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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यीडा के अंतर्गत 17 निवेशकों को प्रदान किए भूमि आवंटन पत्र

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र के अंतर्गत 17 निवेशकों को शुक्रवार को भूमि आवंटन पत्र प्रदान किए। निवेशकों का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी ने अब टूरिज्म, ट्रेड, इन्वेस्टमेंट के विश्वस्तरीय डेस्टिनेशन के रूप में खुद को स्थापित किया है। आपने उत्तर प्रदेश के ब्रांड अंबेस्डर के रूप में प्रदेश की नई छवि को देश-दुनिया के सामने प्रस्तुत किया है। यूपी में निवेश करने वाले निवेशक प्रदेश के विकास में सरकार के सहयात्री हैं। 9 साल पहले यह भारत का सबसे डरावना क्षेत्र था सीएम योगी ने कहा कि हम लोगों ने जिस जेवर क्षेत्र में भारत का सबसे बड़ा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाया है और जिस क्षेत्र में आपको अलाटमेंट लेटर वितरित किए गए हैं, आज से 9 वर्ष पहले यह भारत का सबसे डरावना क्षेत्र हुआ करता था। वहां गंभीर आपराधिक घटनाएं होती थीं। शाम पांच-साढ़े पांच बजे के बाद आवागमन बंद हो जाता था। लाइफ सूर्योदय से सूर्यास्त तक ही हुआ करती थी। इंफ्रास्ट्रक्चर भी नहीं था, लेकिन आज जेवर, यीडा क्षेत्र में जो परिवर्तन दिख रहा है, वह नए भारत के नए उत्तर प्रदेश की तस्वीर है, और यही हाल यूपी के हर जनपद का है। 2017 के पहले माफिया को वितरित किए गए थे जनपद सीएम ने कहा कि 2017 के पहले सत्ता के सामानांतर माफिया का साम्राज्य हुआ करता था। हर जनपद में भय व दहशत का माहौल था। महिलाएं बाजार या रोजगार के लिए बाहर जाती थीं तो परिवार की चिंता होती थी कि वे सूर्यास्त के पहले वापस आ जाएं। व्यापारी 6 बजे के पहले प्रतिष्ठान बंद करने पर मजबूर थे। सड़कें गड्ढों से भरी थीं। कनेक्टिविटी, बिजली की हालत बुरी थी। बमुश्किल 4-5 घंटे बिजली मिल जाए तो लोग खुद को भाग्यशाली मानते थे। हर माफिया को अलग-अलग जनपद वितरित किए गए थे। माफिया व आपराधिक गिरोह के लोग जनपद व थाने का संचालन करते थे। सरकार के पास नीति, नीयत, सुरक्षा व लैंडबैंक भी नहीं था।  विकास की पहली शर्त है सुरक्षा सुरक्षा को विकास की पहली शर्त बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके लिए अनुकूल वातावरण बनाना पड़ता है। असुरक्षित वातावरण में कुछ भी नहीं हो सकता। आज यूपी में बिना रोकटोक, बिना लेनदेन, उद्योग-व्यापार अनुकूल नीतियों के लाभ दिखाई दे रहे हैं। अब यूपी का रोड इंफ्रास्ट्रक्चर सबसे बढ़िया है। देश में यदि प्रतिस्पर्धा हो तो यूपी टॉप राज्यों में होगा। एक्सप्रेसवे का 60 प्रतिशत हिस्सा और चार लाख किमी. का रोड इंफ्रास्ट्रक्चर यूपी के पास है। हर जिला मुख्यालय फोर-लेन, तहसील या ब्लाक मुख्यालय फोर-लेन/टू-लेन से जुड़ा है। यूपी की एयरकनेक्टिविटी सबसे अच्छी है। 2017 से पहले यूपी में डेढ़ एक्सप्रेसवे, दो एयरपोर्ट संचालित थे। आज 16 एयरपोर्ट संचालित हैं, उसमें से पांच अंतरराष्ट्रीय हैं। छह एयरपोर्ट पर हम काम कर रहे हैं, एयरक्राफ्ट मिल जाएं तो इन्हें भी बहुत जल्द संचालित करेंगे। निवेश के स्थान पर सारी सुविधाएं उपलब्ध  निवेशकों को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि यूपी के पास 16 हजार किमी. का रेल कॉरिडोर है। