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हैदराबाद एयरपोर्ट हाई अलर्ट पर, तीन अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस को मिली बम से उड़ाने की धमकी

हैदराबाद  हैदराबाद के शमशाबाद स्थित राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक साथ तीन विमानों को बम से उड़ाने की धमकी दी गई. ई-मेल के जरिए यह धमकी केरल के कन्नूर से हैदराबाद आ रही इंडिगो एयरलाइंस की फ्लाइट 6E-7178, जर्मनी के फ्रैंकफर्ट से हैदराबाद आ रही लुफ्थांसा की फ्लाइट LH-752 और लंदन से हैदराबाद आ रही ब्रिटिश एयरवेज की उड़ान को लेकर दी गई. जैसे ही यह सूचना एयरपोर्ट अधिकारियों को मिली, तुरंत आपातकालीन सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू कर दिए गए. तीनों विमानों को पूरी सतर्कता के साथ सुरक्षित रूप से शमशाबाद एयरपोर्ट पर उतारा गया. लैंडिंग के तुरंत बाद सभी यात्रियों को विमानों से उतारकर सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया. सबसे पहले यात्रियों को आइसोलेशन एरिया में शिफ्ट किया गया, ताकि किसी भी संभावित खतरे से उन्हें दूर रखा जा सके. इस दौरान एयरपोर्ट पर भारी संख्या में सुरक्षा बल, सीआईएसएफ, स्थानीय पुलिस और बम स्क्वॉड की टीमें तैनात रहीं. सुरक्षा एजेंसियों ने तीनों विमानों की गहन तलाशी शुरू की. बम निरोधक दस्ते और स्निफर डॉग्स की मदद से यात्रियों के सामान, कार्गो एरिया और विमान के हर हिस्से की बारीकी से जांच की गई. अधिकारियों का कहना है कि अब तक किसी भी विमान से कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है, लेकिन एहतियातन जांच प्रक्रिया जारी रखी गई है. धमकी देने वाले ई-मेल की भी साइबर एजेंसियों के जरिए जांच की जा रही है, ताकि इसके पीछे किसकी साजिश है, इसका पता लगाया जा सके. एयरपोर्ट प्रशासन ने यात्रियों को भरोसा दिलाया कि उनकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी तरह का जोखिम नहीं लिया जा रहा है. इस घटना के चलते कुछ देर के लिए एयरपोर्ट पर परिचालन प्रभावित रहा और कई उड़ानों में देरी भी हुई. फिलहाल स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में बताई जा रही है और जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.

