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दीये से लगी साड़ी में आग, थिनर गोदाम में मचा हड़कंप — दो महिलाओं की मौत

इंदौर आरआर कैट रोड स्थित एक थिनर गोदाम में शनिवार शाम भीषण आग लग गई। हादसे में दो महिलाएं जिंदा जल गईं। बचाव अभियान में पुलिस, फायर और एसडीआरएफ की टीम लगानी पड़ी। झुलसने के कारण गोदाम मालिक की हालत गंभीर है। डीसीपी जोन-1 कृष्ण लालचंदानी के अनुसार गोदाम भैयालाल मुकाती (राऊ) का है, जो सिंधी कालोनी निवासी सूरज वाधवानी को किराए पर दिया था। वाधवानी आइल पेंट बनाने वाली कंपनियों को थिनर की सप्लाई करता है। देवउठनी ग्यारस पर महिलाओं ने यहां दीये लगाए थे। अचानक दीये से महिला की साड़ी में आग लग गई और पूरा गोदाम भभक उठा। जलने वाली महिलाओं की पहचान रामकली अहिरवार निवासी सागर और ज्योति मनोज नीम द्वारकापुरी के रूप में हुई है।   महिलाओं की साड़ी में लगी आग धमाके के साथ फटे थिनर के ड्रम राऊ थाना अंतर्गत आरआर कैट रोड पर लगी आग से पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई। आग की लपटें और धुआं 10 किलोमीटर दूर तक दिखाई दे रहा था। फायरकर्मियों को आग बुझाने में तीन घंटे लग गए। लपटें बुझने पर तलाशी ली तो दो महिलाओं के शव मिले। उनकी साड़ी में लगी आग से ही गोदाम में आग लगी थी। डीसीपी जोन-1 कृष्ण लालचंदानी के मुताबिक आग शाम करीब छह बजे लगी है। शनिवार को देव उठनी ग्यारस होने से महिलाओं ने पूजा की और दीये लगाए। इसी दौरान महिलाओं की साड़ी में आग लग गई। पहले आग बुझाने की कोशिश की। जब आग से कपड़े जलने लगे तो महिलाएं बचने के लिए इधर-उधर भागी। इस दौरान एक महिला ज्योति के बच्चे भी मौजूद थे। बच्चे व कुछ बुजुर्ग बाहर निकल गए और थिनर ने आग पकड़ ली। देखते ही देखते थिनर के ड्रम बम की तरह फटने लगे। पूरे क्षेत्र में धुएं का गुबार छा गया। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की गाड़ियां पहुंची और आग बुझाने की कोशिश की। राजेंद्र नगर और राऊ थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति संभाली। डीसीपी के मुताबिक गोदाम में केमिकल के ड्रम भी बताए गए हैं। राजस्व अफसरों ने बताया कि करीब पांच हजार वर्गफीट पर बने इस गोदाम की जमीन का उपयोग व्यावसायिक है। अपनों की तलाश में रोते हुए भटक रहे थे स्वजन जैसे ही आग की सूचना मिली, कर्मचारियों के स्वजन पहुंच गए। रोते हुए पुलिस अफसर को बताया कि उनके स्वजन नहीं मिल रहे हैं। आग बुझने तक लोग इंतजार करते रहे। करीब दो घंटे बाद पुलिस और एसडीआरएफ ने रेस्क्यू किया तो ज्योति और रामकली के शव मिले। डीसीपी के मुताबिक रामकली मूलत: सागर की रहने वाली है। वह दो महीने पूर्व ही रंगवासा में रहने आई थी। फायर ब्रिगेड के अनुसार करीब ढाई लाख लीटर पानी लगा है।  

