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भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा का होली मिलन समारोह संपन्न

बिलासपुर भारतीय जनता युवा मोर्चा छत्तीसगढ़ द्वारा रायपुर के शहनाई गार्डन मे आयोजित होली मिलन समारोह में शामिल हुआ इस अवसर पर मुख्य रूप से छत्तीसगढ़ के यशश्वी मुख्यमंत्री माननीय विष्णुदेव साय जी एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष माननीय किरण सिंहदेव जी सहित मंत्रीगण, भाजपा नेतागण उपस्थित रहें.  *शानदार होली मिलन कार्यक्रम के आयोजन के लिये ऊर्जावान भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष राहुल योगराज टिकरिहा प्रदेश महामंत्री जितेंद्र देवांगन कुणाल ठाकुर उपाध्यक्ष गौरी गुप्ता सनी केसरी जी आयुष सिंह आलिंद तिवारी जिला अध्यक्ष वैभव गुप्ता जिला महामंत्री केतन वर्मा राजकमल कश्यप महर्षि बाजपेई भानु श्रीवास अमर राजपूत पृथ्वी श्रीवास शुभम यादव गुलशन खांडेकर गौरव मिश्रा अमन सोनी  सिद्धार्थ त्रिवेदी शुभम मिश्रा आयुष चतुर्वेदी.

रंगों का साइड इफेक्ट: होली के बाद त्वचा और आंखों की परेशानी से सिम्स में 465 मरीज

बिलासपुर होली के रंगों का असर इस बार लोगों की सेहत पर भी देखने को मिला. मिलावटी और केमिकल युक्त रंगों के इस्तेमाल से कई लोगों को स्किन इंफेक्शन और आंखों से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ा. होली के बाद पिछले दो दिनों में बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए सिम्स पहुंचे. अस्पताल के रिकॉर्ड के मुताबिक दो दिनों में स्किन ओपीडी में 465 औरओपीडी में 187 यानी कुल 652 मरीज पहुंचे. इनमें 465 मरीज स्किन से जुड़ी समस्याओं और 187 मरीज आंखों में जलन, लालिमा और अन्य परेशानी की शिकायत लेकर इलाज कराने पहुंचे. सिम्स में इन दो दिनों के दौरान स्किन, आई सहित अन्य विभाग में कुल 2958 मरीजों ने ओपीडी में उपचार कराया. गुरुवार को 1292 मरीज अस्पताल पहुंचे, जबकि शुक्रवार को यह संख्या बढ़कर 1666 हो गई. एलर्जी, खुजली और जलन की शिकायत अधिक स्किन विभाग में गुरुवार को 125 मरीज पहुंचे थे, जबकि शुक्रवार को यह संख्या बढ़कर 340 हो गई. वहीं नेत्र विभाग में गुरुवार को 72 मरीजों ने उपचार कराया, जबकि शुक्रवार को 115 मरीज आंखों में रंग जाने, जलन और सूजन की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंचे. डॉक्टरों के अनुसार होली में केमिकल युक्त रंगों के इस्तेमाल से इस तरह की समस्याएं बढ़ जाती हैं. ऐसे रंग त्वचा पर एलर्जी, खुजली और जलन का कारण बनते हैं. वहीं आंखों में चले जाने पर संक्रमण का खतरा भी रहता है.

भाई दूज 4 या 5 मार्च को? भ्रम दूर करें—जानें सही तारीख, तिलक का शुभ समय और पूजा विधि

