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ठंड के मौसम में बढ़ेगा पारा? अल-नीनो के असर से मौसम में बड़ा बदलाव

 नई दिल्ली ठंड का मौसम आने वाला है, लेकिन इस बार सर्दी कुछ कम पड़ सकती है. इसकी एक बड़ी वजह तेजी से मजबूत हो रहा अल-नीनो है. मौसम एजेंसियों के मुताबिक, प्रशांत महासागर के बीच और पूर्वी हिस्से में समुद्र का पानी सामान्य से 1 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा गर्म हो चुका है. वैज्ञानिकों का कहना है कि अगर अल-नीनो और मजबूत हुआ तो 2026-27 की सर्दी कई जगह सामान्य से ज्यादा गर्म रह सकती है. इसका असर 2027 की गर्मी पर भी पड़ सकता है।  अल-नीनो में प्रशांत महासागर का पानी सामान्य से ज्यादा गर्म हो जाता है. इससे दुनिया के कई हिस्सों के मौसम में बदलाव आता है. भारत में इसका असर बारिश, मॉनसून और तापमान पर पड़ सकता है. इस बार चिंता इसलिए ज्यादा है क्योंकि अल-नीनो ऐसे समय मजबूत हो रहा है, जब क्लाइमेट चेंज के कारण दुनिया का तापमान पहले ही बढ़ा हुआ है।  सर्दी में तापमान कितना बढ़ सकता है? अल-नीनो का मतलब यह नहीं है कि हर शहर का तापमान एक तय संख्या से बढ़ेगा. तापमान पर कई दूसरी चीजों का भी असर होता है. इसे आसान उदाहरण से समझिए. अगर दिल्ली में सर्दियों में किसी समय सामान्य तापमान 10 डिग्री सेल्सियस रहता है और मौसम 2 डिग्री ज्यादा गर्म रहता है, तो तापमान करीब 12 डिग्री हो सकता है।  इसी तरह जहां तापमान -3 डिग्री रहता है, वहां यह -1 डिग्री के आसपास पहुंच सकता है. लेकिन ये सिर्फ उदाहरण हैं. अभी यह कहना मुश्किल है कि दिल्ली, चूरू, पटना, श्रीनगर या लद्दाख में तापमान कितने डिग्री तक बढ़ेगा. ठंडी हवाएं, बादल और दूसरे मौसम सिस्टम भी तापमान को प्रभावित करते हैं।  दिल्ली, चूरू और पटना में क्या असर होगा? दिल्ली और पटना जैसे मैदानी इलाकों में अगर तापमान सामान्य से ऊपर रहा तो ठंड कम महसूस हो सकती है. खासकर रात का तापमान सामान्य से ज्यादा रह सकता है. राजस्थान के चूरू जैसे इलाकों में भी कुछ रातें सामान्य से कम ठंडी हो सकती हैं, जहां सर्दियों में तापमान काफी नीचे चला जाता है।  श्रीनगर और लद्दाख में क्या होगा? श्रीनगर और लद्दाख जैसे ठंडे इलाकों में भी तापमान सामान्य से ऊपर रह सकता है. हालांकि वहां कितना बदलाव होगा, यह अभी साफ नहीं है. लद्दाख में ऊंचाई और जगह के हिसाब से तापमान काफी बदलता है. इसलिए अभी वहां किसी एक तय तापमान का अनुमान लगाना सही नहीं होगा।  2027 की गर्मी ज्यादा परेशान कर सकती है अल-नीनो का असर सिर्फ सर्दी तक नहीं रहेगा. वैज्ञानिकों के मुताबिक मार्च से मई 2027 के बीच गर्मी ज्यादा तेज हो सकती है. मजबूत अल-नीनो से भारत में मॉनसून कमजोर हो सकता है और बारिश भी कम या असमान हो सकती है. इससे पानी की कमी और फसलों पर असर का खतरा बढ़ सकता है. ज्यादा तापमान के कारण लू भी ज्यादा परेशान कर सकती है।  अभी अल-नीनो के और मजबूत होने की संभावना है. इसका सबसे ज्यादा असर अक्टूबर से दिसंबर 2026 के बीच दिख सकता है. इसके बाद 2027 में यह धीरे-धीरे कमजोर हो सकता है. हालांकि इसका भारत के मौसम पर कितना असर होगा, यह आने वाले महीनों में साफ होगा।  क्या रिकॉर्ड बढ़ाएगा खतरा? प्रशांत महासागर के निनो 3.4 इलाके में तापमान मापा जाता है और अल-नीनो की तीव्रता का आकलन किया जाता है। 3.05 डिग्री सेल्सियस तापमान आधुनिक रिकॉर्ड में सबसे ज्यादा है। यह 1982, 1997 और 2015 जैसी मजबूत घटनाओं से आगे जा चुकी है। कुछ आंकड़ों में इसकी 1877 की ऐतिहासिक घटना से भी तुलना हो रही है। इस दौरान बड़े पैमाने पर सूखा और अकाल पड़ा था। मॉडल के मुताबिक, मासिक औसत और भी ऊपर पहुंच सकता है। कुछ अनुमानों में 4 डिग्री के करीब पहुंचने की संभावना जताई गई है, लेकिन यह अभी निश्चित नहीं है।  यह रिकाॅर्ड इसलिए अहम है, क्योंकि अल-नीनो जलवायु परिवर्तन के साथ मिलकर प्रभाव को बढ़ा सकता है। गर्म हो रही दुनिया में समुद्र का तापमान पहले से बढ़ा हुआ है। इसके कारण नई घटनाओं की तीव्रता बढ़ सकती है। वैज्ञानिक हर दिन डेटा पर नजर रख रह हैं,  क्योंकि हर दिन डेटा में उतार-चढ़ाव होता है।  क्या होगा दुनिया पर प्रभाव? दुनिया में अल-नीनो का प्रभाव अलग-अलग क्षेत्रों में अलग होता है। अमेरिका में इस सर्दी में सबसे ज्यादा प्रभाव पड़ सकता है। उत्तरी इलाके में सामान्य से ज्यादा गर्मी, पश्चिमी-मध्य हिस्सों में ज्यादा बर्फबारी हो सकती है।दक्षिण अमेरिका में पेरू और चिली में भारी बारिश और बाढ़ की घटनाएं पहले से देखी जा रही है। मध्य अमेरिका और कैरेबियन में सूखा पड़ने की संभावना है।  भारत पर क्या होगा असर? एशिया में भारत समेत कई देशों में मॉनसून कमजोर हो सकता है। ऑस्ट्रेलिया में सूखा पड़ सकता है। अफ्रीका के कुछ इलाकों में भी बारिश के पैटर्न में बदलाव हो सकता है। कुल मिलाकर बाढ़, सूखा, गर्मी की लहरें और तूफान जैसी घटनाएं बढ़ सकती हैं। 

