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एमपी के इस जिले में 30 एकड़ पर निर्माण होगा, 2000 घर और 200 दुकानें मिल गई मंजूरी

 जबलपुर  मध्यप्रदेश के जबलपुर शहर में नर्मदा रोड स्थित तिलहरी क्षेत्र में शहर की पहली सैटेलाइट सिटी विकसित की जाएगी। 30 एकड़ भूमि पर बनने वाले इस प्रोजेक्ट को राजस्व विभाग से मंजूरी मिल चुकी है। निर्माण एजेंसी हाउसिंग बोर्ड की ओर से जमीन के एवज में 11 करोड़ रुपए की राशि पहले ही जमा कराई जा चुकी है। प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, सेटेलाइट सिटी का उद्देश्य एक सुव्यवस्थित और आधुनिक शहर विकसित करना है, जो बेंगलुरु की इलेक्ट्रॉनिक सिटी और गुरुग्राम की तर्ज पर होगा। यहां रेसिडेंशियल, इंडस्ट्रियल और कमर्शियल सभी प्रकार की सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध कराई जाएंगी। शहर को मिलेंगे कई फायदे सेटेलाइट सिटी बनने से शहर में भीड़भाड़ कम होगी और संतुलित विकास को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही रोजगार और औद्योगिक अवसर बढ़ेंगे तथा लोगों को बेहतर और शांत जीवनशैली मिलेगी। अभी यह है स्थिति     2 हजार आवासीय भवन और 200 दुकानों का निर्माण प्रस्तावित     11 करोड़ रुपए हाउसिंग बोर्ड द्वारा राजस्व विभाग को दिए जा चुके     एमआईजी, एलआईजी और ईडब्ल्यूएस श्रेणी के आवास होंगे शामिल     8 गार्डन विकसित कर क्षेत्र को हरित बनाया जाएगा ऐसा होगा स्वरूप – बेहतर सड़क और परिवहन -किफायती से लेकर लग्जरी हाउसिंग -आइटी पार्क, उद्योग और संभावित एसईजेड -उच्चस्तरीय शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं -हरित क्षेत्र, पार्क और ओपन स्पेस स्पोर्ट्स क्लब, क्लब हाउस सेटेलाइट सिटी के लिए जमीन को राजस्व विभाग से मंजूरी मिल गई है। राशि का आवंटन होते ही निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। यहां विशेष इंफ्रास्ट्रक्चर, उद्योग और आवासीय क्षेत्र विकसित किए जाएंगे, साथ ही 8 गार्डन भी बनाए जाएंगे। सुनील उपाध्याय, प्रोजेक्ट प्रभारी, हाउसिंग बोर्ड आधुनिक सुविधाओं से लैस होगी सिटी सेटेलाइट सिटी में बेहतर रोड कनेक्टिविटी के लिए 9 से 12 मीटर चौड़ी सड़कों का निर्माण किया जाएगा। प्रत्येक ब्लॉक में सर्विस एरिया, अंडरग्राउंड पार्किंग और पेयजल, बिजली जैसी सभी यूटिलिटीटी अंडरग्राउंड रहेंगी। कनेक्टिविटी के लिहाज से यह क्षेत्र और भी महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि यहां से रिंग रोड और डुमना एयरपोर्ट तक सीधी और सुगम पहुंच सुनिश्चित की जाएगी। इससे न केवल स्थानीय निवासियों को लाभ मिलेगा, बल्कि बाहरी क्षेत्रों से आने-जाने वालों के लिए भी यह स्थान सुविधाजनक बनेगा। इसके अलावा, क्षेत्र को एक पूर्ण विकसित शहरी क्षेत्र के रूप में तैयार करने के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट की बेहतर व्यवस्था की जाएगी। साथ ही, स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, शॉपिंग मॉल और अन्य आवश्यक सुविधाओं का भी विकास किया जाएगा, ताकि यहां रहने वाले लोगों को सभी सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सकें।

