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‘गवर्नर: द साइलेंट सेवियर’ रिव्यू: मनोज बाजपेयी की दमदार एक्टिंग, लेकिन कहानी में रह गई कमी

1991 का आर्थिक संकट भारत के इतिहास के सबसे मुश्किल दौर में से एक था. इसी अहम अध्याय को बड़े पर्दे पर लाने की कोशिश करती है मनोज बाजपेयी स्टारर 'गवर्नर: द साइलेंट सेवियर'. डायरेक्टर चिन्मय डी. मांडलेकर की ये फिल्म एक ऐसे शख्स की कहानी दिखाती है, जिसने देश को आर्थिक संकट से बाहर निकालने में बड़ी भूमिका निभाई. दमदार विषय और अच्छे कलाकारों के बावजूद क्या फिल्म दर्शकों को बांधकर रख पाती है? आइए जानते हैं हमारे इस रिव्यू में. फिल्म में ए. रामनन (मनोज बाजपेयी) को अचानक राष्ट्रीय बैंक का गवर्नर बनाया जाता है. वो भी तब जब देश आर्थिक संकट से जूझ रहा है. दिवालिया घोषित होने की कगार पर है. उनकी नियुक्ति पर सवाल उठते हैं क्योंकि उन्हें अर्थशास्त्र (इकोनॉमिक्स) का विशेषज्ञ नहीं माना जाता. लेकिन हालात ऐसे हैं कि देश को बचाने के लिए उन्हें बड़े और साहसी फैसले लेने पड़ते हैं. IMF से बातचीत, विदेशी कर्ज और देश के गोल्ड रिजर्व को गिरवी रखने जैसे फैसलों के जरिए कहानी आगे बढ़ती है. डायरेक्शन: इरादा बड़ा, असर थोड़ा कम डायरेक्टर चिन्मय डी. मांडलेकर ने एक बेहद महत्वपूर्ण विषय चुना है. इंस्पेक्टर जेंडे के बाद ये मनोज बाजपेयी और चिन्मय डी. मांडलेकर की साथ में दूसरी फिल्म है और दोनों की जोड़ी फिर से एक गंभीर विषय लेकर आई है. हालांकि, जहां कहानी में स्वाभाविक रूप से तनाव, राजनीतिक दबाव और सस्पेंस की भरपूर गुंजाइश थी, वहां फिल्म कई बार जरूरत से ज्यादा आसान और इंस्पायर करने वाली बन जाती है. देश आर्थिक संकट में है, लेकिन स्क्रीन पर वो बेचैनी और घबराहट पूरी ताकत से महसूस नहीं होती. फिल्म कई बार ऐसे आगे बढ़ती है जैसे कोई मुश्किल पहेली धीरे-धीरे सुलझ रही हो, जबकि असल में हालात कहीं ज्यादा गंभीर थे. स्क्रीनप्ले: दिलचस्प विषय, लेकिन कमजोर पकड़ फिल्म का सबसे बड़ा प्लस पॉइंट इसका सब्जेक्ट है. आर्थिक संकट जैसी जटिल घटना को आसान भाषा में समझाने की कोशिश की गई है, जिससे आम दर्शक भी कहानी से जुड़ सके. लेकिन स्क्रीनप्ले कई जगहों पर सतही महसूस होता है. कई अहम राजनीतिक और प्रशासनिक टकरावों को सिर्फ छूकर छोड़ दिया गया है. संकट से जूझ रही पूरी टीम की बजाय कहानी लगभग पूरी तरह गवर्नर और उनके डिप्टी के इर्द-गिर्द घूमती रहती है. यही वजह है कि फिल्म का दायरा बड़ा होने के बावजूद उसका प्रभाव सीमित रह जाता है. एक्टिंग: मनोज बाजपेयी फिर भी संभाल लेते हैं मोर्चा मनोज बाजपेयी अपने किरदार में पूरी ईमानदारी के साथ नजर आते हैं. दक्षिण भारतीय लहजे और बॉडी लैंग्वेज को पकड़ने की उनकी कोशिश दिखती है, हालांकि ये हर जगह एक जैसी नहीं लगती. फिर भी जब भी फिल्म कमजोर पड़ती है, बाजपेयी अपनी स्क्रीन प्रेजेंस से उसे संभालने की कोशिश करते हैं. डिप्टी गवर्नर के किरदार में नौशाद मोहम्मद कुंजू काफी प्रभाव छोड़ते हैं. उनके और बाजपेयी के बीच के दृश्य फिल्म के मजबूत हिस्सों में गिने जा सकते हैं. मधु शाह को ज्यादा स्क्रीन स्पेस नहीं मिला है, लेकिन वो अपने सीमित किरदार में सहज हैं. वहीं पत्रकार के रोल में अदा शर्मा का किरदार कहानी में बहुत खास योगदान नहीं दे पाता और कई बार गैरजरूरी सा महसूस होता है. फिल्म के यादगार पल फिल्म में कुछ छोटे लेकिन प्रभावशाली सीन हैं जो लंबे समय तक याद रहते हैं. ट्रैफिक सिग्नल पर एक बच्ची से पेन खरीदने वाला सीन हो या फिर ऑफिस के चपरासी की कर्ज मांगने की आदत से जन्म लेने वाला एक बड़ा आइडिया, ये पल कहानी में 'ह्यूमन टच' जोड़ते हैं और फिल्म को भावनात्मक गहराई देते हैं. फाइनल वर्डिक्ट: देखने लायक लेकिन अधूरी उड़ान 'गवर्नर' एक महत्वपूर्ण और कम चर्चा वाले ऐतिहासिक अध्याय को सामने लाती है. फिल्म का प्लॉट दमदार है, कलाकारों की मेहनत भी नजर आती है, लेकिन कमजोर स्क्रीनप्ले और कम महसूस होने वाला तनाव इसे एक बेहतरीन फिल्म बनने से रोक देता है. अगर आपको भारत के आर्थिक इतिहास, राजनीतिक ड्रामा और मनोज बाजपेयी की परफॉर्मेंस पसंद है तो ये फिल्म देखी जा सकती है. लेकिन जिस रोमांच, गहराई और प्रभाव की उम्मीद इसके विषय से की जाती है, वहां 'गवर्नर' थोड़ी पीछे रह जाती है.