इंडिगो में उड़ान संकट: पायलटों ने प्रबंधन की बदइंतजामी पर उठाए सवाल

नई दिल्ली देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो इन दिनों बड़े परिचालन संकट से जूझ रही है। इसी बीच सोशल मीडिया पर इंडिगो पायलटों का एक कथित ओपन लेटर आया है, जिसमें सीईओ पीटर एल्बर्स समेत कई शीर्ष अधिकारियों पर एयरलाइन को डूबने की कगार पर पहुंचाने का आरोप लगाया गया है। यह पत्र किसी अनाम कर्मचारी द्वारा लिखा दावा किया गया है, जो खुद को वर्षों से इंडिगो की अंदरूनी स्थिति का गवाह बताता है। पत्र में कहा गया है कि इंडिगो एक दिन में नहीं गिरी, यह गिरावट कई वर्षों से बन रही थी। क्या कहा गया है इस खुले पत्र में? कथित खुले पत्र की शुरुआत 2006 में इंडिगो की स्थापना के जिक्र से होती है। लेखक का दावा है कि वर्षों के साथ कंपनी की शुरुआती ग्रोथ लालच में और गौरव अहंकार में बदल गई। पत्र के अनुसार, एयरलाइन की बदहाली की जड़ वहीं से शुरू हुई, जब प्रबंधन ने अनुभव और योग्यता की अनदेखी करते हुए ऐसे लोगों को बड़े पद सौंप दिए, जिनके पास न विशेषज्ञता थी और न ही संचालन की समझ। पत्र में आगे कहा गया है कि पायलटों और कर्मचारियों की थकान, सुरक्षा और ड्यूटी नियमों को लगातार नज़रअंदाज़ किया गया। थकान और ओवरवर्किंग पर आपत्ति जताने वाले कई पायलटों को दफ्तर में बुलाकर डांटा, डराया और अपमानित किया गया। हालात यह तक पहुंच गए कि बिना किसी अतिरिक्त वेतन के नाइट ड्यूटी, शिफ्ट और काम का बोझ कई गुना बढ़ा दिया गया। कथित कर्मचारी के अनुसार, स्टाफ से अपमानजनक भाषा में कहा गया आप नौकरी पाकर खुश रहिए… भिखारी चुन नहीं सकते। पत्र में आरोप है कि समय के साथ एयरलाइन में एक ऐसा टॉक्सिक वर्ककल्चर विकसित हुआ जिसमें टैलेंट से ज्यादा टाइटल और पदों की चमक को महत्व दिया जाने लगा। यह पूरा विवरण इस बात की ओर इशारा करता है कि इंडिगो के अंदर कथित तौर पर वर्षों से असंतोष, अव्यवस्था और कर्मचारियों में बढ़ती थकान को नजरअंदाज किया गया, जिसका असर अब परिचालन संकट के रूप में सामने आ रहा है। किन अधिकारियों को जिम्मेदार बताया गया? कथित ओपन लेटर में इंडिगो के प्रबंधन स्तर पर आठ शीर्ष अधिकारियों को मौजूदा संकट के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है। सूची में सबसे ऊपर CEO पीटर एल्बर्स का नाम है, जिन पर आरोप लगाया गया है कि संकट के दौरान वे अपने मूल देश नीदरलैंड में छुट्टी पर थे। पत्र में जिन अन्य अधिकारियों को संकट का कारण बताया गया है, उनमें जेसन हर्टर, अदिति कुमारी, तपस डे, राहुल पाटिल, इसिडोर पोरक्वेरास (COO), असीम मित्रा (SVP फ्लाइट ऑपरेशंस) और अक्षय मोहन शामिल हैं। पत्र का दावा है कि इन अधिकारियों के निर्णय, आंतरिक अव्यवस्था और कथित बदइंतजामी ने मिलकर स्थिति को उस स्तर पर पहुंचाया, जहां एयरलाइन पिछले एक सप्ताह से परिचालन संकट झेल रही है।