पंजाब में गरीब परिवारों को घर बनाना होगा मुश्किल

समराला. पंजाब के भट्ठा मालिकों ने गुजरात के कांडला पोर्ट पर कब्ज़ा हटाने के लिए केंद्रीय मंत्री को एक मेमोरेंडम दिया है, उनका आरोप है कि वे कोयला माफी से नाखुश हैं। भट्ठा मालिकों का कहना है कि पंजाब के भट्ठा मालिक पहले से ही महंगाई की वजह से अपना बिज़नेस चलाने में बड़ी मुश्किलों का सामना कर रहे हैं और अब कोयला माफिया की वजह से उनके बिज़नेस पर फिर से ताला लगने का खतरा मंडरा रहा है। यह नई समस्या गुजरात के कांडला बंदरगाह पर वहां के कोयला माफिया का कब्ज़ा है। इस कोयला माफिया ने कांडला पोर्ट से पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के भट्ठों को कोयले की सप्लाई रोक दी है, जिसकी वजह से इन राज्यों में ईंट के भट्ठे पिछले 15 दिनों से पूरी तरह से बंद पड़े हैं। इस संबंध में भट्ठा एसोसिएशन लुधियाना की एक मीटिंग प्रधान अश्वनी शर्मा की अध्यक्षता में बुलाई गई। इसमें ऑल इंडिया भट्ठा एसोसिएशन के प्रधान ओम वीर सिंह का धन्यवाद किया गया, जिन्होंने भारत सरकार के कोयला मंत्री से मीटिंग की और उन्हें इस समस्या के बारे में बताया। डेलीगेशन ने कोयला मंत्री को बताया कि कोल माफिया ने मनमाने ढंग से एक कोयले के ट्राले की कीमत 2 लाख रुपये बढ़ा दी है, जो सरासर धक्केशाही है। इससे ईंटें गरीब और मिडिल क्लास परिवारों की पहुंच से दूर हो जाएंगी और उनके लिए घर बनाना बहुत मुश्किल हो जाएगा। कोयला मंत्री ने डेलीगेशन को भरोसा दिलाया कि इस मुद्दे पर रिव्यू किया जाएगा और जल्द से जल्द इसका हल निकाला जाएगा। दिल्ली में बुलाई गई मीटिंग में पंजाब के प्रधान हरमेश सोही हरियाणा, उत्तर प्रदेश द्वारा सांझे तौर पर कहा कि अगर भारत सरकार ने कोल माफिया पर नकेल नहीं कसी तो सभी बिजनेस बंद होने की कगार पर आ जाएंगे, जो सही नहीं होगा। इस मौके पर लाडी कटानी, बब्बू साहनेवाल, हरदीप सोखी जनरल सेक्रेटरी, केवल कृष्ण अरोड़ा, सरबजीत ढिल्लों, प्रितपाल पनेसर, इंद्रजीत मुल्लांपुर, अवतार सिंह मान, हरतेज गरचा, हरपाल सिंह खन्ना, कुलदीप खुल्लर, विनोद खन्ना, कुलवीत पुरी, रविंदर पुरी और अमित घुंगराना ने भी मांग पत्र देने गए डेलीगेशन का पुरजोर समर्थन किया। 

मध्य प्रदेश में सरकारी बंगला खाली नहीं कर रहे अधिकारी और नेता, नोटिस से दी बेदखली की चेतावनी

