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झारखंड के कुचाई के टुसू मेले में 35 फीट के चौड़ल का जलवा

रांची. झारखंड के सरायकेला-खरसावां के कुचाई ब्लॉक के सीमावर्ती सेकरेडीह और तमाड़ (रांची) के आराहंगा गांव के बीच स्थित मैदान में बसंती पंचमी पर ट्रेडिशनल टुसू मेला लगाया गया. टुसू मेला का उद्घाटन लोकल एमएलए दशरथ गागराई ने किया. टुसू मेला में कुचाई और तमाड़ के गांवों से महिलाएं पारंपरिक चौड़ल ले कर पहुंचीं. इन महिलाओं ने चौड़ल के सामने ट्रेडिशन फॉकडांस पर डांस करके रंग जमा दिया. टुसू मेले में पब्लिक फेथ, ट्रेडिशन और कल्चरल हेरिटेज का जीवंत रूप दिखा. हजारों लोग टुसू के रंग सरोबर दिखे. पियाकुली के 35 फीट ऊंचे चौड़ल को मिला फर्स्ट प्राइज टुसू मेला में तमाड़ के पियाकुली का 35 फीट ऊंचा चौड़ल अट्रैक्शन का सेंटर बना रहा. खरसावां एमएलए दशरथ गागराई ने इस चौड़ल टीम को फर्स्ट प्राइज के तौर पर 10,000 हजार रुपये दे कर ऑनर किया. चौड़ल को काफी अट्रैक्टेड बनाया गया था. दूर से ही चौड़ल की लाइट दिखाई दे रही थी. चौड़ल कमिटी पियाकुली की महिलाओं ने बताया कि हर साल उनकी टीम टुसू मेलों में चौड़ल ले कर पहुंचती है. इसके जरिए अपने कल्चर और ट्रेडिशन को प्रोटेक्ट किया जा रहा है. पिछले करीब एक महीने तक लगातार मेनतन कर इस चौड़ल को बनाया है. कुचाई के बुरुबांडी के चौड़ल को मिला सेकंड प्राइज चौड़ल कंपीटिशन में कुचाई के बुरुबांडी के चौड़ल को सेकंड प्राइज के तौर पर सात हजार, चांडिल के चौड़ल को थर्ड प्राइज के तौर पर पांच हजार और कुचाई के कुदाडीह के चौड़ल को फोर्थ प्राइज के तौर पर दो हजार रुपये का प्राइज दिया गया. छोपोल-छापोल डांस से समां बांधा इस प्रोग्राम में डीजे डांस ग्रुप के आर्टिस्ट ने छोपोल छापोल आदिवासी डांस से समां बांध दिया. ट्रेडिशनल आदिवासी म्यूजिकल इंस्ट्रुमेंट की धुन पर ट्रेडिशनल ड्रेस पहने आर्टिस्ट ने डासं कर प्रोग्राम को मजेदार बना दिया. रिच कल्चरल हेरिटेज का साइन है टुसू पर्व : दशरथ गागराई अवॉर्ड डिस्ट्रीब्यूशन प्रोग्राम में खरसावां एमएलए दशरथ गागराई ने कहा कि टुसू पर्व यहां के रिच कल्चरल हेरिटेज का साइन है. टुसू मेला से सोशल भाईचारे की भावना मजबूत हो रही है. इससे यहां के रिच कल्चर और ट्रेडिशन के साथ-साथ गांव के स्पोर्ट्स टैलेंट को प्लेटफॉर्म मिल रहा है. उन्होंने एरिया के कल्चरल हेरिटेज और ट्रेडिशन्स को स्ट्रॉन्ग बनाने पर जोर देते हुए यूथ को आगे आने की अपील की. गागराई ने कहा कि साल दर साल टुसू मेला की भव्यता बढ़ना एक सुखद अनुभूति है. मेले में कौन-कौन रहे मौजूद टुसू मेले में मुख्य रूप से तमाड़ के जिप मेंबर भवानी मुंडा, कुचाई के एमएएलए रिप्रेजेंटेटिव धर्मेंद्र मुंडा, राम सोय, राहुल सोय, चंद्र मोहन मुंडा, शंभू मुंडा, कारु मुंडा, ऑर्गेनाइजिंग कमिटी के चेयरमैन बहादुर मुंडा, सोहन मुंडा, प्रभुदेवा टाव, प्रधान मुंडा, सोहन सिंह मुंडा आदि मौजूद रहे. यहां पहुंचने पर एमएलए दशरथ गागराई का ट्रेडिशनल रीति-रिवाज के साथ वेलकम किया गया. दो जिले के दो गांव के लोग लगाते हैं मेला सरायकेला-खरसावां और रांची के सीमावर्ती गांव सेकरेडीह (कुचाई) और आराहंगा (तमाड़) के लोग आपसी तालमेल से मेला लगाते हैं. दोनों गांव के बीच मैदान में हर साल बसंती पंचमी पर ट्रेडिशनल टुसू मेला लगता है. इस मेले में दोनों जिलों से लोग पहुंचते है. मेला के जरिये न सिर्फ लोकल कल्चर और ट्रेडिशन को प्रोटेक्शन मिल रहा है, बल्कि आपस में लोगों का भाईचारा भी बना हुआ है.

