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धमाके से दो दिन पहले रेकी करने वाला संदिग्ध दिल्ली से पकड़ा गया, जालंधर में थ्री-लेयर चेकिंग

जालंधर पंजाब के जालंधर में BSF पंजाब फ्रंटियर मुख्यालय के बाहर 5 मई को हुए धमाके मामले में सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। दिल्ली से एक संदिग्ध को हिरासत में लिया गया है, जिससे CIA और दिल्ली पुलिस की टीमें पूछताछ कर रही हैं। शुरुआती जांच में दावा किया गया है कि आरोपी वारदात से पहले दो दिन तक BSF चौक और आसपास के इलाके की रेकी करता रहा। जांच एजेंसियों के मुताबिक संदिग्ध जालंधर से बस में बैठकर दिल्ली पहुंचा था। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि विस्फोट आरोपी ने खुद किया या उसे किसी अन्य व्यक्ति ने विस्फोटक डिलीवर किया था। हालांकि, पुलिस ने आधिकारिक तौर पर गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की है, लेकिन सूत्रों के अनुसार आरोपी को जालंधर लाकर पूछताछ की जा रही है। CCTV फुटेज से मिला बड़ा सुराग धमाके के तुरंत बाद जालंधर पुलिस को इलाके में लगे CCTV कैमरों से अहम सुराग मिले थे। जांच के दौरान एक युवक धमाके के बाद तेजी से बस स्टैंड की ओर जाते हुए दिखाई दिया था। पुलिस ने बस स्टैंड और रास्ते में लगे कैमरों की फुटेज खंगालकर उसकी मूवमेंट ट्रैक की। दिल्ली में पकड़े गए संदिग्ध से पूछताछ में भी यही जानकारी सामने आई कि वह वारदात के बाद बस से दूसरे शहर गया और फिर दिल्ली में छिप गया। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपी किसी बड़े नेटवर्क से जुड़ा है या नहीं। आरोपी वारदात को अंजाम देने के बाद जालंधर बस स्टैंड पहुंचा था और वहां से दूसरे शहर के लिए बस पकड़ी। बाद में दिल्ली जाकर छिप गया। इस मामले में पुलिस ने भी कोई पुष्टि नहीं की, लेकिन बताया जा रहा है कि आरोपी को जालंधर पुलिस कस्टडी में ले आई है। सूत्रों के हवाले से ये भी बताया गया कि सीआईए स्टाफ जालंधर और दिल्ली पुलिस की टीम ने संयुक्त आपरेशन चलाकर संदिग्ध को पकड़ा। ब्लास्ट में इसकी कितनी भूमिका है, इसके बारे में कुछ भी शेयर नहीं किया गया है। बता दें कि 5 मई को जालंधर के बीएसएफ हेडक्वार्टर के बाहर रात 8 बजे विस्फोट हुआ था। इसमें बीएसएफ से पार्सल लेने आए गढ़ा निवासी गुरप्रीत (21) की स्कूटी जल गई थी। शुरूआती जांच में स्कूटी में विस्फोटक का शक जताया गया था। गुरप्रीत को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। अगले दिन रात को उसे छोड़ दिया गया। जालंधर में धमाके के बाद अमृतसर के आर्मी एरिया खासा में विस्फोट हुआ। इस मामले में अभी तक कोई नहीं पकड़ा जा सका है। 2 दिन तक BSF चौक के आसपास रेकी की थी धमाके के बाद ही जालंधर पुलिस को सीसीटीवी फुटेज से क्लू मिले थे। हालांकि पुलिस ने जांच प्रभावित होने का हवाला देकर कुछ भी जानकारी शेयर करने से मना कर दिया था, लेकिन इतना जरूर पता चला था कि धमाके के बाद एक युवक बस स्टैंड की तरफ भागकर जाता दिखा था। दिल्ली में पकड़े गए संदिग्ध से हुई पूछताछ में भी कुछ ऐसी ही बातें समाने आई है। जांच में पता चला है कि आरोपी ने वारदात को अंजाम देने से पहले 2 दिन तक इलाके की रेकी की थी। धमाके के तुरंत बाद आरोपी फरार हो गया था। पुलिस ने बस स्टैंड और रास्ते में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के जरिए उसकी लोकेशन ट्रेस की है। 