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जल गंगा संवर्धन अभियान – 2026: जनभागीदारी से पुनर्जीवित हो रहे प्राचीन जल स्रोत

जल गंगा संवर्धन अभियान – 2026: जनभागीदारी से पुनर्जीवित हो रहे प्राचीन जल स्रोत सागर संभाग में फलीभूत हो रहा जल गंगा संवर्धन अभियान तालाबों, नदियों और बावड़ियों के संरक्षण का संकल्प बन रहा जन-आंदोलन भोपाल  सागर संभाग में जल संरक्षण और संवर्धन की दिशा में 'जल गंगा संवर्धन अभियान' धरातल पर फलीभूत होने लगा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुरूप सागर संभाग के सभी जिलों में प्राचीन तालाबों, नदियों, पोखरों और बावड़ियों को पुनर्जीवित करने के लिए चलाए गए पिछले वर्षों के अभियान के सुखद और अपेक्षित परिणाम सामने आए हैं। इसी कड़ी में इस वर्ष भी 19 मार्च, 2026 से संभाग के प्रत्येक जिले में इस अभियान का उत्साहपूर्ण शुभारंभ किया गया है। जनभागीदारी की अनूठी मिसाल जल गंगा संवर्धन अभियान की सबसे बड़ी विशेषता 'जनभागीदारी' रही है। सागर संभाग के हजारों नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, पंचायत पदाधिकारियों और शासकीय अधिकारियों-कर्मचारियों ने कंधे से कंधा मिलाकर इस पुनीत कार्य में अपना सहयोग दे रहे हैं। श्रमदान के माध्यम से प्राचीन जल स्रोतों की गाद निकालने, साफ-सफाई करने और उनके मूल स्वरूप को लौटाने का कार्य निरंतर जारी है। इस अभियान के तहत सागर जिले में नगर पालिका खुरई के तालाब घाट की सफाई के साथ इस वर्ष का आगाज हुआ। संभागीय मुख्यालय पर ऐतिहासिक लाखा बंजारा झील के चकराघाट पर जल पूजन और सफाई कार्यक्रम आयोजित किए गए, वहीं खुरई की अम्मावाड़ी झील को भी स्वच्छ किया गया। छतरपुर जिले में तालाबों का कायाकल्प और ''जल महोत्सव'' आयोजित छतरपुर जिले में विधायक श्रीमती ललिता यादव और जिला प्रशासन के नेतृत्व में सांतरी तलैया से स्वच्छता कार्य शुरू किया गया। जनपद नौगांव की ग्राम पंचायत विकौरा और लवकुशनगर के छठी बम्होरी में तालाबों का कायाकल्प किया जा रहा है। इसी प्रकार निवाड़ी जिले के ग्राम काछीपुरा में विधायक अनिल जैन के नेतृत्व में 'जल महोत्सव 2026' के तहत भव्य जल रैली निकाली गई और ग्रामीणों को जल शपथ दिलाई गई। पन्ना और टीकमगढ़ जिले में नवांकुर संस्थाओं की पहल पन्ना और टीकमगढ़ जिलों में मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के माध्यम से नवांकुर संस्थाओं ने कमान संभाली है। पन्ना के ग्राम बड़ागांव स्थित मिढ़ासन नदी के उद्गम स्थल 'महरा धाम' की सफाई की गई, तो वहीं टीकमगढ़ के गंगासागर तालाब और अचर्रा में गाद निकालने का कार्य युद्ध स्तर पर किया जा रहा है। दमोह जिले में जनभागीदारी से मजबूत हुआ ''जल गंगा संवर्धन अभियान'' दमोह जिले में भी जल गंगा संवर्धन अभियान को विकास कार्यों से जोड़ा गया है। पशुपालन एवं डेयरी विभाग राज्यमंत्री लखन पटेल ने ग्राम रजवांस में तालाब की साफ-सफाई में श्रमदान किया। इस अवसर पर क्षेत्र के विकास के लिए सामुदायिक भवनों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन भी किया गया। साथ ही जल निगम की परियोजनाओं के माध्यम से ग्रामीणों को जल सुरक्षा और स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जा रहा है। 'जल गंगा संवर्धन अभियान' केवल जल स्रोतों की सफाई का जरिया नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित करने का एक महा-संकल्प है। सागर संभाग के हर जिले से आ रही सकारात्मक खबरें इस बात का प्रमाण हैं कि जब समाज और सरकार मिलकर प्रयास करते हैं, तो प्रकृति का संरक्षण सहज और प्रभावी हो जाता है।  

जल जीवन मिशन के लिए केंद्र से बड़ी मदद, 4000 करोड़ फंड और कर्ज सीमा में बढ़ोतरी

भोपाल  जल जीवन मिशन में खर्च हुई राशि को देने के केंद्र ने अपनी सहमति दे दी है। मप्र ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल को बताया कि वर्ष 2024-25 का 4500 करोड़ और 2025-26 का 5000 करोड़ रुपए बकाया चल रहा है। मप्र ने खुद 9000 करोड़ लगाकर योजना को चालू रखा है। योजना को पूरा करने का वक्त 2028 तय है, लेकिन 2026 में अभी तक मप्र ने 99% काम पूरा कर लिया। पाटिल ने इसकी बधाई दी और राशि देने पर सहमति दे दी। मार्च 2026 से पहले मप्र को जल जीवन मिशन के 4000 करोड़ रुपए मिल सकते हैं। सीआर पाटिल से मिलने के बाद सीएम डॉ. मोहन यादव केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण से मिले। इसमें सीएम ने कहा कि मप्र की औसत ग्रोथ 10% है। वर्ष 2026-27 में जीएसडीपी बढ़कर 18 लाख 48 हजार करोड़ होगा। लिहाजा इसी आधार पर मप्र को बाजार से कर्ज लेने की सीमा तय की जाए। वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव मनीष रस्तोगी इस दौरान सीएम के साथ थे। वित्त का कहना है कि केंद्रीय वित्त मंत्री ने सहमति दे दी है। इससे मप्र को कई प्रकार से लाभ मिलेगा। सीएम गुरुवार को 5 मुद्दों को लेकर दिल्ली गए थे। इसमें सिंहस्थ के लिए राशि की मांग करना भी शामिल रहा। निकायों का पैसा मांगा     सीएम ने नगरीय तथा ग्रामीण निकायों के लिए 15वें वित्त आयोग द्वारा अनुशंसित पूरी राशि को देने की बात रखी। अभी कम पैसा मिला है। निकायों से संबंधित मामले में वित्तीय वर्ष 2023-24 की 512 करोड़ एवं 2025-26 की 1,181 करोड़ की राशि मिलना है।     पंचायती राज मंत्रालय व जल शक्ति मंत्रालय ने वर्ष 2025-26 के लिए ही 1097 करोड़ जारी करने का अनुरोध है। हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 15वें वित्त आयोग के तहत वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक के लिए 4,600 करोड़ के विरूद्ध 3,690 करोड़ ही मिले हैं।