भारत के प्राचीन गौरव पर राज्यपाल का संबोधन, अफगानिस्तान से म्यांमार तक बताया हिस्सा

जयपुर  राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे से मंगलवार को लोकभवन में आईआईआईटी धारवाड़, कर्नाटक के विद्यार्थियों ने मुलाकात की। "एक भारत श्रेष्ठ भारत" के अंतर्गत राज्यपाल ने इन विद्यार्थियों का अभिनन्दन करते हुए उनसे संवाद किया। राज्यपाल ने कहा कि भारत की सीमाएं प्राचीन काल में आज से बहुत अधिक विस्तृत थीं। उन्होंने कहा कि आज का अफ़ग़ानिस्तान, गांधार और कंबोज, पाकिस्तान, बांग्लादेश, और म्यांमार भारत के ही विशाल साम्राज्य का हिस्सा थे। उन्होंने कहा कि विश्व में सर्वाधिक 19 विश्वविद्यालय भारत में थे। सुदूर देशों से लोग भारत में पढ़ने आते थे। उन्होंने कहा कि प्राचीन भारत के लोगों की बौद्धिक क्षमता बहुत अधिक थी। बप्पा रावल के नाम से ही रावल पिंडी स्थान का नामकरण हुआ। उन्होंने कहा कि भारत संस्कृति और परंपराओं में आरम्भ से ही श्रेष्ठ रहा है। इसे फिर से श्रेष्ठ बनाने की आवश्यकता है। राज्यपाल ने नई शिक्षा नीति की चर्चा करते हुए कहा कि इसमें प्राचीन गौरव की अनुभूति कराते युवाओं को सभी क्षेत्र में अग्रणी करने पर जोर है। उन्होंने राजस्थान के आदिवासी क्षेत्र की वीरांगना कालीबाई के बारे में भी कर्नाटक के विद्यार्थियों को विस्तार से बताया और कहा कि स्वाधीनता संग्राम में कालीबाई की महती भूमिका रही। उन्होंने कहा कि भारत श्रेष्ठ रहा है, इसका इतिहास प्रौद्योगिकी के विद्यार्थियों को पता होना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश के युवा प्रतिभाशाली  बने, इसी उद्देश्य से "एक भारत श्रेष्ठ भारत" के साथ विकसित भारत का संकल्प संजोया गया है। इससे पहले राज्यपाल ने विद्यार्थियों को संवाद में राजस्थान के भूगोल, संस्कृति के बारे में बताते हुए सरदार सरोवर से नर्मदा जल को राजस्थान में लाए जाने, राजस्थान के ऐतिहासिक चितौड़गढ़ दुर्ग, विश्व की सबसे बड़ी पक्की  नहर गंग नहर के इतिहास के बारे में रोचक ढंग से जानकारियां दी। इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव डॉ. पृथ्वी भी उपस्थित रहे।

