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राजधानी की सड़कों पर मौत का साया: बेकाबू हाथियों ने 4 लोगों को रौंद डाला

रांची झारखंड के रांची के इटकी थाना क्षेत्र के कुंदी पतराटोली गांव स्थित जलेबिया जंगल में एक बार फिर जंगली हाथी ने उत्पात मचाया। बीते शनिवार सुबह हुए इस हमले में एक युवक और तीन महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। हाथी को देखते ही सभी जान बचाकर भागने लगे जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह गांव की कुछ महिलाएं जंगल में पत्ता चुनने गई थीं। इसी दौरान अचानक एक जंगली हाथी उनके सामने आ गया। हाथी को देखते ही सभी जान बचाकर भागने लगे। इस दौरान मांगी उरांव, सावित्री केरकेट्टा और 15 वर्षीय रितिका गिर पड़ीं और हाथी की चपेट में आ गईं। वहीं, एक युवक भी हाथी के हमले में बुरी तरह घायल हो गया। उसके हाथ और पैर में गंभीर चोट आई है। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की घटना के बाद ग्रामीणों ने हिम्मत दिखाते हुए सभी घायलों को तुरंत स्थानीय अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों के अनुसार सभी का इलाज जारी है। हाथी के हमले की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई। प्रभारी वनपाल राहुल महली के नेतृत्व में टीम हाथी की निगरानी कर रही है और उसे सुरक्षित जंगल की ओर खदेड़ने का प्रयास कर रही है। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे फिलहाल जंगल की ओर न जाएं और सतर्क रहें। वन विभाग के अधिकारियों ने कहा है कि घायलों को सरकारी प्रावधानों के तहत मुआवजा दिया जाएगा।  

20 फरवरी के बाद झारखंड में ‘मई जैसी’ तपिश, पारा 34°C तक चढ़ने का अनुमान

रांची झारखंड में अब मौसम तेजी से बदल रहा है। दिन में तेज धूप लोगों को परेशान कर रही है, तो शाम होते ही ठंड का अहसास होने लगता है। राज्य के कई जिलों में दिन और रात के तापमान में बड़ा अंतर देखा जा रहा है, जिससे लोगों को सेहत को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है। तापमान 30 से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान झारखंड में धीरे-धीरे गर्मी बढ़ने लगी है। खासकर दोपहर के समय कड़ी धूप निकल रही है, जिससे गर्मी महसूस हो रही है, लेकिन जैसे ही शाम होती है, मौसम अचानक ठंडा हो जाता है। कई जगहों पर तो लोगों को सुबह-शाम अब भी स्वेटर पहनना पड़ रहा है। रांची, खूंटी, लोहरदगा, पलामू और राज्य के मध्य व पश्चिमी हिस्सों में ऐसा मौसम ज्यादा देखने को मिल रहा है। उत्तर-पूर्वी झारखंड के देवघर, धनबाद, दुमका, गिरिडीह, गोड्डा, जामताड़ा, पाकुड़ और साहिबगंज जिलों में तापमान में हल्की बढ़ोतरी हो रही है। इन इलाकों में अधिकतम तापमान 30 से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। गोड्डा और पाकुड़ में 20 फरवरी तक तापमान 34 डिग्री तक पहुंच सकता है। वहीं, न्यूनतम तापमान 12 से 16 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। सुबह के समय हल्का कुहासा छाए रहने की संभावना है, जिससे दृश्यता पर असर पड़ सकता है। उत्तर-पश्चिमी जिलों में दिन-रात के तापमान में बड़ा अंतर पलामू, कोडरमा, गढ़वा, लातेहार और लोहरदगा में दिन का तापमान 30 से 33 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। जबकि रात में तापमान 10 से 12 डिग्री तक गिर सकता है। दिन और रात के तापमान में ज्यादा अंतर होने के कारण लोगों को सेहत का खास ध्यान रखना चाहिए, क्योंकि इस बदलाव से सर्दी-जुकाम या अन्य मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। दक्षिणी जिलों में गर्मी का असर ज्यादा जमशेदपुर, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां में न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस या उससे थोड़ा ज्यादा रह सकता है। यहां के लोगों को अभी से गर्मी का एहसास होने लगा है। हालांकि शाम के समय हल्की ठंड राहत दे रही है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दो-तीन दिनों में न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक और बढ़ोतरी हो सकती है।  