5 मई को BSF मुख्यालय के बाहर हुआ था धमाका 5 मई की रात करीब 8 बजे जालंधर स्थित BSF पंजाब फ्रंटियर मुख्यालय के बाहर धमाका हुआ था। घटना के दौरान गढ़ा निवासी 21 वर्षीय गुरप्रीत अपनी स्कूटी पर पार्सल लेने पहुंचा था। विस्फोट में उसकी स्कूटी जलकर क्षतिग्रस्त हो गई थी। शुरुआती जांच में पुलिस को स्कूटी में विस्फोटक होने का संदेह हुआ था, जिसके बाद गुरप्रीत को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। हालांकि, अगले दिन पुलिस ने जांच के बाद उसे छोड़ दिया और बाद में क्लीन चिट दे दी। गुरप्रीत ने बयान में कहा था कि वह केवल पार्सल लेने गया था और उसी दौरान धमाका हो गया। पंजाब के कैंट इलाकों में सुरक्षा कड़ी जालंधर धमाके और अमृतसर के खासा आर्मी एरिया में हुए दूसरे विस्फोट के बाद पंजाब में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। पाकिस्तान सीमा से करीब 550 किलोमीटर लगने वाले पंजाब के सभी कैंटोनमेंट क्षेत्रों में थ्री-लेयर चेकिंग लागू की गई है। जालंधर कैंट, पठानकोट और अन्य सैन्य इलाकों में अब हर वाहन और व्यक्ति की गहन जांच की जा रही है। आर्मी, पंजाब पुलिस और डिफेंस सिक्योरिटी स्टाफ संयुक्त रूप से निगरानी कर रहे हैं। बिना पहचान पत्र किसी भी नागरिक को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही। संसारपुर, कुक्कड़ पिंड और धोगड़ी जैसे इलाकों में भी सुरक्षा बढ़ाई गई है। राज्यसभा सांसद साहनी ने पीड़ित युवक की मदद का ऐलान किया धमाके में स्कूटी खोने वाले डिलीवरी बॉय गुरप्रीत की मदद के लिए राज्यसभा सांसद विक्रमजीत सिंह साहनी आगे आए हैं। उन्होंने गुरप्रीत के पिता कश्मीर सिंह से फोन पर बातचीत कर नई स्कूटी देने का भरोसा दिलाया। सांसद ने कहा कि गुरप्रीत जिस मॉडल की स्कूटी चाहता है, उसकी जानकारी उनके कार्यालय को भेज दी जाए। साहनी ने यह भी कहा कि अगर गुरप्रीत डिलीवरी का काम जारी रखना चाहता है तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। वहीं अगर वह कोई नया कौशल सीखना चाहता है तो उनकी सन फाउंडेशन उसे स्किल ट्रेनिंग भी देगी। इस घोषणा के बाद परिवार ने सांसद का आभार जताया है। पार्सल देने आए युवक को पुलिस ने क्लीन चिट दी घटना के बाद पुलिस ने धमाके में डैमेज स्कूटी मालिक गुरप्रीत को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। एक दिन बाद गुरप्रीत को छोड़ दिया गया था। गुरप्रीत ने पुलिस को बताया था कि वह केवल पार्सल लेने के लिए वहां आया था। इसी दौरान धमाका हो गया। पुलिस ने युवक की गतिविधियों और बयान की जांच के बाद उसे क्लीन चिट दी है। पंजाब के सभी कैंट में थ्री लेयर चेकिंग साढ़े 500 किलोमीटर बॉर्डर शेयर करने वाले पंजाब में अचानक धमाकों के बाद सभी कैंटोनमेंट में सिविलियन की एंट्री पर जांच कड़ी हो गई है। जालंधर, पठानकोट सहित सभी कैंटोनमेंट एरिया … Read more