अब यूनिफॉर्म में नजर आएंगे विश्वविद्यालय और कॉलेज छात्र, यूपी में नया नियम लागू

लखनऊ  उत्तर प्रदेश की राज्यपाल और राज्य विश्वविद्यालयों की चांसलर आनंदीबेन पटेल ने प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों (कॉलेजों) में विद्यार्थियों के लिए यूनिफॉर्म व्यवस्था अनिवार्य रूप से लागू करने के निर्देश दिए हैं. बुधवार को राजभवन में जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय, बलिया से संबद्ध शासकीय और वित्तपोषित महाविद्यालयों की समीक्षा बैठक के दौरान राज्यपाल ने यह बड़ा फैसला सुनाया।  क्यों और कैसे लागू होगा यह नियम? एकरूपता लाना है मकसद वर्तमान में यूपी के कुछ महिला कॉलेजों और सेल्फ-फाइनेंस पाठ्यक्रमों में तो ड्रेस कोड लागू है, लेकिन अधिकांश राज्य विश्वविद्यालयों और डिग्री कॉलेजों में छात्र सामान्य कपड़ों में आते हैं. अब नए आदेश के तहत सभी संस्थान अपने स्तर पर मनपसंद रंग और डिजाइन तय कर यूनिफॉर्म लागू करेंगे, जिससे पूरे कैंपस में एकरूपता बनी रहे।  शिक्षकों की गरिमा पर कड़ा रुख बैठक के दौरान हाल ही में लखनऊ विश्वविद्यालय के जूलोजी विभाग में एक शिक्षक द्वारा छात्रा को परेशान करने और पेपर लीक करने के कथित मामले पर राज्यपाल ने सख्त नाराजगी जताई. उन्होंने दो टूक कहा कि शिक्षक ऐसा कोई काम न करें जिससे गुरु की गरिमा को ठेस पहुंचे. सभी शिक्षकों को समय पर कक्षाएं लेने और छात्रों की उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा गया है।  रोजगार परक और वोकेशनल कोर्स पर जोर छात्राओं को आत्मनिर्भर और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए राज्यपाल ने कॉलेजों को शॉर्ट-टर्म वोकेशनल कोर्स शुरू करने के निर्देश दिए हैं. इनमें प्रमुख रूप से- जीएसटी (GST) और अकाउंटेंसी ब्यूटीशियन और मेहंदी कोर्स बिंदी निर्माण मिलेट (मोटे अनाज) आधारित खाना बनाना छात्रों की समस्याओं के लिए कमेटी सभी कॉलेजों और यूनिवर्सिटीज में एक विशेष समिति (कमेटी) बनाई जाएगी, जहां छात्र-छात्राएं बिना किसी डर या झिझक के अपनी शिकायतें और समस्याएं खुलकर साझा कर सकेंगे. इसके अलावा दुर्लभ पुस्तकों के डिजिटलाइजेशन और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स (जैसे इन्फ्लिबनेट) के इस्तेमाल को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया है।  जल्द तैयार करेंगे खाका राज्यपाल के इस निर्देश के बाद, अब उत्तर प्रदेश के सभी उच्च शिक्षण संस्थान अपने स्तर पर यूनिफॉर्म के रंग, पैटर्न और इसे लागू करने की समय-सीमा का खाका तैयार करेंगे। 

