samacharsecretary.com

भारतीय विदेश सेवा अधिकारियों ने डीजीपी कैलाश मकवाणा से की भेंट

भोपाल  पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा से भारतीय विदेश सेवा अधिकारियों ने की सौजन्य भेंट पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा से आज प्रशासन अकादमी में प्रशिक्षणरत् भारतीय विदेश सेवा (IFS) के 5 अधिकारियों ने सौजन्य भेंट की। यह भेंट प्रशासनिक अनुभवों के आदान-प्रदान, आंतरिक सुरक्षा से जुड़े विषयों तथा बहु-सेवा समन्वय को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से आयोजित की गई।इस अवसर पर डीजीपी  कैलाश मकवाणा ने भारतीय विदेश सेवा के अधिकारियों का आत्मीय स्वागत करते हुए उन्हें मध्यप्रदेश पुलिस की संगठनात्मक संरचना, कार्यप्रणाली तथा उत्तरदायित्वों से अवगत कराया। उन्होंने कानून-व्यवस्था, आंतरिक सुरक्षा, साइबर अपराध, अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध अभियानतथा तकनीक आधारित पुलिसिंग के क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों की विस्तृत जानकारी दी। डीजीपी ने कहा कि प्रशासनिक सेवा में प्रवेश के साथ ही नैतिक मूल्योंको अपने आचरण में आत्मसात करना अनिवार्य हो जाता है। ईमानदारी और निष्पक्षता के साथ किया गया कार्य ही किसी अधिकारी की वास्तविक पहचान और विश्वसनीयता का आधार होता है। उन्होंने प्रशिक्षु अधिकारियों से उनके लक्ष्यों पर संवाद करते हुए कहा कि निस्वार्थ भाव से की गई सेवा ही सच्चे अर्थों में लोकसेवा है। डीजीपी ने दुर्ग में अपनी पहली पदस्थापना के अनुभव साझा करते हुए प्रारंभिक चुनौतियों, सीख और सेवा में निरंतर आत्म-प्रेरणा बनाए रखने के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि अपने अधीनस्थ स्टाफ के प्रति व्यवहार में संवेदनशीलता रखना, उनकी बातों को गंभीरता से सुनना और समस्याओं को समझना प्रभावी नेतृत्व की पहचान है, जिससे अधिकारी स्वाभाविक रूप से सम्मान अर्जित करते हैं।अपने मुरैना कार्यकाल के अनुभव साझा करते हुए उन्होंने बताया कि निरंतर परिश्रम, अनुशासन और समर्पण के साथ कार्य करते हुए प्रशासनिक दक्षता को सुदृढ़ किया जा सकता है। वहीं बस्तर में पदस्‍थापना के दौरान किए गए कार्यों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी सूचना पर त्वरित, निष्पक्ष और प्रभावी कार्रवाई से जन-विश्वासमजबूत होता है। इसके अतिरिक्त मंदसौर के लॉ-एंड-ऑर्डर से जुड़े प्रसंग साझा करते हुए डीजीपी ने स्पष्ट किया कि अधिकारी के प्रत्येक निर्णय और कार्रवाई में जनता का विश्वास परिलक्षित होना चाहिए। उन्होंने प्रशिक्षु अधिकारियों से कहा कि यह उनका सीखने का समय है, अधिक से अधिक सीखें, आवश्यकता पड़ने पर अपने सहकर्मी अथवा अपने अनुभवी अधिकारियों से परामर्श लेने में संकोच न करें, आधुनिक तकनीक का प्रभावी उपयोग करें और पूरी निष्ठा, ईमानदारी एवं प्रतिबद्धता के साथ कर्तव्य निर्वहन करें। भारतीय विदेश सेवा के अधिकारियों ने अपने प्रशिक्षण अनुभव साझा करते हुए अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की कूटनीतिक भूमिका, वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य तथा राज्यों की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्थाओं के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा अपनाए जा रहे नवाचारों, तकनीकी समाधानों और जनहित में संचालित अभियानों की सराहना की। यह संवाद विभिन्न प्रशासनिक सेवाओं के मध्य सहयोग, आपसी समझ और समन्वय को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुआ।इस अवसर पर पीएसओ टू डीजीपी  विनीत कपूर, एसओ टू डीजीपी  मलय जैन उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी मती नेहा भारतीय द्वारा किया गया।  

पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने समर्पण और प्रयासों से देशभक्ति का महत्व बताया

अथक परिश्रम एवं समन्वित प्रयासों से चरितार्थ करें देशभक्ति-जनसेवा का आदर्श वाक्‍य : पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा पुलिस महानिदेशक का पुलिसकर्मियों केलिए नववर्ष-2026 के लिए संदेश नववर्ष संदेश में बताई2025 में प्राप्‍त मध्यप्रदेश पुलिस की ऐतिहासिक उपलब्धियाँ भोपाल  नववर्ष 2026 के अवसर पर पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा द्वारा पुलिस कर्मियों के लिए शुभकामना संदेश जारी किया गया। यह शुभकामना संदेश केवल औपचारिक बधाई नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश पुलिस के लिए आत्ममंथन, सम्मान और भविष्य की कार्ययोजना का स्पष्ट दस्तावेज है। यह संदेश उस सामूहिक परिश्रम की सार्वजनिक स्वीकृति है, जिसके बल पर वर्ष 2025 मध्यप्रदेश पुलिस के लिए ऐतिहासिक उपलब्धियों का वर्ष बना। पुलिस महानिदेशक ने अपने संदेश में वर्ष 2025 को टीमवर्क, नवाचार और संवेदनशील पुलिसिंग का प्रतीक बताया। उन्‍होंने अपने संदेश में उल्‍लेख किया कि प्रदेश को नक्सलमुक्त बनाने, डायल-112 कियान्वयन, रिक्त पदों की पूर्ति हेतु भर्ती प्रक्रिया, जनसुनवाई, ई-आफिस, नारकोटिक्स ड्रग्स के विरूद्ध "नशे से दूरी है जरूरी" जागरूकता अभियान की अभूतपूर्व सफलता, सायबर फ्रॉड से बचाव हेतु सेफ क्लिक जागरूकता अभियान, पुलिस कर्मचारियों के स्वास्थ्य एवं फिटनेस हेतु हार्टफुलनेस संस्था से एम.ओ.यू., 1" Change Maker Award, e-HRMS प्रारंभ करने हेतु सार्थक प्रयास, रू. एक लाख से अधिक की सायबर फॉड शिकायतों में ई-जीरो एफ.आई.आर., कार्यप्रणाली में सुधार हेतु लंबी अवधि से एक ही थाने में पदस्थ 11,000 से अधिक पुलिस कर्मियों के एक सप्ताह में स्थानांतरण आदि महत्वपूर्ण हैं। रिकार्ड संख्या में हजारों गुम अवयस्क बालिकाओं को मध्‍यप्रदेश पुलिस ने विशेष प्रयासों से खोजा है। इन सफलताओं में आप सभी का बहुमूल्य योगदान रहा है। पुलिस महानिदेशक नेसंदेश में लेख किया कि सभी महत्वपूर्ण अपराधों में त्वरित पतासाजी, गिरफ्‌तारी, समस्त त्यौहारों के शांतिपूर्ण आयोजन में अथक परिश्रम किया है। अच्छे कार्यों के करने पर मनोबल बढ़ाने हेतु मेरे स्तर से तत्काल संज्ञान लेते हुए बड़ी संख्या में त्वरित एवं उचित ईनाम भी दिए गए हैं। वर्ष 2026 में अपनी प्राथमिकताएं बताते हुए मकवाणा ने कहा कि यातायात दुघर्टनाओं पर नियंत्रण एवं सड़क सुरक्षा हेतु नव वर्ष में योजनाबद्ध तरीके से और सक्रियता जरूरी है। सायबर फ्रॉड के नवीन तरीकों को दृष्टिगत रखते हुए Capacity Building समय की आवश्यकता है।