हरियाणा में समय से पहले सर्दी खत्म होने से चढ़ेगा पारा

हिसार. प्रदेश में इस बार सर्दी तय समय से करीब एक माह पहले ही विदा ले ली है। बीते वर्षों में जहां 15 मार्च तक हल्की-मीठी ठंड बनी रहती थी, वहीं इस बार फरवरी के अंतिम सप्ताह में ही तापमान 25 से 30 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। अगले एक सप्ताह में पारा 30 डिग्री के पार जा सकता है। पश्चिमी हवाओं के कारण हवा में नमी लगातार घट रही है। यही वजह है कि आने वाले दिनों में धुंध और कोहरे की संभावना बेहद कम है। शुष्क हवाएं नमी को सोख लेती है, जिससे मौसम साफ और गर्म बना रहता है। मौसम विज्ञानी डा. चंद्रमोहन ने बताया कि एक मार्च और सात मार्च को प्रदेश में कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होंगे, लेकिन इनका विशेष प्रभाव देखने को नहीं मिलेगा। इन प्रणालियों से तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है। उन्होंने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ कैस्पियन सागर क्षेत्र से उत्पन्न होकर अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से नमी ग्रहण करते हैं। चक्रवाती परिसंचरण बनने पर वर्षा की संभावना बनती है, लेकिन फिलहाल प्रदेश में किसी सक्रिय मौसम प्रणाली के संकेत नहीं हैं। ऐसे में मार्च महीने में अधिकांश जिलों का तापमान 30 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच बने रहने की संभावना है। प्रदेश में रविवार को मौसम साफ और शुष्क रहा। दिन में तेज धूप के कारण तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि सुबह हल्की ठंड महसूस हुई। हवा में नमी कम रहने से मौसम शुष्क बना रहा। अधिकांश जिलों में अधिकतम तापमान 27 से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। जबकि न्यूनतम तापमान 12 से 15 डिग्री के आसपास रहा। हिसार में न्यूनतम तापमान 11.0 डिग्री सेल्सियस रहा, वहीं अधिकतम तापमान 29.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। प्रदेश में सबसे अधिक मेवात में अधिकतम तापमान 29.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तापमान (डिग्री सेल्सियस में)     जिला – न्यूनतम – अधिकतम     अंबाला – 13.6 – 26.4     हिसार – 11.0 – 29.4     महेंद्रगढ़ – 12.0 – 28.0     रोहतक – 12.0 – 27.1     भिवानी – 12.0 – 27.0     गुरुग्राम – 12.0 – 28.3     जींद – 10.4 – 27.7     मेवात – 14.3 – 29.8     सोनीपत – 13.6 – 29.7

रांची समेत पूरे झारखंड में बढ़ी ठिठुरन, कड़ाके की ठंड और कोहरे ने बढ़ाई मुश्किलें

रांची झारखंड में मौसम ने एक बार फिर अचानक करवट ले ली है। बीते कुछ दिनों से तापमान में आई बढ़ोतरी के बाद अब राज्य में कड़ाके की ठंड ने जोर पकड़ लिया है। राजधानी रांची में न्यूनतम तापमान गिरकर 6.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जिससे लोगों को ठिठुरन भरी ठंड का सामना करना पड़ रहा है। राज्य के अन्य जिलों में भी तापमान सामान्य से काफी नीचे दर्ज किया गया है। शीतलहर अगले एक सप्ताह तक बनी रह सकती है मौसम विभाग के अनुसार, हिमालयी क्षेत्रों में हो रही भारी बफर्बारी और वहां से आने वाली ठंडी हवाओं का सीधा असर झारखंड के मौसम पर पड़ रहा है। विभाग का कहना है कि यह शीतलहर अगले एक सप्ताह तक बनी रह सकती है। पिछले 24 घंटों में कई जिलों में न्यूनतम तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। डाल्टनगंज में तापमान 8.02 डिग्री, खूंटी में 8.6 डिग्री, जबकि लातेहार और लोहरदगा में यह 10 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा। राज्य के कम से कम 13 जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया है। इनमें रांची, खूंटी, गुमला, लोहरदगा, लातेहार, हजारीबाग, रामगढ़ और पलामू प्रमुख हैं। ठंड के साथ-साथ सुबह के समय घना कोहरा भी लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है। "सूर्योदय के बाद ही घर से निकलें" मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि खूंटी, लोहरदगा, लातेहार, पलामू और रांची में सुबह के समय द्दश्यता घटकर मात्र 50 मीटर तक रह सकती है। ऐसे में वाहन चालकों और यात्रियों को विशेष सतकर्ता बरतने तथा सूर्योदय के बाद ही घर से निकलने की सलाह दी गई है। हालांकि, दिन के अधिकतम तापमान में ज्यादा बदलाव की संभावना नहीं है। अधिकांश जिलों में अधिकतम तापमान 25 से 27 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा, जबकि जमशेदपुर में यह 29 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।  