एमजेएफ लॉयन महेश मालवीय डिस्ट्रिक्ट गवर्नर के पद पर निर्वाचित हुए

उज्जैन उज्जैन में Lions Clubs International डिस्ट्रिक्ट 3233 G-2, पृथ्वी की भव्य डिस्ट्रिक्ट कॉन्फ्रेंस गरिमामय वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस अवसर पर नेतृत्व परिवर्तन के तहत MJF लॉयन प्रवीण वशिष्ठ (उज्जैन) के स्थान पर MJF लॉयन महेश मालवीय (भोपाल) के वर्ष 2026–27 के डिस्ट्रिक्ट ३२३३ जी-२ के डिस्ट्रिक्ट गवर्नर के पद पर निर्वाचित हुए । डिस्ट्रिक्ट 3233 G-2, जिसमें 166 क्लब और लगभग 3,000 समर्पित सदस्य शामिल हैं, सामाजिक सेवा के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय भूमिका निभा रहा है। इस गरिमामय अवसर पर एमजेएफ लॉयन महेश मालवीय एवं उनकी धर्मपत्नी लॉयन गायत्री मालवीय सेवा कर सेवा, समर्पण और नेतृत्व की नई ऊर्जा का संकल्प लिया। वे शीघ्र ही अंतरराष्ट्रीय मंच पर आयोजित Lions International Convention में Hong Kong में सहभागिता कर जिले का प्रतिनिधित्व करेंगे एवं हांगकांग में शपथ ग्रहण करेंगे । भोपाल के प्रतिष्ठित समाजसेवी लायन महेश मालवीय पिछले 30 वर्षों से लॉयंस क्लब से जुड़े हुए हैं और इस दौरान उन्होंने Lions Clubs International के माध्यम से विभिन्न सेवा परियोजनाओं में उल्लेखनीय योगदान दिया है। उनके अनुभव, नेतृत्व क्षमता और सेवा भावना से जिले को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। इस गौरवपूर्ण क्षण पर उनके होम क्लब, लॉयंस क्लब ऑफ भोपाल ग्लोरियस, के सदस्यों—लायन डॉ. मनोज वर्मा, लायन दीपक गुप्ता, लायन प्रकाश पाटिल, लायन सुमित अग्रवाल, लायन डा. गगन कांत त्रिपाठी, एडवोकेट लायन सुरेश मालवीय, लायन हरिश चतुर्वेदी, लायन शुभ्राजी, लायन अजय अग्रवाल, लायन संजीव मिश्रा, लायन ऋतू अग्रवाल, लायन रचना गिरी, लायन आशीष जैन, लायन कमलेश विश्वकर्मा, एवं लायन रोहित सिसोदिया—ने उन्हें हार्दिक बधाई देते हुए उनके सफल कार्यकाल की कामना की।    

राजभवन में रेडक्रॉस प्रतिनिधिमंडल की शिष्टाचार भेंट, सेवा कार्यों को लेकर संवाद

रायपुर राज्यपाल  रमेन डेका राज्यपाल  रमेन डेका राज्यपाल   रमेन डेका के आज सरायपाली प्रवास के दौरान रेडक्रास एवं एन सी सी के पदाधिकारियों ने भेंट की। कलेक्टर एवं पदेन अध्यक्ष विनय कुमार लंगेह एवं अनुपमा आनंद अनुविभागीय अधिकारी राजस्व सरायपाली के दिशा-निर्देशन एवं सभापति संदीप दीवान (इंडिया रेडक्रॉस सोसाइटी, जिला शाखा महासमुंद) के मार्गदर्शन तथा जिला संगठक डा अशोक गिरि गोस्वामी के नेतृत्व में  भारतीय रेडक्रास सोसायटी ज़िला शाखा महासमुन्द अन्तर्गत पदाधिकारियों ने मुलाकात की।              सभी ने रेडक्रास गीत गाकर राज्यपाल  का स्वागत किया। रेडक्रॉस काउंसलर्स एवं वालेंटियर्स की टीम ने राज्यपाल एवं पदेन अध्यक्ष इंडियन रेडक्रॉस सोसाइटी (राज्य शाखा, रायपुर) का स्वागत किया। राज्यपाल ने किया पौध रोपण             इस अवसर पर राज्यपाल  रमेन डेका ने रेस्ट हाउस परिसर में “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत पीपल का पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

कुलपति प्रो. मनोज दयाल ने राज्यपाल से की सौजन्य भेंट

रायपुर कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) मनोज दयाल ने मंगलवार को कुलाधिपति एवं राज्यपाल माननीय श्री रमेन डेका से सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर कुलपति प्रो. दयाल ने विश्वविद्यालय के कुलपति के रूप में कार्य करने का अवसर देने और विकास के प्रति विश्वास जताने के लिए कुलाधिपति के प्रति आभार व्यक्त किया।  प्रोफेसर दयाल ने आश्वस्त किया कि विश्वविद्यालय के हित, प्रगति और शैक्षणिक गुणवत्ता को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक सभी प्रयास कुलाधिपति के मार्गदर्शन में किए जाएंगे। भेंट के दौरान विश्वविद्यालय के भावी विकास के लिए तैयार रोडमैप, रूपरेखा और विभिन्न योजनाओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई। इस अवसर पर कुलपति प्रो. दयाल ने उच्च शिक्षा सचिव तथा उच्च शिक्षा आयुक्त से भी मुलाकात कर विश्वविद्यालय की प्रगति, शैक्षणिक गुणवत्ता और विकास संबंधी योजनाओं पर चर्चा की। अधिकारियों ने विश्वविद्यालय की उन्नति के लिए हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।