गुमला में रफ्तार का कहर: हाईवा ने पिकअप वैन को रौंदा, चार लोगों की मौके पर मौत

गुमला झारखंड के गुमला जिले में गुरुवार सुबह राष्ट्रीय राजमार्ग-23 पर एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना में चार लोगों की जान चली गई। इस घटना में अन्य दो लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका अस्पताल में इलाज जारी है। हादसा भरनो थाना क्षेत्र अंतर्गत भड़गांव के पास उस वक्त हुआ, जब एक हाईवा वाहन ने एक पिकअप वैन को पीछे से तेज रफ्तार में टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि पिकअप पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। इस हादसे में टाटा मैजिक पिकअप पर सवार चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना के बाद कुछ देर तक सड़क पर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। जानकारी के अनुसार, टाटा मैजिक पिकअप में सवार सभी लोग रांची से गुमला की ओर तिलकुट बेचने जा रहे थे। बताया जा रहा है कि मृतक और घायल सभी रांची के रहने वाले हैं। प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस की प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि हाईवा चालक ने तेज गति और लापरवाही से वाहन चलाते हुए पिकअप को पीछे से टक्कर मारी। हादसे के बाद चालक हाईवा लेकर मौके से फरार हो गया। पुलिस फरार वाहन और उसके चालक की तलाश में जुटी हुई है। घटना की सूचना मिलते ही भरनो थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से राहत व बचाव कार्य शुरू कराया। गंभीर रूप से घायल दोनों व्यक्तियों को पहले सिसई रेफरल अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी नाजुक स्थिति को देखते हुए उन्हें रिम्स, रांची रेफर कर दिया गया। पुलिस ने मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर सदर अस्पताल, गुमला पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही मृतकों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए आसपास के थानों और रांची पुलिस से संपर्क किया जा रहा है।

झारखंड विधानसभा का बजट सत्र 18 फरवरी से 19 मार्च तक, कैबिनेट सचिव वंदना डाडेल ने साझा की जानकारी

रांची मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई झारखंड कैबिनेट की बैठक में कुल 30 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट की प्रमुख घोषणाओं में पलामू में आरओबी के लिए 114 करोड़ रुपये को मंजूरी दी गयी है। वहीं, झारखंड विधानसभा का बजट सत्र 18 फरवरी से 19 मार्च तक चलेगा। बोकारो के जैनामोड से फुसरो पथ के लिए 157 करोड़ की मंजूरी मिली है। गोड्डा के सैदापुर बियर योजना के लिए भी राशि को मंजूरी मिली है।  