जगदलपुर सबसे गर्म, अंबिकापुर में 11.9°C, रायपुर-पेंड्रा-मैनपाट में कोहरे से प्रभावित जिले

 रायपुर छत्तीसगढ़ में मौसम शुष्क है। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में दिन के समय हल्की धुंध और सुबह-शाम ठंड का असर देखा जा रहा है। प्रदेश में सबसे अधिक तापमान बस्तर संभाग के जगदलपुर में 31.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटे के दौरान प्रदेश के न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आ सकती है। इसके बाद आने वाले तीन दिनों में तापमान में फिर से 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने की संभावना है। मौसम में इस उतार-चढ़ाव के चलते सुबह और रात के समय ठंड का असर बना रहेगा। मौसम विभाग ने उत्तर छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में घने कोहरे की चेतावनी जारी की है। सुबह के समय विजिबिलिटी काफी कम रह सकती है, जिससे सड़क यातायात प्रभावित होने की आशंका है। विभाग ने वाहन चालकों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। रायपुर और मैनपाट में सुबह से धुंध है, जबकि दिन में मौसम शुष्क रहेगा। पेंड्रा में घना कोहरा छाया हुआ है। अमरकंटक में हल्की बूंदाबांदी हो रही है। रास्तों में कोहरा छाने से विजिबिलिटी बेहद कम हो गई है। अमरकंटक में तापमान 9 डिग्री और पेंड्रा में 16.0 डिग्री न्यूनतम तापमान है। रायपुर में ऐसा रहा मौसम रायपुर में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 18.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिन के समय भी शहर में हल्की धुंध छाई रही। मौसम विभाग का अनुमान है कि शुक्रवार को भी रायपुर में सुबह के समय धुंध का असर बना रह सकता है, जबकि दिन में मौसम शुष्क रहेगा। वहीं मौसम विज्ञानी के मुताबिक आने वाले 3 से 4 दिनों प्रदेश में फिलहाल सर्दी और हल्की गर्मी का मिला-जुला असर बना रहेगा और मौसम शुष्क ही रहने की उम्मीद है। सरगुजा संभाग में छाया घना कोहरा सरगुजा संभाग में शुक्रवार को भी घना कोहरा छाया रहा, जिससे सुबह के समय दृश्यता बेहद कम होकर 10 से 20 मीटर के बीच सिमट गई। घने कोहरे के कारण सड़क पर वाहनों की रफ्तार धीमी है। मौसम विभाग ने लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग ने आने वाले घंटों में भी कोहरे के असर के बने रहने की संभावना जताई है। लोगों से सतर्कता बरतने की अपील की है।