Basic Policing के साथ ही नवीन तकनीकी, AI का उपयोग, मादक पदार्थ तस्करों के विरूद्ध और अधिक कड़ी कार्यवाही, Social Media में तथ्यों की त्वरित प्रस्तुति तथा पुलिस के अच्छे कार्य प्रचारित किए जाना चाहिए। सिंहस्थ 2028 के सफल एवं सुरक्षित आयोजन हेतु तैयारियों में और तेजी लाई जाए। डीजीपी ने अपेक्षा की है किपुलिस थाना विभाग की मूलभूत इकाई है, जहाँ बड़ी संख्या में आमजनों का दिन-प्रतिदिन पुलिस से सम्पर्क होता है। थाना स्टाफ द्वारा उत्तम चरित्र एवं आचरण का प्रदर्शन, पीड़ितों एवं आवेदकों के प्रति संवेदनशील व्यवहार एवं त्वरित कार्यवाही की जाए। आमजन की सहभागिता एवं उनका विश्वास अर्जित करना भी हमारा ध्येय होना चाहिए। महिलाओं एवं बच्चों के प्रति भी संवेदनशीलता बरतते हुए उनके विरूद्ध घटित अपराधों में तत्काल कड़ी कार्यवाही की जाना चाहिए। माननीय मुख्यमंत्री जी पुलिस कर्मचारियों के कल्याण के लिए संवेदनशील हैं एवं विभाग के कई प्रस्तावों में शासन स्तर से त्वरित स्वीकृतियाँ प्राप्त हुई हैं। नववर्ष की प्रात: बेला में पुलिस महानिदेशक द्वारा जन गण मन एवं वंदे मातरम गायन के साथ पुलिस मुख्‍यालय के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के समक्ष संदेश वाचन करते हुए स्‍टॉफ के साथ स्‍वल्‍पाहार लेते हुए सभी को नववर्ष की शुभकामनाएं दी गई। उन्‍होंने विश्‍वास जताते हुए कहा कि सभी के समन्वित प्रयासों एवं अथक परिश्रम से प्रदेश की आमजनता को सुरक्षित एवं शांतिपूर्ण वातावरण प्रदान करते हुए मध्यप्रदेश पुलिस के आदर्श वाक्य देशभक्ति जनसेवा को चरितार्थ करने में हम सफल होंगें। इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणाके अलावा विशेष पुलिस महानिदेशक आदर्श कटियार, अनिल कुमार, संजीव शमी, आशुतोष राय, अतिरिक्‍त पुलिस महानिदेशकए.साईं मनोहर, जयदीप प्रसाद, योगेश चौधरी, मो. शाहिद अबसार, भोपाल पुलिस आयुक्‍त हरिनारायणचारी मिश्र, पुलिस महानिरीक्षक इरशाद वली, श्रीमती रूचिवर्धन मिश्र सहित पुलिस मुख्यालय के समस्त वरिष्ठ अधिकारी एवं अन्य पुलिस अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।  

रायपुर में डीजीपी-आईजी कांफ्रेंस: AI का इस्तेमाल कर पुलिसिंग को बनाया जाएगा भविष्य तैयार

भोपाल  आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के जमाने में पुलिस भी बदलेगी। एआई की मदद से पुलिस यह पूर्वानुमान लगा सकेगी कि किस जगह, किस समय, किस तरह का अपराध घटित हो सकता है। पहले के आंकड़ों के आधार पर एआई यह अनुमान लगा सकेगा। ऐसे ही किसी समय के ट्रैफिक का वाल्यूम यानी वाहनों की संख्या के आधार पर यह अनुमान लगाया जा सकेगा कि सड़क दुर्घटना आशंका कहां-कहां है। इससे पुलिस घटनाएं रोकने पर ध्यान केंद्रित कर सकेगी। दरअसल, देशभर की पुलिसिंग में 'प्रेडेक्टिव पुलिसिंग' माडल अपनाने पर विचार चल रहा है। पिछले सप्ताह रायपुर