samacharsecretary.com

हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा, असम में महिलाओं के खिलाफ अपराधों में 86.5% की कमी आई

गुवाहाटी   असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने बुधवार को कहा कि उनकी सरकार के सत्ता में आने के बाद से राज्य में महिलाओं के खिलाफ अपराधों में 86.5 प्रतिशत की कमी आई है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता बनी हुई है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि उनकी सरकार ने महिलाओं के खिलाफ अपराधों को रोकने के लिए निरंतर उपाय किए हैं, हालांकि ऐसे मामलों को पूरी तरह से समाप्त करने तक प्रयास जारी रहेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा, "माताओं और बहनों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। यही कारण है कि हमारी सरकार के सत्ता में आने के बाद से महिलाओं के खिलाफ अपराधों में भारी कमी आई है। लेकिन हम तब तक चैन से नहीं बैठेंगे जब तक हम यह सुनिश्चित नहीं कर लेते कि एक दिन महिलाओं के खिलाफ अपराध शून्य हो जाएं।" सरमा ने कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराधों में 86.5 प्रतिशत की गिरावट आई है, जिसका श्रेय उन्होंने मजबूत कानून प्रवर्तन और लक्षित हस्तक्षेपों को दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने पुलिस व्यवस्था में सुधार, निगरानी तंत्र को मजबूत करने और महिलाओं की सुरक्षा से संबंधित कानूनों के सख्त कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित किया है। अधिकारियों ने कहा कि असम पुलिस ने हाल के वर्षों में महिलाओं के खिलाफ अपराधों से निपटने के लिए अपने प्रयासों को तेज किया है, जिसमें मामलों की तेजी से जांच, गश्त में वृद्धि और अपराधों की रिपोर्टिंग को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से जागरूकता अभियान शामिल हैं। सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा और संरक्षा में सुधार लाने के उद्देश्य से कई पहलें भी शुरू की हैं, जिनमें महिला पुलिस स्टेशनों को मजबूत करना, समर्पित कर्मियों की तैनाती करना और बेहतर निगरानी के लिए प्रौद्योगिकी का लाभ उठाना शामिल है। शर्मा ने दोहराया कि अपराध के आंकड़ों में गिरावट उत्साहजनक है, लेकिन सरकार पूरे राज्य में महिलाओं की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि महिलाओं के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करना समग्र सामाजिक विकास के लिए आवश्यक है और प्रशासन अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करना जारी रखेगा। मुख्यमंत्री की ये टिप्पणी असम में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले बेहतर कानून व्यवस्था और सुशासन के परिणामों को प्रदर्शित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे निरंतर प्रयासों के बीच आई है।

असम में गोमांस के खिलाफ ऑपरेशन, 112 रेस्टोरेंट पर रेड में 1,000 किलो मांस जब्त, 132 गिरफ्तार

गुवाहाटी असम में मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा (Himanta Biswa Sarma) ने गोमांस के खिलाफ अभियान शुरू करा दिया है. पिछले महीने ही इस अभियान के संकेत देने वाले सरमा के निर्देश पर असम पुलिस (Assam Police) ने पूरे राज्य में मांस परोसने वाले रेस्टोरेंट्स पर छापेमारी की है. इस दौरान 100 से ज्यादा रेस्टोरेंट पर मारे गए छापे में करीब 1,000 किलोग्राम संदिग्ध गोमांस जब्त करके सैंपल भरे गए हैं, जिनकी जांच लैब में कराई जाएगी. इस दौरान 132 लोगों को हिरासत में लिया गया है. यह अभियान राज्य में गोमांस और गाय-बैल आदि को लेकर पिछले महीने शुरू हुए राजनीतिक टकराव के बाद चलाया गया है, जिन्हें मुख्यमंत्री सरमा ने राज्य में ईद-उल-जुहा (Eid-Ul-Zuha) के बाद से अशांति फैलाने की कोशिशों का हिस्सा बताया था. 112 दुकानों में की गई छापेमारी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, असम पुलिस (Assam Police) ने मंगलवार को यह अभियान चलाया था. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, असम पुलिस के IG (कानून-व्यवस्था) अखिलेश कुमार सिंह ने बताया कि मंगलवार रात 8 बजे पूरे राज्य में 112 मांस परोसने वाले रेस्टोरेंट्स में छापेमारी की गई. यह प्रदेशव्यापी छापेमारी रेस्टोरेंट्स में अवैध तरीके से गोमांस बेचने की शिकायतें मिलने के बाद की गई है. इस दौरान 132 लोगों को मांस बेचने की अनुमति लिए बिना इसे परोसने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है, जबकि 1,084 किलोग्राम संदिग्ध गोमांस के सैंपल भरे गए हैं. असम पुलिस ने डिब्रूगढ़, नागौन, होजई, कामरूप, कोकराझार, दरभंगा और मोरीगांव इलाके में छापेमारी की थी. पिछले महीने गोवंश के अवशेष मिलने पर हुआ था बवाल पिछले महीने असम में कई जगह गोवंश के अवशेष मिलने पर बवाल हुआ था. धुबरी, गोलपाड़ा और लखीमपुर जिलों में मंदिरों के करीब ये अवशेष मिले थे. इसके बाद कई जगह हंगामा मचा था. पुलिस ने अकेले धुबरी से 150 लोगं को इस मामले में गिरफ्तार किया था. तब मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने आरोप लगाया था कि ईद वाले दिन के बाद से जगह-जगह सुनियोजित तरीके से अशांति फैलाने की साजिश रची जा रही है.