BJP झारखंड इकाई में बड़ा बदलाव, अध्यक्ष पद के लिए आदित्य साहू सबसे आगे

रांची झारखंड बीजेपी को जल्दी ही नया पूर्णकालिक अध्यक्ष मिलने जा रहा है. संगठन पर्व के तहत प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव होगा. माना जा रहा है कि बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव से पहले झारखंड बीजेपी के अध्यक्ष का चुनाव हो सकता है. इसके लिए शनिवार केंद्रीय मंत्री जुएल ओराम को चुनाव अधिकारी नियुक्त कर दिया गया. ओराम जल्दी ही रांची पहुंच कर प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया को संपन्न कराएंगे. मकर संक्रांति के तुरंत बाद झारखंड बीजेपी को नया अध्यक्ष मिल सकता है. इससे पहले बीजेपी ने 23 जिला अध्यक्षों की नियुक्ति भी कर दी है जिनमें तीन महिलाएं भी शामिल हैं. झारखंड बीजेपी को जल्द ही नया अध्यक्ष मिल जाएगा. भारतीय जनता पार्टी ने राज्य में अध्यक्ष के चुनाव के लिए चुनाव अधिकारी नियुक्त किया कर दिया है. जुएल ओरांव को पार्टी चुनाव प्रभारी बनाया जाएगा. 20 जनवरी से पहले झारखंड में नए प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव कर लिया जाएगा. ये चुनाव राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव से पहले होगा. भारतीय जनता पार्टी ने इसे लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, केंद्रीय कैबिनेट मंत्री जुएल ओरांव को राज्य अध्यक्ष और राष्ट्रीय परिषद सदस्यों के चुनाव के लिए झारखंड का राज्य चुनाव अधिकारी नियुक्त किया गया है. आदित्य साहू की नियुक्ति कर बीजेपी ने यह संदेश दिया था कि सामान्य कार्यकर्ता भी संगठन की कमान संभाल सकता है. जिला स्तर से राजनीति की शुरुआत करने वाले आदित्य साहू ने प्रदेश स्तर पर अपनी पहचान बनाई और बाद में उन्हें पार्टी ने राज्य सभा भेजा. चर्चा है कि झारखंड के कार्यकारी अध्यक्ष आदित्य साहू को ही प्रदेश अध्यक्ष बनाया जा सकता है. आदित्य साहू मौजूदा समय में राज्यसभा सदस्य हैं. राजनीति में आने से पहले वो प्रोफेसर थे. बताते चले कि भारतीय जनता पार्टी लंबे समय से इस दुविधा में है कि वो किसी झारखंड की कमान सौंपे. मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी विधानसभा में नेता विपक्ष भी हैं. अब मरांडी की जगह नया अध्यक्ष बनना था. पूर्व सीएम और कैबिनेट मंत्री अर्जुन मुंडा और प्रदीप वर्मा के नामों की भी चर्चा है. आदित्य साहू और रघुवर दास ओबीसी हैं, जबकि मुंडा आदिवासी. चुनाव अधिकारी के रूप में नियुक्त किए जुएल ओराम ओडिशा के बड़े आदिवासी नेता हैं. इसके जरिए भी बीजेपी ने इस आदिवासी बहुल राज्य में एक राजनीतिक संदेश देने का प्रयास किया है.

झारखंड में भी मंईयां को उद्यम के लिए केंद्र 10 हजार ​दे: वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर

रांची. वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने केंद्र सरकार से मांग की है कि बिहार की तर्ज पर मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत झारखंड की मंईयां को भी कुटीर उद्योग के लिए 10 हजार की आर्थिक सहायता प्रदान की डाए। साथ ही केंद्र की कोल कंपनियों के पास बकाया 1,36,04 वित्त मंत्री ने बताया कि वर्तमान में 51 लाख मंईयां को प्रतिमाह 2500 रुपए झारखंड सरकार की ओर दिया जा रहा है। राज्य गठन के 25 वर्ष पूरे हो चुके हैं। सामाजिक-आर्थिक पिछड़ापन के साथ ही उग्रवाद की समस्या भी हमें विरासत में मिली। झारखंड को केंद्र सरकार से कई प्रक्षेत्रों में आर्थिक सहयोग की आवश्यकता है। ऋण सीमा को बढ़ाकर 4% करने की मांग वित्त मंत्री ने कहा कि माल एवं सेवा कर (जीएसटी) में कर दर युक्तिकरण के कारण झारखंड को प्रतिवर्ष 4,000 करोड़ रुपए की क्षति हो रही है। इसकी भरपाई केंद्र सरकार करे। इसके साथ ही एफआरबीएम एक्ट के तहत ऋण सीमा को 3% से बढ़ा कर 4% किया जाए। इसके अलावा उग्रवाद को पूरी तरह खत्म करने के लिए अगले पांच वर्षों तक विशेष केंद्रीय सहायता तथा एसआईआर के तहत राशि उपलब्ध कराई जाए। पर्यटन स्थल को विकसित करने में मदद जरूरी वित्त मंत्री ने नेतरहाट, तेनुघाट तथा चांडिल को ईको-टूरिज्म के तौर पर विकसित करने की मांग की। वहीं हुआंगहातू गांव में स्टैच्यू ऑफ स्ट्रेंथ, तोपचांची (धनबाद), मलय (पलामू) में लेक फ्रंट परियोजना का विकास, चतरा में रोप-वे के लिए आ​​र्थिक सहयोग मांगा। नेतरहाट, रांची और रामगढ़ में ग्लास ब्रिज का निर्माण, पतरातू में एक्वेरियम पार्क तथा हीलियम बैलून की उड़ान, बेतला में टाइगर सफारी के साथ मलूटी मंदिर, बैद्यनाथ मंदिर, बंशीधर मंदिर, पारसनाथ, देउड़ी और अंजन धाम को टूरिस्ट कॉरिडोर बनाने के लिए केंद्र से वित्तीय मदद का आग्रह किया। मंत्री ने मजबूती से मांग रखी कैंसर पीड़ितों के लिए पेट-सीटी स्कैन मशीन लगाने में आर्थिक सहयोग करें। 1 लाख हेक्टेयर खेतों में सिंचाई के लिए प्रतिवर्ष 2000 करोड़ मिले। झारखंड में विभिन्न रेल परियेाजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर लिया जाए। माल एवं सेवा कर में 4 हजार करोड़ रुपए के नुकसान की भरपाई की जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों के निर्माण के लिए पीएमजीएसवाई के दायरे को बढ़ाया जाए। झारखंड में प्रति व्यक्ति आय बढ़ाने के लिए केंद्र सकार अतिरिक्त आर्थिक सहयोग करे। वन भूमि के अधिग्रहण की प्रक्रिया को सरल किया जाए। झारखंड की स्थापना के सा​थ राज्य के विकास के लिए जो भी बजट बनाए गए, उसमें गरीब, किसान, मजदूर, महिलाओं, बच्चों, युवाओं के परस्पर विकास का ध्यान रखा गया है। हर वर्ष राज्य सरकार की ओर से केंद्र सरकार के समक्ष जो मांगे रखी जाती हैं, वो इसी आधार पर होती हैं। इस बार भी वित्त मंत्री ने उन सभी मांगों को एक बार फिर दोहराते हुए केंद्र सरकार के समक्ष मजबूती से रखा है। – प्रो. धीरज पाठक, अर्थशास्त्री

महिलाएं बंजर भूमि पर गाजर उगाकर बनीं आत्मनिर्भर

गिरिडीह. गिरिडीह स्थित बेंगाबाद प्रखंड की महिलाएं, जो कभी घरों तक सीमित थीं, अब बंजर भूमि पर गाजर की फसल उगाकर अपनी पहचान बना रही हैं और आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश कर रही हैं। बेंगाबाद प्रखंड के मोतीलेदा पंचायत में स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) से जुड़ी महिला कृष मोतीलेदा में पहली बार लगभग 4 से 5 एकड़ भूमि पर महिला कृषकों द्वारा गाजर की खेती की जा रही है। इस कार्य में गांव की लगभग दो दर्जन महिलाएं शामिल हैं, जो अपने-अपने खेतों में आधुनिक तकनीक और जैविक विधि से खेती कर रही हैं। महिलाओं की मेहनत से कभी बंजर पड़ी जमीन आज गाजर की हरी-भरी फसल से आच्छादित हो गई है। बड़े पैमाने पर गाजर की खेती करने का लक्ष्य बेंगाबाद जेएसएलपीएस द्वारा इन महिलाओं को गाजर की उन्नत खेती का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण से पहले भी महिलाएं गाजर उगाती थीं, लेकिन पारंपरिक तरीकों से उत्पादन सीमित रहता था। प्रशिक्षण के बाद इस वर्ष क्यारी और बेड पद्धति अपनाकर खेती की गई, जिससे उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। अगले वर्ष और भी बड़े पैमाने पर गाजर की खेती करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। महिला कृषक पवनती देवी ने बताया कि अब जैविक विधि से खेती की जा रही है, जिसमें रासायनिक खाद और कीटनाशकों का उपयोग नहीं होता। इससे उत्पादन बढ़ा है और सब्जियों की गुणवत्ता भी बेहतर हुई है। 10 डिसमिल में गाजर की खेती से 6 से 7 क्विंटल तक उत्पादन महिला कृषकों के अनुसार, प्रत्येक महिला लगभग 15 से 20 डिसमिल भूमि पर खेती करती है। 10 डिसमिल में गाजर की खेती से 6 से 7 क्विंटल तक उत्पादन होता है, जिससे करीब 15 से 20 हजार रुपए तक की आमदनी हो जाती है। वहीं, एसएचजी से जुड़े किसान कोलेश्वर वर्मा और बिनोद वर्मा ने बताया कि इस वर्ष कुल मिलाकर करीब 5 एकड़ भूमि पर गाजर की खेती की जा रही है। प्रति एकड़ लगभग 65 क्विंटल उत्पादन होता है, जिससे करीब 2 लाख रुपए तक की आय होती है। गाजर की खेती में प्रति एकड़ 20 से 25 हजार रुपए का खर्च आता है। खेती में जुटी महिला कृषक आशा वर्मा, कविता कुमारी, लक्ष्मी कुमारी, पवनती देवी और सुनीता देवी ने बताया कि वे पूरी तरह कृषि पर निर्भर हैं। गाजर के साथ-साथ मटर, गोभी सहित अन्य सब्जियों की भी खेती करती हैं। हालांकि, किसानों ने सिंचाई की समस्या को लेकर चिंता भी जताई। उनका कहना है कि खेतों तक बिजली की व्यवस्था नहीं होने के कारण डीजल पंप से सिंचाई करना पड़ता है, जिससे लागत बढ़ जाती है। यदि खेतों तक बिजली की सुविधा मिल जाए तो कम खर्च में खेती संभव हो सकेगी। कुल मिलाकर मोतीलेदा की महिला कृषक अपनी मेहनत, प्रशिक्षण और नए तकनीकों के सहारे न सिर्फ अपनी आमदनी बढ़ा रही हैं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्र में महिला सशक्तिकरण की एक मजबूत मिसाल भी कायम कर रही हैं।

