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असम में फिर हिमंता सरकार: दूसरी बार मुख्यमंत्री बने हिमंता बिस्वा सरमा, 4 विधायक भी बने मंत्री

 गुवाहाटी भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की विधानसभा चुनावों में शानदार जीत के बाद हिमंता बिस्वा सरमा ने मंगलवार (12 मई) को असम के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले ली। हिमंता का राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में यह लगातार दूसरा कार्यकाल है। यह बड़ी जीत राज्य में BJP के बढ़ते प्रभुत्व को अधिक मजबूत करती है। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के चार विधायकों ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्रियों और बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की मौजूदगी में आयोजित समारोह में शपथ ली। राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य खानापारा क्षेत्र के वेटरनरी मैदान में मगंलवार सुबह 11 बजकर 40 मिनट पर हिमंता बिस्वा सरमा और चार अन्य विधायकों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। 57 साल के हिमंता असम में लगातार दूसरी बार शपथ लेने वाले पहले गैर-कांग्रेसी मुख्यमंत्री बन गए हैं। हिमंता बिस्वा सरमा के साथ शपथ लेने वाले चार विधायकों में BJP के अजंता नियोग और रामेश्वर तेली, जबकि उनके सहयोगी दल असम गण परिषद (AGP) के अतुल बोरा और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) के चरण बोरो शामिल हैं। नियोग, बोरा और बोरो इससे पहले भी हिमंता के पहले मंत्रिमंडल में सदस्य थे। जबकि पूर्व केंद्रीय मंत्री तेली ने राज्य की राजनीति में फिर से वापसी की है। NDA की असम में तीसरी बार सरकार बनी है। गठबंधन पहली बार 2016 में सर्वानंद सोनोवाल के नेतृत्व में सत्ता में आया था जो अब केंद्र सरकार में मंत्री हैं। प्रधानमंत्री मोदी असम में भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली NDA की तीसरी सरकार के शपथ ग्रहण समारोह से पहले सोमवार रात गुवाहाटी पहुंचे। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और अन्य BJP नेताओं ने गुवाहाटी में लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पीएम मोदी का स्वागत किया। पीएम मोदी ने गुवाहाटी के खानापारा इलाके के कोइनाधोरा स्थित राज्य अतिथि गृह में रात्रि विश्राम की। शपथ ग्रहण समारोह में कई केंद्रीय मंत्री, NDA शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री, शीर्ष उद्योगपति, सत्राधिकार (वैष्णव मठों के प्रमुख) और अन्य गणमान्य व्यक्ति, BJP कार्यकर्ता और बूथ समिति अध्यक्ष शामिल थे। शपथ ग्रहण में शामिल होने वालों में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, सर्बानंद सोनोवाल, शिवराज सिंह चौहान, ललन सिंह, ज्योतिरादित्य सिंधिया और चिराग पासवान शामिल हैं। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, गोवा के उनके समकक्ष प्रमोद सावंत, राजस्थान के भजन लाल शर्मा, बिहार के सम्राट चौधरी, छत्तीसगढ़ के विष्णु देव साय, उत्तराखंड के पुष्कर सिंह धामी, महाराष्ट्र के देवेंद्र फडणवीस, ओडिशा के मोहन चरण माझी और मध्य प्रदेश के मोहन यादव भी शपथ ग्रहण में शामिल थे। हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व वाली असम सरकार के शपथ ग्रहण समारोह पर महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा, "असम में खुशी का माहौल है, डॉ हिमंत बिस्वा सरमा दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे…डॉ हिमंत बिस्वा सरमा ने जनता के कल्याण के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं शुरू की हैं… मैं विकास के लिए वोट करने के लिए राज्य की जनता को धन्यवाद देता हूं। -हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व वाली असम सरकार के शपथ ग्रहण समारोह पर केंद्रीय मंत्री सरबानंदा सोनोवाल ने कहा, 'ये हमारे लिए एक बड़ा दिन है. असम की जनता, एनडीए के लिए ऐतिहासिक दिन… इस ऐतिहासिक घटना को देखने के लिए राज्य भर से लोग आए हैं। -शपथ के लिए निकले हिमंता बिस्वा सरमा -अजंता नियोग, अतुल बोरा और चरण बोरो भी लेंगे मंत्री पद की शपथ कैबिनेट में अनुभवी चेहरों की वापसी आज शपथ लेने वाले चार मंत्रियों में से तीन- अजंता नियोग, अतुल बोरा और चरण बोरो पिछली सरकार में भी कैबिनेट का हिस्सा थे. अजंता नियोग वित्त मंत्रालय संभाल चुकी हैं, जबकि अतुल बोरा कृषि और चरण बोरो परिवहन मंत्री थे. वहीं, पूर्व केंद्रीय मंत्री रामेश्वर तेली की राज्य की राजनीति में वापसी हुई है। अधिकारियों के मुताबिक, नए मंत्रिमंडल में कुल 18 से 19 मंत्री हो सकते हैं, जिनके नामों पर चर्चा के लिए बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन सोमवार रात ही गुवाहाटी पहुंच चुके हैं। खानापारा में भव्य समारोह शपथ ग्रहण समारोह के लिए गुवाहाटी के खानापारा में विशेष तैयारियां की गई थीं. इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनने के लिए एक लाख से अधिक लोग शामिल हुए, जिनमें बीजेपी के पंचायत अध्यक्ष और सदस्य शामिल हैं।