हिंदू कैलेंडर के अनुसार, साल में दो बार भाई दूज का पर्व मनाया जाता है और हर का अपना-अपना महत्व है। पहला भाई दूज चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि और दूसरा कार्तिक शुक्ल द्वितीया तिथि को मनाया जाता है। चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि को पड़ने वाले भाई दूज को भ्रातृ द्वितीया भी कहा जाता है। इस दिन बहनें अपने भाई को तिलक लगाने के साथ सुख-समृद्धि, उज्जवल भविष्य और लंबी आयु की कामना करती हैं। इस साल द्वितीया तिथि दो दिन होने के कारण भाई दूज की सही तिथि को लेकर काफी असमंजस स्थिति बनी हुई है। जानें होली भाई दूज की सही तिथि, तिलक लगाने का सही समय से लेकर विधि तक…. कब है होली भाई दूज 2026? चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि आरंभ- 4 मार्च को शाम 4 बजकर 48 मिनट से चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि समाप्त- 5 मार्च को शाम 05:03 बजे होली भाई दूज 2026 तिथि– 5 मार्च 2026, गुरुवार होली भाई दूज 2026 भाई को तिलक करने का मुहूर्त द्रिक पंचांग के अनुसार, द्वितीया तिथि सुबह से लेकर शाम 5:03 तक है। इस दौरान बहनें भाई को तिलक लगा सकती है। लेकिन राहुकाल का अवश्य ध्यान रखें। होली भाई दूज 2026 राहुकाल का समय द्रिक पंचांग के अनुसार, दोपहर 2:05 से दोपहर 3:33 तक राहुकाल है। होली भाई दूज का चौघड़ियां मुहूर्त शुभ – उत्तम- 06:42 ए एम से 08:10 ए एम लाभ – उन्नति- 12:33 पी एम से 02:00 पी एम अमृत – सर्वोत्तम- 02:00 पी एम से 03:28 पी एम शुभ-उत्तम- 04:56 पी एम से 06:23 होली भाई दूज पर बहनें ऐसे करें तिलक द्वितीया तिथि को शुभ मुहूर्त पर एक थाली में सिंदूर, चंदन, अक्षत, मिठाई, गुझिया और घी का दीपक रख लें। इसके बाद भगवान विष्णु की विधिवत पूजा करने के बाद भाई को एक लकड़ी की चौकी या फिर ऊंचेे स्थान में बैठाएं। इसके बाद उसके सिर पर कपड़ा या रुमाल रखें। फिर माथे पर तिलक और अक्षत लगाएं और मिठाई खिलाएं। फिर घी के दीपक से उसकी आरती उतार लें। अंत में भाई अपनी बहन के पैर छूकर सुख-समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य का आशीर्वाद लें और कुछ उपहार दें।