भारी हादसा: इंदौर में बिल्डिंग गिरने से दो की जान गई, चार परिवार थे मकान में

इंदौर सेंट्रल कोतवाली थाना क्षेत्र के कोष्टी मोहल्ले में सोमवार की रात करीब 10 बजे एक 3 मंजिला इमारत अचानक से धराशाई हो गया. इस घटना में एक युवती सहित 2 लोगों की मौत हो गई, जबकि 12 लोग घायल हो गये हैं. इनमें से 4 लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है. घटना के वक्त मकान में कई लोग मौजूद थे. रेस्क्यू ऑपरेशन में लगी इंदौर नगर निगम और पुलिस की टीम ने घायलों को इलाज के लिए एमवाय अस्पताल पहुंचाया है, जहां उनका इलाज जारी है. देर रात भरभराकर गिरी बिल्डिंग कोष्टी मोहल्ले में शब्बू अंसारी का करीब 15 साल पुराना यह 3 मंजिला मकान था. इस बिल्डिंग में 4 परिवार रहते हैं. घटना के समय इनमें से 9 लोग रिश्तेदार के यहां गए हुए थे, जबकि मलबे में 14 लोग दब गए. बताया जा रहा है बारिश के कारण बिल्डिंग में दरारें पड़ गई थीं. साथ ही बिल्डिंग के तलघर में पानी भरा रहता था, इसी वजह से ये धंस गई. हादसे की जानकारी तुरंत स्थानीय पुलिस और प्रशासन को दी गई। इमारत 8 से 10 साल पुरानी बताई जाती है। दमकल विभाग और नगर निगम की टीमें बचाव के काम में जुटी हैं। अधिकारियों का कहना है कि पहली प्राथमिकता फंसे लोगों को निकालने की है। जेसीबी मशीनें मलबा हटाने में लगी हैं। घटनास्थल को सील कर दिया गया है। वरिष्ठ अधिकारी बचाव के काम की निगरानी कर रहे हैं। अधिकारी मौके पर जमा भीड़ को दूर कर रहे हैं। पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह के साथ कलेक्टर शिवम वर्मा भी मौके पर डटे हैं। हादसे के वक्त इमारत में कई लोगों के होने की बात कही जा रही है। स्थानीय लोगों की मानें तो इमारत के बेसमेंट में पानी भरा था। मौके पर पहुंचे महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया कि इमारत का कुछ हिस्सा पड़ोस की बिल्डिंग पर भी गिरा है। बचाव के काम के चलते रानीपुरा क्षेत्र की बिजली काट दी गई है। जर्जर हालत में थी बिल्डिंग जैसे ही मामले की जानकारी पुलिस और इंदौर नगर निगम की टीम को लगी, महापौर पुष्यमित्र भार्गव और इंदौर पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू कार्य शुरू कराया. इस दौरान प्रारंभिक तौर पर घटनाक्रम में घायल हुए 10 लोगों को रात 12 बजे तक निकलकर इंदौर के एमवाय हॉस्पिटल में पहुंचा दिया गया, जबकि 3 लोग मलबे में नीचे तक दबे थे. उन्हें बाहर निकालने के लिए देर रात तक रेस्क्यू ऑपरेशन चला. घायलों का इलाज जारी हादसे पर कलेक्टर शिवम वर्मा का कहना है कि "घटनाक्रम की जैसे ही जानकारी लगी तुरंत मौके पर पहुंचे. मलबे में दबे कई घायलों को रेस्क्यू कर इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया है. प्रारंभिक तौर पर किसी की भी मौत की सूचना नहीं मिली थी. मलबे में दबे सभी लोगों को मंगलवार की सुबह करीब 4 बजे तक बाहर निकाल लिया गया है. बाद में इनमें से 2 लोगों के मौत की सूचना मिली थी." इस पर इंदौर पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह का कहना है कि " घायलों को एमवाय अस्पताल में भर्ती कराकर इलाज कराया जा रहा है." अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्रीय भाजपा विधायक गोलू शुक्ला सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे. इस हादसे पर भाजपा विधायक ने चिंता जताई. साथ ही उनका कहना है कि "इस क्षेत्र में मौजूद अवैध अतिक्रमण को हटाने को लेकर कई बार इंदौर नगर निगम को पत्र लिख चुके हैं. अब इतनी दर्दनाक घटना घटित हो चुकी है. इसके चलते क्षेत्र में मौजूद अवैध अतिक्रमणों पर कार्रवाई कल से शुरू कर दी जाएगी."