बजट सत्र की शुरुआत के साथ राज्यपाल का संबोधन, छत्तीसगढ़ के विकास पर दिया जोर

रायपुर छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र आज यानी सोमवार से शुरू हुआ। बजट सत्र के पहले दिन राज्यपाल रमेन डेका का अभिभाषण हुआ उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में विकास की अपार संभावनायें हैं। छत्तीसगढ़ की 6वीं विधानसभा के अष्टम् सत्र में अभिभाषण पढ़ते हुए राज्यपाल ने कहा कि आप सभी को छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना और हमारी विधानसभा की रजत जयंती की बहुत-बहुत बधाई। राज्य स्थापना की रजत जयंती के अवसर पर माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के करकमलों से हमारी विधानसभा के नवीन भवन का लोकार्पण हुआ। आप सभी को लोकतंत्र के मंदिर इस नये भवन की हार्दिक शुभकामनाएं। प्रदेश की षष्ठम् विधानसभा के वर्ष 2026 में आयोजित इस प्रथम सत्र में आप सभी का हार्दिक अभिनंदन है। अब हमारे प्रदेश ने विकसित राज्य की ओर अपना नया सफर शुरू किया है। सामूहिक प्रयत्न और संकल्प से निश्चित रूप से हम वर्ष 2047 तक विकसित राज्य का लक्ष्य प्राप्त करेंगे। भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी जी ने हमारे राज्य का निर्माण किया। उन्होंने जिस संकल्पना को लेकर छत्तीसगढ़ बनाया, उसे पूरा होते देखकर बहुत खुशी होती है। छत्तीसगढ़ में विकास की असीम संभावनाएं हैं। यहां की सरल, सहज और मेहनतकश जनता की बदौलत मेरी सरकार इन संभावनाओं को साकार करने की दिशा में कड़ी मेहनत कर रही है। इससे पूर्व राज्यपाल के विधानसभा पहुंचने पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह, नेता प्रतिपक्ष डॉ चरण दास महंत ने उनका आत्मीय स्वागत किया। पढ़ें राज्यपाल का अभिभाषण     मेरी सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता अंत्योदय का कल्याण है। मेरी सरकार की प्रत्येक नीति में यह सोच है कि इसके लागू होने से आखिरी पंक्ति में खड़े नागरिक को किस तरह से लाभ मिलेगा। जब इस सोच के अनुरूप नीति बनती है तो समावेशी विकास की दिशा में कदम स्वतः बढ़ जाते हैं।       समावेशी विकास में महिला सशक्तिकरण की महत्वपूर्ण भूमिका है। मातृ शक्ति को सशक्त बनाना मेरी सरकार की प्राथमिकता है। इसी सोच के साथ इस वर्ष को ‘महतारी गौरव वर्ष‘ के रूप में मनाया जा रहा है।     सामाजिक कल्याण के साथ तीव्र आर्थिक विकास के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए नये जमाने के अनुरूप मेरी सरकार ने नवाचार भी किया है जिसका व्यापक असर प्रदेश के आर्थिक विकास के आंकड़ों में नजर आता है।     विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब किसान मजबूत और समृद्ध होंगे। इसलिए मेरी सरकार उन्हें आधुनिक तकनीक से जोड़ने, फसल का उचित मूल्य दिलाने और बाजार तक उनकी आसान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए निरंतर काम कर रही है।     