हवाई किराए में मनमानी पर ब्रेक, इंडिगो संकट के बीच सरकार ने लागू किया कैप

नई दिल्ली इंडिगो संकट के कारण सैकड़ों की संख्या में उड़ानें प्रभावित हुई हैं. इस बीच, कई एयरलाइंस द्वारा हवाई किरायों में जबरदस्त बढ़ोतरी किए जाने पर उड्डयन मंत्रालय ने बड़ा कदम उठाया है. मंत्रालय ने सभी प्रभावित रूटों पर फेयर कैप लागू कर दिया है, ताकि एअरलाइंस किसी भी तरह की मनमानी या मौकापरस्ती वाली कीमत ना वसूल सकें. इसके साथ ही नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने इंडिगो को निर्देश दिया कि सभी पेंडिंग यात्री रिफंड बिना देरी के निपटाए जाएं. दरअसल, परिचालन गड़बड़ियों के चलते इंडिगो की कई उड़ानें रद्द या देरी से चल रही हैं. इससे यात्रियों की मांग बढ़ी है और कुछ एअरलाइंस ने कई रूटों पर अत्यधिक किराये वसूलने शुरू कर दिए. इस पर उड्डयन मंत्रालय ने संज्ञान लेते हुए तुरंत हस्तक्षेप किया है. मंत्रालय ने साफ कहा है कि किसी भी परिस्थिति में यात्रियों से मनमानी या अवसरवादी तरीके से किराया वसूलना स्वीकार नहीं किया जाएगा. मंत्रालय ने अपने नियामकीय अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए सभी प्रभावित रूटों पर फेयर कैप लागू कर दिया है. इसके तहत एअरलाइंस को तय अधिकतम सीमा से ऊपर किराया लेने की अनुमति नहीं होगी. मंत्रालय ने सभी एअरलाइंस को इसके लिए आधिकारिक निर्देश जारी कर दिए हैं. आदेश में कहा गया है कि एअरलाइंस को बिना किसी अपवाद के तय किए गए फेयर कैप का कड़ाई से पालन करना होगा. मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि ये किराया सीमा स्थिति पूरी तरह स्थिर होने तक लागू रहेगी. MoCA का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य मार्केट में मूल्य अनुशासन बनाए रखना, संकट में फंसे यात्रियों के शोषण को रोकना और उन नागरिकों को राहत देना है जिन्हें तुरंत यात्रा करनी पड़ती है. जैसे वरिष्ठ नागरिक, छात्र, और मरीज. मंत्रालय ने कहा कि इन वर्गों को भारी किराया वसूली के कारण आर्थिक बोझ में नहीं धकेला जा सकता. उड्डयन मंत्रालय रियल टाइम डेटा के आधार पर किरायों की निगरानी कर रहा है. इसके अलावा एयरलाइंस और ऑनलाइन ट्रैवल प्लेटफॉर्म्स के साथ लगातार समन्वय भी किया जा रहा है ताकि किसी भी तरह की अनियमितता पर तुरंत कार्रवाई की जा सके. मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि तय मानकों से किसी भी प्रकार की गड़बड़ी होने पर तुरंत सुधारात्मक कार्रवाई की जाएगी.

