samacharsecretary.com

IPL देखना जेब पर भारी, टिकट रेट में 40% GST से लगी महंगाई की मार

मुंबई  इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के मैच देखने के लिए फैन्स को अब ज्यादा रुपये खर्च करने पड़ेगे. कहने का मतलब ये है कि आईपीएल के टिकट्स अब पहले की तुलना में और महंगे हो जाएंगे. 3 सितंबर (बुधवार) को जीएसटी काउंसिल ने फैसला लिया कि आईपीएल और इसी तरह के बड़े खेल आयोजनों के टिकट्स पर अब 40 प्रतिशत जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) लगाया जाएगा.  पहले आईपीएल टिकट्स पर 28 प्रतिशत जीएसटी लगता था. अब आईपीएल टिकटों को उच्चतम टैक्स स्लैब (40 प्रतिशत) में शामिल कर दिया गया है, जिसमें कैसिनो, रेस क्लब और लग्जरी प्रोडक्ट्स भी शामिल हैं. इस फैसले के बाद आईपीएल टिकटों की कीमत में सीधा असर दिखेगा. पहले 500 रुपये का आईपीएल टिकट जीएसटी जोड़ने पर 640 रुपये में मिलता था. अब ये 700 रुपये में मिलेगा. यानी 60 रुपये ज्यादा खर्च करने पड़ेंगे. उसी तरह 1000 का टिकट अब 1400 पड़ेगा. पहले ये 1,280 रुपये में मिलता था. यानी 120 रुपये ज्यादा देने होंगे. वहीं 2000 के टिकट की कुल कीमत अब 2800 होगी. पहले जीएसटी जोड़ने पर ये 2,560 रुपये में मिलता था. यानी 2000 के टिकट पर 240 रुपये और खर्च करने पड़ेंगे. इंटरनेशनल मैचों के टिकट्स पर कितना GST? खास बात यह है कि इंटरनेशनल और अन्य क्रिकेट मैचों के टिकट पर पहले की तरह ही 18 प्रतिशत जीएसटी लागू रहेगा. केवल आईपीएल और प्रीमियम लीग्स को 40 प्रतिशत टैक्स स्लैब में रखा गया है. सरकार का कहना है कि यह कदम रेवेन्यू अलाइनमेंट और अनावश्यक लग्जरी खर्च पर टैक्स बढ़ाने के लिए उठाया गया है. इस फैसले के बाद स्टेडियम में जाकर आईपीएल मैच देखना तो महंगा हो ही गया है. बता दें कि दुनिया की सबसे बड़ी टी20 लीग इंडियन प्रीमियर लीग के अब तक 18 सीजन हो चुके हैं. पिछले सीजन का खिताब रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने जीता था. तब उसने फाइनल में पंजाब किंग्स (PBKS) को 6 रनों से पराजित किया था. चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) और मुंबई इंडियंस (MI) आईपीएल की सबसे सफल टीम्स हैं. दोनों टीम्स पांच-पांच आईपीएल खिताब जीत चुकीं हैं.

IPL 2025 टिकट घोटाले पर गिरी गाज, हैदराबाद क्रिकेट बॉडी के अध्यक्ष जगन मोहन राव गिरफ्तार