झारखंड में सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना से बालिकाओं की पढ़ाई को मिला बल

रांची. राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना में सम्मिलित सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना के तहत अब तक 104.65 करोड़ रुपये का भुगतान लाभुक बालिकाओं के बीच हो चुका है। राज्य की हर बालिकाओं को बेहतर शिक्षा और बेहतर जीवन के साथ ऊंचाइयों तक पहुंचने के सभी अवसर मिले, इस उद्देश्य के साथ यह योजना वर्ष 2022-23 में की गई थी। इस योजना के तहत सरकारी स्कूलों में अध्ययनरत पात्र किशोरियों को चरणबद्ध ढंग से 40 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है, ताकि किशोरी ड्राप आउट न हो तथा उसकी पढ़ाई जारी रहे। इस योजना का लाभ लेने के लिए इस वर्ष आवेदन की आनलाइन प्रक्रिया शुरू की गई है। आठवीं कक्षा से बारहवीं कक्षा की सभी बालिकाएं अपने विद्यालय से इस योजना का लाभ लेने के लिए सावित्रीबाईपीकेएसवाइ डाट झारखंड डाट इन पोर्टल पर आवेदन कर सकती हैं। अब तक 6,07,467 बालिकाओं ने इसका लाभ लेने के लिए आवेदन किया है, जिनमें 2,78,463 बालिकाओं को 104.65 लाख से अधिक राशि भुगतान किया जा चुका है। शेष लाभुकों की भुगतान की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। पूरे राज्य में अब तक ई विद्यावाहिनी में अंकित 15,007 विद्यालय में से 13,469 विद्यालयों से आवेदन प्राप्त हुए हैं। शेष विद्यालय से आवेदन प्राप्त करने के लिए आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया को समय पर निष्पादित करने के लिए संबंधित पदाधिकारियों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। महिला एवं बाल विकास विभाग के अनुसार, योजना का लाभ लेने के लिए अधिक जानकारी या सहायता के लिए जिला शिक्षा पदाधिकारी या जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, सीडीपीओ या विद्यालयों के प्रधानाध्यापक से संपर्क किया जा सकता है।

जेल वार्डर बनने का मौका: झारखंड में 1733 भर्तियों के लिए आवेदन शुरू, फिजिकल टेस्ट में 6 मिनट की दौड़ जरूरी

झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की ओर से निकाली गई जेल वार्डर ( कक्षपाल ) के 1733 पदों पर भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया कल 9 जनवरी 2026 से शुरू होगी। पहले यह 7 नवंबर 2025 से शुरू होनी थी लेकिन इसे टाल दिया गया था। इच्छुक व योग्य अभ्यर्थी झारखण्ड कक्षपाल प्रतियोगिता परीक्षा 2025 के लिए jssc.jharkhand.gov.in पर जाकर 8 फरवरी 2026 तक एप्लाई कर सकेंगे। परीक्षा शुल्क भरने व फोटो और हस्ताक्षर अपलोड कर आवदेन पत्र का प्रिंट आउट लेने के लिए अंतिम तिथि 10 फरवरी 2026 है। 11 फरवरी से 13 फरवरी 2026 तक ऑनलाइन आवेदन में करेक्शन की जा सकेगी। ऑनलाइन आवेदन पत्र में अभ्यर्थी के नाम, जन्म तिथि, ईमेल आईडी एवं मोबाइल संख्या को छोड़कर किसी भी गलत एंट्री को संशोधित करने के लिए फिर से लिंक उपलब्ध करायी जायेगी। नियुक्ति की कार्रवाई झारखंड राज्य की पुलिस, कक्षपाल, सिपाही (गृह रक्षा वाहिनी), उत्पाद सिपाही संयुक्त भर्ती नियमावली-2025 के तहत की जाएगी। जेएसएससी ने संशोधित नोटिस में खेल कूद कोटा का प्रावधान स्पष्ट किया है- क्र.सं. , प्रतियोगिता का स्तर , उपलब्धि 1. भारतीय ओलंपिक संघ अथवा उससे सम्बद्ध फेडरेशनों द्वारा आयोजित राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता। उपलब्धि: द्वितीय / तृतीय स्थान 2. झारखंड ओलंपिक संघ अथवा उससे सम्बद्ध संघों द्वारा आयोजित अधिकाधिक राज्य चैंपियनशिप। , उपलब्धि: प्रथम स्थान 3. राष्ट्रीय रिकॉर्ड स्थापित करने वाले खिलाड़ी। उपलब्धि: राष्ट्रीय रिकॉर्ड फिजिकल टेस्ट के नियम हुए आसान शारीरिक परीक्षा के तहत अभ्यर्थियों के लिए दौड़ का आयोजन होगा। दौड़ प्रक्रिया को पहले से काफी सरल करते हुए दूरी को घटाया गया है। बता दें कि बीते मार्च माह में हुई कैबिनेट बैठक में पुलिस, कक्षपाल, सिपाही और उत्पाद सिपाही नियुक्ति के लिए शारीरिक दक्षता परीक्षा में बदलाव किया गया है। पुरुष अभ्यर्थियों को 06 मिनट में 1600 मीटर दौड़ पूरी करनी होगी। पहले यह दौड़ 10 किमी की होती थी। वहीं, महिला अभ्यर्थियों को 10 मिनट में 1600 मीटर की दौड़ पूरी करनी होगी। पहले महिलाओं को 06 किलोमीटर की दौड़ लगानी पड़ती थी। कक्षपाल भर्ती की वैकेंसी डिटेल्स रिक्तियों में 1634 पद पुरुषों और 64 पद महिलाओं के लिए हैं। पुरुषों में 165 पद भूतपूर्व सैनिकों के लिए, 413 होमगार्ड के लिए और शेष 1056 अन्य अभ्यर्थियों के लिए हैं। कक्षपाल भर्ती योग्यता – 10वीं पास। आयु सीमा – 18 वर्ष से 25 वर्ष। अधिकतम आयु सीमा में अत्यंत पिछड़ा वर्ग के पुरुषों को दो वर्ष, अनारक्षित, अत्यंत पिछड़ा वर्ग, ईडब्ल्यूएस वर्गों की महिलाओं को 3 वर्ष, एससी एसटी पुरुष व महिलाओं को 5 वर्ष की छूट मिलेगी। पुरुष अनारक्षित, ईडब्ल्यूएस, अत्यंत पिछड़ा वर्ग – लंबाई कम से कम 160 सेमी, सीना फुलाकर कम से कम 81 सेमी हो। एससी व एसटी – लंबाई कम से कम 155 सेमी, सीना फुलाकर कम से कम 79 सेमी हो। महिलाओं के लिए लंबाई कम से कम 148 सेमी हो। चयन – सबसे पहले शारीरिक मापदंड व शारीरिक दक्षता परीक्षा होगी। इसमें सफल अभ्यर्थियों को लिखित परीक्षा के लिए बुलाया जाएगा। इसके बाद मेडिकल जांच होगी। वेतन – लेवल -2 (19900 – 63200 रुपये) आवेदन फीस – 100 रुपये राज्य के एससी व एसटी के लिए – 50 रुपये  