 भोपाल मध्यप्रदेश में सत्ता तो बदल गई, लेकिन सरकारी बंगलों पर जमे रसूखदार अब तक अपनी कुर्सी छोड़ने को तैयार नहीं थे. अब मोहन सरकार ने साफ संदेश दे दिया है कि पद गया, तो बंगला भी छोड़ना पड़ेगा. नियम सबके लिए बराबर हैं, चाहे वह अपनी ही पार्टी का कितना बड़ा नेता क्यों न हो. पात्रता समाप्त होने के बावजूद सरकारी आवासों पर कब्जा जमाए पूर्व मंत्रियों, पूर्व सांसदों और आईएएस अफसरों के खिलाफ सरकार ने सख़्त रुख अपनाते हुए बंगला खाली करने के नोटिस भेजे हैं. संपदा संचालनालय ने ऐसे सभी नामों पर नोटिस जारी कर दिए हैं, जो सालों से नियमों को ताक पर रखकर सरकारी बंगलों का सुख भोग रहे थे. बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष स्वर्गीय प्रभात झा के परिवार को भोपाल के 74 बंगले क्षेत्र में स्थित बी-टाइप आवास खाली करने के लिए 13 जनवरी तक का नोटिस दिया गया है. नोटिस में दो टूक चेतावनी भी दी गयी है कि समय पर बंगला खाली नहीं हुआ, तो प्रशासन बल प्रयोग कर बेदखली करेगा.  सुधीर कुमार कोचर को दो साल पहले सरकार ने दमोह का कलेक्टर बनाया था। इसके लिए पहले वह मंत्रालय में पदस्थ थे। तब उन्हें भोपाल में शासकीय आवास आवंटित किया गया था, लेकिन अब तक उसे उन्होंने खाली नहीं किया है। जबकि, नियमानुसार अधिकतम छह माह वह इसे रख सकते थे। कोचर इस तरह नियम विरुद्ध तरीके से आवास रखने वाले एक मात्र अधिकारी नहीं हैं। उन जैसे कई अधिकारी हैं। यही स्थिति नेताओं की भी है, जिसमें दिवंगत भाजपा नेता प्रभात झा और पूर्व मंत्री रामपाल सिंह भी हैं। झा के स्वजन को नोटिस देकर सात दिनों में आवास खाली करने के लिए कहा गया है। संपदा संचालनालय के अधिकारियों का कहना है कि भोपाल में सरकारी आवासों की कमी बनी रहती है। इसका बड़ा कारण यह है कि जिन लोगों को एक बार आवास आवंटित हो जाते हैं, वे आसानी से खाली नहीं करते हैं। नियमानुसार अधिकारी का जब यहां से तबादला हो जाता है तो उसे आवास खाली कर देना चाहिए। इसके लिए अधिकतम छह माह का समय दिया जाता है। आमतौर पर इस अवधि में कम ही आवास रिक्त होते हैं, जबकि दूसरे अधिकारी स्थानांतरित होकर आ जाते हैं। इनके लिए आवास की व्यवस्था करने में परेशानी होती है। भोपाल के बाहर पदस्थ हैं, पर बंगला नहीं किया खाली जैसे दमोह कलेक्टर बनाकर सुधीर कुमार कोचर को भेजा गया पर उन्होंने अब तक आवास रिक्त नहीं किया। रत्नाकर झा भी भोपाल के बाहर पदस्थ हैं लेकिन आवास पर कब्जा बना हुआ है। महीप तेजस्वी राजगढ़ कलेक्टर हैं तो सुधीर कुमार शाही सेवानिवृत्त हो चुके हैं। अधिकारियों की तरह नेता भी हैं जो एक बार आवास आवंटित होने के बाद रिक्त नहीं करते हैं। भाजपा नेता प्रभात झा को 74 बंगले में आवास आवंटित हुआ था। उनके निधन के बाद अब भी कब्जा स्वजन के पास है। इसी तरह पूर्व मंत्री रामपाल सिंह विधानसभा चुनाव हार गए लेकिन शिवाजी नगर में आवास रखे हुए हैं। संगठन के कई नेता विधायकों के नाम पर बी और सी श्रेणी के आवास आवंटित कराकर रह रहे हैं। संपदा के सूत्रों का कहना है कि इनमें से कुछ नेताओं को नोटिस देकर आवास खाली करने के लिए कहा गया है। साथ ही यह चेतावनी भी दी है कि यदि आवास खाली नहीं किए जाते हैं तो फिर बल प्रयोग किया जाएगा।