रतलाम मौसम अपडेट: दिन का तापमान गिरी, रात बढ़ी, बारिश से फिर लौटेगी सर्दी

भोपाल  भोपाल में वसंत ऋतु ने अपने रंग दिखाने शुरू कर दिए है। ठंड के तेवर अब नरम पड़ते नजर आ रहे है और रातें कुछ गर्म होने लगी है। शुक्रवार को राजधानी का न्यूनतम तापमान 17.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो गुरुवार की तुलना में 6.2 डिग्री अधिक है। इससे पहले गुरुवार को न्यूनतम तापमान 11.2 डिग्री था। वहीं दिन का अधिकतम तापमान 27.4 डिग्री तक पहुंच गया, जिससे दिन में हल्की गर्माहट महसूस की गई। शुक्रवार सुबह से ही राजधानी में पतझड़ी मौसम का एहसास हुआ। आसमान साफ रहा और दिनभर हवाएं चलती रहीं, लेकिन इनमें पहले जैसी ठंडक नहीं थी। प्रदेश में हवाओं की रफ्तार करीब 14 किलोमीटर प्रति घंटे दर्ज की गई। मौसम वैज्ञानिक वहीद खान के अनुसार हवा की दिशा उत्तर से बदलकर दक्षिण-पश्चिम हो गई है। इसी बदलाव के कारण रात के तापमान में अचानक उछाल देखने को मिला है।  इसलिए बदला मौसम मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार उत्तर पाकिस्तान के ऊपर सक्रिय निम्न दाब क्षेत्र और उससे जुड़ी ट्रफ के चलते प्रदेश के मौसम में यह उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। इसी सिस्टम का असर शुक्रवार को ग्वालियर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और सतना में बादलों के रूप में दिखा। कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबांदी भी दर्ज की गई। राजधानी भोपाल में दोपहर बाद बादल छाने से दिन के तापमान में 2 से 3 डिग्री तक गिरावट आ गई। शनिवार को बारिश का कोई अलर्ट नहीं है, लेकिन सुबह के वक्त ग्वालियर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना में हल्का से मध्यम कोहरा छाया रहा। भोपाल, इंदौर और उज्जैन में भी हल्के कोहरे ने सुबह की रफ्तार धीमी कर दी। 26 जनवरी के बाद फिर बदलेगा मौसम, बारिश के आसार सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के मुताबिक 26 जनवरी से उत्तर-पश्चिम भारत पर एक और स्ट्रॉन्ग वेस्टर्न डिस्टरबेंस असर डाल सकता है। इसके प्रभाव से मध्यप्रदेश के कई जिलों में हल्की बारिश की संभावना है। ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, अशोकनगर, गुना, राजगढ़, आगर-मालवा, नीमच और मंदसौर में कहीं-कहीं बारिश हो सकती है। दो दिन नहीं पड़ेगी तेज ठंड, कोहरा रहेगा मेहमान मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो दिन तक प्रदेश में तेज ठंड के हालात नहीं बनेंगे, हालांकि सुबह के समय हल्का से मध्यम कोहरा बना रह सकता है। शुक्रवार को भी सतना, नौगांव, दतिया, गुना, ग्वालियर, नर्मदापुरम, इंदौर, राजगढ़, रतलाम, उज्जैन, श्योपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, खजुराहो और मलाजखंड समेत कई शहरों में कोहरा दर्ज किया गया। भोपाल-इंदौर में पारा 17 पार, कल्याणपुर में कंपकंपी गुरुवार-शुक्रवार की रात न्यूनतम तापमान में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई। भोपाल और इंदौर में इस सीजन जनवरी में पहली बार न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचा। भोपाइसल में 17.4, इंदौर में 17.3, ग्वालियर में 13.5, उज्जैन में 15 और जबलपुर में 14.8 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। वहीं, शहडोल का कल्याणपुर प्रदेश में सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 5.3 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। शिवपुरी में 8, चित्रकूट में 8.4, कटनी के करौंदी में 8.6, रीवा में 8.4, खजुराहो में 9.4 और मंडला में 9.7 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ। क्या होता है वेस्टर्न डिस्टरबेंस मौसम विभाग के अनुसार, वेस्टर्न डिस्टरबेंस पश्चिम से आने वाली हवा और बादलों का एक सिस्टम होता है। इसके एक्टिव होने से पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी, मैदानी क्षेत्रों में बारिश होगी। सिस्टम आगे गुजर जाने के बाद उत्तर से आने वाली हवा ठंडी रहती है। जिससे दिन-रात ठंड का असर रहता है। हल्की बारिश के आसार मौसम का यह मिजाज स्थायी नहीं रहेगा। मौसम विभाग के मुताबिक 26 जनवरी से एक और वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय हो रहा है। इसके प्रभाव से 27 और 28 जनवरी को राजधानी सहित प्रदेश के अधिकांश जिलों में हल्की बारिश होने की संभावना है।

रायपुर में आज मौसम में बदलाव, सुबह धुंध, दिन में गर्मी, रात में ठंड, उत्तरी हिस्सों में बढ़ेगी ठंड

रायपुर  छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। तापमान में उतार-चढ़ाव के बीच मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक ठंड से राहत मिलने का अनुमान जताया है। हालांकि, इसके बाद एक बार फिर ठंड का असर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 48 घंटों में पूरे प्रदेश में न्यूनतम तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी होने की संभावना है। इससे रात की ठंड से कुछ राहत मिलेगी। इसके बाद उत्तरी छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की जा सकती है, हालांकि बाद में मौसम में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। छत्तीसगढ़  में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदल गया है। प्रदेश में लगातार तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। सुबह के समय ठंडक बढ़ रही है, जबकि दोपहर में हल्की गर्मी महसूस की जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले 48 घंटों में प्रदेश में ठंड बढ़ने की संभावना है, क्योंकि उत्तर दिशा से आ रही सर्द हवाओं का असर तेज हो रहा है। अगले 48 घंटे में बढ़ेगी ठंड मौसम विभाग ने बताया कि उत्तरी छत्तीसगढ़ के जिलों में न्यूनतम तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है। वहीं दक्षिण छत्तीसगढ़ में तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है। ठंड के साथ हल्की धुंध देखने को मिल सकती है, लेकिन घने कोहरे की संभावना फिलहाल नहीं जताई गई है। तापमान का हाल हाल के दिनों में न्यूनतम तापमान 16.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब 2.5 डिग्री अधिक था। वहीं दिन का अधिकतम तापमान 29.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से ऊपर रहा है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आज न्यूनतम तापमान करीब 14 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। 25 साल का रिकॉर्ड टूटा इस बार जनवरी का महीना छत्तीसगढ़ में काफी ठंडा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर छत्तीसगढ़ में तापमान 2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो पिछले 25 वर्षों में सबसे कम तापमान में से एक माना जा रहा है। पूरे जनवरी माह में ठंड का असर सामान्य से ज्यादा रहा है। मौसम विशेषज्ञों ने लोगों को ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनने और बुजुर्गों व बच्चों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है। आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट हो सकती है, इसलिए सतर्क रहने की जरूरत है।

