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भारत ने अफगानिस्तान को हराया, लेकिन चर्चा में रहा रोहित-गिल का रनआउट मोमेंट

धर्मशाला भारत ने अफगानिस्तान के खिलाफ धर्मशाला वनडे में भले ही सात विकेट से आसान जीत दर्ज कर ली हो, लेकिन मैच के बाद सबसे ज्यादा चर्चा रोहित शर्मा के रन आउट और उस पर कप्तान शुभमन गिल के रिएक्शन की रही. धर्मशाला में हुए इस मुकाबले के दौरान एक छोटी सी गलतफहमी ने 'हिटमैन' की पारी का अंत कर दिया था. मैच के बाद गिल ने इस पूरे मामले पर मुस्कुराते हुए ऐसा जवाब दिया, जिसने माहौल हल्का कर दिया. बारिश से प्रभावित 25-25 ओवर के मुकाबले में अफगानिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 194 रन बनाए. जवाब में भारतीय टीम ने कप्तान शुभमन गिल की नाबाद 84 रनों की शानदार पारी के दम पर लक्ष्य को 13 गेंद शेष रहते हासिल कर लिया. गिल को उनके बेहतरीन प्रदर्शन के लिए 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया. भारत की पारी के छठे ओवर में यह घटना हुई. अफगानिस्तान के युवा स्पिनर अल्लाह गजनफर की गेंद को रोहित शर्मा ने मिडविकेट की ओर खेला और तेजी से रन लेने के लिए दौड़ पड़े. शुभमन गिल ने भी शुरुआत में रन लेने की हामी भरी, लेकिन कुछ कदम आगे बढ़ने के बाद अचानक रुक गए और रोहित को वापस भेज दिया. तब तक रोहित काफी आगे निकल चुके थे. अफगानिस्तान के खिलाड़ियों ने तुरंत मौका भुनाया और राशिद खान के थ्रो पर विकेटकीपर ने गिल्लियां बिखेर दीं. रोहित 16 रन बनाकर रन आउट हो गए. आउट होने के बाद उनके चेहरे पर निराशा साफ दिखाई दे रही थी. वह रिप्ले का इंतजार किए बिना सीधे पवेलियन लौट गए. पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन के दौरान जब शुभमन गिल से पूछा गया कि क्या उन्होंने इस रनआउट को लेकर रोहित शर्मा से बात की, तो भारतीय कप्तान ने हंसते हुए जवाब दिया. गिल ने कहा, 'मुझे पता है कि उन्होंने रिप्ले देख लिया था. उन्होंने कहा कि कोई बात नहीं, सब ठीक है. अफगानिस्तान के खिलाफ खेले गए पिछले टी20 मैच में भी वह रन आउट हुए थे.' शुभमन गिल के इस जवाब ने सभी को हंसा दिया और यह संकेत भी दिया कि ड्रेसिंग रूम में इस घटना को लेकर कोई तनाव नहीं है. मैच के बारे में बात करते हुए गिल ने अफगानिस्तान के सलामी बल्लेबाज रहमानुल्लाह गुरबाज की भी जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा, 'यह मुकाबला किसी टी20 मैच जैसा था. एक समय ऐसा लगा कि गुरबाज मैच को हमसे दूर ले जाएंगे. उन्होंने शानदार बल्लेबाजी की, लेकिन हमारे गेंदबाजों ने बेहतरीन वापसी की.' गुरबाज ने सिर्फ 51 गेंदों में 102 रनों की विस्फोटक पारी खेली और अफगानिस्तान को एक समय मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया था. भारत की जीत में डेब्यूटेंट खिलाड़ियों गुरनूर बरार और हर्ष दुबे का भी अहम योगदान रहा. दोनों गेंदबाजों ने तीन-तीन विकेट लेकर अफगानिस्तान की पारी को बड़ा स्कोर बनाने से रोक दिया. शुभमन गिल ने दोनों खिलाड़ियों की तारीफ करते हुए कहा कि गुरनूर ने नई गेंद और डेथ ओवरों में शानदार नियंत्रण दिखाया, जबकि हर्ष दुबे ने पहले ओवर में महंगे साबित होने के बावजूद शानदार वापसी की.

आशीष तानी पूर्ति की हैट्रिक से भारत बना चैंपियन, जापान को फाइनल में करारी शिकस्त

जापान  भारत ने अंडर-18 हॉकी पुरुष एशिया कप 2026 का खिताब अपने नाम कर लिया है। फाइनल में भारत के सामने डिफेंडिंग चैंपियन जापान की चुनौती थी। इस टूर्नामेंट में जापान की टीम अभी तक अजेय थी। उसने पूल राउंड में भारत को भी हराया था। टीम इंडिया ने कावासाकी हेवी इंडस्ट्रीज हॉकी स्टेडियम में मेजबानों को कोई मौका नहीं दिया और 4-1 से जीत हासिल की। इस जीत के साथ ही भारत टूर्नामेंट के इतिहास का सबसे सफल देश बन गया है। टीम की यह तीसरी ट्रॉफी है। पाकिस्तान ने दो बार खिताब जीता है। भारत ने दूसरे मिनट में ही गोल दागा मलेशिया को सेमीफाइनल में 8-1 से हराने वाली जापानी टीम फाइनल में कमाल नहीं कर पाई। मैच के दूसरे ही मिनट में भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिला। आशीष तानी पूर्ति ने इसपर गोल करके टीम को बढ़त दिला दी। दूसरे क्वार्टर के अंत में 28वें मिनट में आशीष ने भारत की तरफ से दूसरा गोल किया। 30वें मिनट में केतन कुशवाहा ने फील्ड गोल करके अंतर 3-0 कर दिया। आशीष तानी पूर्ति ने लगाई हैट्रिक तीसरे क्वार्टर के चौथे मिनट में आशीष ने भारत के लिए एक और गोल किया। इसके साथ ही उनका हैट्रिक पूरा हुआ और टीम की बढ़त 4-0 की हो गई। जापान की तरफ से नुमादा गाकू ने पेनल्टी कॉर्नर से 52वें मिनट में गोल किया। भारत ने इसके अलावा मेजबान टीम को कोई मौका नहीं दिया और मैच को 4-1 से अपने नाम करके खिताब जीत लिया। आशीष हाईएस्ट गोल स्कोरर रहे आशीष तानी पूर्ति ने इस टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा 13 गोल दागे। भारत के केतन कुशवाहा और साउथ कोरिया के यूं जेह्योक 8-8 गोल के साथ दूसरे नंबर पर रहे। फाइनल मुकाबले में भारत को तीन पेनल्टी कॉर्नर मिले। तीनों पर ही आशीष ने गोल दागे। वहीं जापान को चार पेनल्टी कॉर्नर मिले लेकिन टीम इंडिया ने उन्हें सिर्फ एक ही गोल दागने दिया।