झारखंड के स्कूल में आग का तांडव, कमरे से उठती लपटें देख अफरा-तफरी

धनबाद झारखंड के धनबाद में रविवार शाम एक स्कूल के स्टोर रूम में अचानक आग लग गई। आग लगते ही इलाके में हड़कंप मच गया। राहत की बात यह रही कि उस समय स्कूल बंद था, इसलिए कोई हताहत नहीं हुआ। आसपास के लोगों में अफरा-तफरी जिले के सदर थाना क्षेत्र स्थित हीरापुर के एचई हाई स्कूल में रविवार शाम अचानक आग लग गई। आग स्कूल के स्टोर रूम में लगी थी। देखते ही देखते कमरे से तेज धुआं और लपटें निकलने लगीं, जिससे आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत अग्निशमन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ी मौके पर पहुंची और आग बुझाने का काम शुरू किया गया। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। दमकल कर्मियों की सतर्कता से आग स्कूल के अन्य हिस्सों में फैलने से बच गई। अगर स्कूल खुला होता तो… बताया जा रहा है कि स्टोर रूम में पुरानी किताबें, फर्नीचर और अन्य बेकार सामान रखे हुए थे। यही वजह रही कि आग तेजी से फैल गई और कमरे का अधिकतर सामान जलकर राख हो गया। स्कूल के एक छात्र ने बताया कि रविवार होने के कारण स्कूल बंद था। अगर स्कूल खुला होता तो बड़ा हादसा हो सकता था। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट या किसी तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही है। पुलिस और अग्निशमन विभाग मामले की जांच में जुटे हैं।  

आज झारखंड में निकलेगी शिव बारात: ट्रैफिक रहेगा डायवर्ट, इन रास्तों पर नहीं मिलेगी एंट्री

रांची राजधानी रांची में आज 15 फरवरी को महाशिवरात्रि का पर्व पूरे उत्साह और भक्ति भाव के साथ मनाया जा रहा है। शहर के प्रमुख मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी हैं। शिव बारात को लेकर प्रशासन ने विशेष सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था की है, ताकि लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो। रांची में शिव बारात, ट्रैफिक में बदलाव महाशिवरात्रि के अवसर पर आज शाम करीब 4 से 5 बजे के बीच शिव बारात निकाली जाएगी। जुलूस को देखते हुए शहर में कई जगह बैरिकेडिंग की गई है। पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। ट्रैफिक एसपी ने नागरिकों से अपील की है कि जुलूस वाले रास्तों से बचें और यातायात व्यवस्था में सहयोग करें। सुबह 5 बजे से रात 10 बजे तक बड़े वाहनों का शहर में प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। बड़े मालवाहक वाहन तय स्थानों तक ही जा सकेंगे। छोटे वाहन निर्धारित मार्गों से ही अपने गंतव्य तक पहुंच पाएंगे। कांके की ओर जाने वाले छोटे वाहन राम मंदिर मोड़, हॉटलिप्स चौक और न्यू मार्केट चौक से होकर जा सकेंगे। जुलूस के दौरान शनि मंदिर, दुर्गा मंदिर, मिनाक्षी गली, सुखदेवनगर, बालाजी मंदिर, सुलभ शौचालय और गौशाला कटिंग से पहाड़ी मंदिर जाने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग रहेगी। शिव बारात का रूट शिव बारात इंद्रपुरी शिव मंदिर से शुरू होकर रातू रोड, मेट्रो गली, रानी सती मंदिर, पहाड़ी मंदिर, बानो मंजिल मार्ग, गाड़ीखाना, कार्ट सराय रोड, जेजे रोड, शहीद चौक, पुस्तक पथ, ज्योति संगम, गांधी चौक, मारवाड़ी टोला, महावीर चौक, प्यादा टोली होते हुए आरआर स्पोर्टिंग दुर्गा पूजा समिति के प्रांगण में समाप्त होगी। क्यों मनाई जाती है महाशिवरात्रि? महाशिवरात्रि का पर्व पूरे देश में श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार यह पर्व फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को आता है। मान्यता है कि इसी दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, समुद्र मंथन के समय निकला विष भगवान शिव ने सृष्टि की रक्षा के लिए पी लिया था। इसी कारण उनका कंठ नीला पड़ गया और वे नीलकंठ कहलाए। इस दिन भक्त व्रत रखते हैं, रात भर जागरण करते हैं और भगवान शिव की पूजा-अर्चना करते हैं। शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और भांग अर्पित की जाती है। “ॐ नमः शिवाय” का जाप कर लोग सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हैं। झारखंड सहित देशभर के प्रमुख शिव मंदिरों में आज भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है और पूरा माहौल भक्तिमय बना हुआ है।  