थिएटर भूल जाइए! 230 इंच स्क्रीन के साथ ये प्रोजेक्टर अब 17,887 रुपये में

अपने घर में ही थिएटर का फील मिलना कितना अलग और शानदार एक्पीरियंस होगा। आप भी यह फील पाना चाहते हैं तो अभी अच्छा मौका है। 230 इंच की बड़ी स्क्रीन पर थिएटर जैसा मूवी एक्सपीरिंयस आपको बेहद सस्ते में मिल सकता है। आप 1.25 लाख की सुविधा अभी सिर्फ 17,887 रुपये में पा सकते हैं। इस समय फ्लिपकार्ट प्रीमियम ब्रैंडेड प्रोजेक्टर पर धमाकेदार ऑफर दे रहा है। बड़े पर्दे पर 4K क्वालिटी, जबरदस्त साउंड सपोर्ट और स्मार्ट कनेक्टिविटी के साथ यह डील इतनी बेस्ट है कि मिस करना आपको बहुत भारी पड़ सकता है। अगर आप होम थिएटर सेटअप का सपना देख रहे थे, तो यह मौका आपके लिए परफेक्ट हो सकता है। आइये, पूरी डिटेल नीचे पढ़ते हैं। Boss के प्रोजेक्टर पर मालामाल ऑफर लेटेस्ट फुल एचडी एंड्रॉयड स्मार्ट वाई-फाई और ब्लूटूथ प्रोजेक्टर BOSS S13A अभी बेहद सस्ते में मिल रहा है। बता दें कि इसकी MRP 1,25,000 रुपये है। अभी इस प्रोजेक्टर को 17,887 रुपये में खरीदने का मौका मिल रहा है। हालांकि, यह ऑफर सीमित समय के लिए है। फ्लिपकार्ट पर बिग बैंग दिवाली सेल चल रही है। यह सेल अगले लगभग 12 घंटे में खत्म होने वाली है। इसका मतलब है कि आपके पास यह ऑफर पाने के लिए केवल 12 घंटे 52 मिनट का समय है। इसके बाद यह ऑफर खत्म हो जाएगा। प्रोजेक्टर के फीचर्स यह प्रोजेक्टर 4000 Lumens के साथ 250 इंच तक की स्क्रीन की सुविधा देता है। इसका पिक्सल रेजलूशन 1920X1080P है। इसे रिमोट से कंट्रोल किया जा सकता है। इसमें कनेक्टिविटी के लिए 2 HDMI पोर्ट दिए गए हैं। इसकी अधिकतम प्रोजेक्शन दूरी 25 फीट है। इसका साइज भी काफी बड़ा नहीं है। इसे कहीं भी ले जाया जा सकता है। कम दाम में ये प्रोजेक्टर भी हैं अच्छे ऑप्शन इसके अलावा और भी कई प्रोजेक्टर पर ऑफर्स मिल रहे हैं। अगर आप कम पैसे में अच्छे ऑप्शन देख रहे हैं तो Portronics Beem अच्छा ऑप्शन है। यह फ्लिपकार्ट पर 4,740 रुपये में मिल रहा है। ZEBRONICS Zeb – Pixaplay भी अभी सस्ते में मिल रहा है। 30,999 रुपये वाले इस प्रोजेक्टर को अभी 9,199 रुपये में खरीद सकते हैं। ध्यान रखें कि यह सेल जल्द ही खत्म होने वाली है। आपके पास ऑफर का लाभ उठाने के लिए सीमित समय है। इसके बाद प्रोजेक्टर महंगे हो जाएंगे और आपको अधिक पैसे खर्च करने पड़ेंगे।

उत्तर बस्तर कांकेर में गृह निर्माण मंडल की पहल, वैध और विकसित कॉलोनी में भवन का सुनहरा अवसर