ठंड से कांपा झारखंड, शीतलहर के चलते 8 जनवरी तक स्कूलों में छुट्टी, मौसम विभाग की चेतावनी

रांची  झारखंड में नए साल के साथ शुरू हुआ अत्यधिक सर्दी का सितम बरकरार है। ठंड और शीतलहर ने जनजीवन बेहाल कर रखा है। ऐसे मौसम में स्कूल जाने वाले छात्रों को जिला प्रशासन की ओर से बड़ी राहत दी गई है। 8 जनवरी तक राज्य के सभी स्कूल बंद ठंड और शीतलहर के बढ़ते असर को देखते हुए स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने राज्य के सभी स्कूलों को बंद रखने का आदेश जारी किया है। विभाग ने 6 जनवरी 2026 से 8 जनवरी 2026 तक प्री-नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक की सभी कक्षाएं बंद रखने का निर्देश दिया है। यह आदेश राज्य में चल रहे सभी सरकारी, सहायता प्राप्त, गैर सहायता प्राप्त (अल्पसंख्यक सहित) और निजी स्कूलों पर लागू होगा। कोई स्कूल अगर इसका पालन नहीं करता है तो उसके खिलाफ नियम उल्लंघन के चलते कार्रवाई की जाएगी। सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षक और शिक्षकेत्तर कर्मचारी इन दिनों स्कूल आएंगे और अपनी उपस्थिति दर्ज करते हुए गैर-शैक्षणिक कार्य करेंगे। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि इस अवधि में किसी स्कूल में प्री-बोर्ड परीक्षा निर्धारित है, तो संबंधित सक्षम प्राधिकारी अपने स्तर से परीक्षा संचालन को लेकर फैसला ले सकते हैं। ठंड ने आम जनजीवन को प्रभावित कर दिया है दरअसल, मौसम विज्ञान केंद्र रांची द्वारा जारी विशेष बुलेटिन के अनुसार झारखंड में भारी ठंड और शीतलहरी की चेतावनी दी गई है। मौसम विज्ञान केंद्र रांची ने 5, 6 और 7 जनवरी तक न्यूनतम तापमान में 3 से 4 डिग्री की गिरावट होने का पूर्वानुमान जारी किया है जिससे आगामी तीन-चार दिनों तक ठंड का असर बढ़ने की पूरी संभावना है। बीते रविवार को राजधानी में दिनभर धूप-छांव की आंख मिचौली देखने को मिली। खिली धूप नहीं रहने से ठंड का असर देखने को मिला। वहीं, जिले के बाहरी क्षेत्रों में अहले सुबह घने कोहरे का असर भी दिखा। ठंड ने आम जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। हालांकि, शीतलहर होने के बावजूद लोगों की भीड़ शहर के पार्कों में देखने को मिल रही है।  

शीतलहर से कांपा झारखंड, लोहरदगा बना सबसे ठंडा इलाका—3.4 डिग्री दर्ज

रांची झारखंड के कई हिस्सों में सोमवार को शीतलहर की स्थिति बनी रही और राज्य के 10 जिलों में पारा 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे गिर गया। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने यह जानकारी दी। मौसम विभाग के अनुसार, लोहरदगा में राज्य का सबसे कम तापमान 3.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके बाद गुमला में 4.1 डिग्री सेल्सियस और लातेहार में 5.6 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। रांची मौसम विज्ञान केंद्र के उप निदेशक अभिषेक आनंद ने कहा, "क्षोभमंडल के निचले स्तरों में उत्तर-पश्चिमी हवाओं के चलने के कारण पारे में गिरावट आई है।" रांची मौसम विज्ञान केंद्र के उप निदेशक अभिषेक आनंद ने कहा, राज्य की राजधानी रांची में न्यूनतम तापमान 6.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। झारखंड के अन्य जिले जहां तापमान 10 डिग्री से नीचे रहा, उनमें बोकारो, कोडरमा, हजारीबाग, खूंटी, सिमडेगा और पलामू शामिल हैं।