रायगढ़ में हुड़दंगियों पर ड्रोन की नजर, होली के लिए 16 चेकिंग पॉइंट सक्रिय

रायगढ़ छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में होली शालीनता पूर्वक मनाने के लिए इस बार ड्रोन कैमरों से हुड़दंगियों पर नजर रखी जाएगी। रायगढ़ पुलिस अलर्ट मोड में है। शहर में चार सौ पुलिस अधिकारी और जवान तैनात रहेंगे। वहीं शहर में 16 चेकिंग पॉइंट भी बनाए गए हैं। शराब पीकर वाहन चलाने वालों और माहौल बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सोशल मीडिया पर भी नजर रखी जा रही है। रायगढ़ जिले में पिछले 48 घंटे से पुलिस जवान तैनात हैं। बीती रात होलिका दहन शांतिपूर्ण रूप से सम्पन्न हुआ। होली की चौक-चौबंद व्यवस्था को लेकर एसएसपी रायगढ़ शशि मोहन सिंह ने आज पुलिस कार्यालय से जिले के सभी थाना एवं चौकी प्रभारियों की वर्चुअल बैठक लेकर होली ड्यूटी की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि त्योहार के दौरान पुलिस का रिस्पांस टाइम सबसे महत्वपूर्ण रहेगा और किसी भी सूचना पर तत्काल मौके पर पहुंचकर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। शहर की सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी और सीएसपी मयंक मिश्रा को सौंपी गई है। सीएसपी मयंक मिश्रा ने बताया कि अगले 48 घंटे लगातार पेट्रोलिंग, चेकिंग पॉइंट्स पर सघन जांच और बाइकर्स गैंग के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि कोतवाली, चक्रधरनगर, जूटमिल और कोतरारोड़ क्षेत्रों में बनाए गए 16 चेकिंग पॉइंट्स पर यातायात टीम द्वारा ब्रीथ एनालाइजर के माध्यम से मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। शराब पीकर वाहन चलाते पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कदम उठाए जाएंगे। एसएसपी के निर्देश पर इस बार थाना कोतवाली, चक्रधरनगर, जूटमिल, कोतरारोड़ और खरसिया क्षेत्र में 5 ड्रोन के माध्यम से निगरानी रखी जाएगी। पेट्रोलिंग यूनिट्स की लाइव लोकेशन के साथ एक विशेष व्हाट्सएप ग्रुप सक्रिय किया गया है, जिससे आवश्यकता पड़ने पर निकटतम पेट्रोलिंग टीम तत्काल सहायता प्रदान कर सके। ड्रोन, व्हाट्सएप ग्रुप और शहरभर के सीसीटीवी कैमरों की निगरानी के लिए पुलिस कंट्रोल रूम में विशेष मॉनिटरिंग रूम बनाया गया है, जहां एक्सपर्ट टीम रियल टाइम मॉनिटरिंग कर किसी भी घटना या दुर्घटना पर तुरंत प्रतिक्रिया देगी। सुरक्षा प्रबंधन के तहत शहर के चार थाना क्षेत्रों में 27 पेट्रोलिंग, 16 चेकिंग पॉइंट्स तथा कोतवाली क्षेत्र में 24, कोतरारोड़ में 12 और जूटमिल व चक्रधरनगर में 10-10 फिक्स पिकेट पॉइंट स्थापित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त एडी स्क्वॉड की टीम भी लगातार सक्रिय रहेगी। सोशल मीडिया मॉनिटरिंग से सोशल मीडिया की भी निगरानी की जा रही है। किसी भी प्रकार के आपत्तिजनक या भड़काऊ पोस्ट पर कार्रवाई की जाएगी। साइबर थाना और महिला थाना की टीम सादी वर्दी में असामाजिक तत्वों पर निगरानी रखेगी और छेड़छाड़ जैसी घटनाओं पर तत्काल वैधानिक कार्रवाई करेगी। इसके साथ ही अनुविभाग के थानों में एसडीओपी, थानों और पुलिस लाइन के अतिरिक्त बल मुस्तैद रहेंगे। होली के दौरान जिले में पुलिस बल के साथ छठवीं बटालियन और मैनपाट बटालियन से प्राप्त बल सहित लगभग 400 पुलिस अधिकारी और जवान सुरक्षा व्यवस्था में तैनात रहेंगे। ड्यूटी पर तैनात जवानों के लिए समय पर भोजन और पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्र के वाटर एरिया पर विशेष निगरानी रखने, प्रशिक्षित होमगार्ड गोताखोरों की तैनाती करने तथा फायर ब्रिगेड को विभिन्न स्थानों पर तैयार रखने को कहा गया है। रायगढ़ पुलिस आज शाम सभी थाना क्षेत्रों में फ्लैग मार्च निकालकर आमजन को संदेश देगी कि पुलिस हर परिस्थिति में उनकी सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। एसएसपी ने आगामी दो दिनों की ड्यूटी के लिए सभी अधिकारियों और जवानों को अनुशासन, समन्वय और सतर्कता बनाए रखने पर विशेष बल देते हुए शुभकामनाएं दीं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रायगढ़ शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि होली के दौरान किसी भी प्रकार की गुंडागर्दी, हुड़दंग, छेड़छाड़, शराब पीकर वाहन चलाना या शांति भंग करने की कोशिश बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि त्योहार की आड़ में कानून तोड़ने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

आज बसिऔड़ा, कल गुलाल: बिहार में होली मनाने की परंपरा क्यों है सबसे अलग?