असम में NDA की बड़ी जीत: 102 सीटों के साथ फिर सत्ता में वापसी, हिमंता बिस्वा सरमा बने विधायक दल के नेता

गुवाहाटी असम में हिमंता बिस्वा सरमा लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री बनेंगे. हिमंता बिस्वा सरमा को बीजेपी विधायक दल का नेता चुन लिया गया है.  गुवाहटी में आयोजित विधायक दल की बैठक में केंद्रीय पर्यवेक्षक जेपी नड्डा ने हिमंता के नाम की घोषणा की. अब 12 मई को हिमंता बिस्वा सरमा का गुवाहटी में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. असम में विधायक दल के लिए आए 8 प्रस्ताव विधायक दल की बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा- विधायक दल के नेता के लिए कुल 8 प्रस्ताव आए. पहला प्रस्ताव रंजीत कुमार दास, दूसरा प्रस्ताव विश्वजीत, तीसरा प्रस्ताव अंजता नियो, चौथा प्रस्ताव रामेश्वर तेली, पांचवां प्रस्ताव राजदीप राय, छठा प्रस्ताव अशोक सिंघल, सातवां प्रस्ताव पीयूष हजारिका, और आठवां प्रस्ताव चक्रधर गोगोई की तरह से आया. सभी 8 प्रस्तावों में केवल हिमंता का नाम जेपी नड्डा ने आगे कहा कि सभी 8 प्रस्तावों को हमारे दो-दो विधायकों ने समर्थन दिया है. हमारे एनडीए के सभी विधायक यहां उपस्थित है. अतुल बोरा ने भी अपना प्रस्ताव दिया है. सहयोगी दलों के नेता और विधायकों ने भी समर्थन दिया है. इन सभी प्रस्तावों में एक ही नाम है. हिमंता बिस्वा सरमा. ऐसे में हिमंता बिस्वा सरमा को विधायक दल का नेता चुना गया. असम में हिमंता ने पूरे चुनाव की बागडोर संभाली थी. 126 सीटों वाली विधानसभा में बीजेपी ने अकेले दम पर 82 सीटें जीती हैं. जबकि सहयोगी दलों को मिलकार 102 सीटों पर एनडीए ने जीत दर्ज की है.

