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नीतीश कुमार के संभावित इस्तीफे की अटकलें: नया शपथ ग्रहण कब होगा?

पटना बिहार विधानसभा चुनाव में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने तीन चौथाई से भी बड़े बहुमत के साथ राज्य के चुनावी इतिहास में अभूतपूर्व तथा अप्रत्याशित जीत दर्ज की है और विपक्षी महागठबंधन का सूपड़ा साफ हो गया है। कुल 243 सदस्यीय विधान सभा के चुनाव की शुक्रवार को हुई मतगणना में अब तक प्राप्त नतीजों और रुझानों में राजग को 202 और महागठबंधन को 35 सीटें मिली हैं जबकि छह सीटों पर अन्य उम्मीदवार विजय हुए हैं। वहीं अब बिहार के सियासी गलियारों में नई सरकार का गठन कब होगा, इस विषय पर चर्चा चल रही है। नीतीश कुमार 10वीं बार लेंगे CM पद की शपथ? बता दें कि वर्तमान विधानसभा का कार्यकाल 22 नवंबर तक है। अटकलें लगाई जा रही हैं कि सीएम नीतीश कुमार आज राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खां मुलाकात कर मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा सौंप सकते है। साथ ही शपथ ग्रहण समारोह को लेकर भी चर्चा कर सकते है। उम्मीद है कि अगले हफ्ते तक 18वीं विधानसभा का गठन हो सकता है। NDA ने बिहार विधानसभा की 243 सीटों में से 202 सीटों पर कब्जा करते हुए प्रचंड जीत हासिल की। इसी रिकार्ड तोड़ जीत के साथ नीतीश कुमार 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने को तैयार हैं। हालांकि, अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। गौरतलब हो कि बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने सबसे अधिक वोट प्रतिशत हासिल किया है। Election Commission Data के अनुसार RJD को 23% वोट शेयर मिला, जबकि BJP को 20.08% और JDU को 19.25% वोट मिले। इसके बावजूद दोनों एनडीए दलों ने आरजेडी से कहीं ज्यादा सीटें जीत लीं। RJD का वोट प्रतिशत ज्यादा होना उसकी सत्ता तक की दूरी को कम नहीं कर सका क्योंकि— उसने सबसे ज्यादा सीटों पर उम्मीदवार उतारे। कई सीटों पर बड़ा मार्जिन मिला पर सीटें नहीं बढ़ीं। महागठबंधन का कुल वोट शेयर NDA के मुकाबले काफी कम था। BJP-JDU का रणनीतिक सीट प्रबंधन ज्यादा कारगर रहा। यही वजह है कि RJD Highest Vote Share Winner होने के बावजूद Seat Tally में कमजोर साबित हुई।

मुख्यमंत्री ने भारत रत्न डॉ. भूपेन हजारिका की पुण्यतिथि पर उन्हें किया नमन

रायपुर, उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, राज्यपाल रमेन डेका एवं  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजभवन में आधुनिक असम के सांस्कृतिक क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले बहुमुखी प्रतिभा के धनी, भारत रत्न डॉ. भूपेन हजारिका जी की पुण्यतिथि पर उन्हें नमन करते हुए पुष्पांजलि अर्पित की। इस अवसर पर राज्य की प्रथम महिला श्रीमती रानी डेका काकोटी, राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर प्रसन्ना एवं राजभवन के अधिकारियों-कर्मचारियों ने श्री हजारिका के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

