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पंजाब में हाई-सिक्योरिटी नंबर प्लेट के लिए ऑनलाइन आवेदन, 2019 से पुराने वाहनों को भी शामिल किया गया

अमृतसर  पंजाब में अब लोगों को अपने वाहनों पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट (HSRP) लगवाने के लिए केवल ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इसके लिए ट्रांसपोर्ट दफ्तर या सुविधा केंद्र जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। 1 अप्रैल 2019 से पहले पंजीकृत वाहनों की रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया भी अब ऑनलाइन ही होगी। यह सारा काम एक निजी कंपनी के सहयोग से किया जाएगा। इसके बाद जिन वाहनों पर हाई-सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं लगी होगी, उनके खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी। ऐसे बुक करनी होगी अप्वाइंटमेंट पंजाब सरकार की ओर से यह जिम्मेदारी सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) को सौंपी गई है। ऐसे में लोगों को अपने वाहनों के लिए हाई- सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगवाने के लिए SIAM की वेबसाइट www.siam.in पर जाना होगा। वेबसाइट पर जाकर वाहन की रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसके बाद विभाग की ओर से तय तारीख पर नंबर प्लेट लगवाने के लिए बुलाया जाएगा। इसी तरह पूरी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। दलालों से बचने की सलाह विभाग ने लोगों को सख्त हिदायत दी है कि वे किसी भी एजेंट या दलाल के झांसे में न आएं। पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और ऑनलाइन है। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब हाल ही में विजिलेंस विभाग ने लाइसेंस और आरसी घोटाले का पर्दाफाश किया था।

गाड़ियों पर नकली HSRP लगाने वालों की अब खैर नहीं, परिवहन विभाग की कड़ी निगरानी शुरू

भोपाल अगर आप अपने वाहन पर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (एचएसआरपी) लगवाने की सोच रहे हैं, तो सावधान हो जाएं। सड़क किनारे की दुकानों या अनाधिकृत वेंडर्स से नंबर प्लेट लगवाना आपको कानूनी पचड़े में डाल सकता है। मध्य प्रदेश परिवहन विभाग ने प्रदेश में चल रहे नकली एचएसआरपी के फर्जीवाड़े को लेकर सख्त रुख अपनाया है। ग्वालियर स्थित परिवहन आयुक्त कार्यालय ने प्रदेश के सभी क्षेत्रीय आरटीओ, अतिरिक्त क्षेत्रीय और जिला परिवहन अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं कि बाजार में नकली नंबर प्लेट बनाने व बेचने वालों पर तत्काल वैधानिक कार्रवाई की जाए। नियम विरुद्ध काम करने वालों पर कसेगा शिकंजा परिवहन विभाग के संज्ञान में आया है कि कुछ असामाजिक तत्व और निजी दुकानदार अवैध रूप से हूबहू असली जैसी दिखने वाली 'नकली हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट' बनाकर वाहनों पर लगा रहे हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि केंद्रीय मोटरयान नियम, 1989 के नियम 50 और 51 के तहत यह दंडनीय अपराध है। प्रदेश में एचएसआरपी लगाने का अधिकृत कार्य केवल वाहन विनिर्माताओं (ओईएमएस) के अधिकृत डीलरों द्वारा ही किया जा रहा है। अब यदि कोई अनाधिकृत व्यक्ति ऐसी प्लेट बनाते या बेचते पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।   पंजीयन पुस्तिका से मिलान अनिवार्य वाहन स्वामी को परिवहन विभाग की वेबसाइट (http://vahan.parivahan.gov.in) से अपनी रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (आरसी) का नया प्रिंट लेना होगा। आरसी पर अंकित 'लेजर कोड' का मिलान वाहन पर लगी नंबर प्लेट के लेजर कोड से करना अनिवार्य है। पुराने वाहनों की यह है प्रक्रिया विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के मुताबिक, एक अप्रैल 2019 या उसके बाद खरीदे गए वाहनों पर डीलर द्वारा बिक्री के समय ही प्लेट लगाई जाती है। लेकिन एक अप्रैल 2019 से पूर्व निर्मित पुराने वाहनों के लिए वाहन मालिकों को खुद पहल करनी होगी। इसके लिए वाहन स्वामी को 'एसआईएएम' के आधिकारिक पोर्टल (https://www.siam.in) पर जाकर 'बुक एचएसआरपी' लिंक के जरिए आनलाइन स्पाट बुक करना होगा। डीलर का चयन : वाहन मालिक अपनी सुविधा अनुसार अपने नजदीकी डीलर का चयन कर सकते हैं। ऑनलाइन भुगतान : प्लेट लगवाने हेतु शुल्क का भुगतान केवल ऑनलाइन माध्यम से ही किया जाएगा। नकद राशि का भुगतान किसी भी स्थिति में मान्य नहीं होगा।