DGCA ने रोस्टर नियमों में ढील देकर सुलझाया IndiGo विवाद, कंपनी की गलती से देशभर में मचा था हाहाकार

 नई दिल्ली  इंडिगो को डीजीसीए ने FDTL (फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशंस) मानदंडों के कुछ प्रावधानों से 10 फरवरी 2026 तक के लिए अस्थायी एकमुश्त छूट दी है. यह छूट रात की ड्यूटी (0000-0500) और रात की ड्यूटी को अव्यवस्थित करने वाले ऑपरेशन से संबंधित मामलों पर दी गई है. इंडिगो ने कहा है कि 5 दिसंबर 2025 को दिल्ली एयरपोर्ट (DEL) से प्रस्थान करने वाली उसकी सभी डोमेस्टिक फ्लाइट्स रात 11:59 बजे तक रद्द रहेंगी. एयरलाइन ने प्रभावित ग्राहकों और हितधारकों से माफी मांगी है. डीजीसीए ने सभी पायलट एसोसिएशन्स से सहयोग करने की गुजारिश की है.  DGCA ने क्या कहा DGCA ने अपने नोटिफिकेशन में कहा कि मौजूदा हालात और एयरलाइंस की तरफ से ऑपरेशन्स को स्थिर रखने की मांग को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। नोटिफिकेशन में साफ लिखा गया, ‘चल रहे ऑपरेशनल डिसरप्शन और एयरलाइंस से मिली अपीलों को देखते हुए यह निर्देश कि साप्ताहिक आराम की जगह कोई छुट्टी नहीं दी जा सकती। तुरंत प्रभाव से वापस लिया जाता है।’ इंडिगो की उड़ानें धड़ाधड़ रुकने लगीं इंडिगो ने कहा कि अप्रत्याशित घटनाओं से उसके कस्टमर्स प्रभावित हुए हैं. एयरलाइन प्रभावित ग्राहकों को जलपान (Refreshments), उनकी पसंद के मुताबिक अगले उपलब्ध फ्लाइट ऑप्शन, होटल आवास और सामान (Luggage) फिर से प्राप्त करने में सहायता दे रही है. लागू होने पर उन्हें पूरा रिफंड भी दिया जा रहा है. एयरलाइन ने आज दिल्ली से उड़ान भरने वाले सभी यात्रियों से लगेज कलेक्शन के लिए दिल्ली एयरपोर्ट पर ग्राउंड स्टाफ से संपर्क करने की गुजारिश की है. बता दें कि FDTL नियमों के लागू होते ही इंडिगो की उड़ानें धड़ाधड़ रुकने लगी थीं। इन नियमों के तहत पायलटों की साप्ताहिक आराम अवधि 36 घंटे से बढ़ाकर 48 घंटे कर दी गई है। रात की ड्यूटी का समय अब रात 12 बजे से सुबह 6 बजे तक माना जाएगा, और पायलट अब हफ्ते में सिर्फ 2 नाइट लैंडिंग ही कर सकते हैं, जबकि पहले यह सीमा 6 थी। लगातार दो नाइट ड्यूटी से भी रोक लगा दी गई है। साथ ही, 00:00–06:00 के बीच आने वाली उड़ानों की अधिकतम फ्लाइट टाइम सीमा 8 घंटे तय हुई है। चूंकि इंडिगो का बिजनेस मॉडल हाई-फ्रीक्वेंसी और रेड-आई फ्लाइट्स पर चलता है, ऐसे में अचानक क्रू की उपलब्धता बुरी तरह प्रभावित हुई। FDTL नियमों में क्या बदला गया?     पायलटों की साप्ताहिक अनिवार्य आराम अवधि 36 घंटे से बढ़ाकर 48 घंटे कर दी गई।     नाइट ड्यूटी की परिभाषा बढ़ाकर अब रात 12 से सुबह 6 बजे तक कर दी गई।     पायलट अब हफ्ते में केवल 2 नाइट लैंडिंग ही कर पाएंगे (पहले यह संख्या 6 थी)।     नाइट ड्यूटी में पायलट की अधिकतम उड़ान अवधि में भी कटौती की गई है। इन बदलावों ने पायलटों की उपलब्धता को सीधे प्रभावित किया, जिससे शेड्यूल गड़बड़ा गया और बड़ी संख्या में फ्लाइट कैंसिल या लेट होने लगीं। ये भी हैं दिक्कतें किस लिए मिली है छूट? डीजीसीए ने बताया कि यह छूट सिर्फ फ्लाइट ऑपरेशन को पटरी पर लाने के लिए दी गई है. इसे सुरक्षा आवश्यकताओं में कमी नहीं समझा जाएगा. इंडिगो ने कहा कि परिचालन संबंधी चुनौतियां मुख्य रूप से संशोधित फेज-II FDTL सीमाओं के कारण उत्पन्न हुईं. क्रू प्लानिंग और रोस्टरिंग की तैयारी अपर्याप्त थी, जिसकी वजह से बड़े स्तर पर दिक्कतें सामने आईं.  