देश, प्रदेश सबके साथ और प्रयास से होगा टी.बी. मुक्त : राज्यपाल पटेल

टी.बी. उन्मूलन में हर व्यक्ति की हो सहभागिता : राज्यपाल  पटेल देश, प्रदेश सबके साथ और प्रयास से होगा टी.बी. मुक्त : राज्यपाल  पटेल राज्यपाल ने किया 76वें टी.बी. सील अभियान का शुभारंभ भोपाल राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा कि टी.बी. उन्मूलन के लिए सबसे कारगर उपाय जागरूकता है। हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि टी.बी. जागरूकता कार्यक्रमों का हिस्सा बनें और टी.बी. उन्मूलन में सक्रिय सहभागिता करें। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के मूल मंत्र सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास और सबके प्रयास से टी.बी. मुक्त भारत अभियान सफल होगा। देश और प्रदेश टी.बी. मुक्त बनेगा। राज्यपाल  पटेल सोमवार को मध्यप्रदेश टी.बी. एसोसिएशन के 76वें टी.बी. सील अभियान के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने टी.बी. मरीजों को पौष्टिक आहार का वितरण किया। साथ ही नि:क्षय मित्रों, चिकित्सकों, दानदाताओं और समाज सेवी संस्थाओं का सम्मान किया। राज्यपाल  पटेल ने नागरिकों से कहा है कि अपनी योग्यता और क्षमता से टी.बी. रोगियों की मदद करें। मानवता की सेवा में ही जीवन की सार्थकता है। पीड़ित और जरूरतमंद की मदद पुण्य का महान कार्य है। इससे ईश्वर का आशीर्वाद प्राप्त होता है। उन्होंने टी.बी. उन्मूलन के एकजुट और एकमत विश्वास को व्यक्त करने आयोजन की थीम “हाँ, हम टी.बी. को समाप्त कर सकते हैं” की सराहना की। टी.बी. रोग उन्मूलन के सतत प्रयासों के लिए टी.बी. एसोसिएशन से संबद्ध समर्पित पदाधिकारियों, संबंधित विभागों और समाज सेवी संस्थाओं को बधाई दी। प्रधानमंत्री  मोदी के टी.बी. मुक्त भारत अभियान के संकल्प को मध्यप्रदेश में जन आंदोलन बनाने के लिए साधुवाद दिया। समय पर दवाई लें, पौष्टिक आहार और नियमित व्यायाम करें राज्यपाल  पटेल ने कहा कि टी.बी. संक्रामक रोग है। इस रोग को समझना जरूरी है। सही समय पर सही और नियमित उपचार से रोग को खत्म किया जा सकता है। टी.बी. मरीज समय पर दवाई लें। दवाई का कोर्स पूरा भी करें। खान-पान का विशेष ध्यान रखें। भोजन में मोटे अनाज आदि पौष्टिक आहार को शामिल करें। भरपूर पानी पीयें नींद लें और नियमित व्यायाम करें। उन्होंने कहा कि रोगी अपने स्वास्थ्य के प्रति सचेत और संयमित रहें। अनुशासित जीवन शैली को अपनाएं। राज्यपाल  पटेल का टी.बी. एसोसिएशन के अध्यक्ष  जयपाल सचदेव ने पुष्पगुच्छ एवं शॉल भेंट कर स्वागत किया और बैज लगाकर अभिनंदन किया गया। अध्यक्ष  सचदेव ने स्वागत उद्बोधन दिया। विधायक  भगवानदास सबनानी ने टी.बी. रोग के इलाज, पौष्टिक आहार वितरण और रोग उन्मूलन के मानवीय प्रयासों के लिए टी.बी. एसोसिएशन, चिकित्सकों, दानदाताओं और समाजसेवियों की सराहना की। भोपाल नगर निगम अध्यक्ष  किशन सूर्यवंशी ने कहा कि टी.बी. रोग को समुचित इलाज और जागरूकता से हराया जा सकता है। वार्षिक प्रतिवेदन एसोसिएशन के सचिव डॉ. मनोज वर्मा ने प्रस्तुत किया। आभार कोषाध्यक्ष अभिजीत देशमुख ने व्यक्त किया। कार्यक्रम में सी.एम.एच.ओ. डॉ. मनीष शर्मा, टी.बी. एसोसिएशन के पदाधिकारी, चिकित्सक, नि:क्षय मित्र और समाज सेवी उपस्थित थे।  

छठ पर्व की शुरुआत पर मुख्यमंत्री और राज्यपाल ने दी बधाई, कहा—छठी मैया सबकी मनोकामना पूर्ण करें

रांची झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने लोगों को लोक आस्था के महापर्व छठ के दूसरे दिन खरना पूजा पर शुभकामनाएं दी हैं। राज्यपाल गंगवार ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा, 'लोक आस्था और सूर्य उपासना के महापर्व छठ पूजा के द्वितीय अनुष्ठान ‘खरना' की सभी श्रद्धालुओं को हार्दिक शुभकामनाएं। छठी मैया और भगवान भास्कर की कृपा से हर घर में सुख, शांति और समृद्धि का प्रकाश फैले, यही मंगलकामना बहै।' वहीं, मुख्यमंत्री सोरेन ने अपने सोशल मीडिया पर लिखा, 'लोक आस्था और सूर्य उपासना के महापर्व छठ पूजा के दूसरे दिन खरना पूजा का अनुष्ठान, लोक-आस्था, आत्म-संयम, समर्पण और शुद्धता का अछ्वुत प्रतीक है। यह पर्व हमें प्रकृति, जल, सूर्य, परिवार और समाज के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने की प्रेरणा देता है। छठ व्रतियों की तपस्या, श्रद्धा और संकल्प पूरे समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। मैं सभी छठ व्रतियों और परिवारजनों के इस अछ्वुत आत्मबल को नमन करता हूं। छठी मैया और भगवान भास्कर से प्रार्थना करता हूं कि वे सभी को उत्तम स्वास्थ्य, सुख, शांति और समृद्धि का आशीर्वाद प्रदान करें, आपकी मनोकामना पूर्ण करें। आप सभी को खरना पूजा की अनेक-अनेक बधाई, शुभकामनाएं और जोहार। जय छठी मैया! जय भगवान भास्कर!'  

