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फरीदकोट में बड़ी ड्रग्स बरामदगी, 300 करोड़ की हेरोइन के साथ 4 तस्कर दबोचे

फरीदकोट. नशा विरोधी अभियान के तहत फरीदकोट पुलिस की सीआईए टीम को एक बहुत बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने एक संदिग्ध होंडा सिटी कार को रोककर उसकी तलाशी ली तो अधिकारियों के भी होश उड़ गए। कार से 47 किलो 332 ग्राम उच्च गुणवत्ता वाली हेरोइन, तीन विदेशी .30 बोर पिस्टल, मैगजीन और 15 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। जिसकी इंटरनेशनल वेल्यू 315 करोड़ है। पुलिस ने मौके से ही कार सवार चार युवकों को गिरफ्तार कर लिया है। मिली जानकारी के अनुसार, सीआईए स्टाफ की टीम ने सादिक-दीप सिंह वाला मार्ग पर स्थित गांव काउंनी के पास एक गुप्त सूचना और सुरक्षा जांच के सिलसिले में विशेष नाकेबंदी की हुई थी। इसी दौरान दीप सिंह वाला की दिशा से आ रही एक संदिग्ध होंडा सिटी कार को पुलिस कर्मचारियों ने रुकने का इशारा किया। पुलिस टीम को अचानक सामने देखकर कार सवार युवकों के हाथ-पांव फूल गए और उन्होंने तुरंत वाहन को पीछे मोड़कर मौके से तेजी से भागने का प्रयास किया। हालांकि, हड़बड़ाहट में अचानक कार बंद हो गई, जिसका फायदा उठाकर मुस्तैद पुलिस टीम ने चारों युवकों को चारों तरफ से घेरकर मौके पर ही धर दबोचा। कार में गट्टे से निकले 42 पैकेट इसके बाद जब पुलिस ने गाड़ी की गहनता से तलाशी ली तो कार के अंदर रखे एक बोरे (गट्टे) से 42 अलग-अलग पैकेट बरामद हुए। जांच करने पर उनमें कुल 47 किलो 332 ग्राम हेरोइन पाई गई। इसके अलावा जब पुलिस अधिकारियों ने कार के डैशबोर्ड को खंगाला तो उसमें रखे एक लिफाफे से तीन अत्याधुनिक विदेशी .30 बोर पिस्टल, उनकी मैगजीन और 15 जिंदा कारतूस मिले। पुलिस ने मामला किया दर्ज पकड़े गए आरोपियों की पहचान गुरुहरसहाय क्षेत्र के गांव गूदड़ पंजगराई निवासी मंगल सिंह तथा जलालाबाद के गांव लमोचड़ खुर्द निवासी अंकुश, सचिन उर्फ संजू और अनमोल सिंह के रूप में हुई है। पुलिस ने थाना सादिक में सभी आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट और आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों से कड़ी पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि नशे और हथियारों की यह इतनी बड़ी खेप कहां से लाई गई थी और इसे कहां सप्लाई किया जाना था। पुलिस इस गिरोह के बैकवर्ड और फॉरवर्ड नेटवर्क को खंगालने में जुटी है, जिससे आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे होने की पूरी संभावना है।

अमृतसर में 6 किलो हेरोइन सहित तस्कर गिरफ्तार, दुबई से चल रहा नेटवर्क, मास्टरमाइंड अंतरप्रीत का था हाथ

चंडीगढ़  पंजाब में नशीले पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत गुरुवार को एक बड़ी सफलता हाथ लगी। अमृतसर की काउंटर इंटेलिजेंस टीम ने अमृतसर-जालंधर हाईवे पर अड्डा मानावाला के पास कार्रवाई करते हुए एक ड्रग तस्कर को गिरफ्तार किया और उसके कब्जे से 6 किलोग्राम हेरोइन बरामद की। डीजीपी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि गिरफ्तार आरोपी दुबई में बैठे एक हैंडलर के निर्देश पर काम कर रहा था। इस हैंडलर की पहचान सुल्तानविंड निवासी अंतरप्रीत सिंह के रूप में हुई है, जो पहले से ही नशीले पदार्थों की तस्करी के कई मामलों में वांछित है। पुलिस के अनुसार, यह नेटवर्क अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय है और पंजाब में नशे की सप्लाई करने में संलिप्त रहा है। गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के आधार पर नेटवर्क के अन्य सदस्यों और सप्लाई चैन की जानकारी जुटाई जा रही है। इस मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कर ली गई है और आगे की जांच जारी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी भी संभव है। बरामद नशीले पदार्थों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करोड़ों रुपये आंकी जा रही है। यूएई में बैठे हैंडलर के निर्देश पर कर रहा था काम प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि गिरफ्तार आरोपी दुबई (यूएई) में बैठे एक हैंडलर के निर्देश पर काम कर रहा था। इस हैंडलर की पहचान अमृतसर के सुल्तानविंड इलाके के निवासी अंतरप्रीत सिंह के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि अंतरप्रीत सिंह पहले भी नशा तस्करी के कई मामलों में शामिल रहा है और उसके खिलाफ कई केस दर्ज हैं। पुलिस ने नेटवर्क की गहराई से जांच शुरू की पुलिस ने आरोपी के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पूरे नेटवर्क की जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर उन्हें भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। पंजाब को नशा मुक्त बनाने के लिए पुलिस प्रतिबद्ध पुलिस का कहना है कि नशा तस्करों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। अधिकारियों ने यह भी कहा कि पंजाब को नशा मुक्त बनाने के लिए पुलिस पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस दिशा में आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। इससे पहले पंजाब पुलिस ने 23 अप्रैल को सीमा पार से नशीले पदार्थों और हथियारों की तस्करी करने वाले तीन आरोपियों को भी गिरफ्तार किया था, जिनके पास से 915 ग्राम 'आइस' (मेथैम्फेटामाइन), पांच पिस्तौल और कारतूस बरामद किए गए थे। पुलिस के मुताबिक गिरोह में संलिप्त लोग पाकिस्तान में बैठे लोगों के संपर्क में थे और उन्हें अपने यहां से हथियार व नशीले पदार्थों की आपूर्ति किया करते थे। इसके बाद पुलिस ने इस गिरोह को चिह्नित कर इसमें संलिप्त आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने बताया कि इस कार्रवाई से पहले इस मामले को लेकर गेट हकीमा पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी दर्ज की गई थी, जिसके बाद इस पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया गया। अब आगे इस गिरोह को कैसे पूरी तरह से खत्म किया जाए। इस दिशा में जल्द से जल्द कदम उठाए जाएंगे। पुलिस का कहना है कि इस गिरोह को पूरी तरह से खत्म करने के लिए पूरी रूपरेखा तैयार की जा चुकी है, जिसके तहत मौजूदा समय में काम किया जा रहा है। इस गिरोह में संलिप्त किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।