पटना मथुरा के बरसाने की लट्ठमार और वृंदावन की फूलों की होली तो पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। इसे देखने देश-विदेश से लोग आया करते हैं, लेकिन होली के मामले में बिहार भी पीछे नहीं है। यहां की होली भी रंग-बिरंगी है और रूप अनेक हैं। मतलब, बिहार के अलग-अलग इलाकों में होली कई अलग-अलग रूपों में मनाई जाती है। होली के त्योहार की शुरुआत इस बार 02 मार्च की रात होलिका दहन से हो चुकी है। आज गांव-देहात में धुरखेली जैसी परंपरा के तहत धूल-कीचड़ से होली की शुरुआत हो चुकी है। इस एक स्टोरी में जानिए, होलिका दहन और होली से बिहार में कहां-कैसे संस्कृति को जिंदा रखे हुए है। इसके साथ ही फगुआ या फाग कैसे रंग जमाता है, वह भी पढ़िए। होलिका दहन के पहले गांवों में गोइठा मांगने की रही है परंपरा बिहार के गांवों में होली के आगमन के पहले होलिका दहन करने के लिए घर-घर से चंदा के रूप में गोइठा मांगने की प्राचीन परंपरा रही है। इस परंपरा के तहत युवाओं, खासकर बच्चों की टोली अपने-अपने गांव में बोरियां लेकर घूमती और हर घर जाकर चंदा के रूप में गोइठा मांगती रही है। इस दौरान बच्चे और युवा, "अगजा गोसाईं गोड़ लागे ली, घूम-घूम के गोइठवां मांगे ली" का यह गीत गाते गांव में फिरते हैं। जैसे ही वे किसी के घर पर गोइठा मांगने पहुंचते हैं, तो उनका दूसरा गीत शुरू होता है। घर की मालकिन महिला को संबोधित करते हुए वे गाते हैं, "ए जजमानी तोरा सोने के केवाड़ी, दू (चार, पांच, दस की संख्या) गोइठा दा"। इसके बाद उस घर से गोइठा मिलने के बाद रुख अगले घर की ओर और गीत के वही बोल। यह सिलसिला होलिका दहन का दिन आने तक चलता रहता था। बच्चे और युवक चंदे में मिले गोइठों को अपने गांव में एक स्थान पर जमा करते हैं। इसके बाद जमा किए गए गोइठा होलिका दहन में जलाए जाते हैं। हालांकि, कई गांवों में होलिका दहन के लिए गोइठा मांगने की यह परंपरा अब लुप्त होती जा रही है। दरभंगा में डंफा की थाप पर होलिका दहन परिक्रमा की परंपरा दरभंगा के ग्रामीण इलाकों में डंफा (एक तरह का ढोल) की थाप पर पारंपरिक होली गीतों के गायन के साथ जलती हुई होलिका की परिक्रमा करने की समृद्ध परंपरा रही है। हालांकि, यह परंपरा अब धीरे-धीरे लुप्त हो रही है। कुछ गांवों में ही इस परंपरा का निर्वहन हो रहा है। फगुआ (फाग) गायन अब गांव से शहरों तक पहुंचा हुआ है होली के आगमन के पहले बसंत पंचमी (सरस्वती पूजा) के दिन से बिहार में फगुआ (फाग) गायन की समृद्ध परंपरा रही है। यह परंपरा आज भी जीवित है। इसके तहत गांवों में सार्वजनिक स्थान पर और शहरी इलाकों में देवी-देवताओं के मंदिरों के परिसर में फगुआ गाए जाते हैं। फगुआ गायन बसंत पंचमी से शुरू होकर होली तक चलता है। इस दौरान लोग राम-सीता, कृष्ण-राधा, शिव-पार्वती, विष्णु-लक्ष्मी और अन्य देवी-देवताओं के होली खेलने के गीत गाते हैं। होली के दिन फाग गायन के समाप्त होने के बाद चैत्र (चैत) माह के शुरू होने के साथ ही चैता गायन शुरू होता है, जो रामनवमी तक चलता है। इस दौरान "चैत मासे लिहले जनमवा हो रामा चैत मासे…" आदि पारंपरिक लोकगीत उमंग के साथ गाए जाते हैं। बिहार में होली के साथ कुछ गंदी परंपराएं भी चली आ रही हैं। इनमें हंड़िया टांगने और कीचड़ वाली होली शामिल है। हंड़िया टांगने वाली परंपरा पूरी तरह शरारत से भरी है। इस परंपरा में गांवों में शरारती किस्म के युवक मिट्टी की हांडी की गर्दन में रस्सी बांधते हैं और हांडी में मल-मूत्र, गंदगी या कीचड़ भर कर रात में किसी घर के मुख्य दरवाजे पर टांग देते हैं। साथ ही दरवाजे पर कीचड़, गंदगी या मल-मूत्र बिखेर देते हैं। यहां तक कि किसी छोटे जानवर का मृत शरीर भी घर के दरवाजे पर टांग देते हैं। सुबह होते ही घर का मालिक या परिवार का कोई सदस्य जैसे ही दरवाजा खोलता है, वह हंड़िया से टकरा जाता है और सारी गंदगी उस पर गिर जाती है तथा पैर भी दरवाजे पर गिराई गई गंदगी से सन जाते हैं। स्वाभाविक है कि ऐसा जिस घर के साथ होगा, उस घर के लोग ऐसा करने वालों को गालियां देंगे; और ऐसा करने वाले लोग भी उसी टोले-मुहल्ले के होते हैं, जो गालियां सुनकर खुद मजे लेते हैं तथा उन्हें और गाली देने के लिए प्रेरित भी किया करते हैं। गांवों में शरारती किस्म के युवक हंड़िया टांगने वाला काम बहुधा उन्हीं घरों पर करते हैं, जिस घर के लोग चिढ़ने और गुस्सा करने वाले होते हैं। होली की दूसरी गंदी और गलत परंपरा कीचड़ तथा गंदगी वाली होली है। इस होली में लोग नाली के कीचड़, गोबर, मिट्टी, मल-मूत्र से होली खेलते हैं। इस तरह की होली झगड़े का भी सबब बन जाती है। सुखद बात यह है कि सभ्यता के विकास के दौर में होली से जुड़ी ये गलत परंपराएं अब समाप्त हो रही हैं।