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (ईस्टर्न/वेस्टर्न) का जंक्शन भी यूपी में है। जिस क्षेत्र में आपका निवेश हो रहा है, वहां रोड, फ्रेट कॉरिडोर, विश्व स्तरीय एयर कनेक्टिविटी भी है। वह क्षेत्र लाजिस्टिक हब बनने जा रहा है। यूपी के पास पहली रैपिड रेल, पहला इनलैंड वाटरवे (वाराणसी से हल्दिया) संचालित है। पीएम मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में डबल इंजन सरकार ने यूपी में लंबी छलांग लगाई है। सात शहरो में मेट्रो का संचालन हो रहा है।  यूपी अब माफिया, गुंडा, कर्फ्यू, अराजकता, दंगा मुक्त सीएम योगी ने कहा कि यूपी अब माफिया, गुंडा, कर्फ्यू, अराजकता, दंगा से मुक्त है। यहां हर व्यक्ति, निवेशक को सुरक्षा की गारंटी है। हम निवेशक को केवल निवेशक नहीं मानते, बल्कि वह इन्वेस्टर पार्टनर के रूप में यूपी सरकार के साथ विकास में सहभागी बनकर कार्य करता है। यूपी में निवेश करने वाला निवेशक प्रदेश के विकास में सरकार का सहयात्री है। वह यूपी के नौजवानों को रोजगार देता है, उन्हें स्किलफुल बनाता है। सरकार हर निवेशक का यूपी में स्वागत करती है। सीएम ने बताई यूपी की विकास गाथा सीएम योगी ने कहा कि यूपी के पास 34 सेक्टोरल पॉलिसी हैं। एफडीआई की डेडिकेटेड पॉलिसी, फॉर्चून 500 की पॉलिसी है। 25 हजार हेक्टेयर का बड़ा लैंडबैंक यीडा के पास विकसित करने जा रहे हैं। बीडा नए इंडस्ट्रियल सिटी के रूप में विकसित हो रहा है। इसमें कानपुर व झांसी के बीच 56 हजार एकड़ लैंड उपलब्ध होगी। यूपी बना देश की इकॉनमी का ब्रेकथ्रू सीएम ने बताया कि गत वर्ष 156 करोड़ पर्यटक यूपी में आए। यूपी कभी बीमारू नहीं था। राजनीतिक नेतृत्व की मानसिकता ने इसे बीमार बनाया था। यूपी अनलिमिटेड पोटेंशियल वाला राज्य था। गुंडों के पीछे दुम दबाकर चलने की प्रवृत्ति और माफिया के सामने नतमस्तक होने वाले राजनीतिक नेतृत्व ने यूपी को बीमारू बनाया था, जब स्वस्थ मानसिकता के साथ डबल इंजन सरकार आई तो यूपी आज देश का इकॉनमी का ब्रेकथ्रू बन चुका है। आज अलग-अलग सेक्टर में बड़े पैमाने पर यूपी में निवेश हो रहा है। 15 जून से जेवर एयरपोर्ट से शुरू होगी घरेलू उड़ान सीएम योगी ने कहा कि फरवरी में प्रधानमंत्री जी ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन किया। इसमें कार्गो व एमआरओ की भी सुविधा होगी। 15 जून से घरेलू उड़ान शुरू होगी। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय सेवाएं प्रारंभ होंगी। सीएम ने एयरपोर्ट को समय-सीमा के अंदर शुरू करने में सकारात्मक योगदान देने के लिए यमुना अथॉरिटी के सीईओ व उनकी टीम को धन्यवाद दिया।  जहां आपको भूमि आवंटित हो रही, वह सोने के भाव की है सीएम ने निवेशकों से कहा कि आपको जहां भूमि आवंटन किया जा रहा, वह भूमि सोने के भाव की है। यह केवल यूपी-भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया में निवेश की सबसे उर्वर भूमि है। जो वहां जाएगा, वही संभावनाओं को समझ पाएगा। आज से 9 वर्ष पहले जब गोरखपुर में निवेश के लिए कहा जाता तो निवेशक हंसकर टाल देते थे, लेकिन पांच वर्ष में हुए निवेश से गोरखपुर में 50 हजार युवाओं को रोजगार मिला है। यही हाल यूपी के हर क्षेत्र का है। देवरिया में पेपर मिल चल रही है। महिलाओं को … Read more