देश के 4 सपूत शहीद: अंतिम संस्कार में उमड़ा जनसैलाब, हर आंख हुई नम

कांकेर. छत्तीसगढ़ के कांकेर-नारायणपुर बॉर्डर पर शनिवार को IED ब्लास्ट में DRG के 4 जवान शहीद हो गए। DRG की टीम जब छोटेबेठिया थाना क्षेत्र में सर्चिंग अभियान पर निकली थी, तभी यह हादसा हुआ। आज उन चार शहीद जवानों का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ नारायणपुर पुलिस लाइन में किया गया। वीर सपूतों को जब अंतिम विदाई दी गई, तो माहौल गमगीन हो उठा। कैसे हुआ था हादसा ? बता दें कि शनिवार 2 मई को DRG की टीम छोटेबेठिया थाना क्षेत्र में सर्चिंग अभियान पर निकली थी। इस दौरान जवानों को नक्सलियों द्वारा प्लांटेट IED मिला था, जिसे बाहर निकालकर निष्क्रीय किया जा रहा था. तभी IED विस्फोट हो गया। IED की चपेट में आकर 3 जवान इंस्पेक्टर सुखराम वट्टी, कॉन्स्टेबल कृष्णा कोमरा, कॉन्स्टेबल संजय गढपाले घटनास्थल पे शहीद हो गए। वहीं 1 घायल जवान कॉन्स्टेबल परमानंद कोर्राम को एयरलिफ्ट कर रायपुर के देवेंद्र नगर स्थित अस्पताल में लाया गया था, जहां इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई थी। शहीद जवानों को अंतिम विदाई देने उमड़ा जनसैलाब आज रविवार को शहीद जवानों के पार्थिव शरीर को नारायणपुर पुलिस लाइन में लाया गया, जहां तिरंगे में लिपटे शहीद जवानों को अंतिम विदाई देने के लिए जनसैलाब उमड़ पड़ा। सभी शहीदों को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम सलामी दी गई। वहीं पुलिस और सुरक्षा बलों के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर श्रद्धांजलि अर्पित की, जिसके बाद शहीद जवानों को उनके गृह ग्राम के लिए रवाना किया गया। पूरे क्षेत्र में शोक की लहर इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर से बस्तर में नक्सल चुनौती को उजागर किया है। पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है, लेकिन वीर सपूतों इंस्पेक्टर सुखराम वट्टी, कॉन्स्टेबल कृष्णा कोमरा, कॉन्स्टेबल संजय गढपाले और परमानंद कोर्रम की शहादत ने हर दिल में देशभक्ति और सम्मान की भावना को और मजबूत कर दिया है। 

कांकेर में नक्सली हमला: IED विस्फोट में DRG इंस्पेक्टर सहित 3 जवान शहीद, बस्तर IG ने दी जानकारी