सर्दी का सितम जारी: कई जिलों में कोहरा और बादलों के बीच बारिश के आसार

भोपाल  मध्य प्रदेश इस समय कड़ाके की ठंड और घने कोहरे की चपेट में है। प्रदेश के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान लगातार नीचे बना हुआ है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। सोमवार सुबह भिंड, ग्वालियर, दतिया, सतना, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना जैसे जिलों में मध्यम से घना कोहरा देखने को मिला, वहीं भोपाल, इंदौर और उज्जैन समेत कई अन्य जिलों में हल्का कोहरा छाया रहा। सबसे ठंडे इलाके बने कल्याणपुर और करौंदी मौसम विभाग के अनुसार शहडोल जिले का कल्याणपुर और कटनी का करौंदी प्रदेश के सबसे ठंडे स्थान रहे, जहां न्यूनतम तापमान 3.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा खजुराहो, नौगांव, उमरिया, रीवा और पचमढ़ी जैसे इलाकों में भी तापमान 7 डिग्री से नीचे रहा, जिससे सर्दी और ज्यादा तेज महसूस की गई। ग्वालियर-चंबल अंचल, मैहर, कटनी, अनुपपुर और आसपास के क्षेत्रों में शीतलहर का असर बना हुआ है। पहाड़ी क्षेत्रों से आ रही ठंडी हवाएं मैदानी इलाकों तक पहुंच रही हैं, जिससे रात और सुबह के समय ठिठुरन बढ़ गई है। इस वजह से ऐसा मौसम मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के कई जिलों में बादल वाली स्थिति है। इस वजह से पारे में बढ़ोतरी हुई है। रविवार को दिन के तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिली। दरअसल, प्रदेश के ऊपरी हिस्से से दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन गुजर रहे हैं। वहीं, पाकिस्तान के ऊपर एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) एक्टिव है। दो वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) 19 जनवरी और 21 जनवरी की रात से उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकते हैं। यह एमपी में भी असर दिखा सकता है। यानी, 22-23 जनवरी के बाद प्रदेश में कहीं-कहीं हल्की बारिश भी हो सकती है। न्यूनतम और अधिकतम तापमान आज सुबह प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान उमरिया जिले में 3.7 डिग्री सेल्सियस रहा। अन्य स्थानों के तापमान इस प्रकार रहे: खजुराहो: 5.8°C नौगांव-उमरिया: 6°C रीवा: 6.4°C पचमढ़ी: 6.8°C मंडला: 7.2°C मलाजखंड: 7.6°C पांचों बड़े शहरों में तापमान 10 डिग्री से ऊपर रहा भोपाल: 11°C इंदौर: 12°C ग्वालियर: 10°C उज्जैन: 13°C जबलपुर: 10.5°C आगामी मौसम मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, चक्रवात के असर से तापमान बढ़ रहा है, लेकिन 22 जनवरी के बाद मावठे की बारिश के साथ ठंड एक बार फिर लौट सकती है। सबसे ठंडा शहडोल का कल्याणपुर, पारा 3.7 डिग्री मौसम विभाग के अनुसार, अभी शहडोल का कल्याणपुर सबसे ठंडा है। यहां न्यूनतम तापमान 3.7 डिग्री पहुंच गया है। शनिवार-रविवार की रात में इतना टेम्परेचर दर्ज किया गया। खजुराहो में 5.8 डिग्री, नौगांव-उमरिया में 6 डिग्री, रीवा में 6.4 डिग्री, पचमढ़ी में 6.8 डिग्री, मंडला में 7.2 डिग्री और मलाजखंड में पारा 7.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बड़े सभी 5 शहरों में तापमान 10 डिग्री से अधिक है। भोपाल में 11 डिग्री, इंदौर में 12 डिग्री, ग्वालियर में 10 डिग्री, उज्जैन में 13 डिग्री और जबलपुर में 10.5 डिग्री सेल्सियस रहा। इस बार कड़ाके की ठंड का दौर इस बार मध्यप्रदेश में नवंबर-दिसंबर की सर्दी ने रिकॉर्ड तोड़ दिया है। नवंबर में 84 साल में सबसे ज्यादा ठंड पड़ी तो दिसंबर में 25 साल का रिकॉर्ड टूटा। नवंबर-दिसंबर की तरह ही जनवरी में भी कड़ाके की ठंड पड़ रही है। इससे भोपाल में ठंड का 10 साल का रिकॉर्ड टूट गया है। एक्सपर्ट की माने तो जनवरी में प्रदेश में माइनस वाली ठंड गिर चुकी है। अबकी बार भी तेज सर्दी, घना कोहरा छाने के साथ शीतलहर भी चल रही है। मौसम में बदलाव की वजह क्या है मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक प्रदेश के ऊपर से दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन गुजर रहे हैं, जबकि पाकिस्तान के ऊपर एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है। इसी वजह से पूर्वी मध्य प्रदेश के कई जिलों में बादल छाए रहे और दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई। अगले कुछ दिनों का पूर्वानुमान मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो दिन तक तेज ठंड से थोड़ी राहत मिल सकती है, लेकिन सुबह के समय कोहरा बना रहेगा। इसके बाद 22 और 23 जनवरी के आसपास प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने की संभावना है। घने कोहरे और शीतलहर का अलर्ट मंगलवार के लिए ग्वालियर, दतिया, भिंड, रीवा, सतना, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में घने कोहरे की चेतावनी जारी की गई है। वहीं अनुपपुर, शहडोल, कटनी और मैहर में शीतलहर का अलर्ट है। प्रदेश के पांच बड़े शहरों भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से ऊपर दर्ज किया गया है, हालांकि सुबह-शाम की ठंड अभी भी लोगों को परेशान कर रही है। मौसम विभाग ने लोगों को सुबह और रात के समय सतर्क रहने, कोहरे में वाहन सावधानी से चलाने और ठंड से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है।