हैदराबाद  हैदराबाद क्रिकेट एसोसिएशन (HCA) के अध्यक्ष ए. जगन मोहन राव को इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2025 सीजन से जुड़े टिकट घोटाले में कथित संलिप्तता के आरोप में क्राइम इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CID) ने गिरफ्तार किया. राव के साथ HCA के चार अन्य वरिष्ठ अधिकारी- कोषाध्यक्ष सी. श्रीनिवास राव, CEO सुनील कांते, महासचिव राजेंद्र यादव और उनकी पत्नी जी. कविता  को तेलंगाना CID ने पूछताछ के लिए हिरासत में लिया. ये गिरफ्तारियां नि:शुल्क मैच टिकटों के वितरण से जुड़ी जालसाजी, वित्तीय गड़बड़ी और दबाव डालने की गतिविधियों के आरोपों के बाद हुईं. तेलंगाना क्रिकेट एसोसिएशन (TCA) के महासचिव धरम गुराव रेड्डी द्वारा 9 जून को दर्ज कराई गई शिकायत के बाद यह मामला दर्ज किया गया. इस शिकायत के आधार पर सीआईडी ​​ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया, जिनमें धारा 465 (जालसाजी), 468 (धोखाधड़ी के उद्देश्य से जालसाजी), 471 (फर्जी दस्तावेजों को असली के रूप में इस्तेमाल करना), 403 (संपत्ति का बेईमानी से गबन), 409 (लोक सेवक द्वारा आपराधिक विश्वासघात) , 420 (धोखाधड़ी), साथ ही धारा 34 (साझा इरादे से कई व्यक्तियों द्वारा किए गए कार्य) शामिल हैं. आरोप है कि राव ने एचसीए चुनाव लड़ने के लिए एक जाली दस्तावेज पेश किया था. एचसीए द्वारा आईपीएल फ्रेंचाइजी सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) पर निर्धारित सीमा से ज्यादा कॉम्प्लिमेंट्री टिकट देने के लिए दबाव डालने के प्रयासों से जुड़े और भी आरोप सामने आए हैं. एसआरएच, एचसीए और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के बीच हुए त्रिपक्षीय समझौते के अनुसार, एचसीए को 3,900 कॉम्प्लिमेंट्री टिकट मिलने चाहिए , जो स्टेडियम की क्षमता के 10% के बराबर है. हालांकि एचसीए अधिकारियों ने कथित तौर पर अतिरिक्त 10% की मांग की, जिसे एसआरएच ने अस्वीकार कर दिया. फ्रेंचाइजी ने यह भी आरोप लगाया कि राव ने 27 मार्च को राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के खिलाफ एसआरएच के मैच से कुछ घंटे पहले कॉर्पोरेट बॉक्स पर ताला लगा दिया और 20 अतिरिक्त कॉम्प्लिमेंट्री टिकटों की मांग की. एसआरएच ने दावा किया कि इस कार्रवाई ने एचसीए और बीसीसीआई के साथ हुए त्रिपक्षीय समझौते का उल्लंघन किया है, जिसके तहत एसोसिएशन का आवंटन स्पष्ट रूप से 3,900 पास तक सीमित है. बैठक के बाद एचसीए और एसआरएच के बीच पहले ही 3,900 कॉम्प्लिमेंट्री पास आवंटित करने पर सहमति बन गई थी. इसके बावजूद, एसआरएच ने बीसीसीआई और आईपीएल गवर्निंग काउंसिल में शिकायत दर्ज कराई और एचसीए पर बार-बार ब्लैकमेलिंग करने का आरोप लगाया. हालांकि एचसीए ने इन आरोपों से इनकार किया है. तनाव इतना बढ़ गया कि SRH ने धमकी दी कि अगर HCA टिकट कोटे को लेकर दबाव डालता रहा, तो वे अपने घरेलू मैच किसी दूसरे राज्य में शिफ्ट कर देंगे. हालात को शांत करने के लिए HCA के सचिव आर. देवराज ने SRH के प्रतिनिधि किरण, सरवनन और रोहित सुरेश के साथ राजीव गांधी स्टेडियम में बैठक की ताकि कोई हल निकाला जा सके. चर्चा के दौरान एसआरएच ने एसआरएच, एचसीए और बीसीसीआई के बीच मौजूदा त्रिपक्षीय समझौते का सख्ती से पालन करने का प्रस्ताव रखा. HCA और SRH ने एक संयुक्त बयान में कहा कि यह सुनिश्चित किया जाएगा कि स्टेडियम की उपलब्ध कुल क्षमता का 10%, सभी सेक्शन में उसी के अनुसार आवंटित किया जाए जैसा कि समझौते में तय है. इसके जवाब में HCA ने प्रस्ताव रखा कि हर श्रेणी में पास का मौजूदा आवंटन पहले जैसी ही व्यवस्था के अनुसार जारी रखा जाए, जैसा कि पिछले कई वर्षों से होता आया है. SRH के CEO षणमुगम से बात करने के बाद यह तय हुआ कि HCA को मिलने वाले 3,900 मुफ्त टिकट उसी तरह मिलेंगे, जैसे पहले होते आए हैं.HCA ने SRH को भरोसा दिया है कि आगे भी वे पूरी तरह से पेशेवर तरीके से सहयोग करेंगे. संयुक्त बयान में कहा गया, 'एचसीए और एसआरएच राजीव गांधी अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में दर्शकों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए सौहार्दपूर्ण ढंग से मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं.'