कांकेर. छत्तीसगढ़ के कांकेर-नारायणपुर सीमा के आईईडी ब्लास्ट में तीन जवान शहीद हो गए हैं. डीआरजी इंस्पेक्टर सुखराम वट्टी समेत तीन जवान वीरगति को प्राप्त हो गए, जबकि एक घायल जवान का इलाज जारी है. बस्तर आईजी पी. सुन्दराज ने की इसकी पुष्टि की है. छोटेबेठिया थाना इलाके में कांकेर डीआरजी की टीम शनिवार को सर्चिंग के लिए रवाना हुई थी. इस दौरान जवानों को नक्सलियों द्वारा प्लांटेड आईईडी बरामद हुआ, जिसे बाहर निकालने के बाद निष्क्रिय किया जा रहा था. इस दौरान दुखद घटना हुई, आकस्मिक रूप से विस्फोट होने के कारण डीआरजी के 4 जवान घायल हो गए. इसमें 3 जवान इंस्पेक्टर सुखराम वट्टी, कॉन्स्टेबल कृष्णा कोमरा, कॉन्स्टेबल संजय गढपाले घटनास्थल पे शहीद हो गए. वहीं 1 घायल जवान कॉन्स्टेबल परमानंद कोमरा को बेहतर उपचार के लिए व्यवस्था की जा रही है. बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पट्टिलिंगम के अनुसार पिछले कुछ महीनों में आत्मसमर्पित माओवादी कैडरों द्वारा दी गई जानकारी और अन्य इनपुट के आधार पर, माओवादियों द्वारा पूर्व में छिपाकर रखे गए सैकड़ों आईईडी बस्तर रेंज में पुलिस एवं सुरक्षा बलों ने बरामद कर निष्क्रिय किए थे. लेकिन आज की दुर्भाग्यपूर्ण घटना में, जब कांकेर जिला पुलिस दल आईईडी को निष्क्रिय कर रहा था, तभी वह आकस्मिक रूप से विस्फोटित हो गया, जिसके कारण तीन पुलिस बल के सदस्यों की मृत्यु हो गई, जबकि एक पुलिस बल का सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गया.

नक्सल विरोधी ऑपरेशन में बड़ा हादसा, सारंडा में फिर गूंजा IED विस्फोट

पश्चिमी सिंहभूम झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा के घने जंगलों में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान रविवार को बड़ा हादसा हो गया। सर्च ऑपरेशन के समय नक्सलियों द्वारा लगाए गए आईईडी विस्फोट में 209 कोबरा बटालियन के एक अधिकारी गंभीर रूप से घायल हो गए। IED में तेज धमाका जिले के सारंडा जंगल में रविवार को नक्सल विरोधी अभियान के दौरान आईईडी ब्लास्ट हुआ। इस धमाके में 209 कोबरा बटालियन के सहायक कमांडेंट अजय मल्लिक गंभीर रूप से घायल हो गए। जानकारी के अनुसार, सुरक्षा बलों को इलाके में नक्सलियों की मौजूदगी की गुप्त सूचना मिली थी। इसके बाद कोबरा बटालियन और जिला पुलिस की संयुक्त टीम सर्च ऑपरेशन के लिए जंगल में गई थी। टीम जब दुर्गम क्षेत्र में आगे बढ़ रही थी, तभी जमीन में छिपाकर लगाए गए IED में तेज धमाका हो गया। जंगल में सर्च ऑपरेशन और तेज धमाका इतना जोरदार था कि उसकी आवाज दूर तक सुनाई दी। विस्फोट के तुरंत बाद जवानों ने सतर्कता दिखाते हुए पूरे इलाके को घेर लिया। संभावित हमले की आशंका को देखते हुए सुरक्षा बलों ने मोर्चा संभाल लिया और वरिष्ठ अधिकारियों को घटना की जानकारी दी गई। घटना के बाद अतिरिक्त सुरक्षा बलों को मौके पर भेजा गया है। जंगल में सर्च ऑपरेशन और तेज कर दिया गया है। सुरक्षा एजेंसियां इलाके में नक्सलियों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं। जंगल में तलाशी अभियान लगातार जारी गंभीर रूप से घायल सहायक कमांडेंट अजय मल्लिक को बेहतर इलाज के लिए रांची रेफर किया गया है। उन्हें एयरलिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। खेलगांव हेलीपैड पर एंबुलेंस और डॉक्टरों की टीम को अलर्ट पर रखा गया है, जहां से उन्हें सीधे अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है और जंगल में तलाशी अभियान लगातार जारी है।  

