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बुलडोजर की कार्रवाई: जेडीए ने अवैध कॉलोनियों और कब्जों पर कसा शिकंजा

जयपुर जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) ने शनिवार को अवैध निर्माण और कब्जों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. जेडीए के प्रवर्तन दस्ते ने करीब 60 करोड़ रुपये की सरकारी जमीन को भू-माफियाओं के चंगुल से छुड़ा लिया. यह कार्रवाई जेडीए कमिश्नर सिद्धार्थ महाजन के निर्देशों पर हुई है. जेडीए ने साफ कर दिया कि अतिक्रमण के मामले में अब 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई जाएगी. जेडीए की बुलडोजर एक्शन में अतिक्रमण करके कब्जाई गई सरकारी जमीन को खाली करवाया गया है. 60 करोड़ की सरकारी से हटवाया अतिक्रमण उप महानिरीक्षक पुलिस आनन्द शर्मा ने बताया कि आज (11 अप्रैल 2026) को प्रवर्तन शाखा ने जोन-14, 17 और 01 के इलाकें में कार्रवाई करते हुए तहसील चाकसू के ग्राम जयचंदपुरा में करीब 15 बीघा बेशकीमती सरकारी भूमि पर किए गए अतिक्रमणों को हटाया गया. इन जमीनों पर 10-12 कच्चे-पक्के मकान, बाउण्ड्रीवाल, टीनशेड, कांटों की बाड़, झाड़ियां और तारबंदी कर कब्जा किया गया था. जिसे जेसीबी मशीन व मजदूरों की सहायता से हटवाकर भूमि को अतिक्रमण मुक्त करवाया गया. अतिक्रमण मुक्त करवाई गई इस जमीन की अनुमानित कीमत करीब 60 करोड़ रुपये है. जेडीए की यह कार्रवाई सिर्फ सरकारी जमीन पर किए अवैध कब्जे के खिलाफ नहीं रही. सांगानेर तहसील के दयालपुरा में करीब 03 बीघा कृषि भूमि पर बिना अनुमति कॉलोनी काटने वालों पर भी गाज गिरी है. कृषि भूमि पर बिना किसी भू-रूपांतरण के अवैध कॉलोनी बसाई जा रही थी. भू-माफियाओं ने यहाँ सड़कें बना दी थीं और सीमेंट ब्लॉक से बाउंड्रीवाल भी खींच दी थी. जेडीए के दस्ते ने मौके पर पहुंचकर इन सड़कों को उखाड़ दिया और बाउंड्रीवाल गिराकर कॉलोनी बसाने के प्रयास को शुरुआती दौर में ही नाकाम कर दिया. बंद रास्ते को जेडीए ने खुलवाया शिवदासपुरा क्षेत्र के ग्राम पदमपुरा स्थित गैर अनुमोदित योजना “श्रीराम विहार” के भूखण्ड संख्या 62 पर किए गए अवैध निर्माण को भी जेसीबी मशीन की सहायता से ध्वस्त किया गया. जोन-17 के सरना चौड़ गांव में भी जेडीए ने कार्रवाई की. यहां गैर मुमकिन आम रास्ते की सरकारी जमीन पर करीब 400 मीटर लंबाई में मिट्टी की डोल बनाकर और तारबंदी कर रास्ता रोका गया था. जेडीए ने इसे पूरी तरह साफ कर रास्ता फिर से खोल दिया है. वहीं, जोन-01 में टोंक रोड के पास अवैध रूप से बनाए गए छज्जे के लिए समझाइश करने पर एक भूखंड स्वामी ने खुद हटा लिया. पुलिस उप महानिरीक्षक आनंद शर्मा ने बताया कि यह पूरी कार्रवाई मुख्य नियंत्रक प्रवर्तन शिल्पा चौधरी की देखरेख में हुई. जेडीए ने चेतावनी दी है कि शहर में कहीं भी सरकारी जमीन पर कब्जा या बिना अनुमति अवैध निर्माण किया गया, तो प्रशासन इसी तरह सख्त कदम उठाता रहेगा.

भूमाफियाओं के दुस्साहस पर प्रहार, जयपुर में तीसरी बार जमींदोज की गई अवैध कॉलोनी, 8 बीघा जमीन मुक्त

जयपुर  प्रदेश की राजधानी जयपुर में जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) की ओर से बड़ा एक्शन लिया गया है। यहां जयपुर शहर के बाहरी इलाकों में सरकारी जमीनों पर कब्जा कर अवैध कॉलोनियां बसाने वाले भूमाफियाओं के खिलाफ अपना रुख बेहद सख्त कर लिया है। 4 अप्रैल को जेडीए की प्रवर्तन शाखा ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए तीन अवैध कॉलोनियों के निर्माण को जमींदोज कर दिया। जानिए कहां- कहां हुई कार्रवाई जेडीए दस्ते ने शहर के अलग-अलग हिस्सों में कार्रवाई की। प्रशासन ने सुमेल और जयसिंहपुरा खोर इलाकों में बनी अवैध कॉलोनियों में बुलडोजर एक्शन लिया। इसमें सुमेल इलाके की कार्रवाई सबसे महत्वपूर्ण रही। यहां सुमेल क्षेत्र के राधा वल्लभनगर में अवैध कॉलोनी बसाई जा रही थी। चौंकाने वाली बात यह है कि जेडीए यहां पहले भी दो बार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई कर चुका था। भूमाफियाओं के दुस्साहस देखिये कि तीसरी बार जेडीए की सख्ती को दरकिनार कर फिर से निर्माण शुरू कर दिया गया, जिसे शनिवार को फिर मलबे में तब्दील कर दिया गया। इसके अलावा जयसिंहपुरा खोर के सांवरिया धाम और पूजा विहार में भी बुलडोजर गरजा। यहां जेडीए के स्वामित्व वाली करीब 8 बीघा बेशकीमती जमीन पर भूमाफियाओं ने कब्जा कर रखा था। जेडीए की चेतावनी, दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश जेडीए प्रवर्तन शाखा के आला अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सरकारी और कृषि भूमि पर अवैध कब्जे की हर सूचना पर त्वरित एक्शन लिया जाएगा। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि अवैध निर्माण को केवल ध्वस्त नहीं किया जाएगा, बल्कि बार-बार कानून का उल्लंघन करने वाले भूमाफियाओं के खिलाफ FIR दर्ज कर कानूनी शिकंजा कसा जाएगा। सरकारी जमीनों पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन ने लोगों को सस्ते प्लॉट या लुभावने विज्ञापनों के झांसे में ना आने की भी सलाह दी है।