डीजीसीए ने कहा कि यात्रियों को हुई असुविधा के लिए प्राथमिक जवाबदेही ऑपरेटर्स की है. ऑपरेटर ने जरूरी मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए आने वाले दिनों में क्रू की भर्ती का संकेत दिया है. डीजीसीए की पायलटों से खास अपील डीजीसीए ने पायलटों से सहयोग करने की गुजारिश की है, क्योंकि इंडिगो से जुड़े चल रही परेशानियों की वजह से हवाई यात्रा से जुड़ा तनाव बढ़ रहा है. डीजीसीए ने कहा की यात्रा ज्यादा होने और शादी के सीजन से पहले यात्रियों की तादाद में बढ़ोतरी होने वाली है. डीजीसीए ने बेहतर ऑपरेशन, कम देरी और रद्दीकरण का आह्वान किया है. पत्र में पायलटों और एयरलाइनों के बीच कोऑर्डिनेशन की जरूरत पर जोर दिया गया है. डीजीसीए ने साफ किया है कि यह छूट 10 फरवरी 2026 तक वैध रहेगी और परिचालन डेटा और अनुपालन रिपोर्टों के आधार पर हर 15 दिनों में अनिवार्य समीक्षा के अधीन रहेगी. विमानन नियामक (Aviation Regulator) ने यात्री सुरक्षा और FDTL CAR के लागू करने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है. डीजीसीए ने कहा कि स्टेबल फ्लाइंग ऑपरेशन सुनिश्चित करने के लिए पायलटों का समर्थन अहम है और उनका मुख्य मकसद यात्रियों को होने वाली असुविधा से बचना है. इससे पहले Airbus A320 के सॉफ्टवेयर एडवाइजरी ने दिक्कतें बढ़ा दी थीं। वीकेंड पर टेक्निकल अपडेट के कारण उड़ानें लेट हुईं। देर से उतरने या उड़ान भरने का सीधा मतलब था कि कई पायलटों की ड्यूटी नाइट विंडो में चली गई। नतीजतन, सोमवार से FDTL लागू होने पर बहुत-से क्रू मेंबर ऑटोमैटिकली अनिवार्य रेस्ट पीरियड में चले गए। इतनी बड़ी संख्या में क्रू अचानक उपलब्ध न होने से पूरा शेड्यूल चरमरा गया। विंटर शेड्यूल 26 अक्टूबर से शुरू हुआ था, जिससे फ्लाइट्स की संख्या और बढ़ी और परेशानी भी। इंडिगो ने क्या गलत किया? अब सवाल है—इंडिगो ने क्या गलत किया? तो बता दें एयरलाइन पिछले कई दिनों से 50% से कम ऑन-टाइम परफॉर्मेंस दिखा रही थी, यात्रियों की शिकायतें बढ़ रहीं थीं, ग्राउंड स्टाफ तक कह रहा था कि 'पायलट उपलब्ध नहीं हैं।' यानी संकट साफ दिख रहा था, फिर भी कंपनी ने समय रहते फ्लाइट्स को घटाया नहीं या क्रू प्लानिंग नहीं सुधारी। एक्सपर्ट कहते हैं कि DGCA को भी विंटर शेड्यूल में अतिरिक्त उड़ानों की मंजूरी देते वक्त नए FDTL नियमों का असर ध्यान में रखना चाहिए था। कई लोग इसे ‘स्टेज मैनेज्ड’ स्थिति मान रहे हैं, लेकिन एक लिस्टेड कंपनी अपनी साख दांव पर लगाने का जोखिम नहीं लेती। असलियत यही लगती है- एक सिस्टमेटिक फेल्योर, जिसके लिए अब तुरंत सुधारात्मक कदम जरूरी हैं, वरना हालात और बिगड़ सकते हैं। IndiGo की सेवाएं कब होंगी सामान्य? इंडिगो ने अपने आधिकारिक बयान में कहा है कि अगले 48 घंटों में संचालन सामान्य होने लगेगा। कंपनी का कहना है कि उसकी टीमें चौबीसों घंटे काम कर रही हैं ताकि यात्रियों … Read more