बीजापुर: सर्चिंग अभियान के बीच IED ब्लास्ट, STF के घायल जवान को हायर सेंटर रेफर

बीजापुर जिला बीजापुर के दक्षिण क्षेत्र में को संयुक्त सुरक्षा बलों की टीम क्षेत्र प्रभुत्व अभियान पर निकली हुई थी। इस अभियान के दौरान माओवादियों द्वारा लगाए गए एक दबाव विस्फोटक उपकरण में अचानक विस्फोट हो गया। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में विशेष कार्य बल का एक जवान घायल हो गया। यह घटना बीते रविवार की है। जिसके बाद आज जवानों ने अभियान को तेज कर दिया है। जानकारी के अनुसार, संयुक्त टीम क्षेत्र में सघन तलाशी और क्षेत्र प्रभुत्व ड्यूटी पर तैनात थी। इसी दौरान नक्सलियों द्वारा पहले से प्लांट किए गए दबाव विस्फोटक उपकरण पर एक जवान का पैर पड़ गया। पैर पड़ते ही अचानक जोरदार विस्फोट हुआ, जिससे विशेष कार्य बल का एक जवान गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के तुरंत बाद साथ में मौजूद अन्य जवानों ने घायल साथी को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। उसे तत्काल प्राथमिक उपचार भी दिया गया। बाद में बेहतर इलाज के लिए घायल जवान को उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर किया गया है। चिकित्सकों के अनुसार, फिलहाल जवान की हालत स्थिर बताई जा रही है, जो सभी के लिए राहत की बात है। यह घटना सुरक्षाबलों के लिए एक चुनौती पेश करती है। विस्फोट की घटना के बाद सुरक्षाबलों ने तुरंत मोर्चा संभाला और स्थिति को नियंत्रण में लिया। साथ में मौजूद जवानों ने घायल जवान को बिना किसी देरी के सुरक्षित निकालकर प्राथमिक उपचार दिया। उसे शीघ्र ही उच्च चिकित्सा केंद्र भेजा गया ताकि उसे सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा मिल सके। इस कार्यवाही से घायल जवान को समय पर उपचार मिल पाया। सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके में अपना तलाशी अभियान तेज कर दिया है। इस घटना के बाद आसपास के क्षेत्र में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। सुरक्षा बल माओवादियों की संभावित गतिविधियों पर पैनी नजर रख रहे हैं और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए तैयार हैं। क्षेत्र प्रभुत्व अभियान का मुख्य उद्देश्य इलाके में शांति और सुरक्षा स्थापित करना है। माओवादी ऐसी घटनाओं के माध्यम से सुरक्षा बलों के मनोबल को तोड़ने का प्रयास करते हैं, लेकिन सुरक्षा बल अपने कर्तव्यों के प्रति दृढ़ हैं और अभियान जारी रखेंगे।

झारखंड के जंगल में नक्सली IED विस्फोट, दो ग्रामीणों की गई जान

सिंहभूम झारखंड में पश्चिम सिंहभूम जिले के सारंडा जंगल में एक आईईडी विस्फोट में 2 लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि विस्फोट में मंगलवार रात दो लोग घायल हो गए और जब सुरक्षाबल बुधवार शाम उनके पास पहुंचे तो वे मृत मिले। जेराइकेला थाना प्रभारी अमित कुमार पासवान ने कहा, ''मंगलवार रात अंधेरा होने और जंगल में अन्य आईईडी होने की संभावना के कारण पुलिस तलाशी अभियान नहीं चला सकी। हमने बुधवार सुबह तलाशी शुरू की और शाम तक हमें दोनों शव मिल गए।'' उन्होंने कहा कि मृतकों की पहचान सलाई चेरुवा और उनके चचेरे भाई जय सिंह चेरुवा के रूप में हुई है, जो जेराइकेला थाना क्षेत्र के तिरिलपोसी गांव के निवासी थे। पश्चिम सिंहभूम पुलिस अधीक्षक अमित रेणु ने कहा कि मृतकों के परिजनों को नियमों के अनुसार मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने कहा, ''हमने शव पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवा दिए हैं।'' पुलिस अधीक्षक ने बताया कि दोनों व्यक्ति मंगलवार शाम जलाऊ लकड़ी इकट्ठा करने के लिए जंगल के अंदर गए थे और गलती से माओवादियों द्वारा लगाए गए आईईडी पर पैर रख दिया।  

