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जीतन राम मांझी का वार—राहुल गांधी की सभा पर कसा करारा तंज

पटना  बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर जैसे-जैसे मतदान की तारीख नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज होता जा रहा है। बिहार चुनाव के लिए कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की हुई चुनावी सभा पर केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने तंज कसा। उन्होंने कहा कि टूटा हुआ कांच कभी नहीं जुड़ता है। वे जो जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं, वह कभी नहीं जुड़ेगा। केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि बिहार की जनता समझदार है और एनडीए के साथ है। उन्होंने पटना में मीडिया से बातचीत करते हुए महागठबंधन के घोषणापत्र को कागज का एक टुकड़ा करार दिया। उन्होंने कहा कि हम मगध से हैं। हमने जंगलराज और आतंक के दिन देखे हैं, जब विकास का नामोनिशान नहीं था। मांझी ने पीएम मोदी और सीएम नीतीश कुमार की तारीफ करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डबल इंजन सरकार ने जंगलराज वाले बिहार में बदलाव लाया है। अब स्थिति काफी सुधर चुकी है और निरंतर विकास के कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने तेजस्वी यादव पर तंज कसते हुए कहा कि जंगलराज में उनके पिता ने जो बिहार को कलंकित किया, अब उस कलंक को मिटाने के लिए वे बड़े-बड़े वादे कर रहे हैं। हमारा मानना है कि बिहार की जनता इतनी भोली नहीं है कि वे अपने पूर्वजों पर हुए अत्याचार को भूल जाएं। राहुल गांधी को जननायक और तेजस्वी को नायक कहे जाने पर उन्होंने कहा कि ये लोग जननायक कर्पूरी ठाकुर का मजाक उड़ा रहे हैं। लोगों को समझना चाहिए कि जनता में 'जननायक' उपाधि का व्यापक सम्मान और स्वीकृति है। उनका मजाक उड़ाकर वे कर्पूरी ठाकुर और उनकी विरासत का अपमान कर रहे हैं। बिहार के लोगों को यह समझना होगा कि यह पूज्य नेता और उनके योगदान का अनादर है। उन्होंने कहा कि महागठबंधन का घोषणापत्र सिर्फ झूठ का एक पुलिंदा है, जिस पर बिहार की जनता कभी विश्वास नहीं कर सकती है। मांझी ने दावा किया कि बिहार में एक बार फिर एनडीए की सरकार बनेगी। बता दें कि बिहार विधानसभा चुनाव के लिए दो चरण में वोटिंग होगी। 14 नवंबर को परिणाम घोषित किए जाएंगे।

सीट बंटवारे को लेकर जीतन राम मांझी ने रखी साफ़ स्थिति, केंद्रीय नेतृत्व का फैसला तय

पटना  केंद्रीय मंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के संरक्षक जीतन राम मांझी ने शनिवार को आगामी चुनावों में एनडीए के भीतर सीट बंटवारे को लेकर बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि एनडीए में सीट बंटवारे को लेकर कोई विवाद नहीं है और जो भी फैसला केंद्रीय नेतृत्व की तरफ से आएगा, उसको सभी मानेंगे। उपराष्ट्रपति चुनाव के बाद ही बातें होंगी। मांझी ने कार्यकर्ताओं को चुनाव अकेले लड़ने के लिए तैयार रहने की बात कही थी। उन्होंने इस पर सफाई देते हुए कहा कि यह सिर्फ कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने के लिए कहा गया था। कभी-कभी कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने के लिए ऐसा बोलना पड़ता है। वहीं, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान पर कुछ भी बोलने से बचते हुए इशारों में निशाना साधा। कहा कि वह चिराग के बारे में कुछ नहीं कहना चाहते, क्योंकि 2020 से लोग उनका 'चाल और चरित्र' देख रहे हैं। चिराग को नसीहत देते हुए कहा कि अभी देश और बिहार को एनडीए की जरूरत है, इसलिए ऐसा कोई काम नहीं होना चाहिए जिससे गठबंधन कमजोर पड़े। वहीं कांग्रेस द्वारा बीड़ी की तुलना बिहार से करने के बयान पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि यह बयान कांग्रेस का लोकतंत्र पर अविश्वास दिखाता है और वे सिर्फ 'भद्दी भद्दी बातें' करके खुद को स्थापित करना चाहते हैं। उन्होंने केरल कांग्रेस द्वारा दिए गए इस बयान की कड़ी निंदा की। इसके साथ ही जीएसटी स्लैब में बदलाव के फैसले को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि अपने 46 साल के राजनीतिक जीवन में उन्होंने गरीबों के लिए इतना बड़ा तोहफा पहले कभी नहीं देखा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि पीएम गरीबों के लिए जीते हैं और आगे भी उनके लिए ही काम करेंगे। उन्होंने इस फैसले को दीपावली और दशहरा से ठीक पहले आने वाली 'बड़ी सौगात' बताया।