में हुई डीजीपी-आईजी कान्फ्रेंस में मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने 'फ्यूचर रेडी पुलिसिंग 2047' को लेकर विजन प्रस्तुत किया। क्राइम प्रिवेंशन एवं डिटेक्शन पर दिया प्रजेंटेंशन उन्होंने बताया कि एआई का उपयोग कर पुलिस अपराध की आशंका आदि बता सकती है। इसे लेकर उन्होंने 'क्राइम प्रिवेंशन एवं डिटेक्शन' विषय पर प्रजेंटेशन दिया। इसी में एआई मॉडल पर चर्चा हुई। कहा गया कि राज्य इस मॉडल का परीक्षण कर अपने-अपने स्तर पर लागू कर सकेंगे। कान्फ्रेंस में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी शामिल थे। डीजीपी मकवाणा ने 'फ्यूचर रेडी पुलिसिंग 2047' के अंतर्गत 'कम्युनिटी पुलिसिंग और पब्लिक ट्रस्ट' विषय पर बताया कि पुलिस आमजन से बेहतर संवाद रखकर कैसे उनका भरोसा जीत सकती है। संवाद को लेकर नवाचार किए बता दें कि डीजीपी बनने के बाद से ही उनका इस पर विशेष ध्यान रहा है। कई जिलों में पुलिस अधीक्षकों ने आमजन से संवाद को लेकर नवाचार भी किए हैं। कांफ्रेस में भी उन्होंने 'नशे से दूरी' अभियान सहित अन्य नवाचारों के बारे में बताया। कांफ्रेंस में उभरते साइबर अपराध, भीड़ प्रबंधन, वैज्ञानिक अन्वेषण, टेक्नोलाजी-इंटीग्रेशन, साइबर सुरक्षा, नागरिक-सहभागिता जैसे विषयों पर चर्चा हुई। मकवाणा ने डेटा-संचालित निर्णय प्रक्रिया, आपदा प्रबंधन प्रणालियां और युवाओं की सकारात्मक भागीदारी जैसे बिंदुओं पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आधुनिक पुलिसिंग तभी प्रभावी हो सकती है जब उसमें तकनीक और मानवीय संवेदना दोनों का संतुलित समावेश हो।

पुलिस वर्दी कर्तव्ये, समर्पण, साहस और सेवा का प्रतीहक – डीजीपी मकवाणा

पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा से मध्यप्रदेश कैडर के प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारियों ने की सौजन्य भेंट पुलिस वर्दी कर्तव्ये, समर्पण, साहस और सेवा का प्रतीहक – डीजीपी  मकवाणा भोपाल पुलिस मुख्‍यालय भोपाल में पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा से मध्‍यप्रदेश कैडर के 9 प्रशिक्षु भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारियों ने सौजन्‍य भेंट की। पुलिस महानिदेशक  मकवाणा ने प्रशिक्षु अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि पुलिस वर्दी कर्तव्य, समर्पण, साहस और सेवा का प्रतीक है। प्रशिक्षण अवधि बेहद महत्वपूर्ण होती है, इसलिए इसे पूरे मन, लगन और अनुशासन के साथ पूरा करें। जिले में प्रशिक्षण के दौरान जितना अधिक सीखेंगे, आगे का नेतृत्व उतना ही प्रभावी होगा। उन्होंने एक अध्ययन का उल्लेख करते हुए कहा कि मनुष्य को वास्तविक खुशी पद या पैसे से नहीं, बल्कि दूसरों की सहायता करने से मिलती है। पुलिस सेवा इसी भावना का विस्तार है—भगवान ने हमें सेवा का माध्यम बनाया है। पुलिस का मूलमंत्र भी यही है- देशभक्ति और जनसेवा। पुलिस महानिदेशक ने प्रशिक्षु अधिकारियों को यह सलाह दी कि हमेशा जनता के साथ विनम्र, मधुर और सम्मानजनक व्यवहार रखें। किसी भी परिस्थिति में त्‍वरित कार्रवाई करना, ईमानदारी से काम करना और निष्पक्ष रहना—एक अच्छे अधिकारी की पहचान है। उन्होंने कहा कि अच्छे कार्यों को हमेशा प्रोत्साहित करें। कानूनों, नियमों, अधिनियमों तथा वित्तीय प्रक्रियाओं का गहन अध्ययन करें, क्योंकि एक सक्षम अधिकारी वही है जो अपने कार्यक्षेत्र का संपूर्ण ज्ञान रखता हो। जनता का विश्वास अर्जित करना पुलिस का सबसे बड़ा निवेश है—विश्वास होगा तो सहयोग मिलेगा, और सहयोग से व्यवस्था मजबूत होगी।  