होली में कानून व्यवस्था चाक-चौबंद, हुड़दंग करने वालों पर रहेगी कड़ी नजर

बिलासपुर होली पर हुड़दंग और अपराध रोकने पुलिस ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है. एसएसपी रजनेश सिंह के निर्देश पर शहर और ग्रामीण इलाकों में 4 एएसपी, 9 डीएसपी, सभी टीआई और एसआई सहित 800 जवान तैनात रहेंगे. 81 पेट्रोलिंग पार्टियां लगातार गश्त करेंगी. किसी भी हुड़दंग या अपराध की सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई की जाएगी. संबंधित क्षेत्र के राजपत्रित अधिकारी से लेकर टीआई तक मौके पर पहुंचकर संज्ञान लेंगे. पकड़े गए आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. एसएसपी ने नागरिकों से सौहार्दपूर्ण ढंग से होली मनाने की अपील की है. आपराधिक गतिविधियों की सूचना के लिए नंबर जारी होली के दौरान आपराधिक गतिविधियों की सूचना पुलिस कंट्रोल रूम 9479193099 पर दी जा सकती है. इसके अलावा सिविल लाइन 9479193019, कोतवाली 9479193018, सरकंडा 9479193022, सिरगिट्टी 9479190151, सकरी 9479191721, कोनी 9479193023, तारबाहर 9479193020 और तोरवा 9479193021 से संपर्क किया जा सकता है. इन इलाकों में पुलिस का रहेगा कड़ा पहरा 7 जोन के संवेदनशील इलाकों को विशेष निगरानी में रखा गया है. इनमें जोन क्रमांक दो तिफरा में मन्नाडोल, सिरगिट्टी बन्नाक चौक, जोन क्रमांक तीन का ठेठाडबरी, मिट्टीटीला, कुदुदंड सूर्यवंशी मोहल्ला और गुरु घासीदास नगर जरहाभाठा मिनीबस्ती शामिल है. इनके अलावा जोन चार अंतर्गत मिनीमाता नगर, तारबाहर, डिपूपारा, मंझवापारा, मरीमाई मंदिर, तालापारा, मगरपारा और जोन पांच के अंतर्गत करबला तालाब, कतियापारा नदी किनारे क्षेत्र, डबरीपारा, फिश मार्केट शनिचरी सहित जोन छह का मांडवा बस्ती, पटेल पारा, चुचुहियापारा, हेमूनगर पानी टंकी के पीछे, देवरीखुर्द, कंसा चौक टिकरापारा, खटीक मोहल्ला, मामा भांचा तालाब क्षेत्र, पुराना हाई कोर्ट के पीछे और मधुबन और जोन 7 में चिंगराजपारा, डबरीपारा, अशोक नगर मुरुम खदान, बंधवापारा इंमलीभाठा, चिल्हाटी, मोपका शामिल है.

