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पुलिस ने पकड़ा 43 लाख का अवैध ईंधन, 9 गिरफ्तार

रायपुर पुलिस ने थाना विधानसभा क्षेत्र के रिंग रोड नंबर 03 पर दो यार्डों में छापेमारी कर अवैध रूप से संग्रहित लाखों रुपये कीमत के डीजल और पेट्रोल को जब्त किया है. इस कार्रवाई में 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि दोनों यार्ड के संचालक फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है. 1 अक्टूबर को मिली सूचना के आधार पर रेंज साइबर थाना रायपुर और थाना विधानसभा पुलिस की संयुक्त टीम ने टेकारी चौक और पिरदा चौक स्थित दो यार्डों पर छापेमारी की. टेकारी चौक के यार्ड से 15,300 लीटर पेट्रोल और 31,000 लीटर डीजल, जिसकी कीमत करीब 42,90,000 रुपये है, जब्त किया गया. साथ ही, घटना में प्रयुक्त तीन ट्रक टैंकर, एक चाडी और दो प्लास्टिक पाइप भी बरामद किए गए. इस प्रकरण में रवि यादव, नीरज नेताम उर्फ दउवाराम, शेख कलीमुद्दीन, शैलेन्द्र कुमार उर्फ बिहारी और राज पटेल को गिरफ्तार किया गया. दूसरी कार्रवाई पिरदा चौक के सूरज शाह के यार्ड में की गई, जहां 1,500 लीटर डीजल और 40 लीटर पेट्रोल, जिसकी कीमत लगभग 1,40,000 रुपये है, जब्त किया गया. इस मामले में अखिलेश चौबे, नीरज कुमार, अरविंद गोड और रोहित सरोज को गिरफ्तार किया गया. यहां भी एक ट्रक टैंकर, एक चाडी और दो प्लास्टिक पाइप जब्त किए गए. आरोपियों के पास ज्वलनशील पदार्थों के संग्रहण और बिक्री के लिए कोई वैध दस्तावेज नहीं थे. दोनों मामलों में थाना विधानसभा में अपराध क्रमांक 492/25 और 493/25 के तहत धारा 287 बी.एन.एस. और 3, 7 आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है.वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने कुल 46,840 लीटर डीजल-पेट्रोल, जिसकी अनुमानित कीमत 44,30,000 रुपये है, और घटना में प्रयुक्त वाहनों को जब्त किया.

सरकारी जमीन पर अतिक्रमण: मंत्री का सख्त ऐलान, होगी सख्त कार्रवाई

भोपाल  शहर में शासकीय भूमि पर पक्के स्थायी निर्माण कर लाभ कमाने वाले भूमाफिया तो जेल जाएंगे ही, साथ ही जिन अधिकारियों के संरक्षण में ये पनप रहे हैं वह भी नपेंगे।पिछले दिनों कोकता ट्रांसपोर्ट नगर और हथाईखेड़ा डैम के आसपास स्थित पशुपालन विभाग की 99 एकड़ जमीन के सीमांकन में 80 से अधिक पक्के अतिक्रमण मिले थे। यदि समय रहते विभाग सीमांकन करवाता और प्रशासन, नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारी खसरा, खतौनी, बंटान आदि दस्तावेजों की जांच करवाते तो करोड़ों की जमीन पर कब्जे नहीं होते।ऐसे में इन अवैध कब्जों के लिए SDM, तहसीलदार, आरआइ, पटवारी सहित अन्य अधिकारी भी जिम्मेदार हैं। अब उनकी जांच होनी चाहिए और दोष सिद्ध होने पर कार्रवाई की जानी चाहिए। यह बात प्रदेश के पशुपालन मंत्री लखन पटेल और भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने कही है। गोविंदपुरा तहसीलदार सौरभ वर्मा की टीम द्वारा पशुपालन विभाग की 99 एकड़ जमीन का सीमांकन किया गया तो यहां पर करीब सात एकड़ से अधिक जमीन पर अतिक्रमण निकला।इसमें नगर निगम की 50 दुकानें, एसटीपी प्लांट आदि भी विभाग की जमीन पर बनाए गए हैं। ये दुकानें तत्कालीन निगमायुक्त केवीएस चौधरी कोलसानी के समय पर बनवाई गईं थीं। तब तत्कालीन भोपाल कलेक्टर अविनाश लवानिया थे और प्रशासन ने सीमांकन कर जमीन नगर निगम को सौंपी थीं। विभाग की जमीन पर निगम की दुकानें आने के बाद से सवाल खड़े हो रहे हैं कि रिकार्ड में जब पशुपालन का रकबा था तो आरआइ, पटवारी ने किस आधार पर यह जमीन निगम की बता दी। ऐसे में अब दोनों विभागों के बीच नोकझोंक की स्थिति बनी हुई है। यही कारण है कि पशुपालन विभाग ने जिला प्रशासन को जमीन अतिक्रमणमुक्त करवाकर सौंपने के लिए कहा है। सभी अतिक्रमणकारियों को जारी होंगे नोटिस विभाग की जमीन पर पेट्रोल पंप, स्कूल, रिसार्ट, शादी हाल, फार्म हाउस, 20 मकान, 50 दुकान, एसटीपी प्लांट, डायमंड सिटी, कोर्टयार्ड प्राइम, कोर्टयार्ड कस्तूरी, राजधानी परिसर आदि का अतिक्रमण है। इन सभी को तहसीलदार द्वारा संभवत: प्रकरण बनाकर सोमवार से नोटिस जारी किए जाएंगे। नोटिस सीमा के दौरान यदि ठोस दस्तावेज न्यायालय में नहीं दिए गए तो पक्के निर्माणों को तोड़ने की कार्रवाई प्रशासन द्वारा की जाएगी। निगम की 100 एकड़ से ज्यादा जमीन तत्कालीन निगमायुक्त केवीएस चौधरी कोलसानी ने बताया कि मेरे समय दुकानों का निर्माण कराया गया था, यह निगम की जमीन है। इसी से लगी हुई पशुपालन विभाग की जमीन है। अब सीमांकन में दुकानें उनकी जमीन में बताई गई हैं जो समझ नहीं आ रहा है। कोकता ट्रांसपोर्ट नगर में नगर निगम भोपाल के पास 100 एकड़ से अधिक जमीन और कई दुकानें हैं। आलोक शर्मा (भाजपा सांसद) ने कहा, वर्जन राजधानी में शासकीय जमीनों पर भूमाफिया ने जमकर कब्जे किए हैं और यह एक दो नहीं बल्कि 50 से 100 एकड़ में कब्जे हैं। मछली हो या मगरमच्छ सभी के कब्जे से शासकीय भूमि मुक्त करवाई जाएगी। वहीं, जिन एसडीएम, तहसीलदार, आरआइ, पटवारी के रहते यह सब अतिक्रमण हुए हैं, उनकी जांच होनी चाहिए और उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। लखन पटेल (राज्यमंत्री, पशुपालन एवं डेयरी विभाग) ने बताया, कोकता ट्रांसपोर्ट नगर के पास स्थित पशुपालन विभाग की जमीन का सीमांकन पूरा कर लिया गया है। मुझे जानकारी मिली है यहां पर लोगों ने अतिक्रमण किए हैं। उनके दस्तावेज तक बनाए गए हैं। सभी बिंदुओं पर जांच कराई जा रही है। भूमाफिया पर कार्रवाई होगी, साथ ही अधिकारियों पर भी सख्ती बरती जाएगी।