इस वर्ष 25 लाख 24 हजार किसानों से समर्थन मूल्य पर 141.04 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया और 33 हजार 431 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। मेरी सरकार ने ‘कृषक उन्नति योजना’ के तहत होली से पहले किसानों को 10 हजार 292 करोड़ रुपये का भुगतान करने का निर्णय लिया है।     केंद्र में प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी की सरकार भी किसान हितैषी सरकार है। छत्तीसगढ़ के 24 लाख 72 हजार किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ मिल रहा है।     मेरी सरकार के कल्याणकारी दायरे में भूमिहीन कृषक मजदूर भी शामिल हैं। राज्य के 5 लाख से अधिक भूमिहीन कृषि मजदूरों को ‘दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना‘ के तहत सालाना 10 हजार रुपए दिए जा रहे हैं। 24 फरवरी को वित्त मंत्री ओपी चौधरी पेश करेंगे बजट वित्त मंत्री ओपी चौधरी 24 फरवरी को दोपहर 12.30 बजे बजट पेश करेंगे। हर बार की तरह इस बार का बजट आकर्षक और खास होने की उम्मीद जताई जा रही है। 20 मार्च तक कुल 15 बैठकें छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र 23 फरवरी से शुरू गया है जो 20 मार्च तक चलेगा। 23 फरवरी को राज्यपाल के अभिभाषण से सत्र की शुरुआत हुई। राज्यपाल के अभिभाषण के कृतज्ञता ज्ञापन प्रस्ताव पर सभा में बुधवार 25 फरवरी को चर्चा होगी। सत्र में कुल 15 बैठकें होंगी। 26 और 27 फरवरी को आय-व्यय पर सामान्य चर्चा होगी। इसके बाद 9 से 17 मार्च तक विभागवार अनुदान मांगों पर चर्चा की जाएगी। ये वित्तीय एवं शासकीय कार्य होंगो संपादित      निधन उल्लेख- दीनदयाल सिंह पोर्ते, अविभाजित मध्यप्रदेश विधान सभा के पूर्व सदस्य।     वित्तीय कार्य-वित्तमंत्री ओपी चौधरी वर्ष 2026-2027 के आय व्ययक का उपस्थापन 24 फरवरी 2026 को दोपहर 12.30 बजे करेंगे।     26 फरवरी 2026 एवं शुक्रवार 27 फरवरी 2026 को वित्तीय वर्ष 2026-27 के आय-व्ययक पर सामान्य चर्चा होगी।     9 से 17 मार्च 2026 तक सभा में विभागवार अनुदान मांगों पर चर्चा होगी।     17 मार्च 2026 आय-व्ययक की मांगों से संबंधित विनियोग विधेयक का पुनर्स्थापन होगा।     आय-व्ययक की मांगों से संबंधित विनियोग विधेयक पर चर्चा एवं पारण के लिये दिनांक 18 मार्च, 2026 की तिथि निर्धारित की गई है। विधि विषयक कार्य अभी तक शासकीय विधि-विषयक कार्यों के अंतर्गत निम्नलिखित विधेयकों की सूचनाएं प्राप्त हुई हैं (A) छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक, 2026 (B) छत्तीसगढ़ लोक सुरक्षा (उपाय) प्रवर्तन विधेयक, 2026  प्रश्न, स्थगन एवं ध्यानकर्षण सूचनाएं इस सत्र के लिए माननीय सदस्यों से अभी तक प्राप्त प्रश्नों की कुल 2813 सूचनाएं प्राप्त हुई हैं, जिनमें तारांकित प्रश्नों की कुल संख्या 1437 एवं अतारांकित प्रश्नों की कुल संख्या 1376 है। (क) ध्यानाकर्षण प्रस्ताव की 61 सूचनाएं (ख) नियम 139 के अधीन अविलंबनीय लोक महत्व के विषय पर चर्चा के लिए 01 सूचनाएं (ग) अशासकीय संकल्प की कुल 13 सूचनाएं (घ) शून्यकाल की 09 सूचनाएं (ड़) याचिका की 112 सूचना