नशे में वाहन चलाने वालों पर शिकंजा: होली के दिन 42 नाकों पर चेकिंग, 130 पकड़े गए

रायपुर होली के मद्देनज़र राजधानी में यातायात पुलिस ने सड़क सुरक्षा को लेकर व्यापक अभियान चलाया। देर शाम से रात तक चले विशेष ड्राइव में 130 वाहन चालक शराब के नशे में वाहन चलाते हुए पकड़े गए। सभी के खिलाफ मोटरयान अधिनियम के तहत चालानी कार्रवाई करते हुए वाहनों को जब्त किया गया। यह अभियान पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला के निर्देश में चलाया गया। शहर के सभी यातायात थाना क्षेत्रों में कुल 42 चेकिंग पॉइंट स्थापित किए गए, जहां ब्रीथ एनालाइजर मशीन के माध्यम से चालकों की जांच की गई। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त विवेक शुक्ला और दौलत राम पोर्ते के निर्देशन में सहायक पुलिस आयुक्तों और यातायात टीमों ने मोर्चा संभाला। जांच के दौरान 39 कार चालक, 73 मोटरसाइकिल सवार, 3 ट्रक चालक तथा 15 टाटा एस पिकअप और ई-रिक्शा चालक शराब के नशे में वाहन चलाते पाए गए। सभी मामलों में मोटरयान अधिनियम की धारा 185 के तहत कार्रवाई की गई है। जब्त किए गए वाहनों को यातायात मुख्यालय परिसर और संबंधित थानों में सुरक्षित रखा गया है। पुलिस के अनुसार होली के बाद सभी प्रकरण न्यायालय में पेश किए जाएंगे, जहां प्रत्येक मामले में 10,000 से 15,000 रुपये तक का अर्थदंड लगाया जा सकता है। यातायात पुलिस ने स्पष्ट किया है कि त्योहार के दौरान विशेषकर रात्रि में सघन जांच अभियान जारी रहेगा। अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि होली की खुशियां जिम्मेदारी और सतर्कता के साथ मनाएं तथा नशे की हालत में वाहन चलाकर अपनी और दूसरों की जान खतरे में न डालें।

एमपी में होली से पहले पारा चढ़ा, 35 डिग्री के पार, मार्च में 40 डिग्री तक पहुंचने के संकेत

भोपाल मध्यप्रदेश में गर्मी ने मार्च की शुरुआत के साथ ही अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। मौसम आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के कई शहरों में अधिकतम तापमान 34 से 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया। मौसम फिलहाल पूरी तरह शुष्क बना हुआ है और कहीं भी वर्षा दर्ज नहीं की गई है। पूर्वी मध्यप्रदेश के नौगांव में 35.2 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश में सबसे अधिक तापमान रिकॉर्ड किया गया। पश्चिमी क्षेत्र के खरगोन में 35.0 डिग्री, धार में 34.9 डिग्री और खंडवा में 34.5 डिग्री तापमान रहा। राजधानी भोपाल में अधिकतम तापमान 32.8 डिग्री और न्यूनतम 15.0 डिग्री दर्ज किया गया। इंदौर में पारा 33.6 डिग्री, ग्वालियर में 33.8 डिग्री और जबलपुर में 33.3 डिग्री सेल्सियस रहा।  रात में अभी हल्की ठंडक  रात के समय अभी हल्की ठंडक बनी हुई है। पचमढ़ी प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान 12.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इंदौर में न्यूनतम 13.4 डिग्री और उमरिया में 13.9 डिग्री तापमान दर्ज हुआ। सुबह के समय कई शहरों में आर्द्रता 70 से 90 प्रतिशत तक रही, जो शाम तक घटकर 20 से 40 प्रतिशत के बीच पहुंच गई। होली पर रहेगा साफ मौसम सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्र ने बताया कि आने वाले सात दिनों तक प्रदेश में मौसम पूरी तरह साफ रहेगा। होली के दौरान बारिश या बादल की कोई संभावना नहीं है। हालांकि तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक और बढ़ोतरी हो सकती है। उन्होंने कहा कि मार्च के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच सकता है। अप्रैल-मई में लू के आसार डॉ. सुरेंद्र के मुताबिक अप्रैल और मई में लू चलने की पूरी संभावना है। विशेष रूप से पूर्वी मध्यप्रदेश में इस बार ज्यादा तेज और लंबे समय तक लू चलने के संकेत हैं। उन्होंने लोगों को दोपहर के समय धूप से बचने, पर्याप्त पानी पीने और बुजुर्गों व बच्चों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है।कुल मिलाकर प्रदेश में अब सर्दी की विदाई और गर्मी की दस्तक साफ तौर पर महसूस की जा रही है, और आने वाले दिनों में तापमान में और तेजी आने के संकेत हैं। 

