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झारखंड के जंगल में नक्सली IED विस्फोट, दो ग्रामीणों की गई जान

सिंहभूम झारखंड में पश्चिम सिंहभूम जिले के सारंडा जंगल में एक आईईडी विस्फोट में 2 लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि विस्फोट में मंगलवार रात दो लोग घायल हो गए और जब सुरक्षाबल बुधवार शाम उनके पास पहुंचे तो वे मृत मिले। जेराइकेला थाना प्रभारी अमित कुमार पासवान ने कहा, ''मंगलवार रात अंधेरा होने और जंगल में अन्य आईईडी होने की संभावना के कारण पुलिस तलाशी अभियान नहीं चला सकी। हमने बुधवार सुबह तलाशी शुरू की और शाम तक हमें दोनों शव मिल गए।'' उन्होंने कहा कि मृतकों की पहचान सलाई चेरुवा और उनके चचेरे भाई जय सिंह चेरुवा के रूप में हुई है, जो जेराइकेला थाना क्षेत्र के तिरिलपोसी गांव के निवासी थे। पश्चिम सिंहभूम पुलिस अधीक्षक अमित रेणु ने कहा कि मृतकों के परिजनों को नियमों के अनुसार मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने कहा, ''हमने शव पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवा दिए हैं।'' पुलिस अधीक्षक ने बताया कि दोनों व्यक्ति मंगलवार शाम जलाऊ लकड़ी इकट्ठा करने के लिए जंगल के अंदर गए थे और गलती से माओवादियों द्वारा लगाए गए आईईडी पर पैर रख दिया।  

खेलते समय प्रेशर IED पर रखा पैर, ग्रामीण इलाके में मासूम गंभीर घायल

बीजापुर छत्तीसगढ़ के बीजापुर में एक ग्रामीण बालक नक्सलियों द्वारा प्लांट किए गए IED की चपेट में आ गया. हादसे में बालक गंभीर रूप से घायल हो गया. उसके पैरों में गंभीर चोट आई है. घटना के बाद उसे 222 बटालियन केरिपु कैंप कोरचोली में प्राथिमक उपचार दिया गया और फिर बेहतर इलाज के लिए बीजापुर अस्पताल रवाना किया गया है. जानकारी के मुताबिक, ग्राम कोरचोली नदीपारा निवासी- राम पोटाम, पिता स्व. लच्छु पोटाम, उम्र 15 वर्ष, सुबह-सुबह लेंड्रा–कोरचोली जंगल क्षेत्र की तरफ घूमने गया था. इसी दौरान माओवादियों द्वारा लगाए गए प्रेशर IED की चपेट में आने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया. बता दें, सुरक्षा बलों के जवान लगातार नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सघन सर्चिंग कर माओवादियों द्वारा प्लांट किए गए IED को ढूंढकर निष्क्रिय करने में लगे हुए हैं. ताकि किसी भी ग्रामीण या सुरक्षा बलों को नुकसान न पहुंचे. लेकिन नक्सलियों ने भारी संख्या में जगह-जगह पर IED प्लांट किए हुए हैं, जिसकी चपेट में आकर कई ग्रामीण और जवान घायल हो चुके हैं.

नक्सली हमलों का शिकार बने जानवर भी, IED विस्फोट में घायल हाथी ने तोड़ा दम

चाईबासा झारखंड के सारंडा वन्यजीव अभयारण्य में पिछले सप्ताह कथित तौर पर माओवादियों द्वारा किए गए आईईडी विस्फोट में गंभीर रूप से घायल हुई 10 वर्षीय मादा हाथी की रविवार सुबह मौत हो गई। यह जानकारी वन अधिकारियों ने दी। सारंडा प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) अविरूप सिन्हा ने बताया कि पश्चिमी सिंहभूम जिले के मनोहरपुर थाना क्षेत्र के अंकुआ वन अभ्यारण्य में लगाए गए एक आईईडी पर पैर रखने से हथिनी के दाहिने पैर में गंभीर चोटें आईं। सिन्हा ने बताया कि विभाग को पिछले सोमवार को घायल हाथी के बारे में सूचना मिली थी और उसका इलाज शुरू कर दिया गया था। सिन्हा ने कहा, "सारंडा वन्यजीव अभयारण्य में चाईबासा और ओडिशा के राउरकेला और क्योंझर वन प्रभागों के पशु चिकित्सकों की टीम को तैनात किया गया था। घटनास्थल पर एक मोबाइल पशु चिकित्सा इकाई तैनात की गई थी और वंतारा (गुजरात) से एक विशेषज्ञ टीम भी बचाव और उपचार प्रयासों में शामिल हुई थी।" वन अधिकारी ने बताया, "पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, हाथी की मौत सेप्टीसीमिया के कारण हुई, जिसके कारण उसके कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया।" इस घटना ने क्षेत्र में वन्यजीव सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं, क्योंकि नक्सलियों द्वारा लगाए गए विस्फोटक अब न केवल सुरक्षा बलों के लिए बल्कि वन्यजीवों के लिए भी गंभीर खतरा पैदा कर रहे हैं। वन अधिकारियों ने बताया, "उसे बेहोश कर दिया गया और एंटीबायोटिक्स व दर्द निवारक दवाएं दी गईं। टीम ने कई दिनों तक उसकी देखभाल जारी रखी, लेकिन गंभीर चोटों और संक्रमण के कारण हथिनी की जान नहीं बचाई जा सकी।"