शहीद CRPF हेड कांस्टेबल को अंतिम विदाई, राज्यपाल ने कहा – देश हमेशा रहेगा कृतज्ञ

रांची झारखंड के चाईबासा के सारंडा जंगल में आईईडी विस्फोट में शहीद सीआरपीएफ के हेड कांस्टेबल महेंद्र लश्कर को रांची के धुर्वा स्थित सीआरपीएफ कैंप की 133वीं बटालियन में भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार ने शहीद के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर अंतिम सलामी दी। इस मौके पर केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, झारखंड के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी), आईजी सीआरपीएफ समेत कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे और उन्होंने शहीद जवान के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। पुलिस मुख्यालय की जानकारी के अनुसार, यह हमला चाईबासा के मनोहरपुर प्रखंड के सारंडा जंगल में नक्सलियों के खिलाफ एक सघन अभियान के दौरान हुआ। इनामी नक्सलियों की सक्रियता को देखते हुए सीआरपीएफ जवान नक्सलियों की धरपकड़ में लगे थे कि इसी बीच शुक्रवार को आईईडी विस्फोट हो गया। इस विस्फोट में सीआरपीएफ के इंस्पेक्टर समेत तीन जवान गंभीर रूप से घायल हुए थे, जिनमें हेड कांस्टेबल महेंद्र लश्कर भी शामिल थे। महेंद्र लश्कर असम के नौगांव के निवासी थे और वे 60 बटालियन में तैनात थे। गंभीर रूप से घायल होने पर उनका इलाज राउरकेला के अस्पताल में किया जा रहा था, जहां इलाज के दौरान उन्होंने वीरगति प्राप्त की। राज्यपाल गंगवार ने शहीद महेंद्र लश्कर के बलिदान को याद करते हुए कहा कि हमारी रक्षा के लिए हमारे जवानों का यह त्याग और साहस राष्ट्र के लिए कभी भुलाया नहीं जा सकता। श्रद्धांजलि सभा के पश्चात शहीद महेंद्र लश्कर का पार्थिव शरीर उनके पैतृक राज्य असम भेजा जाएगा। वहां पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

श्याम बिहारी जायसवाल का पलटवार: सीएम साय और भूपेश बघेल के दौरे गिन लें, तब बात करें कांग्रेस वाले