10 महीने की कवायद के बाद भी काम अधूरा: हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट केवल 10 लाख वाहनों में लगी, अब पुलिस करेगी चालानिंग

रायपुर  छत्तीसगढ़ सरकार की सुरक्षा के मद्देनजर सभी वाहनों में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लगाने की कवायद पर ‘नौ दिन चले अढ़ाई कोस’ वाली कहावत सटीक बैठती है. छत्तीसगढ़ शासन के निर्देश के 10 महीने बाद तक प्रदेश के करीबन 80 फीसदी वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट (HSRP) नहीं लगा है. इस बीच पुलिस ने एक अक्टूबर से चालान काटने की तैयारी कर ली है. मिली जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ में 52 लाख 48 हजार 478 वाहन हैं. इनमें से अब तक सिर्फ 7 लाख 31 हजार वाहनों में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लगाए जा सके हैं. वहीं 3 लाख 40 हजार नंबर प्लेट बनाने का ऑर्डर हुआ है. इस तरह से 45 लाख से ज्यादा वाहनों में HSRP नंबर प्लेट नहीं लगाए जा सके हैं. जानकार बताते हैं कि जिन 7.31 लाख वाहनों में नंबर प्लेट लगे हैं, इनमें से 30 फीसदी ऐसे हैं, जिन्हें आरटीओ और ट्रैफिक पुलिस की टीम ने सड़क पर रोक-रोक फार्म भरवाया था. आरटीओ की ओर से 30 सितंबर तक हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लगाने लोगों को अल्टीमेटम दिया गया है. अब अक्टूबर से जिन वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं लगा होगा इनका 1000 रुपए का चालान कटेगा, इसके साथ ही मौके पर एचएसआरपी के लिए फार्म भी भरवाया जाएगा. रायपुर जिले की बात करें तो यहां 13 लाख 34 हजार पंजीकृत गाड़ियां हैं. इनमें से सिर्फ 2 लाख 36 हजार गाड़ियों में नंबर प्लेट लगाए जा सके हैं. वह करीब एक लाख लोगों ने नंबर प्लेट बनवाने के लिए आवेदन किया है. 10 महीने में सिर्फ 17 फीसदी वाहनों में नंबर प्लेट लगाए जा सके हैं. छत्तीसगढ़ में 6 हजार से ज्यादा पंजीकृत वाहन ऐसे हैं, जो 15 साल पुराने हैं. इन वाहनों को स्क्रैप करने के निर्देश हैं. इन 6 हजार वाहनों में से 1200 दोपहिया हैं. 3 हजार से ज्यादा चारपहिया और शेष 1800 मालवाहक गाड़ियां हैं. रायपुर जिले की बात करें तो 300 से ज्यादा पंजीकृत वाहन 15 से ज्यादा पुराने हैं. वहीं शहर में ऐसे वाहन भी घूम रहे हैं, जो अपंजीकृत हैं. वाहनों को स्क्रेप करने में भी पिछड़ा विभाग रायपुर शहर में 15 साल पुराने वाहनों को स्क्रैप करने दो करोड़ की लागत से धनेली में प्लांट बनाया गया है. अब तक यहां सिर्फ 1 हजार वाहनों को स्क्रैप किया जा सका है. जबकि यहां 600 से ज्यादा वाहन स्क्रैप होने के लिए खड़े हैं. यानी की परिवहन विभाग पुराने वाहनों को स्क्रैप करवाने और एचएसआरपी लगवाने दोनों में पिछड़ता दिख रहा है. चालकों को रोक-रोककर भरवाया फार्म परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस की टीम ने मिलकर दो महीने तक एचएसआरपी को लेकर जागरूकता अभियान चलाया था. वाहन चालकों को सड़कों पर रोक-रोक कर एचएसआरपी के लिए फार्म भरवाया गया था. तब जाकर प्रदेशभर में 7 लाख लोगों ने वाहनों में एचएसआरपी लगवाया है.