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सेटिंग वाले अभ्यर्थियों को रटवाए गए थे सवाल-जवाब? मास्टरमाइंड अभय तिवारी से पूछताछ जारी

रांची झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की संयुक्त स्नातक स्तरीय (सीजीएल) परीक्षा में कथित पेपर लीक, अनियमितता और सेटिंग के मामलों की जांच कर रही सीआईडी ने गुरुवार को बोकारो के दो अधिकारियों का बयान दर्ज किया। सीआईडी ने दोनों अधिकारियों को समन कर गवाही और क्रास वेरिफिकेशन के लिए बुलाया था। दोनों अपना बयान दर्ज कराने के बाद वापस बोकारो लौट गए। बोकारो ले जाकर सेटिंग वाले अभ्यर्थियों को रटवाए गए थे प्रश्न-उत्तर सीआईडी को पूर्व में छानबीन के क्रम में जानकारी मिली थी कि जेएसएससी सीजीएल परीक्षा में सेटिंग वाले अभ्यर्थियों को बोकारो ले जाकर प्रश्न और उत्तर रटवाए गए थे। इन अभ्यर्थियों में मामले का मास्टरमाइंड बताए जा रहे अभय कुमार तिवारी के भी शामिल होने की बात सामने आई थी। बोकारो से जुड़े कुछ अन्य आरोपित भी सीआईडी के रडार पर हैं। इनके संबंध में सीआईडी ने कई महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाई हैं। अभय कुमार तिवारी दो दिनों की रिमांड पर इसी मामले में मास्टरमाइंड अभय कुमार तिवारी को सीआईडी ने दो दिनों की रिमांड पर लिया है। उसकी रिमांड शुक्रवार को समाप्त होगी। इसके बाद उसे पुन: न्यायिक हिरासत में भेज दिया जाएगा। रिमांड के दौरान सीआईडी उससे परीक्षा में कथित सेटिंग, अभ्यर्थियों तक प्रश्न-उत्तर पहुंचाने और इस पूरे नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों के संबंध में पूछताछ कर रही है। जेपीएससी घोटाला: खियांग्ते के कंप्यूटर ऑपरेटर समेत तीन रिमांड पर दूसरी ओर, जेपीएससी मेधा घोटाला मामले की जांच कर रही सीआईडी ने जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते के कंप्यूटर ऑपरेटर धर्मेंद्र कुमार और परीक्षा संचालन से जुड़ी एजेंसी मेसर्स टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) के दो कर्मियों प्रदीप और संजय को गुरुवार को तीन-तीन दिनों की रिमांड पर लिया है। तीनों आरोपितों से जेपीएससी की परीक्षाओं में अनियमितता, पेपर लीक, ओएमआर शीट में हेराफेरी सहित विभिन्न बिंदुओं पर पूछताछ की जा रही है। धर्मेंद्र पर वसूली एजेंट के रूप में काम करने का आरोप धर्मेंद्र कुमार पर आरोप है कि वह एल. खियांग्ते के वसूली एजेंट के रूप में काम करता था। परीक्षा संचालन से जुड़ी एजेंसी टीडीपीएल और एल. खियांग्ते के बीच वित्तीय लेन-देन की मुख्य कड़ी के रूप में धर्मेंद्र के काम करने की बात जांच में सामने आई है। आरोप है कि परीक्षा संचालन का ठेका दिलाने, अभ्यर्थियों की सेटिंग कराने और भुगतान में कमीशन लेने सहित कई तरह की अनियमितताओं में वह शामिल था। सीआईडी इन सभी बिंदुओं पर छानबीन कर रही है। आत्मसमर्पण करने वाले कोचिंग संचालक रवि को रिमांड पर लेने की तैयारी जेपीएससी मेधा घोटाला केस के आरोपित पतंजलि आइएएस एकेडमी नामक कोचिंग के संचालक रवि कुमार उर्फ रविशंकर प्रसाद ने पिछले दिनों सीआईडी की विशेष