उत्तर बस्तर कांकेर : गृह निर्माण मंडल दे रहा वैध व विकसित कॉलोनी में भवन प्राप्त करने का सुनहरा अवसर उत्तर बस्तर कांकेर मनुष्य की चार मूलभूत आवश्यकताओं में एक है- सुविधायुक्त आवास। कम आय वाले परिवारों को खुद का आवास तैयार करने में काफी परेशानियों और वित्तीय लागत से संबंधित दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मण्डल द्वारा जिले में अटल विहार योजना द्वारा कम लागत में सर्वसुविधायुक्त आवास तैयार कर आम लोगों के सपनों को साकार किया जा रहा है। इसके तहत कांकेर नगर के रामनगर कांकेर में मण्डल द्वारा कॉलोनी विकसित की गई है। छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मण्डल प्रक्षेत्र कोण्डागांव के संपदा अधिकारी ने बताया कि नगरपालिका सीमा क्षेत्र में प्रयास आवासीय विद्यालय के समीप मण्डल द्वारा विकसित एवं राज्य प्रवर्तित अटल विहार योजना रामनगर कांकेर में 354 नग विभिन्न श्रेणियों के भवनों का निर्माण एवं विकास कार्य किया जाना है। योजना के प्रारंभिक चरणों में 216 नग भवनों निर्माण कर विक्रय किया जा चुका है और 33 नग भवनों का निर्माण प्रगति पर है। जिले मे अटल विहार योजना के तहत कॉलोनी विकसित की गई, जो पूर्णताः की ओर है। उन्होंने बताया कि कॉलोनी का विकास कार्य भी पूर्णता की ओर है तथा निर्मित व विक्रित सभी भवनों में आबंटी निवासरत हैं। शेष 105 नग भवनों का निर्माण शीघ्र किया जाएगा, जिसका पंजीयन/बुकिंग जारी है। कांकेर शहर के भीतर विकसित कॉलोनी में भवन क्रय करने का यह अच्छा अवसर है। निर्माण हेतु प्रस्तावित भवनों जिनमें सीनियर एम.आई.जी. का ऑफसेट मूल्य 39.24 से 44.13 लाख के बीच है। इसी प्रकार जूनियर एम.आई.जी. भवनों का ऑफसेट मूल्य 30.35 लाख से 34.83 लाख रूपए है। भवनों की पंजीयन/बुकिंग भवन मूल्य का 10 प्रतिशत है। इसी प्रकार छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मण्डल द्वारा अटल आवास योजना के तहत ग्राम कराठी भानुप्रतापपुर में कॉलोनी विकसित की गई है। योजना के प्रथम चरण में 126 नग अटल आवास भवनों का निर्माण कर विक्रय किया जा चुका है। निर्मित व विक्रित सभी भवनों में आबंटी निवासरत हैं तथा 87 नग ईडब्ल्यूएस भवनों का पंजीयन/बुकिंग जारी है। भानुप्रतापपुर में विकसित कॉलोनी में भवन क्रय करने का यह अच्छा अवसर है। ईडब्ल्यूएस भवन का ऑफसेट मूल्य 6.75 लाख रूपए तथा इसकी धरोहर राशि 25 हजार रूपए निर्धारित है। संपदा अधिकारी ने जानकारी दी है कि भवनों का आबंटन ऑनलाइन ऑफर के माध्यम से स्ववित्तीय आधार पर किया जाएगा। भवन क्रय करने हेतु किसी भी प्रकार की जानकारी हेतु मण्डल की वेबसाइट www.cghb.gov.in टोल फ्री नं. 18001216313 अथवा उपसंभाग कार्यालय इमलीपारा हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी कांकेर में या मोबाइल नं. +91-8109135551, +91-7697192220, +91-9770233073 से संपर्क किया जा सकता है।

ठंडी दही का जादू: सेल्फी पर चमके आपकी स्किन, लोग पूछेंगे ये रहस्य!