मध्यप्रदेश में पूर्वोत्तर के निवेशकों के लिए खुलेंगे नए अवसर

गुवाहाटी में इंटरएक्टिव सत्र 5 अक्टूबर को पूर्वोत्तर के निवेशक मध्यप्रदेश के निवेश अवसरों से होंगे रूबरू भोपाल  मध्यप्रदेश में निवेशकों के लिए अनुकूल नीतियाँ, सुगम प्रक्रिया और विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर ने मध्यप्रदेश को देश के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों में शामिल किया है। इसी दिशा में 5 अक्टूबर को गुवाहाटी में आयोजित होने वाला ‘इन्वेस्टमेंट अपॉर्च्युनिटीज इन मध्यप्रदेश’ सत्र पूर्वोत्तर भारत के निवेशकों को राज्य में औद्योगिक अवसरों और साझेदारी के नए मार्ग प्रशस्त करेगा। सत्र का उद्देश्य निवेशकों को मध्यप्रदेश में कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण, टेक्सटाइल एवं परिधान, फार्मा और हेल्थकेयर, सीमेंट एवं खनिज, इंजीनियरिंग, पेट्रोकेमिकल्स एवं केमिकल्स, पर्यटन एवं वेलनेस, नवकरणीय ऊर्जा उपकरण, प्लास्टिक्स और पॉलिमर जैसे प्रमुख क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं से परिचित कराना है। गुवाहाटी फार्मा और सीमेंट उद्योग का प्रमुख केंद्र है, जबकि दिब्रूगढ़, तिनसुकिया, जोरहाट और शिवसागर जैसे औद्योगिक शहरों के उद्योग प्रतिनिधि सत्र में शामिल होकर प्रदेश में निवेश के अवसर पर चर्चा करेंगे । पूर्वोत्तर राज्यों के उद्योग समूह, व्यापार संघ और निवेशक, साथ ही कोलकाता और आप पास के औद्योगिक केंद्र के प्रतिनिधि इस सत्र में शामिल होंगे। यह आयोजन न केवल निवेशकों को औद्योगिक अवसरों से जोड़ेगा बल्कि पूर्वोत्तर भारत और मध्यप्रदेश के बीच आर्थिक और औद्योगिक सहयोग को भी मजबूत करेगा। सत्र में FICCI असम के चेयर और धानुका ग्रुप के एमडी डॉ. घनश्याम दास धनुका, फिक्की, असम के को चेयर और बीएमजी इन्फॉर्मेटिक्स प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर  जॉयदीप गुप्ता और रॉयल भूटान कौंसल जनरल, गुवाहाटी  जिग्मे थिनल्ये नामग्याल सत्र को संबोधित करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव निवेशकों और उद्योग प्रतिनिधियों से वन-टू-वन मीटिंग कर मध्यप्रदेश में परियोजनाओं, निवेश योजनाओं और औद्योगिक विकास के अवसरों पर सीधे संवाद करेंगे। यह सत्र राज्य की औद्योगिक क्षमता को विस्तार देने और निवेशकों के भरोसे को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।  

टैरिफ चिंताओं के बीच शेयरों में मजबूती, सेंसेक्स-निफ्टी में उछाल

 मुंबई निचले स्तरों पर हुई भारी खरीदारी के बीच दो दिनों की भारी गिरावट के बाद शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में शेयर बाजार सेंसेक्स और निफ्टी में तेजी देखी गई। 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 197.11 अंक चढ़कर 80,277.68 पर पहुंच गया। ऐसे ही 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 63.45 अंक बढ़कर 24,564.35 पर आ गया। किसे फायदा-किसे नुकसान? सेंसेक्स की कंपनियों में हिंदुस्तान यूनिलीवर, ट्रेंट, एशियन पेंट्स, आईटीसी, कोटक महिंद्रा बैंक और अल्ट्राटेक सीमेंट सबसे ज्यादा फायदे में रहीं। हालांकि, महिंद्रा एंड महिंद्रा, एनटीपीसी, इटरनल और इंफोसिस पिछड़ने वालों में शामिल रहे। एक्सचेंज डेटा के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने गुरुवार को 3,856.51 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 6,920.34 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। बीते दिन का हाल इससे पहले गुरुवार को सेंसेक्स 705.97 अंक या 0.87 प्रतिशत गिरकर 80,080.57 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 211.15 अंक या 0.85 प्रतिशत गिरकर 24,500.90 पर आ गया था। पिछले दो कारोबारी दिनों में बीएसई बेंचमार्क 1,555.34 अंक या 1.90 प्रतिशत गिर चुका है।