अदालत में आत्मसमर्पण किया था। इसके बाद से वह न्यायिक हिरासत में है। अब उसे रिमांड पर लेने के लिए सीआईडी ने कोर्ट में अर्जी दी है। सिंडिकेट और अभ्यर्थियों की सेटिंग को लेकर होगी पूछताछ सीआईडी रवि कुमार को रिमांड पर लेकर जेपीएससी की परीक्षाओं में कथित अनियमितता में शामिल सिंडिकेट के बारे में जानकारी जुटाएगी। रवि कुमार पर आरोप है कि वह अभ्यर्थियों की जेपीएससी परीक्षाओं में सिंडिकेट से सेटिंग कराता था। पूर्व में गिरफ्तार मास्टरमाइंड अभय कुमार तिवारी के बयान में रवि कुमार का नाम सामने आया था। इसके बाद से ही सीआईडी उसकी तलाश कर रही थी। सीआईडी यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि रवि कुमार ने कितने अभ्यर्थियों की सेटिंग कराई, किससे कितने रुपये वसूले, वसूली गई राशि को कहां-कहां पहुंचाया, किस तरह परीक्षा में सेटिंग कराई गई और इसमें किस-किस का सहयोग मिला। इन सभी बिंदुओं पर रवि कुमार से पूछताछ की जानी है।

JSSC CGL पेपर लीक केस में खुलती जा रही परतें, 135 में 120 सवाल परीक्षा में हुए मैच

 रांची  SSC CGL Paper Leak: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की संयुक्त स्नातक स्तरीय (सीजीएल) प्रतियोगिता परीक्षा में कथित अनियमितता की जांच के लिए गठित 17 सदस्यीय एसआइटी को लगातार नई जानकारियां मिल रही हैं। नए सिरे से जब इस मामले की जांच तेज हुई तो गिरफ्तार एक-एक आरोपित इस परीक्षा में कथित पेपर लीक की पुष्टि करने लगे। सीआइडी के पूर्व डीजी अनुराग गुप्ता के कार्यकाल में सीआइडी ने जांच के दौरान 16 आरोपितों को गिरफ्तार तो किया था, लेकिन जांच में पेपर लीक की पुष्टि नहीं कर सकी थी। पूर्व की जांच में सीआइडी ने पाया था कि जेएसएससी सीजीएल परीक्षा में पेपर लीक नहीं हुई थी, बल्कि पेपर लीक के नाम पर अभ्यर्थियों से अवैध तरीके से वसूली की गई थी। जेपीएससी की 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित गड़बड़ी, ओएमआर शीट की हेराफेरी सहित अनियमितता मामले की जांच के क्रम में गिरफ्तार परीक्षा संचालित कराने वाली एजेंसी मेसर्स टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) के मार्केटिंग मैनेजर अभय कुमार तिवारी की गिरफ्तारी के बाद ही एक-एक कर गड़बड़ियों का खुलासा होता गया। अभय कुमार तिवारी जेपीएससी की परीक्षाओं में गड़बड़ियों के मामले में गिरफ्तार हुआ था। जब उससे पूछताछ हुई तो उसने जेएसएससी की सीजीएल परीक्षा में भी गड़बड़ी से पर्दा उठाया। उसने बताया कि उसने स्वयं सहित अपनी पत्नी सुषमा कुमारी व भाई अक्षय तिवारी को उक्त परीक्षा में पास कराने के लिए जेएसएससी सीजीएल परीक्षा संचालन से जुड़ी एजेंसी आइसीएन के संचालक मिथिलेश सिंह को 12-12 लाख रुपये की रिश्वत दी थी। अभय तिवारी ने यह भी बताया था कि उक्त परीक्षा में 12-12 लाख रुपये से लेकर किसी अभ्यर्थी से 15 लाख तो किसी से 20-20 लाख रुपये लेकर अभ्यर्थियों की सेटिंग कराई गई थी और उन्हें पास कराया गया था। बोकारो से लेकर नेपाल तक रटवाए गए थे प्रश्न व उत्तर सीजीएल परीक्षा मामले में एसआइटी ने गिरफ्तार आरोपितों