इंडिगो की फ्लाइट्स कैंसिल होने से मुंबई-हैदराबाद सहित कई एयरपोर्ट्स पर पड़ा असर, 550 फ्लाइट्स रद्द

 नई दिल्ली   देश की प्रमुख एयरलाइंस इंडिगो के परिचालन संकट ने गुरुवार को भी यात्रियों की मुश्किलें बढ़ा दीं. एयरलाइन ने पूरे देश में 550 से अधिक उड़ानें रद्द कीं, जिनमें अकेले दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद और हैदराबाद में 191 उड़ानें प्रभावित हुईं. हजारों यात्रियों को लंबी कतारों, इंतजार और अनिश्चितता का सामना करना पड़ा. अब हालात बिगड़ने और डीजीसीए की सख्ती के बीच इंडिगो ने आधिकारिक बयान जारी कर मौजूदा स्थिति पर माफी मांगी और जल्द सामान्य संचालन बहाल करने का भरोसा दिया. एयरलाइन ने कहा, “पिछले दो दिनों में इंडिगो के नेटवर्क और संचालन में व्यापक व्यवधान आया है. हम सभी यात्रियों और हितधारकों से खेद प्रकट करते हैं. हमारी टीमें MOCA, DGCA, BCAS, AAI और एयरपोर्ट ऑपरेटरों के साथ समन्वय कर स्थिति को सामान्य करने में जुटी हैं. ग्राहकों को लगातार अपडेट दिया जा रहा है और उनसे अपने उड़ानों की स्थिति जांचने की अपील की गई है.” नवबंर महीने में 1200 से अधिक फ्लाइट्स रद्द बता दें कि इंडिगो, जो प्रतिदिन लगभग 3.8 लाख यात्रियों को सेवा देती है, पिछले कुछ दिनों से गंभीर परिचालन चुनौतियों से जूझ रही है. देश की सबसे बड़ी एयरलाइन मानी जाने वाली इंडिगो सामान्य दिनों में करीब 2,300 उड़ानें संचालित करती है. आंकड़ों के अनुसार, नवंबर महीने में ही एयरलाइन को 1,232 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं, जबकि कई उड़ानें घंटों देरी से चलीं. डीजीसीए ने लगाई फटकार इस प्रदर्शन में गिरावट के बाद डीजीसीए ने जांच का आदेश दिया और एयरलाइन से विस्तृत कारण बताए जाने को कहा. जवाब में इंडिगो ने बताया कि 1,232 उड़ानों में से 755 उड़ानें स्टाफ की कमी के कारण रद्द हुईं. 92 ATC फेलियर, 258 एयरपोर्ट प्रतिबंध और 127 अन्य कारणों के कारण रद्द हुईं. डीजीसीए ने सेवा गुणवत्ता में सुधार के लिए नए कदम उठाने, अधिक क्रू भर्ती, बेहतर योजना और निगरानी की सलाह दी है. सोशल मीडिया पर लोगों ने जताई नाराजगी बड़े पैमाने पर फ्लाइट कैंसिलेशन के कारण हजारों यात्रियों ने सोशल मीडिया पर नाराजगी जताई, वीडियो और तस्वीरें शेयर करके एयरलाइन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए. कई यात्रियों ने टिकट रिफंड, रीबुकिंग में देरी और जानकारी की कमी को लेकर शिकायतें कीं. इस बीच, इंडिगो के CEO पीटर एल्बर्ट ने कर्मचारियों के नाम भेजे ईमेल में स्थिति पर चिंता जताई और इसे कई परिचालन चुनौतियों का मिश्रित परिणाम बताया. यह ईमेल सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. उन्होंने लिखा, “हम रोजाना 3.8 लाख यात्रियों की सेवा करते हैं और चाहते हैं कि हर ग्राहक को अच्छा अनुभव मिले. पिछले दिनों हम यह वादा पूरा नहीं कर सके और हमने सार्वजनिक रूप से इसके लिए माफी मांगी है.” उन्होंने परिचालन संकट के कारण गिनाए, जिनमें शामिल हैं- मामूली तकनीकी खामियां, शेड्यूल बदलाव, खराब मौसम, एविएशन सिस्टम में भीड़भाड़ और नई FDTL नॉर्म्स का प्रभाव. संकट से उबरने की कवायद इंडिगो ने दावा किया है कि परिचालन सुधार के लिए युद्धस्तर पर काम चल रहा है. एयरलाइन का कहना है कि वह DGCA के निर्देशों का पालन करेगी और स्टाफ तथा प्रबंधन की कमी से जुड़ी समस्याओं को शीघ्र सुलझाएगी. फिलहाल यात्रियों को उड़ान स्थितियों की लगातार जांच करने और आवश्यक यात्रा दस्तावेजों के साथ समय से पहले एयरपोर्ट पहुंचने की सलाह दी गई है.

26 अक्टूबर से रायपुर-दिल्ली के लिए इंडिगो की नई उड़ान, यात्रियों को मिलेगा सस्ता सफर

