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उच्च शिक्षा विभाग की पहल, नए सत्र में कॉलेजों में होंगे मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम

भोपाल उच्च शिक्षा विभाग, मध्यप्रदेश द्वारा नवप्रवेशित विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण को प्राथमिकता देते हुए प्रदेश के सभी शासकीय एवं अशासकीय महाविद्यालयों में इंडक्शन (अभिमुखीकरण) कार्यक्रम के दौरान “मेंटल हेल्थ एंड वेलनेस प्रोग्राम” आयोजित करने के निर्देश जारी किए गए हैं। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाना तथा उन्हें तनाव, अवसाद एवं अन्य मनोवैज्ञानिक चुनौतियों से निपटने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार 1 जुलाई से प्रारंभ होने वाले नवप्रवेशित विद्यार्थियों के इंडक्शन कार्यक्रम में मानसिक स्वास्थ्य संबंधी विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे। इन सत्रों में विद्यार्थियों को तनाव प्रबंधन, समय प्रबंधन, भावनात्मक संतुलन, सकारात्मक सोच, ध्यान एवं जीवन कौशल जैसे विषयों की जानकारी दी जाएगी। साथ ही आवश्यकता पड़ने पर काउंसलिंग एवं सहायता सेवाओं का लाभ लेने के लिए भी प्रेरित किया जाएगा। कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों को एंटी-रैगिंग नियमों, शिकायत निवारण तंत्र, मेंटर-मेंटी प्रणाली, साइबर बुलिंग से बचाव तथा जिम्मेदार डिजिटल व्यवहार के संबंध में भी जागरूक किया जाएगा। महाविद्यालयों में उपलब्ध काउंसलर, मेंटर, एंटी-रैगिंग समिति, आंतरिक शिकायत समिति एवं अन्य सहायता तंत्रों की जानकारी भी विद्यार्थियों को प्रदान की जाएगी। उच्च शिक्षा विभाग ने सभी महाविद्यालयों को निर्देशित किया है कि कार्यक्रम के लिए स्थानीय मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों को आमंत्रित किया जाए तथा नवप्रवेशित विद्यार्थियों की अधिकतम सहभागिता सुनिश्चित की जाए। कार्यक्रम के आयोजन से संबंधित प्रतिवेदन, फोटोग्राफ्स, वीडियो एवं समाचार प्रकाशन की प्रतियां विभाग को निर्धारित समय सीमा में भेजी जाएंगी। उल्लेखनीय है कि यह पहल सर्वोच्च न्यायालय द्वारा गठित नेशनल टास्‍क फोर्स की अनुशंसाओं के अनुरूप की जा रही है। विभाग का मानना है कि विद्यार्थियों का मानसिक स्वास्थ्य उनके शैक्षणिक प्रदर्शन, व्यक्तित्व विकास और समग्र कल्याण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसी उद्देश्य से नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में ही मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता को संस्थागत रूप दिया जा रहा है, जिससे महाविद्यालयों में सुरक्षित, समावेशी और सहयोगात्मक शैक्षणिक वातावरण का निर्माण हो सके।  

स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में प्रवेश नवीनीकरण के लिए 28 मार्च तक खुला रहेगा पोर्टल

स्नातक एवं स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में प्रवेश नवीनीकरण के लिए 28 मार्च तक खुला रहेगा प्रवेश पोर्टल स्नातक (द्वितीय, तृतीय एवं चतुर्थ वर्ष) तथा स्नातकोत्तर (तृतीय सेमेस्टर) के परीक्षार्थियों के लिए प्रवेश नवीनीकरण के लिए विशेष अवसर भोपाल उच्च शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश के विद्यार्थियों के व्यापक शैक्षणिक हितों एवं भविष्य की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए, स्नातक (द्वितीय, तृतीय एवं चतुर्थ वर्ष) तथा स्नातकोत्तर (तृतीय सेमेस्टर) के परीक्षार्थियों के लिए प्रवेश नवीनीकरण (Admission Renewal) के लिए विशेष अवसर प्रदान करने का निर्णय लिया गया है। विशेष कर्त्तव्यस्थ अधिकारी उच्च शिक्षा डॉ दिवा मिश्रा ने बताया कि यह विशेष सुविधा उन विद्यार्थियों के लिए प्रदान की गई है, जो प्रवेश नवीनीकरण के लिए निर्धारित तिथि के उपरांत पूरक परीक्षा परिणामों की घोषणा के कारण नियत समय-सीमा में अपनी प्रवेश औपचारिकताएं पूर्ण करने से वंचित रह गए थे। प्रवेश पोर्टल को 28 मार्च 2026 तक सक्रिय (Activate) किया जा रहा है। संबंधित विद्यार्थी, इस विस्तारित अवधि का लाभ उठाकर अपने प्रवेश नवीनीकरण की प्रक्रिया अनिवार्य रूप से पूर्ण करें। समस्त शासकीय एवं अशासकीय महाविद्यालयों के प्राचार्यों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने क्षेत्राधिकार के अंतर्गत संचालित महाविद्यालयों के शेष पात्र विद्यार्थियों का त्वरित चिन्हांकन कर, उनका प्रवेश नवीनीकरण एवं शुल्क समय सीमा में जमा करवाना सुनिश्चित करें। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा यह भी स्पष्ट किया गया है कि यह सुविधा सीमित अवधि के लिए ही उपलब्ध होगी, इसलिए सभी संबंधित विद्यार्थी एवं संस्थान निर्धारित समय-सीमा का कड़ाई से पालन करें, जिससे किसी भी विद्यार्थी की शैक्षणिक निरंतरता बाधित न हो।