मकवाणा ने यह भी कहा कि हमेशा सही रास्ते पर चलें, सही काम करते रहें और सबसे पहले एक अच्छा इंसान बनने की कोशिश करें। समाज में साम्प्रदायिक सौहार्द बनाए रखना पुलिस की अत्यंत महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है, इसलिए हमेशा सतर्क, संवेदनशील और संतुलित बने रहें। डीजीपी ने साइबर सुरक्षा के महत्व को भी रेखांकित करते हुए कहा, "आज के युग में, जब सूचना का प्रवाह तेज़ है, पुलिस को नवीनतम तकनीकों और डेटा एनालिटिक्स का उपयोग कर अपने कार्यों को और प्रभावी बनाने की आवश्यकता है। साइबर अपराधों का खतरा बढ़ रहा है। हमें न केवल अपराधों की रोकथाम में अग्रणी होना है, बल्कि हमें साइबर सुरक्षा के प्रति भी जागरूकता फैलाने की आवश्यकता है।" उन्‍होंने मध्‍यप्रदेश पुलिस के जनजागरूकता अभियान ‘’नशे से दूरी-है जरूरी की जानकारी दी। उन्‍होंने कहा कि राज्‍यव्‍यापी जनजागरूकता अभियान ने अपनी व्‍यापकता, प्रभावशीलता तथा वृहद स्‍तर पर जनसहभागिता के चलते वर्ल्‍ड रिकॉर्ड भी कायम किया है। उन्‍होंने प्रशिक्षु अधिकारियों से कहा कि वर्तमान में जन अपेक्षाएं भी बढ़ी हैं अत: व्‍यावसायिक उत्‍कृष्‍टता, पारदर्शिता एवं व्‍यवहार कुशलता से ही आप इन अपेक्षाओं पर खरे उतर सकते हैं। उन्होंने पुलिस बल के मनोबल, टीमवर्क, सहकर्मियों की समस्याओं को समझने और समाधान की दिशा में संवेदनशील नेतृत्व की आवश्यकता पर जोर दिया। एक अधिकारी की पहचान तभी बनती है जब वह अपनी टीम को समझे, सहयोग दे और सही दिशा दिखाए। मीडिया और सोशल मीडिया की भूमिका पर बात करते हुए डीजीपी ने कहा कि इन मंचों का जिम्मेदार उपयोग पुलिस की पारदर्शिता, जनसंपर्क और विश्वसनीयता को सुदृढ़ बनाता है। उन्‍होंने अपने सेवाकाल में बस्तर, मंदसौर, नीमच, ग्वालियर और मुरैना जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में ड्यूटी के दौरान आए जमीनी हालातों के अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए धैर्य, सूझबूझ और परिपक्व नेतृत्व अनिवार्य है—और यही गुण एक अधिकारी को विशेष बनाते हैं। उल्‍लेखनीय है कि संघ लोकसेवा आयोग द्वारा वर्ष 2024 में चयनित इन अधिकारियों का प्रशिक्षण लाल बहादुर शास्त्री अकादमी, मसूरी में आधारभूत प्रशिक्षण से प्रारंभ हुआ था। इसके बाद, इन अधिकारियों ने सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी, हैदराबाद में प्रथम चरण का प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण किया। अब, यह अधिकारी मध्य प्रदेश में 29 सप्ताह का जिला व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रारंभ करने जा रहे हैं। इस दौरान, प्रशिक्षु अधिकारी