उत्तर भारत में शीतलहर और कोहरे का कहर! IMD ने जारी किया राहत नहीं मिलने का अलर्ट

लखनऊ  राजधानी दिल्ली और आस-पास के इलाकों समेत उत्तर भारत में इन दिनों कड़ाके की ठंड पड़ रही है. आज के मौसम की बात करें तो देश के उत्तरी और कुछ दक्षिणी हिस्सों में घना कोहरा (Dense Fog) और निचले इलाकों में बादल छाए हुए हैं. मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के कुछ इलाकों में अगले 2 दिनों तक कोल्ड डे (Cold Day) की स्थिति बनी रहेगी.  दिल्ली समेत पूरे उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड पड़ रही है. इस समय उत्तर भारत के कई इलाको में घना कोहरा है. दिल्ली में भी विजिबिलिटी बेहद कम है. पंजाब और उत्तर प्रदेश के कई ऐसे इलाके भी हैं जहां विजिबिलिटी जीरो है. IMD का पूर्वानुमान है कि उत्तर भारत में अभी ऐसी ही ठंड और कोहरे का प्रकोप बना रह सकता है. मौसम विभाग के मुताबिक, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के कुछ इलाकों में अभी 2 दिन तक कोल्ड डे (Cold Day) की स्थिति बनी रहेगी. 16 और 17 जनवरी को हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और ओडिशा के अलग-अलग इलाकों में शीतलहर का दौर जारी रहेगा. वहीं, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और झारखंड में 16 जनवरी को भी यह स्थिति देखी जा सकती है. ठंड के कारण नोएडा के स्कूलों की बढ़ीं छुट्टियां घने कोहरे और भीषण सर्दी के कारण नोएडा एवं ग्रेटर नोएडा में 8वीं तक के स्कलों की छुट्टी बढ़ा दी गई है. कक्षा 1 से लेकर 8वीं कक्षा तक सभी स्कूल अब  17 जनवरी तक बंद रहेगै. कश्मीर घाटी में कड़ाके की सर्दी, माइनस में पारा! कश्मीर घाटी में इन दिनों बहुत ठंड पड़ रही है. तापमान लगातार गिर रहा है और शीत लहर (कोल्ड वेव) का असर पूरी तरह दिख रहा है. आज (शुक्रवार) सुबह श्रीनगर में न्यूनतम तापमान 0 डिग्री सेल्सियस के आसपास या उससे नीचे दर्ज किया गया. कई इलाकों में तापमान माइनस में चला गया है. वहीं, सुबह के समय घना कोहरा छाया रहने से दृश्यता कम हो गई.