खेलते समय प्रेशर IED पर रखा पैर, ग्रामीण इलाके में मासूम गंभीर घायल

बीजापुर छत्तीसगढ़ के बीजापुर में एक ग्रामीण बालक नक्सलियों द्वारा प्लांट किए गए IED की चपेट में आ गया. हादसे में बालक गंभीर रूप से घायल हो गया. उसके पैरों में गंभीर चोट आई है. घटना के बाद उसे 222 बटालियन केरिपु कैंप कोरचोली में प्राथिमक उपचार दिया गया और फिर बेहतर इलाज के लिए बीजापुर अस्पताल रवाना किया गया है. जानकारी के मुताबिक, ग्राम कोरचोली नदीपारा निवासी- राम पोटाम, पिता स्व. लच्छु पोटाम, उम्र 15 वर्ष, सुबह-सुबह लेंड्रा–कोरचोली जंगल क्षेत्र की तरफ घूमने गया था. इसी दौरान माओवादियों द्वारा लगाए गए प्रेशर IED की चपेट में आने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया. बता दें, सुरक्षा बलों के जवान लगातार नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सघन सर्चिंग कर माओवादियों द्वारा प्लांट किए गए IED को ढूंढकर निष्क्रिय करने में लगे हुए हैं. ताकि किसी भी ग्रामीण या सुरक्षा बलों को नुकसान न पहुंचे. लेकिन नक्सलियों ने भारी संख्या में जगह-जगह पर IED प्लांट किए हुए हैं, जिसकी चपेट में आकर कई ग्रामीण और जवान घायल हो चुके हैं.

नक्सली हमलों का शिकार बने जानवर भी, IED विस्फोट में घायल हाथी ने तोड़ा दम

चाईबासा झारखंड के सारंडा वन्यजीव अभयारण्य में पिछले सप्ताह कथित तौर पर माओवादियों द्वारा किए गए आईईडी विस्फोट में गंभीर रूप से घायल हुई 10 वर्षीय मादा हाथी की रविवार सुबह मौत हो गई। यह जानकारी वन अधिकारियों ने दी। सारंडा प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) अविरूप सिन्हा ने बताया कि पश्चिमी सिंहभूम जिले के मनोहरपुर थाना क्षेत्र के अंकुआ वन अभ्यारण्य में लगाए गए एक आईईडी पर पैर रखने से हथिनी के दाहिने पैर में गंभीर चोटें आईं। सिन्हा ने बताया कि विभाग को पिछले सोमवार को घायल हाथी के बारे में सूचना मिली थी और उसका इलाज शुरू कर दिया गया था। सिन्हा ने कहा, "सारंडा वन्यजीव अभयारण्य में चाईबासा और ओडिशा के राउरकेला और क्योंझर वन प्रभागों के पशु चिकित्सकों की टीम को तैनात किया गया था। घटनास्थल पर एक मोबाइल पशु चिकित्सा इकाई तैनात की गई थी और वंतारा (गुजरात) से एक विशेषज्ञ टीम भी बचाव और उपचार प्रयासों में शामिल हुई थी।" वन अधिकारी ने बताया, "पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, हाथी की मौत सेप्टीसीमिया के कारण हुई, जिसके कारण उसके कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया।" इस घटना ने क्षेत्र में वन्यजीव सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं, क्योंकि नक्सलियों द्वारा लगाए गए विस्फोटक अब न केवल सुरक्षा बलों के लिए बल्कि वन्यजीवों के लिए भी गंभीर खतरा पैदा कर रहे हैं। वन अधिकारियों ने बताया, "उसे बेहोश कर दिया गया और एंटीबायोटिक्स व दर्द निवारक दवाएं दी गईं। टीम ने कई दिनों तक उसकी देखभाल जारी रखी, लेकिन गंभीर चोटों और संक्रमण के कारण हथिनी की जान नहीं बचाई जा सकी।"