रायपुर राज्यपाल रमेन डेका के जिलों के दौरे पर सवाल उठाए जाने पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कांग्रेस को चुनौती दे डाली. उन्होंने कहा कि राज्यपाल सर्वेसर्वा होते हैं, अच्छा है वे दौरा कर रहे हैं. रहा सवाल मुख्यमंत्री के दौरे का तो कांग्रेस नेता निकाल कर देख लें कि बीते दो सालों में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कितना दौरा किया. मुख्यमंत्री कहीं ज्यादा दौरे कर रहे हैं. स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मीडिया से विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की. बिरनपुर मामले में सुनवाई को लेकर कांग्रेस के बयान पर कहा कि कांग्रेस को लोकतांत्रिक संस्थाओं पर भरोसा नहीं है. मामला न्यायालय में हैं, इस पर कांग्रेस कैसे टिप्पणी कर सकती है. न्यायालय जो भी तय करेगा वो मान्य होना चाहिए. वहीं ट्रिपल आईटी में छात्राओं की AI से बनाई गई अश्लील फोटो पर मंत्री ने कहा कि यह घटना दुर्भाग्यजनक है. ऐसी हरकतें न केवल शर्मनाक हैं, बल्कि हतोत्साहित करने वाली भी हैं. कॉलेज प्रबंधन ने आरोपी छात्र को निलंबित किया है. छात्र पर कड़ी कार्रवाई की तैयारी है. मैं इस मामले में शिक्षा मंत्री से बात करूंगा. इस तरह की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई जरूरी है. जिसने भी यह दुस्साहस किया, उसे बख्शा नहीं जाएगा. युवा पीढ़ी को सबक देने के लिए कठोर कदम उठाना जरूरी है. धान का एक-एक दाना खरीदने प्रतिबद्ध वहीं कांग्रेस ने 1 नवंबर से धान खरीदी शुरू करने की मांग पर मंत्री जायसवाल ने कहा कि कांग्रेस जब सरकार में थी, जो भी करती थी सब जायज. फसल की स्थिति और मौसम को देखकर ही खरीदी की तारीख तय होगी. अगर 1 नवंबर उपयुक्त हुआ तो उसी दिन से खरीदी, नहीं तो 15 नवंबर से. रिपोर्ट लेकर ही फैसला लिया जाएगा. सरकार अच्छी क्वालिटी का धान खरीदना चाहती है, ताकि भंडारण और रखरखाव बेहतर हो. राज्य सरकार एक-एक दाना खरीदने के लिए प्रतिबद्ध है. सारे चमचे, घोड़े और गधे कांग्रेस में कांग्रेस में जिला अध्यक्ष बनने के लिए जमकर हो रही लॉबिंग पर श्यामबिहारी जायसवाल ने कहा कि कांग्रेस दिशाहीन और व्यक्तिवादी पार्टी है. दो साल हो गया कांग्रेस संगठन चुनाव नहीं करा सकी. अब होटलों में पार्टी चल रही है, लोग लॉबिंग कर रहे हैं. कांग्रेस जब भी चुनाव कराती है, विवाद हो जाता है. सारे चमचे, घोड़े और गधे कांग्रेस में पाए जाते हैं. कांग्रेस के नेता इसकी व्याख्या अच्छे से कर सकते हैं. जहां-जहां भूपेश के पैर पड़े, वहां सूपड़ा साफ वहीं कांग्रेस ने बिहार में विधानसभा चुनाव प्रचार में शामिल नहीं किए जाने पर भाजपा नेताओं को अयोग्य बताए जाने पर मंत्री ने कहा कि जब-जब संतों के पैर पड़ते है, तब वहां उद्धार हो जाता है. जहां-जहां भूपेश बघेल के पांव पड़े, वहां सूपड़ा साफ हो गया. राहुल गांधी ने भी कई जगह पदयात्रा की. जहां-जहां राहुल गांधी गए, वहां से साफ हो गए.

राष्ट्रपिता को श्रद्धांजलि: CM हेमंत व राज्यपाल ने महात्मा गांधी की प्रतिमा पर चढ़ाया फूल

रांची झारखंड में गांधी जयंती के अवसर पर राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार, मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन एवं विधायक कल्पना सोरेन ने मोरहाबादी स्थित बापू वाटिका में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धा सुमन अर्पित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री सोरेन ने कहा कि महात्मा गांधी के विचार, उनकी अहिंसा एवं सत्य की राह पर चलने की प्रेरणा आज भी पूरे देश और विश्व के लिए मार्गदर्शक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन भारत के इतिहास का स्वर्णिम दिवस है। गांधी जी का जीवन हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनकी शिक्षा और सिद्धांतों ने न केवल स्वतंत्रता संग्राम को नई दिशा दी बल्कि आजादी के बाद भी लोकतंत्र को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि ऐसे महान विभूतियों के आदर्श और त्याग ही हैं जिनकी वजह से आज भारत एक सशक्त और गौरवशाली लोकतंत्र के रूप में दुनिया के सामने खड़ा है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर समस्त राज्यवासियों से आह्वान किया कि हम सभी अपने जीवन में पूरी संजीदगी से बापू के सिद्धांतों को अपनाएं और समाज में शांति, भाईचारा एवं एकता के माहौल को और मजबूती दें। मुख्यमंत्री सोरेन ने आज के दिन देश के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर भी उन्हें नमन किया। उन्होंने कहा कि शास्त्री जी सादगी, ईमानदारी एवं कर्मठता की मिसाल थे। उनके दिए गए नारे 'जय जवान, जय किसान' आज भी देशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। उन्होंने कहा कि शास्त्री जी के जीवन से हमें कर्तव्यपरायणता, देशभक्ति और जनसेवा की सीख मिलती है, जिसे आत्मसात कर हम झारखंड और भारत को और सशक्त बना।