मकर संक्रांति पर MP के मौसम का मिजाज बदला, जानिए अपने शहर में कैसी है ठंड और धूप

भोपाल  मध्यप्रदेश में इस बार ठंड ने पिछले कई वर्षों के रिकॉर्ड तोड़े हैं। बर्फीली हवाओं और घने कोहरे का असर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में लगातार बना हुआ है। वहीं आज मकर संक्रांति के दिन ठंड से हल्की राहत मिलने की संभावना जताई जा रही है। मंगलवार सुबह प्रदेश के कई जिलों में मध्यम स्तर का कोहरा देखने को मिला।जबकि कुछ क्षेत्रों में हल्का कोहरा छाया रहा। राहत की बात यह है कि आज प्रदेश के किसी भी जिले में कोल्ड डे या शीतलहर का अलर्ट जारी नहीं किया गया है। ग्वालियर-बुंदेलखंड में सर्द हवाएं जारी जिससे शीतलहर की चेतावनी नहीं होने के बावजूद मध्यप्रदेश के उत्तरी हिस्से में ठंड का असर सबसे अधिक महसूस किया जा रहा है। ग्वालियर-चंबल और बुंदेलखंड अंचल में सर्द हवाओं के चलते तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। मंगलवार को प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान कटनी जिले का करौंदी रहा, जहां न्यूनतम तापमान 4.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पतंगबाज बेझिझक उड़ा सकेंगे अपनी पतंगे बुधावर के मौसम के इस मिजाज को देखते हुए मकर संक्रांति के अवसर पर पतंगबाजी के शौकीन लोगों के लिए हालात अनुकूल रहने वाले हैं। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के अनुसार बुधवार को प्रदेशभर में मौसम शुष्क रहेगा और अगले चार दिनों तक इसी तरह का मौसम बने रहने का अनुमान है। पिछले 24 घंटों में कैसा रहा मौसम बीते 24 घंटों की बात करें तो मध्य प्रदेश के कई इलाकों में रात का तापमान रिकॉर्ड स्तर तक गिर गया. राजधानी भोपाल में भी न्यूनतम तापमान लगातार गिरता हुआ नजर आ रहा है, जिससे लोगों को रात के समय जबरदस्त ठंड का सामना करना पड़ा. दिन में भी शीत लहर का असर साफ नजर आया और ठंडी हवाओं ने तापमान को नीचे बनाए रखा. उत्तर भारत से आ रही सर्द हवाओं की वजह से पूरे प्रदेश में ठंड का दायरा बढ़ गया है. मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि बुधवार को मध्यप्रदेश के किसी भी जिले में न तो कोल्ड वेव यानी शीतलहर का अलर्ट जारी किया गया है और न ही कहीं कोल्ड डे की स्थिति रहेगी। ऐसे में लोग मकर संक्रांति का पर्व बिना किसी मौसम संबंधी परेशानी के उत्साहपूर्वक मना सकेंगे। खास तौर पर इंदौर और उज्जैन संभाग के मालवा-निमाड़ क्षेत्र में मकर संक्रांति पर बड़े पैमाने पर पतंगबाजी होती है। साफ मौसम और तेज धूप की मौजूदगी में पतंग उड़ाने में किसी तरह की बाधा आने की संभावना नहीं है। ग्वालियर-चंबल सबसे ठंडा प्रदेश के उत्तरी हिस्से में बर्फीली हवाएं सीधे आ रही हैं। इस कारण यहां के शहरों में सबसे ज्यादा ठंड है। सोमवार-मंगलवार की रात में ग्वालियर, छतरपुर का नौगांव और कटनी का करौंदी सबसे ठंडे रहे। ग्वालियर में 6.5 डिग्री, करौंदी में 4.7 डिग्री, सतना के चित्रकूट में 5.3 डिग्री और नौगांव में पारा 5.5 डिग्री दर्ज किया गया। यहां पर कोहरे का असर भी देखने को मिला। इस वजह से ट्रेनों की टाइमिंग पर असर पड़ा। कई ट्रेनें घंटों लेट रही। इकलौते हिल स्टेशन पचमढ़ी में पारा 5.8 डिग्री दर्ज किया गया। खजुराहो में 6 डिग्री, दतिया में 6.2 डिग्री, मंडला-राजगढ़ में 6.4 डिग्री और रीवा में पारा 6.5 डिग्री रहा। वहीं, भोपाल में 10.2 डिग्री, इंदौर में 9.5 डिग्री, उज्जैन में 11 डिग्री और जबलपुर में 9.5 डिग्री दर्ज किया गया। दिन में भी उत्तरी हिस्सा ठंडा रहा। मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को ग्वालियर में अधिकतम तापमान 24.3 डिग्री, दतिया में 23.4 डिग्री, श्योपुर में 23.2 डिग्री दर्ज किया गया। पचमढ़ी में 21.8 डिग्री, खजुराहो में 23.4 डिग्री, नौगांव में 23.5 डिग्री, रीवा में 22.4 डिग्री, सीधी में 23 डिग्री, टीकमगढ़-उमरिया में 24 डिग्री, मलाजखंड में 23 डिग्री दर्ज किया गया। ठंडी हवाओं से आज मिलेगी राहत मौसम विभाग के अनुसार आज मध्यप्रदेश में मौसम शुष्क बने रहने की संभावना है। सुबह के समय ग्वालियर, मुरैना, दतिया, भिंड, छतरपुर, पन्ना, सतना, निवाड़ी और टीकमगढ़ जिलों में मध्यम स्तर का कोहरा छाया रहा, जबकि अन्य जिलों में हल्का कोहरा देखने को मिला। बुधवार को भी शीतलहर चलने की संभावना नहीं जताई गई है, हालांकि उत्तरी हिस्सों में सर्द हवाओं के कारण ठंड का असर बना रह सकता है। भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक अगले तीन से चार दिनों तक प्रदेश के मौसम में किसी बड़े बदलाव के आसार नहीं हैं। करौंदी-नौगांव सबसे ठंडा मंगलवार को प्रदेश के पांच सबसे ठंडे शहरों में करौंदी और छतरपुर का नौगांव  पहले स्थान पर रहा, जहां न्यूनतम तापमान 4.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके बाद चित्रकूट में 5.3 डिग्री, नौगांव में 5.5 डिग्री, पचमढ़ी में 5.8 डिग्री और खजुराहो में 6 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड किया गया। वहीं अधिकतम तापमान की बात करें तो मुरैना में सबसे कम 19.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा दतिया में 19.8 डिग्री, चित्रकूट में 20.4 डिग्री, पचमढ़ी में 21.2 डिग्री और पृथ्वीपुर में 21.4 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान रिकॉर्ड हुआ। कल से नया सिस्टम, एमपी में 2-3 दिन बाद असर पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में 15 जनवरी से नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) एक्टिव हो रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, यह सिस्टम स्ट्रॉन्ग है। इस वजह से 2 से 3 दिन बाद एमपी के उत्तरी हिस्से में मावठा गिरने के आसार है। छा रहा कोहरा, ट्रेनों की टाइमिंग पर असर नए साल में प्रदेश में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे का असर है। इस वजह से दिल्ली से भोपाल, इंदौर और उज्जैन आने वाली ट्रेनें निर्धारित समय से लेट हो रही है। इनमें सबसे ज्यादा असर मालवा एक्सप्रेस में हो रहा है। इसके अलावा पंजाब मेल, जनशताब्दी, झेलम, सचखंड एक्सप्रेस समेत एक दर्जन ट्रेनें भी प्रभावित हो रही है। इस बार कड़ाके की ठंड का दौर इस बार मध्यप्रदेश में नवंबर-दिसंबर की सर्दी ने रिकॉर्ड तोड़ दिया। नवंबर में 84 साल में सबसे ज्यादा ठंड पड़ी तो दिसंबर में 25 साल का रिकॉर्ड टूटा। नवंबर-दिसंबर की तरह ही जनवरी में भी कड़ाके की ठंड पड़ रही है। इससे भोपाल में ठंड का 10 साल का रिकॉर्ड टूट गया है। एक्सपर्ट की माने तो जनवरी में प्रदेश में माइनस वाली ठंड गिर चुकी है। अबकी बार भी तेज सर्दी, घना कोहरा छाने के साथ शीतलहर … Read more