झारखंड वेदर अलर्ट: कोहरे-बादलों के बीच 14 फरवरी तक सख्ती

रांची  झारखंड में अब कड़ाके की ठंड की विदाई हो चुकी है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, राज्य में अगले कुछ दिनों तक मौसम शुष्क बना रहेगा और न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, 14 फरवरी तक राज्य के मध्य, दक्षिणी और उत्तर-पूर्वी हिस्सों में सुबह के वक्त हल्का कोहरा देखने को मिल सकता है। हालांकि, दिन चढ़ने के साथ ही आसमान पूरी तरह साफ हो जाएगा। 10 से 12 फरवरी के बीच कुछ जिलों में बादलों की आवाजाही रह सकती है, लेकिन बारिश की कोई उम्मीद नहीं है। तापमान की बात करें तो चाईबासा राज्य का सबसे गर्म स्थान रहा, जहाँ तापमान 31.8°C दर्ज किया गया। वहीं गुमला में न्यूनतम तापमान 6.2°C रिकॉर्ड हुआ। जबकि राजधानी रांची में अधिकतम तापमान 24.4 डिग्री और न्यूनतम तापमान 9.9 डिग्री सेल्सियस रहा। आने वाले दिनों में न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी होने की संभावना है। उत्तर और मध्य झारखंड में दिन का तापमान 28 से 31 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जबकि दक्षिणी जिलों में अधिकतम तापमान 31 से 33 डिग्री सेल्सियस तक जाने का अनुमान है। मौसम विभाग ने फिलहाल किसी भी जिले के लिए कोई चेतावनी जारी नहीं की है। मौसम शुष्क रहने के कारण यह समय कृषि कार्यों के लिए बेहद अनुकूल है। हालांकि, सुबह और शाम हल्की ठंड बरकरार रहेगी, इसलिए स्वास्थ्य के प्रति सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