राज्यपाल ने नशे के खिलाफ पैदल मार्च कर AAP नेताओं पर साधा निशाना

फाजिल्का. पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया सीमावर्ती जिले फाजिल्का में नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान के तहत पहुंचे थे, लेकिन इस नेक काम में राजनीतिक नेताओं की उदासीनता देख राज्यपाल ने अपनी नाराजगी और दुख व्यक्त किया है। फाजिल्का में राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने नशा विरोधी जागरूकता अभियान के तहत लालबत्ती चौंक फाजिल्का से घंटाघर तक पैदल मार्च का नेतृत्व किया। इस जागरूकता मार्च में राज्यपाल के साथ जिला प्रशासन के उच्च अधिकारी, स्कूली विद्यार्थी और शहर के गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में शामिल हुए। हाथों में नशा विरोधी तख्तियां लेकर और नारे लगाते हुए इस काफिले ने शहर वासियों को नशे से दूर रहने का संदेश दिया। इस अवसर पर भाजपा नेता गुरमीत सिंह सोढ़ी व अन्य भाजपा नेता शामिल हुए, लेकिन सत्ताधारी आम आदमी पार्टी का कोई नेता शामिल नहीं हुआ। राज्यपाल ने दुखी मन से खुलासा किया कि उन्होंने इस अभियान को सफल बनाने के लिए हर छोटे-बड़े नेता को आमंत्रित किया था। "मैंने व्यक्तिगत रूप से सभी पार्टियों के वर्तमान और पूर्व विधायकों, सांसदों व राज्यसभा सदस्यों को फोन करके बुलाया था। मैंने धर्मगुरुओं से भी सम्पर्क किया। मेरी कोशिश थी कि सब मिलकर नशे के खिलाफ आवाज बुलंद करें।" राज्यपाल के निजी न्योते के बावजूद पंजाब सरकार का कोई भी विधायक शामिल नहीं हुआ। राज्यपाल ने कहा कि उन्होंने कांग्रेस के नेताओं को भी न्यौता दिया था, लेकिन कोई नहीं पहुंचा। मैं संविधान की मर्यादा नहीं टूटने दूंगा’ राजनीतिक बहिष्कार के बावजूद राज्यपाल  ने कहा कि वे लोगों को जोड़ने का काम कर रहे हैं और जब तक वे इस पद पर हैं, संविधान की मर्यादा पर आंच नहीं आने देंगे। उनका मकसद सिर्फ पंजाब के युवाओं को बचाना है, चाहे राजननीतिक नेता साथ दें या न दें।

आज महात्मा गांधी की पुण्यतिथि: झारखंड के राज्यपाल व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने किया नमन

  रांची झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शुक्रवार को महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। राष्ट्रपिता को श्रद्धांजलि देते हुए गंगवार ने कहा कि देश महात्मा गांधी द्वारा दिखाए गए मार्ग और उनके आदर्शों का अनुसरण करना जारी रखेगा। गंगवार ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर पोस्ट किया, ''आज राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की पुण्यतिथि के अवसर पर लोक भवन, रांची में उनके चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। बापू के सत्य, अहिंसा और सेवा के आदर्श हमें सदैव मानवता, शांति और राष्ट्र निर्माण के पथ पर अग्रसर रहने की प्रेरणा देते हैं।'' मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि बापू का सत्य, अहिंसा और न्याय का मार्ग हमारे लोकतंत्र और सामाजिक जीवन की आधारशिला है। सोरेन ने 'एक्स' पर पोस्ट कर लिखा, ''महात्मा गांधी का जीवन हमें मानवता, करुणा और नैतिक साहस के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।'' महात्मा गांधी की पुण्यतिथि को शहीद दिवस के रूप में मनाया जाता है।  