संभल के 68 तीर्थ स्थलों पर पहली बार होली मनाने की तैयारी, धारा 163 लागू

 संभल  संभल में इस बार होली सिर्फ मोहल्लों और चौपालों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि उन 68 तीर्थों तक पहुंचेगी जिन्हें हाल में खोजे जाने और पुनर्जीवन की प्रक्रिया से जोड़ा गया है. सामाजिक संगठनों का दावा है कि पहली बार इन सभी तीर्थ स्थलों पर एक साथ रंगोत्सव मनाया जाएगा. तैयारियां ऐसी हैं कि शहर का हर कोना उत्सव की आहट से गूंज रहा है, लेकिन इसके साथ सुरक्षा का अभेद्य घेरा भी बुना गया है |  तीर्थों पर रंगोत्सव, परंपरा का नया अध्याय नगर हिंदू सभा, तीर्थ परिक्रमा समिति और विभिन्न मंदिर समितियों ने संयुक्त रूप से 68 तीर्थों और 19 कूपों पर दीप प्रज्वलन व गुलाल उत्सव की रूपरेखा बनाई है. आयोजकों का कहना है कि जिस तरह मथुरा और वृंदावन में होली का रंग कई दिनों तक छाया रहता है, उसी तरह संभल में भी इस बार उत्सव का विस्तार होगा. राधा-कृष्ण मंदिरों से लेकर प्राचीन कुंडों तक, हर स्थान पर सुबह पूजा-अर्चना, दोपहर में गुलाल अर्पण और शाम को दीपोत्सव की योजना है. कई स्थानों पर बच्चों के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम और भजन-संध्या भी प्रस्तावित है. मंदिरों के पुजारियों का कहना है कि तीर्थों के जागरण की खुशी को सामूहिक रंगोत्सव के जरिए साझा किया जाएगा |  जिला तीन सेक्टर में बांटा गया  जिला प्रशासन के मुताबिक, पूरे जिले में 64 जुलूसों की अनुमति दी गई है. बेहतर प्रबंधन के लिए जिले को तीन सेक्टर में बांटा गया है. 17 थानों पर मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं, जबकि 27 क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) चौबीसों घंटे अलर्ट रहेंगी |  जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पेंसिया के अनुसार, सभी आयोजकों के साथ अमन कमेटी की बैठकों में रूट, समय-सारिणी और आचार-संहिता तय कर दी गई है. जुलूस बॉक्स फॉर्मेट में निकलेंगे. आगे-पीछे और दोनों किनारों पर पुलिस बल की मौजूदगी रहेगी, ताकि किसी तरह की अफवाह या उकसावे की गुंजाइश न बचे|  संवेदनशील पृष्ठभूमि और सुरक्षा का अभेद्य घेरा ईरान और इजराइल अमेरिका युद्ध में खामेनेई  की मौत के बाद संभल के कुछ हिस्सों में विरोध-प्रदर्शन हुआ. ऐसे में प्रशासन ने अतिरिक्त सतर्कता बरतते हुए धारा 163 लागू की है. पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई का कहना है कि एक हजार से अधिक संभावित उपद्रवियों को पाबंद किया गया है. तीन कंपनी और दो प्लाटून पीएसी, रैपिड रिएक्शन फोर्स, 200 से अधिक रंगरूट और कई वरिष्ठ अधिकारी एएसपी, सीओ, एडीएम, एसडीएम मैदान में रहेंगे. जुलूस मार्गों और प्रमुख चौराहों पर 250 से अधिक सीसीटीवी कैमरे सक्रिय हैं, जिनकी मॉनिटरिंग इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से होगी. ड्रोन कैमरे छतों और भीड़ की गतिविधियों पर नजर रखेंगे. विशेष ध्यान उन मार्गों पर है जहां से चौपाई जुलूस संवेदनशील इलाकों और जामा मस्जिद के सामने से गुजरेंगे. प्रशासन का कहना है कि सभी पक्षों से संवाद कायम है और उद्देश्य सिर्फ शांतिपूर्ण, गरिमामय उत्सव सुनिश्चित करना है|  रंगों की फैक्ट्री से 12 राज्यों तक सप्लाई संभल की एक प्रमुख कलर कंपनी ने इस बार बड़े पैमाने पर गुलाल तैयार किया है. मालिक हर्ष गुप्ता बताते हैं कि चंदन, गुलाब, केवड़ा और चॉकलेट-मिंट खुशबू वाले रंगों की खास मांग रही. बच्चों के लिए स्किन-फ्रेंडली और नॉन-टॉक्सिक गुलाल तैयार किया गया है, जो मक्का के आटे और फूड-ग्रेड रंगों से बना है. कंपनी का दावा है कि यूपी के अलावा 10–12 राज्यों में सप्लाई की गई है. अयोध्या, काशी और मथुरा में विशेष मांग आई है. स्थानीय बाजारों में भगवा, गुलाबी, हरा और फिरोजी रंगों की बहार है. पहली बार गुलाल पिचकारी भी उतारी गई है, जिससे सूखे रंगों का प्रयोग बढ़े|  आयोजकों का कहना है कि 68 तीर्थों पर रंगोत्सव सिर्फ उत्सव नहीं, बल्कि सांस्कृतिक पुनर्स्मरण का अवसर है. कई स्थानों पर सुबह शंखनाद, दोपहर में सामूहिक आरती और शाम को दीपदान होगा. मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में भी सीसीटीवी निगरानी और पुलिस-प्रशासन की मौजूदगी के साथ कार्यक्रम तय हैं. प्रशासनिक सूत्र बताते हैं कि सभी जुलूसों के लिए समय-सीमा निर्धारित है, डीजे की ध्वनि-सीमा तय है और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग भी बढ़ाई गई है. अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है |  पुलिस अधीक्षक ने साफ कहा कि होली आपसी भाईचारे का पर्व है. किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें, संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत सूचना दें. अमन कमेटियों ने भी अपील की है कि जुलूस तय रूट और समय पर ही निकलें. संभल इस बार दोहरी परीक्षा से गुजर रहा है एक ओर तीर्थों पर पहली बार सामूहिक रंगोत्सव का रोमांच, दूसरी ओर संवेदनशील पृष्ठभूमि में शांति बनाए रखने की चुनौती. तैयारियों की बारीकी बताती है कि प्रशासन और आयोजक दोनों इसे प्रतिष्ठा का सवाल मान रहे हैं | 