दिल्ली में कड़ाके की ठंड, पारा 2.9°C तक गिरा, IMD ने जारी किया मौसम अलर्ट

नई दिल्ली देश की राजधानी दिल्ली इन दिनों भीषण ठंड की चपेट में है. तापमान में तेज गिरावट के कारण शीत लहर जैसी स्थिति बनी हुई है. मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, दिल्ली के आयानगर में रविवार रात न्यूनतम तापमान 2.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस साल अब तक का सबसे कम तापमान है. शहर के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान 3 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया. मौसम विभाग के मुताबिक जब न्यूनतम तापमान सामान्य से 4.5 से 6.4 डिग्री नीचे गिर जाता है, तो इसे शीत लहर कहा जाता है. मौजूदा आंकड़े इस बात की पुष्टि करते हैं कि दिल्ली के बड़े हिस्से में यही स्थिति है. पालम वेदर स्टेशन में न्यूनतम तापमान 3.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो बीते 13 वर्षों में सबसे कम है. मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि अगले कुछ दिनों तक दिल्ली में इसी तरह की ठंड बनी रह सकती है. सफदरजंग ऑब्जर्वेटरी में रविवार रात न्यूनतम तापमान 4.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिसके सोमवार रात तक करीब 3 डिग्री सेल्सियस तक और गिरने की संभावना है. रिज क्षेत्र में न्यूनतम तापमान 3.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि अधिकतम तापमान 18.8 डिग्री सेल्सियस रहा.  कड़ाके की ठंड और प्रदूषण की दोहरी मार ठंड के साथ-साथ दिल्ली में वायु प्रदूषण भी लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, सोमवार सुबह 7 बजे दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 293 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है. यह शनिवार के AQI 291 की तुलना में मामूली बढ़ोतरी दर्शाता है. AQI मानकों के अनुसार 0–50 ‘अच्छा’, 51–100 ‘संतोषजनक’, 101–200 ‘मध्यम’, 201–300 ‘खराब’, 301–400 ‘बहुत खराब’ और 401–500 ‘गंभीर’ श्रेणी में आते हैं.  कुछ इलाकों में कोहरे और स्मॉग की चादर धौला कुआं और सराय काले खां जैसे इलाकों में सोमवार को सुबह के समय हल्का कोहरा छाया रहा. दिल्ली में तेज हवाओं के साथ ठिठुरन भरी ठंड महसूस की गई, जब औसत तापमान 6 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा. स्मॉग की पतली परत के कारण कई इलाकों में दृश्यता भी कम हो गई. इससे पहले शनिवार को न्यूनतम तापमान 5.4 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया था और शहर के कुछ हिस्सों में बारिश भी हुई थी. इससे पहले शुक्रवार को भी न्यूनतम तापमान करीब 5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था. कड़ाके की ठंड के बीच कर्तव्य पथ पर 77वें गणतंत्र दिवस परेड की रिहर्सल जारी है, जहां सुरक्षा बल सर्द मौसम में अभ्यास कर रहे हैं. उत्तर प्रदेश भी प्रचंड शीत लहर की चपेट में इससे पहले रविवार को दिन में तेज धूप निकलने से अधिकतम और न्यूनतम तापमान में 15 डिग्री का फर्क आ गया. पश्चिमी विक्षोभ के असर से पछुआ की रफ्तार बेहद कम रही और धूप में गुनगुनाहट ज्यादा रही. मौसम विभाग के अनुसार यह राहत ज्यादा देर की नहीं है. गलन का सिलसिला फिर से शुरू होने का पूर्वानुमान है. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में रात का न्यूतम तापमान 6 से 7 के बीच रिकॉर्ड किया गया. वहीं मेरठ 4 डिग्री और बहराइच 4.5 डिग्री सेल्सियस के साथ राज्य के सबसे ठंडे जिले रहे. सुबह खिली चटख धूप ने लोगों को ठंड से राहत दी. इस दौरान अधिकतम तापमान सामान्य से 3.1 डिग्री ज्यादा 23.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.  राजस्थान के कई हिस्सों में 0 से नीचे तापमान राजस्थान में भी कड़ाके की ठंड पड़ रही है. राज्य के कई हिस्सों में शीत लहर से लेकर भीषण शीत लहर की स्थिति दर्ज की गई है. प्रतापगढ़ में न्यूनतम तापमान 0 से 2 डिग्री नीचे पहुंच गया, जबकि बाड़मेर में यह 0 से 1 डिग्री नीचे दर्ज किया गया. पिलानी में 1.2 डिग्री, सीकर में 1.7 डिग्री, लूणकरनसर में 1.9 डिग्री और चूरू व झुंझुनू में करीब 2 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा. मौसम विभाग ने अगले कुछ दिन और राज्य में कड़ाके की ठंड पड़ने का अनुमान जताया है. पंजाब और हरियाणा में भी हालात कुछ ऐसे ही हैं. कश्मीर घाटी में ‘चिल्ला-ए-कलां’ का दौर जारी पंजाब के बठिंडा में न्यूनतम तापमान 1.6 डिग्री सेल्सियस और हरियाणा के हिसार में 2.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. लुधियाना, पटियाला, अमृतसर और गुरदासपुर में भी तापमान सामान्य से नीचे बना हुआ है. जम्मू-कश्मीर में ठंड और भीषण रूप ले चुकी है. यहां तापमान जमाव बिंदु से कई डिग्री नीचे चला गया है. श्रीनगर में न्यूनतम तापमान 0 से 5.2 डिग्री नीचे दर्ज किया गया, जबकि दक्षिण कश्मीर के शोपियां में यह 0 से 8.6 डिग्री सेल्सियस नीचे रहा. पहलगाम में भी तापमान 0 से 7.6 डिग्री नीचे दर्ज किया गया. कश्मीर घाटी में इस समय ‘चिल्ला-ए-कलां’ का दौर जारी है, जब 40 दिनों तक कड़ाके की ठंड और बर्फबारी की आशंका बनी रहती है.