आज के समय में सोशल मीडिया पर चमकदार, बेदाग और ग्लोइंग स्किन वाली सेल्फी पोस्ट करना एक ट्रेंड बन चुका है। लेकिन हर बार मेकअप करना या फिल्टर लगाना न तो स्किन के लिए अच्छा है और न ही प्रेक्टिकल अच्छा। ऐसे में अगर कोई आसान, घरेलू और नेचुरल उपाय आपकी त्वचा को तुरंत निखार दे, तो कैसा लगेगा? इसका सबसे असरदार और ठंडक भरा जवाब है – फ्रिज में रखी ठंडी दही। जी हां फ्रिज की ठंडी दही चेहरे पर लाएगी इंस्टेंट निखार और आपकी सेल्फी भी होगी बिल्कुल नेचुरल। तो आइए जानते हैं फ्रिज की ठंडी दही ही क्यों है फ्रिज में रखी दही क्यों है खास? साधारण दही भी फायदेमंद होती है, लेकिन जब यह ठंडी हो, तो इसका असर स्किन पर और भी ज्यादा तेजी से नजर आता है। दही में मौजूद लैक्टिक एसिड त्वचा की डेड स्किन को हटाकर उसे नर्म बनाता है। इसमें विटामिन बी, जिंक, कैल्शियम और एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं, जो स्किन को गहराई से पोषण देते हैं। ठंडक देने वाली दही चेहरे की सूजन, थकान और रैशेज को भी शांत करती है। यही कारण है कि यह इंस्टेंट ग्लो के लिए एक नेचुरल ब्यूटी हैक बन चुकी है। जानें क्या है लगाने का सही तरीका     सबसे पहले चेहरे को हल्के गुनगुने पानी से धोकर साफ कर लें जिससे सारी धूल-मिट्टी हट जाए।     फ्रिज से 2 बड़े चम्मच ताजी दही निकालें।     उंगलियों या फेस ब्रश की मदद से दही को पूरे चेहरे और गर्दन पर लगाएं।     आंखों और होठों के आसपास का हिस्सा छोड़ दें। कितनी देर तक लगाएं रखें इस फेस पैक को 15 से 20 मिनट तक चेहरे पर लगा रहने दें। जब यह थोड़ा सूख जाए और ठंडक महसूस हो, तो गुनगुने या ठंडे पानी से चेहरा धो लें। इसके बाद हल्के हाथों से तौलिए से पोंछ लें। फायदे जो दिखेंगे पहली बार में ही     चेहरा तुरंत साफ, तरोताजा और ग्लोइंग नजर आएगा।     थकी हुई त्वचा में जान आ जाएगी।     ओपन पोर्स टाइट होंगे और पिंपल्स में राहत मिलेगी।     टैनिंग और दाग-धब्बे हल्के लगने लगेंगे।     स्किन नर्म, मुलायम और हेल्दी दिखेगी। नियमित उपयोग से लाभ अगर हफ्ते में 2-3 बार ठंडी दही का फेस मास्क लगाया जाए, तो स्किन का कलर धीरे-धीरे निखरने लगता है। त्वचा गहराई से साफ होती है, डलनेस कम होती है और स्किन की नेचुरल चमक बनी रहती है। ऑयली स्किन वालों के लिए ये दही खास फायदेमंद है, क्योंकि यह त्वचा के एक्स्ट्रा ऑयल को भी कंट्रोल करता है। तो अगली बार जब परफेक्ट सेल्फी की तलाश हो, कैमरे के फिल्टर की जगह अपनाएं फ्रिज की ठंडी दही और पाएं नेचुरल ब्यूटी का बेहतरीन निखार।  