निकाय चुनाव: झारखंड में कैश पर कड़ी नजर, फ्लाइंग स्क्वॉड सक्रिय

रांची झारखंड में निकाय चुनाव को लेकर निर्वाचन प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण बनाने के उद्देश्य से प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए नकदी, शराब अथवा अन्य वस्तुओं के वितरण को दंडनीय अपराध बताते हुए प्रशासन ने आम नागरिकों से सतकर् रहने और सहयोग करने की अपील की है। अवैध गतिविधि पर फ्लाइंग स्क्वॉड की कड़ी नजर प्रशासन के अनुसार, चुनाव के दौरान किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि पर नजर रखने के लिए प्रत्येक थाना क्षेत्र में फ्लाइंग स्क्वॉड का गठन किया गया है। ये टीमें लगातार गश्त कर रही हैं और संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी रखी जा रही है, ताकि चुनाव को प्रभावित करने वाले प्रयासों पर समय रहते रोक लगाई जा सके। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि चुनाव अवधि के दौरान यदि कोई व्यक्ति किसी निर्वाचन क्षेत्र में बड़ी मात्रा में नकदी लेकर चलता पाया जाता है, तो उससे धन के स्रोत और उसके उपयोग से संबंधित वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा जाएगा। संतोषजनक दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराने की स्थिति में नकदी को जब्त किया जा सकता है और संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कारर्वाई की जाएगी।   केवल आम लोगों पर ही नहीं, बल्कि प्रत्याशियों पर भी होगा एक्शन प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह कारर्वाई केवल आम लोगों पर ही नहीं, बल्कि राजनीतिक दलों, उनके कार्यकर्ताओं और प्रत्याशियों पर भी समान रूप से लागू होगी। किसी भी स्तर पर चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नकदी के साथ-साथ शराब, उपहार सामग्री या अन्य किसी प्रकार की वस्तुओं का वितरण भी अपराध की श्रेणी में आएगा। आम नागरिकों से अपील करते हुए प्रशासन ने कहा है कि वे अनावश्यक रूप से बड़ी मात्रा में नकदी लेकर यात्रा करने से बचें। यदि किसी कारणवश नकदी ले जाना आवश्यक हो, तो संबंधित दस्तावेज अपने पास अवश्य रखें, ताकि जांच के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो। उनमें से पैन कार्ड और उसकी प्रति, व्यापार निबंधन प्रमाण पत्र (यदि लागू हो), बैंक पासबुक या बैंक स्टेटमेंट, जिसमें नकदी निकासी का विवरण हो, नियमित नकद लेन-देन वाले व्यवसाय के लिए कैश बुक की प्रति, धन के उपयोग से संबंधित प्रमाण, जैसे विवाह निमंत्रण पत्र या अस्पताल में भर्ती से जुड़े दस्तावेज जैसे दस्तावेज रखना जरूरी है।        प्रशासन ने लोगों से यह भी आग्रह किया है कि यदि कहीं मतदाताओं को प्रभावित करने के उद्देश्य से नकदी, शराब या अन्य वस्तुओं का वितरण होता दिखाई दे, तो इसकी सूचना तत्काल स्थानीय पुलिस, निर्वाचन अधिकारियों या नियंत्रण कक्ष को दें। नागरिकों के सहयोग से ही स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित किया जा सकता है।

रांची समेत पूरे झारखंड में बढ़ी ठिठुरन, कड़ाके की ठंड और कोहरे ने बढ़ाई मुश्किलें

रांची झारखंड में मौसम ने एक बार फिर अचानक करवट ले ली है। बीते कुछ दिनों से तापमान में आई बढ़ोतरी के बाद अब राज्य में कड़ाके की ठंड ने जोर पकड़ लिया है। राजधानी रांची में न्यूनतम तापमान गिरकर 6.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जिससे लोगों को ठिठुरन भरी ठंड का सामना करना पड़ रहा है। राज्य के अन्य जिलों में भी तापमान सामान्य से काफी नीचे दर्ज किया गया है। शीतलहर अगले एक सप्ताह तक बनी रह सकती है मौसम विभाग के अनुसार, हिमालयी क्षेत्रों में हो रही भारी बफर्बारी और वहां से आने वाली ठंडी हवाओं का सीधा असर झारखंड के मौसम पर पड़ रहा है। विभाग का कहना है कि यह शीतलहर अगले एक सप्ताह तक बनी रह सकती है। पिछले 24 घंटों में कई जिलों में न्यूनतम तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। डाल्टनगंज में तापमान 8.02 डिग्री, खूंटी में 8.6 डिग्री, जबकि लातेहार और लोहरदगा में यह 10 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा। राज्य के कम से कम 13 जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया है। इनमें रांची, खूंटी, गुमला, लोहरदगा, लातेहार, हजारीबाग, रामगढ़ और पलामू प्रमुख हैं। ठंड के साथ-साथ सुबह के समय घना कोहरा भी लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है। "सूर्योदय के बाद ही घर से निकलें" मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि खूंटी, लोहरदगा, लातेहार, पलामू और रांची में सुबह के समय द्दश्यता घटकर मात्र 50 मीटर तक रह सकती है। ऐसे में वाहन चालकों और यात्रियों को विशेष सतकर्ता बरतने तथा सूर्योदय के बाद ही घर से निकलने की सलाह दी गई है। हालांकि, दिन के अधिकतम तापमान में ज्यादा बदलाव की संभावना नहीं है। अधिकांश जिलों में अधिकतम तापमान 25 से 27 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा, जबकि जमशेदपुर में यह 29 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।  