असम में 12 मई को होगी शपथ ग्रहण समारोह, पीएम मोदी की उपस्थिति तय; नया CM चयन की तारीख का खुलासा

गुवाहाटी असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य से मुलाकात की और उन्हें इस्तीफा सौंप दिया। फिलहाल वह नई सरकार के गठन तक कार्यवाहक मुख्यमंत्री के तौर पर कार्यभार संभालेंगे। जानकारी मिल रही है कि नई सरकार का शपथ समारोह 12 मई को होगा और इस आयोजन में पीएम नरेंद्र मोदी समेत भाजपा के तमाम सीनियर नेता मौजूद रहेंगे। सूत्रों का कहना है कि लगातार तीसरी बार हिमंत बिस्वा सरमा को ही मुख्यमंत्री का पद मिलने की संभावना है। हिमंत बिस्वा सरमा ने राज्यपाल से मुलाकात के बाद एक फिर से राज्य की जनता का धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि असम के लोगों ने हमारी सरकार पर भरोसा जताया है। उन्होंने पीएम मोदी के प्रति अपना समर्थन जताया है। जनता चाहती है कि असम में विकास की गंगा बह रही है, वह जारी रहे। असम के सीएम को लेकर जब हिमंत बिस्वा सरमा से पूछा गया तो उन्होंने अपने बारे में कुछ भी नहीं कहा। उनका कहना था कि राज्य में केंद्रीय पर्यवेक्षकों की मौजूदगी में विधायक दल की बैठक होगी। इस मीटिंग में ही असम के नए मुख्यमंत्री का चुनवा किया जाएगा। भाजपा इससे पहले मध्य प्रदेश, राजस्थान जैसे राज्यों में भी नेतृत्व को लेकर चौंका चुका है। ऐसे में हिमंत बिस्वा सरमा रिपीट होंगे या नहीं। इसे लेकर स्पष्ट तौर पर कुछ भी कहना मुश्किल है। हालांकि सीएम हिमंत ही रेस में सबसे आगे माने जा रहे हैं। इसकी वजह यह है कि हिमंत बिस्वा सरमा की पिछले दो कार्यकालों में एक सख्त नेता की छवि बनी है। इसके अलावा हिंदुत्व के चेहरे के तौर पर भी उन्हें देखा जा रहा है। बांग्लादेशी घुसपैठियों का मसला हो या फिर आबादी के संतुलन का विषय हो। हिमंत बिस्वा सरमा ने हमेशा सख्ती के साथ बात रखी है। ऐसे में उन्हें नजरअंदाज कर पाना मुश्किल है। असम में यदि भाजपा ने लगातार तीसरी बार सफलता हासिल की है तो उसका श्रेय भी एक हद तक हिमंत बिस्वा सरमा को ही दिया जा रहा है। बंगाल में 9 मई को शपथ समारोह, कई नामों पर कयास बता दें कि बंगाल में 9 मई को ही शपथ समारोह होना है और शुक्रवार को मुख्यमंत्री चुनने के लिए विधायक दल की मीटिंग होगी। बंगाल में शुभेंदु अधिकारी के अलावा समिक भट्टाचार्य, दिलीप घोष समेत कई नेताओं को रेस में माना जा रहा है। यहां तक कि रूपा गांगुली और अग्निमित्रा पॉल जैसी महिला नेताओं के नाम भी चर्चा में हैं।

हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा, असम में महिलाओं के खिलाफ अपराधों में 86.5% की कमी आई

गुवाहाटी   असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने बुधवार को कहा कि उनकी सरकार के सत्ता में आने के बाद से राज्य में महिलाओं के खिलाफ अपराधों में 86.5 प्रतिशत की कमी आई है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता बनी हुई है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि उनकी सरकार ने महिलाओं के खिलाफ अपराधों को रोकने के लिए निरंतर उपाय किए हैं, हालांकि ऐसे मामलों को पूरी तरह से समाप्त करने तक प्रयास जारी रहेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा, "माताओं और बहनों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। यही कारण है कि हमारी सरकार के सत्ता में आने के बाद से महिलाओं के खिलाफ अपराधों में भारी कमी आई है। लेकिन हम तब तक चैन से नहीं बैठेंगे जब तक हम यह सुनिश्चित नहीं कर लेते कि एक दिन महिलाओं के खिलाफ अपराध शून्य हो जाएं।" सरमा ने कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराधों में 86.5 प्रतिशत की गिरावट आई है, जिसका श्रेय उन्होंने मजबूत कानून प्रवर्तन और लक्षित हस्तक्षेपों को दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने पुलिस व्यवस्था में सुधार, निगरानी तंत्र को मजबूत करने और महिलाओं की सुरक्षा से संबंधित कानूनों के सख्त कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित किया है। अधिकारियों ने कहा कि असम पुलिस ने हाल के वर्षों में महिलाओं के खिलाफ अपराधों से निपटने के लिए अपने प्रयासों को तेज किया है, जिसमें मामलों की तेजी से जांच, गश्त में वृद्धि और अपराधों की रिपोर्टिंग को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से जागरूकता अभियान शामिल हैं। सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा और संरक्षा में सुधार लाने के उद्देश्य से कई पहलें भी शुरू की हैं, जिनमें महिला पुलिस स्टेशनों को मजबूत करना, समर्पित कर्मियों की तैनाती करना और बेहतर निगरानी के लिए प्रौद्योगिकी का लाभ उठाना शामिल है। शर्मा ने दोहराया कि अपराध के आंकड़ों में गिरावट उत्साहजनक है, लेकिन सरकार पूरे राज्य में महिलाओं की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि महिलाओं के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करना समग्र सामाजिक विकास के लिए आवश्यक है और प्रशासन अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करना जारी रखेगा। मुख्यमंत्री की ये टिप्पणी असम में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले बेहतर कानून व्यवस्था और सुशासन के परिणामों को प्रदर्शित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे निरंतर प्रयासों के बीच आई है।