वास्तु टिप्स: आईना कहां लगाएं ताकि घर में आए सकारात्मक ऊर्जा और सौभाग्य

आईना एक जरूरत होने के साथ-साथ घर की शोभा बढ़ाने का भी काम करता है। ऐसे में यदि आप इसको वास्तु नियमों का ध्यान रखते हुए घर में लगाते हैं, तो इससे आपको कई तरह के फायदे देखने को मिल सकते हैं। कहां रखें आईना वास्तु शास्त्र में माना गया है कि शीशे को घर की पूर्व या फिर उत्तर दिशा में रखना चाहिए। ऐसा करने से इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है और धन लाभ के योग बनते हैं। इसके साथ ही आप अच्छे परिणामों के लिए खिड़की या बालकनी के पास भी शीशा लगा सकते हैं। वास्तु के अनुसार, शीशे को कभी भी घर की दक्षिण या फिर पश्चिम दिशा में नहीं रखना चाहिए, ऐसा करने से घर में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ सकती है। यहां न लगाएं शीशा वास्तु शास्त्र के नियमों के अनुसार, बेडरूम में शीशा इस तरह से लगाना चाहिए कि उसमें बिस्तर का प्रतिबिंब न दिखे। क्योंकि इससे वैवाहिक जीवन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। इसके साथ ही घर की रसोई में भी कभी शीशा नहीं लगाना चाहिए, क्योंकि वास्तु शास्त्र में यह माना गया है कि इससे गृह-क्लेश की स्थिति बनने लगती है। वास्तु के अनुसार, शीशे को कभी सीधे बिस्तर या दरवाजे के ठीक सामने भी नहीं लगाना चाहिए। क्योंकि ऐसा करने से सकारात्मक ऊर्जा घर में प्रवेश करने से पहले ही लौट जाती है। न करें ये गलतियां वास्तु शास्त्र में यह माना गया है कि घर में कभी भी टूटा हुआ या धुंधला आईना नहीं रखना चाहिए। इससे दुर्भाग्य आता है और घर में नकारात्मक ऊर्जा का वास बढ़ सकता है। जिससे अशांति का माहौल पैदा हो जाता है। इन नियमों का ध्यान न रखने पर आपको आर्थिक समस्या का भी सामना करना पड़ सकता है। इसलिए हमेशा साफ और चमकदार शीशे का ही इस्तेमाल करें।  

घर बनाने का सपना महंगा बना हुआ, कीमतें कम होने के बावजूद लाभ नहीं

रायपुर केंद्र सरकार ने सीमेंट पर जीएसटी की दर को 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया है. यानी सीमेंट पर जीएसटी की दरें 10 प्रतिशत कम हो गई हैं. राजधानी रायपुर में सीमेंट की कीमत होलसेल में 310-305 रुपए व रिटेल में 320-330 रुपए प्रति बैग थी. जीएसटी दर में कटौती के बाद सीमेंट अब प्रति बैग लगभग 20 से 25 रुपए तक सस्ता होना चाहिए था, लेकिन रिटेलर अभी भी पुरानी कीमत पर ही उपभोक्ताओं को सीमेंट बेच रहे हैं. बताया गया है कि जीएसटी की नई दर लागू होने के बाद सीमेंट कंपनियों ने सीमेंट की कीमत 20 से 25 रुपए तक कम कर दी है, लेकिन रिटेलरों द्वारा अभी भी पुरानी दरों में ग्राहकों को सीमेंट बेचा जा रहा है. इसके चलते आम उपभोक्ताओं को सीमेंट पर जीएसटी दर में कटौती का सीधा लाभ नहीं मिल पा रहा है. निर्माण लागत में कमी सीमेंट की कीमत घटने से ग्रामीण व शहरी इलाके के सभी वर्ग के उपभोक्ताओं को फायदा मिलेगा. वहीं, निर्माण लागत पर सीधा असर पड़ेगा. मकानों की निर्माण लागत में कमी आएगी और आम लोग आसानी से मकान बना पाएंगे. सीमेंट की कीमत में प्रति बैग 20 से 25 रुपए तक की कमी आने से आम उपभोक्ताओं को काफी राहत मिल सकती है.