रायपुर   26 अक्टूबर से शुरू हो रहे टर्मिनल-2 पर एअर इंडिया के बाद अब इंडिगो ने भी अपनी उड़ानों को शुरू करने की घोषणा की है। यहां से इंडिगो अपनी घरेलू उड़ानों को शुरू करने जा रही है। जानकारी के अनुसार, इंडिगो की जिन उड़ानों का नंबर 6ई-2000 से 6ई-2999 के बीच होगा, वे टर्मिनल 2 से संचालित होंगी। शेष उड़ानें या तो टर्मिनल 1 या टर्मिनल 3 से संचालित होंगी यानी इंडिगो अपनी उड़ानें 26 अक्टूबर से तीनों टर्मिनल से संचालित करने जा रही है। इंडिगो के अनुसार, आईजीआई एयरपोर्ट पर नई व्यवस्था 26 अक्टूबर से लागू हो जाएगी। नई व्यवस्था के अनुसार उड़ान संख्या 6ई-5000 से 6ई-5999 तक की सभी उड़ानें और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें टर्मिनल 3 से संचालित होंगी। शेष (6ई-2000 से 6ई-2999 के बीच व 6ई-5000 से 6ई-5999 तक को छोड़कर ) उन्हें टर्मिनल 1 से संचालित किया जाएगा। यह रहेगा प्रस्तावित शेड्यूल इंडिगो की नई फ्लाइट दोपहर के समय संचालित की जाएगी। प्रस्तावित शेड्यूल के अनुसार, फ्लाइट दिल्ली से दोपहर 12:10 बजे उड़ान भरेगी और रायपुर के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर 2:05 बजे पहुंचेगी। वहीं फ्लाइट रायपुर से दोपहर 2:35 बजे रवाना होकर शाम 4:45 बजे दिल्ली पहुंचेगी। 24 उड़ानें रोजाना संचालित हो रही स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट अथॉरिटी से मिली जानकारी के अनुसार, रायपुर एयरपोर्ट से 24 उड़ानें रोजाना संचालित हो रही हैं। 26 अक्टूबर से इंडिगो की उड़ान शुरू होने के बाद संख्या बढ़ जाएगी। इससे न केवल यात्रियों की सुविधा बढ़ेगी, बल्कि दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और कोलकाता जैसे बड़े शहरों से कनेक्टिविटी भी और मजबूत होगी। दिल्ली-रायपुर-दिल्ली सेक्टर में बढ़ेगे फ्लाइट के विकल्प 26 अक्टूबर से दिल्ली-रायपुर-दिल्ली सेक्टर में फ्लाइट के कई विकल्प यात्रियों के लिए उपलब्ध रहेंगे। इंडिगो की उड़ान संख्या 6E-2120 दिल्ली से सुबह 10:15 बजे उड़ान भरेगी और 12:15 बजे रायपुर पहुंचेगी। वापसी में उड़ान 6E-6640 दोपहर 12:45 बजे रायपुर से रवाना होकर 2:45 बजे दिल्ली पहुंचेगी। इंडिगो ने जोड़ी नई दिल्ली–रायपुर उड़ान: कुल संख्या हुई 5 वर्तमान में इंडिगो की 4 उड़ानें संचालित होती हैं, जबकि नई उड़ान के साथ यह संख्या 5 हो जाएगी। फ्लाइट का नया विकल्प मिलने से दिल्ली और रायपुर के बीच यात्रा समय में लचीलापन मिलेगा और यात्रियों को टिकट की उपलब्धता में भी राहत मिलेगी।  

इंदौर से जम्मू के लिए फिर से उड़ान का संचालन होने जा रहा, 26 अक्टूबर से उड़ान संचालित होगी

इंदौर माता वैष्णोदेवी दर्शन जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए राहत भरी खबर सामने आ रही है। मध्यप्रदेश के इंदौर शहर से जम्मू के लिए फिर से उड़ान का संचालन होने जा रहा है। बीते माह बंद की गई सीधी उड़ान शुरू करने की घोषणा एयरलाइंस कंपनी इंडिगो ने की है। आपको जानकारी के लिए बता दें कि 26 अक्टूबर से उड़ान संचालित होगी। इसकी बुकिंग भी शुरू हो चुकी है। इंदौर से बड़ी संख्या में लोग वैष्णोदेवी दर्शन के लिए जाते हैं। उड़ान बंद होने से यात्रियों को कनेक्टिंग उड़ान से समय और पैसा ज्यादा लग रहा था। इंडिगो सप्ताह में मंगलवार, गुरुवार और रविवार को उड़ान का संचालन करेगी। ट्रेवल एजेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया के प्रदेश अध्यक्ष हेमेंद्र सिंह जादौन ने बताया, इस उड़ान की डिमांड है। जानें क्या रहेगा उड़ान का शेड्यूल इंदौर से जम्मू फ्लाइट 6ई 959: इंदौर से सुबह 9.10 बजे रवाना होकर सुबह 11.20 बजे जम्मू पहुंचेगी। जम्मू से इंदौर फ्लाइट 6ई 6738: जम्मू से सुबह 11.50 बजे रवाना होगी और दोपहर 2.05 बजे इंदौर आएगी।