शैक्षिक उत्कृष्टता के लिए निरंतर कार्य हो, राजस्थान देश का अग्रणी राज्य बने: राज्यपाल

जयपुर राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने प्रदेश के विश्वविद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए कुलगुरुओं को व्यक्तिगत रुचि लेकर शैक्षिक उत्कृष्टता के लिए कार्य करने का आह्वान किया है। उन्होंने विश्वविद्यालयों में नामांकन के बाद विद्यार्थियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने, इस हेतु अच्छे ढंग से पढ़ाने, रोजगारोन्मुख पाठ्यक्रमों से उन्हें जोड़ने आदि के लिए भी कार्य करने पर जोर दिया। उन्होंने राजस्थान को उच्च शिक्षा में देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए कार्य करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जिन शिक्षण संस्थानों में सुधार नहीं होगा, उनके खिलाफ भी कड़े कदम उठाए जाएंगे। राज्यपाल श्री बागडे ने विश्वविद्यालयों में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता और नई शिक्षा नीति के कार्यान्वयन के सम्बंध में मंगलवार को राजभवन में आयोजित समीक्षा बैठक में ये निर्देश दिए। उन्होंने विश्वविद्यालयों में नई शिक्षा नीति लागू करने, विश्वविद्यालयों में नैक एक्रिडिएशन की कार्यवाही पूर्ण करने, वहां उपलब्ध लैब, पुस्तकालय, खेल मैदानों और छात्रावास के बारे में भी विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सभी विश्वविद्यालयों में एक समान प्रश्नपत्र और पाठ्यक्रम लागू किए जाने की व्यावहारिकता के बारे में भी सुझाव लिए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गांवों को पिपलांत्री पैटर्न पर विकसित किया जाए। वहां पर अच्छे फलदार और छायादार पौधे लगाने तथा उन्हें विकसित करने व  प्राकृतिक खेती के लिए लोगों को प्रोत्साहित कर कार्य किया जाए। राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों में शोध के अंतर्गत मौलिक दृष्टि रखे जाने पर विशेष ध्यान  देने की आवश्यकता जताई। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों में पेंशन, वेतनमान आदि के लिए भी राज्य सरकार स्तर पर संवाद कर सकारात्मक प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने निजी और राज्य वित्त पोषित विश्वविद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण अध्ययन करवाने और रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण के लिए निरंतर कार्य करने की आवश्यकता जताई। उन्होंने कहा कि यह हमारा राष्ट्रीय दायित्व है कि हम विद्यार्थियों को देश का सुयोग्य नागरिक बनाएं। बैठक में विश्वविद्यालयों में कुलगुरुओं के कार्यकाल की अवधि तीन से पांच वर्ष किए जाने संबंधित सुझावों के साथ बैठक में सभी विश्वविद्यालयों में प्रो वाइस चांसलर बनाने, वहां पर भविष्य के प्रशासनिक अधिकारी तैयार करने, नवाचारो के आलोक में भारतीय ज्ञान परम्परा के अंतर्गत भारत विद्या अनुसंधान केन्द्र शुरू किए जाने आदि पर भी चर्चा हुई। अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री कुलदीप रांका ने प्रदेश में विश्वविद्यालयों के लिए कॉमन भर्ती बोर्ड, डिजिटल कनेक्टिविटी और रोजगारोन्मुख पाठ्यक्रमों के लिए विशेष प्रयास किए जाने के सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय जो नवाचार करें, उसे विश्वविद्यालय पोर्टल पर डाला जाए। उन्होंने राज्य सरकार से जुड़े विश्वविद्यालयी मुद्दों के जल्द निस्तारण का भी विश्वास दिलाया। राज्यपाल के सचिव डॉ. पृथ्वी ने विभिन्न विश्वविद्यालयों से जुड़े विषयों और संबंधित कार्यों के बारे में विस्तार से अवगत कराया। विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलगुरुओं ने उच्च शिक्षा में नवाचार अपनाते हुए राज्य को उच्च शिक्षा में श्रेष्ठतम बनाए जाने से संबंधित सुझाव दिए। राज्यपाल श्री बागडे ने बैठक के बाद राजस्थान पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के न्यूज लेटर का लोकार्पण किया। उन्होंने जयपुर नेशनल यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रो. रोशन लाल रैना द्वारा लिखी पुस्तक का भी विमोचन किया।