रांची में होली के दिन चटक धूप और गर्मी, मौसम विभाग ने जारी किया ताज़ा पूर्वानुमान

 रांची राजधानी रांची में होलिका दहन की तैयारियां जोरों पर हैं। इस साल होली 4 मार्च को मनाई जाएगी। ऐसे में लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल है कि होली के दिन मौसम कैसा रहेगा। मौसम विभाग ने त्योहार के दिन के लिए साफ और शुष्क मौसम का अनुमान जताया है। राजधानी रांची में 2 मार्च को होलिका दहन किया जा रहा है। इस बार 3 मार्च को चंद्र ग्रहण पड़ने के कारण होली 4 मार्च को मनाई जाएगी। मौसम विभाग के अनुसार, होली के दिन आसमान पूरी तरह साफ रहेगा। अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 15 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। बारिश की कोई संभावना नहीं है, जिससे लोग रंगों का त्योहार खुले दिल से मना सकेंगे। हालांकि दोपहर के समय तेज धूप और गर्मी लोगों को परेशान कर सकती है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को अधिक देर तक धूप में रहने से बचने की सलाह दी गई है। पानी ज्यादा पीने और सिर को ढककर बाहर निकलने की हिदायत दी गई है। इस साल गर्मी सामान्य से ज्यादा पड़ सकती है मार्च के पहले दिन ही रांची का तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया था। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस साल गर्मी सामान्य से ज्यादा पड़ सकती है। फिलहाल मार्च के पहले सप्ताह में मौसम सामान्य रहेगा, लेकिन इसके बाद तापमान तेजी से बढ़ने की संभावना है। अगले एक सप्ताह में राजधानी का तापमान 32 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है। राज्य के कई जिलों में भी तापमान 30 डिग्री से ऊपर दर्ज किया गया है। चाईबासा में तापमान करीब 35 डिग्री तक पहुंच गया। वहीं जमशेदपुर में 35 डिग्री, डाल्टनगंज में 36 डिग्री और बोकारो में 35 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इन जिलों में न्यूनतम तापमान 14 से 18 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। लोगों को सावधान रहने की जरूरत मौसम विभाग का मानना है कि मार्च महीना सामान्य रह सकता है, लेकिन अप्रैल और मई में गर्मी का असर ज्यादा दिखेगा। इस दौरान तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच सकता है और लू चलने की भी आशंका है। विशेषज्ञों का कहना है कि बदलते मौसम और जलवायु परिवर्तन के कारण तापमान में उतार-चढ़ाव बढ़ रहा है। ऐसे में लोगों को अभी से सावधान रहने, पर्याप्त पानी पीने और धूप से बचाव के उपाय अपनाने की जरूरत है।