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मुख्यमंत्री ने प्राचीन वीरगढ़ी हनुमान मंदिर परिसर की बावड़ी का किया अवलोकन

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारी प्राचीन बावड़ियाँ और जल संरचनाएँ हमारी समृद्ध वास्तुकला और उत्कृष्ट जल प्रबंधन की प्रतीक हैं। इन ऐतिहासिक धरोहरों को संजोकर रखना सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरूवार को इंदौर के प्राचीन  वीरगढ़ी हनुमान मंदिर परिसर में स्थित ऐतिहासिक एवं प्राचीन बावड़ी का अवलोकन कर यह बात कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेश की जनता की सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को वैज्ञानिक पद्धति से जीर्णोद्धार, बावड़ी के मूल ऐतिहासिक स्वरूप को बिना नुकसान पहुँचाए, वैज्ञानिक पद्धति से इसकी सफाई और जीर्णोद्धार कार्य तत्काल प्रारंभ के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं और आम जन की सुरक्षा के लिए बावड़ी के चारों ओर मजबूत सुरक्षा जाली अथवा रैलिंग अनिवार्य रूप से लगाई जाए। बावड़ी के प्राकृतिक जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने के लिए तकनीकी उपाय किए जाएं, जिससे जल संरक्षण को बढ़ावा मिल सके। मंदिर और बावड़ी के आस-पास के क्षेत्र का व्यवस्थित सौंदर्यीकरण किया जाए, जिससे यहाँ धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिल सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि समस्त विकास एवं जीर्णोद्धार कार्य एक निश्चित समय-सीमा तय कर उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किए जाएं। नगरीय विकास प्रशासन एवं आवास मंत्री  कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री  तुलसीराम सिलावट, सांसद  शंकर लालवानी, महापौर  पुष्यमित्र भार्गव,  सुमित मिश्रा,  सुदर्शन गुप्ता, पुलिस कमिश्नर  संतोष कुमार और कलेक्टर  शिवम वर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक भी उपस्थित रहे।  

महाराजा रणजीत सिंह की निशानी खतरे में: दीनानगर बारादरी के अस्तित्व पर संकट, दिल्ली कमेटी ने बुलाई बैठक

दीनानगर.  दीनानगर में शेर-ए-पंजाब महाराजा रणजीत सिंह की ऐतिहासिक शाही बारादरी की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। हाल ही में कुछ शरारती तत्वों द्वारा इस प्राचीन इमारत की छत और अन्य हिस्सों में तोड़फोड़ की गई, जिससे सिख समाज और विरासत प्रेमियों में भारी रोष है। दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के धर्म प्रचार कमेटी (पंजाब) के चेयरमैन मनजीत सिंह भोमा ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। भू-माफिया और राजनीतिक गठजोड़ का आरोप चेयरमैन भोमा ने बारादरी का दौरा करने के बाद प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार के पर्यटन और सांस्कृतिक मामलों के विभाग द्वारा संरक्षित घोषित की गई इस इमारत को नुकसान पहुँचाने के पीछे भू-माफिया और बड़े राजनीतिक चेहरों का हाथ हो सकता है। उन्होंने बताया कि जहाँ लोग धार्मिक स्थलों पर सोना चढ़ाते हैं, वहीं माफिया महाराजा रणजीत सिंह की इस ऐतिहासिक निशानी की ईंटें तक उखाड़ कर ले जा रहा है। उन्होंने सरकार से मांग की कि इस विनाशकारी कार्य को तुरंत रोका जाए। विरासत को बचाने के लिए पंथक बैठक का आह्वान शाही बारादरी के गिरते अस्तित्व को बचाने के लिए अब सिख समुदाय ने संगठित होने का फैसला किया है। इसके तहत आगामी 25 अप्रैल को सुबह 11 बजे शाही बारादरी परिसर में ही पंथक हितैषियों की एक विशेष बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में इस ऐतिहासिक इमारत के संरक्षण और इसके पुनर्निर्माण के लिए रणनीति तैयार की जाएगी। भोमा ने कहा कि यह इमारत पहले से ही प्रशासनिक अनदेखी के कारण खंडहर बन चुकी थी, और अब इस पर किए गए हमले असहनीय हैं। इतिहास की गर्मियों वाली राजधानी का महत्व दीनानगर की शाही बारादरी का अपना एक गौरवशाली इतिहास रहा है। महाराजा रणजीत सिंह अक्सर गर्मियों के महीनों में यहाँ अपना दरबार लगाते थे, जिस कारण इसे 'सरकार खालसा' की गर्मियों वाली राजधानी भी कहा जाता था। यहाँ कई ऐतिहासिक संधियाँ हुईं और सैन्य योजनाएं बनाई गईं। साल 2010 में सरकार ने इसे संरक्षित इमारत का दर्जा दिया था और इसके जीर्णोद्धार के लिए करोड़ों का टेंडर भी जारी हुआ था, लेकिन धरातल पर अब तक कोई काम शुरू नहीं हो सका है। स्थानीय निवासियों और विरासत मंच के सदस्यों ने सरकार से इस ऐतिहासिक गौरव को संरक्षित करने की अपील की है।