलेक्टर ने दिए हैं।     स्वास्थ्य परीक्षण व्यवस्था की समीक्षा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी स्तर से की जाएगी। कलेक्टर एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत द्वारा भी समय-समय पर इसकी समीक्षा करेंगे।  सर्व शिक्षा अभियान के तहत जिले में यहां संचालित हैं छात्रावास      सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत जिले में 4 कस्तूरबा गाँधी बालिका विद्यालय सह छात्रावास संचालित है, जो मोहनगढ़, गैडोलकला, मोहना व हस्तिनापुर में स्थित हैं। इसके अलावा रेंहट, सहराई, करहिया, अमरोल व घाटीगांव में बालिका छात्रावास विभाग द्वारा संचालित किए जा रहे हैं। ग्वालियर शहर के अंतर्गत बालक छात्रावास पागनबीसी परिसर तिलक नगर, सेबेंथ बटालियन परिसर काली ब्रिज मुरार, सीडब्ल्यूएसएन बालक छात्रावास महलगांव तथा सीडब्ल्यूएसएन बालिका छात्रावास काल्पी ब्रिज मुरार क्षेत्र में संचालित हो रहे हैं।   

मोहला : विश्व स्वास्थ्य दिवस पर जिले में जागरूकता और स्वास्थ्य सेवाओं का व्यापक अभियान

मोहला : विश्व स्वास्थ्य दिवस पर जिले में जागरूकता और स्वास्थ्य सेवाओं का व्यापक अभियान  लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से जिलेभर में विविध कार्यक्रमों का आयोजन मोहला  आकांक्षी जिला मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में संपूर्णता अभियान 2.0 के तहत 7 अप्रैल को विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर स्वास्थ्य सेवाओं को जन-जन तक पहुंचाने और लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से जिलेभर में विविध कार्यक्रमों का व्यापक आयोजन किया गया। विकासखंड स्तर पर आयोजित इन कार्यक्रमों में स्वास्थ्य विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग आईसीडीएस ने समन्वय के साथ सक्रिय भूमिका निभाई।           कुटुंब अभियान के अंतर्गत जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाए गए। इन शिविरों में ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों को निःशुल्क स्वास्थ्य जांच, परामर्श और आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराई गईं। साथ ही सास-बहू सम्मेलनों का आयोजन कर परिवार स्तर पर स्वास्थ्य, पोषण और स्वच्छता से जुड़े विषयों पर संवाद स्थापित किया गया।           कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा टीकाकरण के महत्व पर विशेष जोर दिया गया। गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और छोटे बच्चों के लिए नियमित टीकाकरण की आवश्यकता को समझाते हुए लोगों को इससे जुडऩे के लिए प्रेरित किया गया। इसके अलावा कुपोषण से बचाव, संतुलित आहार, स्वच्छ पेयजल, व्यक्तिगत स्वच्छता और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विस्तार से जानकारी दी गई। जागरूकता अभियान के तहत रैली, समूह चर्चा, परामर्श सत्र और व्यवहारिक गतिविधियों का आयोजन किया गया।  जिससे आमजन को सरल और प्रभावी तरीके से स्वास्थ्य संबंधी संदेश समझाए जा सके। ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष रूप से घर-घर संपर्क कर लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया गया। इस पूरे आयोजन में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, एएनएम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सुपरवाइजर तथा एबीपी फेलो सविता साहू सहित सभी स्वास्थ्य एवं पोषण कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनकी सक्रिय सहभागिता से कार्यक्रमों का सफल संचालन सुनिश्चित हुआ।            विभागीय अधिकारी ने कहा कि ऐसे आयोजनों के माध्यम से न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ती है, बल्कि लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जिम्मेदारी और जागरूकता भी विकसित होती है। संपूर्णता अभियान 2.0 के तहत आगे भी इस प्रकार के कार्यक्रमों को निरंतर जारी रखने की योजना है, ताकि जिले को स्वास्थ्य के क्षेत्र में सशक्त और जागरूक बनाया जा सके।

सरकार का बड़ा ऐलान, फ्री इलाज योजना में नए वर्गों को मिली एंट्री

 नई दिल्‍ली दिल्‍ली सरकार ने आयुष्‍मान भारत- प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PMJAY) के तहत बड़ा बदलाव किया है. राज्‍य सरकार ने इस योजना का विस्‍तार करते हुए इसके तहत कुछ और लोगों को जोड़ा है, जिसमें विधवा और विकलांग सहायता योजनाओं से लाभ लेने वाले व्‍यक्ति शामिल हैं. इस कदम से दिल्‍ली में कैशलेस स्‍वास्‍थ्‍य सेवा के लिए पात्र परिवारों की संख्‍या में इजाफा होने की उम्‍मीद है.  इस योजना के तहत पात्र लोगों को हर साल 5 लाख रुपये तक के अस्पताल बीमा का लाभ दिया जाएगा. सरकार की ओर से दिया जाने वाला यह बड़ा सपोर्ट है, जिसके तहत कमजोर वर्ग के लोगों के स्‍वास्‍थ्‍य संबंधी खर्चों में कमी आती है.  अब  इस योजना में दिल्ली की लगभग 3.97 लाख विधवाओं और 1.31 लाख दिव्यांगजनों और उनके परिवारों को विशेष रूप से शामिल किया गया है.  अभी तक दिल्ली में करीब 5.5 लाख परिवार पहले से ही आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत आते हैं और नए बदलाव के बाद यह संख्‍या और भी ज्‍यादा बढ़ जाएगी.  उनके परिवार वाले भी ले सकेंगे लाभ कैबिनेट बैठक के दौरान, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस निर्णय की पुष्टि की और कहा कि उनके साथ ही उनके परिवार भी इस योजना के तहत लाभ उठाने के पात्र होंगे. यह बयान इस बात को दर्शाता है कि विधवाओं और दिव्यांग व्यक्तियों के आश्रितों को भी PMJAY के तहत स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करने के लिए समावेशी नजरिया अपनाया जा रहा है. क्‍या है आयुष्‍मान भारत योजना?  भारत सरकार ने 23 सितंबर 2018 को आयुष्मान भारत योजना की शुरुआत की थी. यह विश्व की सबसे बड़ी सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा योजना है. इस पहल का उद्देश्य करोड़ों भारतीय परिवारों, विशेष रूप से सीमित वित्तीय संसाधनों वाले परिवारों को, देशभर के लिस्‍टेड अस्पतालों तक कैशलेस और पेपरलेस सहायता देती है. इलाज के दौरान क्‍या-क्‍या कवर होता है?  पीएमजेएवाई योजना के तहत, हर पात्र परिवार को हर साल 5,00,000 रुपये तक का कैशलेस कवर मिलता है. इस योजना में शामिल सेवाओं में चिकित्सा जांच, परामर्श, अस्पताल में भर्ती होने से पहले और बाद की देखभाल, दवाएं, ​​जांच, चिकित्सा प्रक्रियाएं, आवास, भोजन और यहां तक ​​कि उपचार के दौरान उत्पन्न होने वाली जटिलताएं भी शामिल हैं. इस व्यापक कवरेज का उद्देश्य उन लोगों को वित्तीय सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच प्रदान करना है जिन्हें लागत के कारण अन्यथा बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है.