बेंगलुरु में मकर संक्रांति महोत्सव में दिखा बिहार-झारखंड की संस्कृति का जलवा

रांची. बेंगलुरु में 1 फरवरी 2026 को एचएसआर लेआउट के समर्थनम प्रेक्षा गृह में ज्योति होप फाउंडेशन की ओर से दूसरा मकर संक्रांति महोत्सव का आयोजन बड़े हर्षोल्लास के साथ किया गया. इस अवसर पर नगर में निवास करने वाले बिहार और झारखंड के प्रबुद्ध नागरिकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया. यह आयोजन एक मिलन समारोह के रूप में सामने आया, जहां परंपरा, संस्कृति और सामाजिक एकता का सुंदर समावेश देखने को मिला. विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति समारोह में झारखंड से रांची सिक्योरिटी प्राइवेट लिमिटेड के अनिरुद्ध सिंह और कर्नाटक के पूर्व पुलिस महानिदेशक असित मोहन प्रसाद बतौर विशिष्ट अतिथि शामिल हुए. उल्लेखनीय है कि श्री असित मोहन प्रसाद मूल रूप से रांची के निवासी हैं, जिससे कार्यक्रम में झारखंड से भावनात्मक जुड़ाव और गहरा हो गया. अतिथियों की उपस्थिति ने आयोजन को विशेष गरिमा प्रदान की. भोजपुरी, मिथिला और नागपुरी संस्कृति की रंगारंग प्रस्तुति कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण सांस्कृतिक प्रस्तुतियां रहीं. बिहार की भोजपुरी और मिथिला लोकसंस्कृति के साथ झारखंड के नागपुरी नृत्य-गीत ने दर्शकों का मन मोह लिया. रांची सिक्योरिटी के मरदा रायडीह स्थित श्रीधर जान संस्थान से प्रशिक्षित और कर्नाटक के हासन शहर में हिम्मतसिंगका कंपनी में कार्यरत युवतियों की नागपुरी नृत्य प्रस्तुति को खूब सराहना मिली. यह प्रस्तुति झारखंड की सांस्कृतिक विरासत के लिए गर्व का विषय बनी. सम्मान, उपहार और पारंपरिक स्वाद सांस्कृतिक कार्यक्रमों के उपरांत गणमान्य अतिथियों को झारखंडी जोहार शॉल और मिथिला पेंटिंग भेंट कर सम्मानित किया गया. साथ ही ज्योति होप फाउंडेशन की ओर से प्रत्येक आगंतुक को उपहार प्रदान किया गया. मकर संक्रांति के अवसर पर दही-चिवड़ा, गुड़ और तिलकुट सहित पारंपरिक एवं स्वादिष्ट व्यंजनों का सभी ने भरपूर आनंद लिया. संस्कृति, समरसता और भावी पीढ़ी का संदेश इस मकर संक्रांति मिलन समारोह का मुख्य उद्देश्य प्रदेश से बाहर रहते हुए भी बिहार और झारखंड की सांस्कृतिक पहचान को जीवंत बनाए रखना है. सामाजिक समरसता, परंपरा और सामुदायिक गर्व की भावना को सशक्त करना इस आयोजन का मूल भाव रहा. ऐसे कार्यक्रम भावी पीढ़ी को अपनी जड़ों से जुड़े रहने का अवसर प्रदान करते हैं. राष्ट्रभक्ति के संदेश के साथ समापन फाउंडेशन की अध्यक्षा डॉ ज्योति राज ने भारत भारती संस्था का परिचय देते हुए राष्ट्रीय एकता, एकात्मता और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य में सभी से योगदान देने का आह्वान किया. कार्यक्रम का समापन बंदे मातरम राष्ट्रगीत के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर सामूहिक गान के साथ हुआ. आयोजन को सफल बनाने में ई-कॉम्प टेक्नोलॉजी के प्रबंध निदेशक गौतम राज की विशेष भूमिका रही.