से सख्ती से पूछताछ की तो आरोपितों ने बताया कि उन्हें बोकारो से लेकर नेपाल तक प्रश्न व उत्तर रटवाए गए थे। रटवाए गए 135 प्रश्नों में से 120 प्रश्न परीक्षा में मैच कर गए थे। रुपये देने वाले अभ्यर्थियों को भी सफलता हासिल हुई थी। सीआइडी की एसआइटी ने पिछले एक महीने के भीतर 11 सफल अभ्यर्थियों व परीक्षा संचालन से जुड़ी एजेंसी आइसीएन के कर्मियों को गिरफ्तार किया है। अभ्यर्थियों व आइसीएन से जुड़े कर्मियों ने पेपर लीक की सूचना पर मुहर लगाई है। इसी सिंडिकेट से पूर्व में गिरफ्तार 16 अभ्यर्थी भी जुड़े थे, जिन्होंने अभ्यर्थियों से रुपये वसूले, उन्हें संबंधित ठिकानों तक पहुंचाया, जहां उन्हें प्रश्न व उत्तर रटवाया। इसमें विशेषज्ञों की भी मदद ली गई थी। वेबेल को मिला था काम, आइसीएन से करवाया, फिर लीक हुआ प्रश्न पत्र जेएसएससी सीजीएल परीक्षा संचालन की जिम्मेदारी वेबेल एजेंसी को मिली थी। वेबेल ने अपने सहयोगी आइसीएन से परीक्षा संचालन में मदद ली। आइसीएन प्रश्न प्रिंट होने से लेकर स्ट्रांग रूम तक पहुंचाने में शामिल रहा। सीआइडी की जांच में पुष्टि हो चुकी है कि आइसीएन ने ही पेपर लीक किया अभ्यर्थियों, एजेंटों, दलालों, अधिकारियों के सिंडिकेट में आइसीएन भी शामिल था, जिसने पेपर लीक कर अयोग्य अभ्यर्थियों को मदद पहुंचाई है। सीआइडी ने अब तक 250 से अधिक अभ्यर्थियों व संदिग्धों का बयान ले लिया है। हर दिन पूछताछ जारी है। प्रखंड कल्याण पदाधिकारी कुंदन कुमार से रिमांड पर होगी पूछताछ सीआइडी की एसआइटी अब गिरफ्तार गुमला जिले के सिसई के प्रखंड कल्याण पदाधिकारी कुंदन कुमार को रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी। कुंदन कुमार की नियुक्ति जेएसएससी सीजीएल परीक्षा के माध्यम से हुई थी। सीआइडी ने प्रारंभिक जांच में पाया है कि कुंदन कुमार ने स्वयं व अन्य अभ्यर्थियों के लिए भी एजेंट बनकर अवैध भुगतान किया था और नौकरी हासिल की थी। सीआइडी सभी बिंदुओं पर छानबीन कर रही है। भाजपा लगातार कर रही है पूर्व डीजी के विरुद्ध कार्रवाई की मांग सीआइडी की जांच में पेपर लीक की पुष्टि के बाद भाजपा लगातार पूर्व डीजीपी सह सीआइडी के पूर्व डीजी अनुराग गुप्ता के विरुद्ध कार्रवाई की मांग कर रही है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री से पत्राचार कर व इंटरनेट मीडिया एक्स पर पोस्ट कर पूर्व डीजीपी अनुराग गुप्ता की जेएसएससी सीजीएल परीक्षा में संलिप्तता का आरोप लगाते हुए उनके विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। बाबूलाल मरांडी के अनुसार अनुुराग गुप्ता ने जान-बूझकर सीजीएल परीक्षा में पेपर लीक व अनियमितता के मामलों की अनदेखी करते हुए आरोपों को गलत ठहराया था। सभी आरोप एक-एक कर सही साबित होते जा रहे हैं।  JSSC-CGL मामले की जांच को प्रभावित करने, उसे गलत दिशा में ले जाने और डिजिटल साक्ष्यों को नष्ट कराने के आरोपों से घिरे पुलिस अधिकारी अनुराग गुप्ता पर कार्रवाई करने से मुख्यमंत्री @HemantSorenJMM आखिर क्यों हिचक रहे हैं?     आखिर ऐसी क्या वजह थी कि अनुराग गुप्ता छात्रों द्वारा लगाए गए…