असम में गोमांस के खिलाफ ऑपरेशन, 112 रेस्टोरेंट पर रेड में 1,000 किलो मांस जब्त, 132 गिरफ्तार

गुवाहाटी असम में मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा (Himanta Biswa Sarma) ने गोमांस के खिलाफ अभियान शुरू करा दिया है. पिछले महीने ही इस अभियान के संकेत देने वाले सरमा के निर्देश पर असम पुलिस (Assam Police) ने पूरे राज्य में मांस परोसने वाले रेस्टोरेंट्स पर छापेमारी की है. इस दौरान 100 से ज्यादा रेस्टोरेंट पर मारे गए छापे में करीब 1,000 किलोग्राम संदिग्ध गोमांस जब्त करके सैंपल भरे गए हैं, जिनकी जांच लैब में कराई जाएगी. इस दौरान 132 लोगों को हिरासत में लिया गया है. यह अभियान राज्य में गोमांस और गाय-बैल आदि को लेकर पिछले महीने शुरू हुए राजनीतिक टकराव के बाद चलाया गया है, जिन्हें मुख्यमंत्री सरमा ने राज्य में ईद-उल-जुहा (Eid-Ul-Zuha) के बाद से अशांति फैलाने की कोशिशों का हिस्सा बताया था. 112 दुकानों में की गई छापेमारी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, असम पुलिस (Assam Police) ने मंगलवार को यह अभियान चलाया था. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, असम पुलिस के IG (कानून-व्यवस्था) अखिलेश कुमार सिंह ने बताया कि मंगलवार रात 8 बजे पूरे राज्य में 112 मांस परोसने वाले रेस्टोरेंट्स में छापेमारी की गई. यह प्रदेशव्यापी छापेमारी रेस्टोरेंट्स में अवैध तरीके से गोमांस बेचने की शिकायतें मिलने के बाद की गई है. इस दौरान 132 लोगों को मांस बेचने की अनुमति लिए बिना इसे परोसने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है, जबकि 1,084 किलोग्राम संदिग्ध गोमांस के सैंपल भरे गए हैं. असम पुलिस ने डिब्रूगढ़, नागौन, होजई, कामरूप, कोकराझार, दरभंगा और मोरीगांव इलाके में छापेमारी की थी. पिछले महीने गोवंश के अवशेष मिलने पर हुआ था बवाल पिछले महीने असम में कई जगह गोवंश के अवशेष मिलने पर बवाल हुआ था. धुबरी, गोलपाड़ा और लखीमपुर जिलों में मंदिरों के करीब ये अवशेष मिले थे. इसके बाद कई जगह हंगामा मचा था. पुलिस ने अकेले धुबरी से 150 लोगं को इस मामले में गिरफ्तार किया था. तब मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने आरोप लगाया था कि ईद वाले दिन के बाद से जगह-जगह सुनियोजित तरीके से अशांति फैलाने की साजिश रची जा रही है.