आज महात्मा गांधी की पुण्यतिथि: झारखंड के राज्यपाल व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने किया नमन

  रांची झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शुक्रवार को महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। राष्ट्रपिता को श्रद्धांजलि देते हुए गंगवार ने कहा कि देश महात्मा गांधी द्वारा दिखाए गए मार्ग और उनके आदर्शों का अनुसरण करना जारी रखेगा। गंगवार ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर पोस्ट किया, ''आज राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की पुण्यतिथि के अवसर पर लोक भवन, रांची में उनके चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। बापू के सत्य, अहिंसा और सेवा के आदर्श हमें सदैव मानवता, शांति और राष्ट्र निर्माण के पथ पर अग्रसर रहने की प्रेरणा देते हैं।'' मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि बापू का सत्य, अहिंसा और न्याय का मार्ग हमारे लोकतंत्र और सामाजिक जीवन की आधारशिला है। सोरेन ने 'एक्स' पर पोस्ट कर लिखा, ''महात्मा गांधी का जीवन हमें मानवता, करुणा और नैतिक साहस के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।'' महात्मा गांधी की पुण्यतिथि को शहीद दिवस के रूप में मनाया जाता है।  

झारखंड में नगरीय चुनावी रण शुरू, 23 फरवरी को वोटिंग; जानिए कब आएंगे नतीजे

रांची झारखंड में निकाय चुनावों का शंखनाद हो गया है. झारखंड राज्य निर्वाचन आयुक्त अलका तिवारी ने मंगलवार 27 जनवरी 2026 को प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसका ऐलान किया है. निर्वाचन आयुक्त की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, झारखंड में 23 फरवरी 2026 दिन सोमवार को मतदान होगा, जबकि 27 फरवरी को मतगणना की तिथि घोषित की गई है. निर्वाचन आयोग की ओर से अधिसूचना के अनुसार, नामांकन से लेकर मतगणना तक की सभी महत्वपूर्ण तिथियां तय कर दी गई हैं. यह कार्यक्रम जिला निर्वाचन पदाधिकारी (नगर निगम) के माध्यम से लागू होगा. राज्य की सभी नगर पालिकाओं, नगर निगमों और नगर परिषदों के लिए एक साथ चुनाव कराए जाएंगे। निर्वाचन आयोग की घोषणा के साथ ही पूरे झारखंड में आदर्श आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। आयोग की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार, 23 फरवरी को नगर निकाय चुनाव के लिए मतदान होगा। जबकि चुनाव के नतीजे 27 फरवरी को आएंगे। चुनाव प्रक्रिया की औपचारिक शुरुआत 28 जनवरी 2026 बुधवार को होगी. इसी दिन पूर्वाह्न 11 बजे प्रपत्र-5 में निर्वाचन की सूचना का प्रकाशन किया जाएगा. इसके साथ ही आचार संहिता प्रभावी मानी जाएगी. इसके साथ ही राज्य की 20 नगर परिषदों में अध्यक्ष पदों के लिए SC, ST, ओबीसी और अनारक्षित श्रेणियों के साथ-साथ महिला आरक्षण का भी पूरा ध्यान रखा गया है। निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, गिरिडीह, गढ़वा, दुमका, जामताड़ा, साहेबगंज और पूर्वी सिंहभूम जैसे जिलों की कई नगर पंचायतों में अध्यक्ष का पद महिलाओं के लिए आरक्षित किया गया है। वहीं, खूंटी, लातेहार, गोड्डा और रांची जैसे आदिवासी बहुल इलाकों में अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग को प्राथमिकता दी गई है। राज्य निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि नगर निकाय चुनाव, 9 जनवरी को जारी की गई आरक्षण सूची के आधार पर ही होंगे। इस बार राजधानी रांची नगर निगम का मेयर पद अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए आरक्षित किया गया है। वहीं, धनबाद और चास नगर निगम के मेयर पद को सामान्य श्रेणी के लिए रखा गया है।