जनजातीय सशक्तिकरण पर फोकस: राज्यपाल का भारिया समुदाय से संवाद

भोपाल. राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री जनमन अभियान एवं धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान का उद्देश्य जनजातीय क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार और जीवन स्तर में सुधार है। उन्होंने उपस्थित समुदाय को विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी दी। योजनाओं का लाभ उठाकर, प्रगति करने का आह्वान किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र परिवारों को योजनाओं का लाभ समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण रूप से सुनिश्चित किया जाए। पीएम जनमन अभियान अंतर्गत पीएम आवास निर्माण में देश में अग्रणी रहने पर उन्होंने छिंदवाड़ा जिला प्रशासन की सराहना की। राज्यपाल  पटेल बुधवार को छिंदवाड़ा जिले की तामिया तहसील की ग्राम पंचायत भोड़ियापानी में आयोजित संवाद कार्यक्रम में भारिया जनजातीय समुदाय से आत्मीय संवाद के दौरान कही। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि विकास के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी है। जनजातीय समुदाय के सर्वांगीण विकास के प्रयासों में सभी का सहयोग आवश्यक है। उन्होंने सिकल सेल एवं क्षय रोग की समय पर जांच, उपचार और जागरूकता पर बल दिया। शासन द्वारा मरीजों को नि:शुल्क दवाएं मिलने की जानकारी दी। दवाओं के नियमित सेवन के लिए प्रेरित किया। उन्होंने जिले में तुलनात्मक रूप से कम संख्या में जनजातीय समुदाय के प्रभावित होने के दृष्टिगत जिले को सिकल सेल मुक्त बनाने के लिए प्रेरित किया। इस दिशा में जागरूकता के प्रसार की आवश्यकता बताई। राज्यपाल  पटेल का कार्यक्रम के प्रारंभ में पारंपरिक मोर मुकुट पहनाकर विधायक अमरवाड़ा  कमलेश प्रताप शाह, राज्य भारिया प्राधिकारण अध्यक्ष  दिनेश कुमार अंगारिया ने अभिनंदन किया। स्थानीय नागरिकों एवं छात्र-छात्राओं ने पारंपरिक वेशभूषा में सैला व गैंडी लोकनृत्य से स्वागत किया। कन्या आश्रम में छात्राओं से की चर्चा राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने ग्राम पंचायत में संचालित आदिवासी नवीन कन्या आश्रम की रहवासी छात्राओं से आत्मीय चर्चा की उन्हें मन लगाकर पढ़ने और जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा और उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी। राज्यपाल ने भारिया हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं के हितलाभ वितरित किए राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के 11 स्व-सहायता समूहों को 47 लाख रुपये की सहायता चेक वितरित किए। बिरसा मुंडा स्वरोजगार, टंट्या मामा आर्थिक कल्याण, मुख्यमंत्री दुधारू पशु, मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजनाओं हितलाभ और सिकल सेल मरीजों को डिजिटल प्रमाणपत्र, टीबी मरीजों को फूड बास्केट वितरित किए। हिंसक वन जीवों से बचाव के लिए असाधारण साहसिक कार्य के लिए कुंवाखुट्टी की कक्षा 9वीं की छात्रा कु. कपूरी भारती को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया। राज्यपाल ने पंचायत में ‘स्वच्छता साथी वॉश ऑन व्हील्स प्लस’ सेवा का शुभारंभ किया राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने स्वच्छ भारत एवं जल जीवन मिशन को धरातल पर उतारने की जिला पंचायत की अभिनव पहल ‘स्वच्छता साथी वॉश ऑन व्हील्स प्लस’ सेवा का पंचायत भोड़ियापानी में शुभारंभ किया। उल्लेखनीय है कि इस सेवा का राज्यपाल द्वारा 26 सितंबर 2024 को शुभारंभ किया गया था। उनको बताया गया कि सेवा के अंतर्गत व्यक्तिगत, संस्थागत शौचालयों की नियमित सफाई एवं आवश्यक मरम्मत के कार्य निर्धारित सुविधा शुल्क पर किए जा रहे है। वर्तमान में 55 हजार यूनिट व्यक्तिगत एवं संस्थागत शौचालयों की सफाई के द्वारा कार्य में संलग्न 50 साथियों द्वारा 55 लाख रूपये से अधिक की आय अर्जित की गई है। राज्यपाल ने जनमन आवास और होम-स्टे का किया अवलोकन राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने तामिया के भोड़ियापानी में जनमन आवास योजना हितग्राही मती राजवती भारती के घर पारंपरिक ग्रामीण खाद्य पदार्थों का सेवन किया। ग्राम चिमटीपुर में होम-स्टे का निरीक्षण किया। उनको हितग्राही  रूपलाल पन्द्राम ने बताया कि होम-स्टे में प्रति माह लगभग 15 से 20 पर्यटक रुकते हैं। उन्हें अच्छा लाभ हो रहा है। राज्यपाल ने स्वास्थ्य शिविर और जैविक उत्पाद प्रदर्शनी का अवलोकन किया राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने तामिया की ग्राम पंचायत भोड़ियापानी में सिकल सेल एवं गैर-संचारी रोगों की रोकथाम और नियंत्रण के लिए राष्ट्रीय कार्यक्रम के तहत लगे स्वास्थ्य जांच शिविर का अवलोकन कर मरीजों से संवाद किया। उन्हें नियमित उपचार की सलाह दी। उन्होंने दो एकड़ में प्राकृतिक खेती से केले की उन्नत फसल से 8 लाख की आय अर्जित करने वाले किसान पूरनलाल इनवाती का उत्साहवर्धन किया। “एक जिला एक उत्पाद” पहल तथा “पातालकोट आजीविका उत्पाद” ऑनलाइन मंच के नवाचार और कृषि, उद्यानिकी व राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की जैविक और प्राकृतिक उत्पाद प्रदर्शनी की सराहना की।