मध्य प्रदेश पुलिस अकादमी में 4 सप्ताह के लिए संबद्ध होंगे। उन्हें राज्य की सांस्कृतिक एवं जनजातीय विरासत के अंतर्गत इंदौर, उज्जैन और महेश्वर के प्रमुख स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा। पुलिस एवं प्रशासनिक व्यवस्था, कानून एवं व्यवस्था, आसूचना संकलन, अपराध अनुसंधान विभाग, एसटीएफ, योजना, प्रबंध, कल्याण जैसे सभी महत्वपूर्ण अंगों से परिचय कराया जाएगा। डायल-112 एवं नवीनतम तकनीकों के प्रयोग से भी अवगत कराया जाएगा। इसके साथ ही सिंहस्थ की तैयारियों से संबंधित विशेष प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा, ताकि अधिकारी आगामी चुनौतियों एवं व्यवस्थाओं से भली-भांति परिचित हो सकें। पीएसओ टू डीजीपी  विनीत कपूर ने पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा का संपूर्ण परिचय दिया। इस अवसर पर अतिरिक्‍त पुलिस महानिदेशक  शाहिद अबसार, एसओ टू डीजीपी  मलय जैन एवं अन्‍य पुलिस अधिकारी उपस्थित थे।  

नशे के विरुद्ध बड़ी जीत: खरगोन पुलिस ने उजागर की पहाड़ी क्षेत्र में चल रही अवैध गांजा खेती

नशे के विरूद्ध खरगोन पुलिस की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई पहाड़ी क्षेत्र में अवैध गांजा की खेती का भंडाफोड़ लगभग 1 करोड़ 78 लाख रुपए का 35.51 क्विंटल गांजे के पौधे जब्त भोपाल पुलिस महानिदेशक मध्यप्रदेश  कैलाश मकवाणा के निर्देशन में प्रदेशभर में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी, खेती एवं वितरण के विरुद्ध निरंतर विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध जारी धरपकड़ के तहत खरगोन पुलिस ने एक बार फिर बड़ी सफलता प्राप्त की है। पुलिस ने जिले के पहाड़ी और "नो नेटवर्क जोन" क्षेत्र में की जा रही गांजे की अवैध खेती का भंडाफोड़ करते हुए 3,200 गांजे के पौधे बरामद कर लगभग 35.51 क्विंटल (3,551 किलो) गांजा जब्‍त किया है, जिसकी अनुमानित कीमत एक करोड़ 77 लाख 56 हजार 200 रुपये आंकी गई है। बरामद पौधों की ऊँचाई औसतन 5 से 7 फीट के बीच पाई गई। पुलिस टीम को गांजे के पौधों को उखाड़ने आदि में कई घंटे तक कठिन परिश्रम करना पड़ा। दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में संचालित यह ऑपरेशन न केवल पुलिस की दक्षता को दर्शाता है, बल्कि समाज से मादक पदार्थों की बुराई मिटाने के प्रति पुलिस की प्रतिबद्धता को भी प्रमाणित करता है। पुलिस महानिरीक्षक इंदौर जोन  अनुराग एवं उप पुलिस महानिरीक्षक निमाड़ रेंज  सिद्धार्थ बहुगुणा के दिशा-निर्देशों में, पुलिस अधीक्षक खरगोन  रविन्द्र वर्मा तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक खरगोन (ग्रामीण) मति शकुन्तला रुहल के मार्गदर्शन में जिलेभर में ऑपरेशन “प्रहार” चलाया जा रहा है। इसी अभियान के अंतर्गत चौकी हेलापडावा थाना चैनपुर पुलिस को यह सफलता मिली है। 12 नवंबर 2025 को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि नवादीया फाल्या ग्राम टांडावाड़ी निवासी टिडीया अपने खेत के तीन अलग-अलग हिस्सों में बड़ी मात्रा में अवैध गांजे की खेती कर रहा है। सूचना पर एक विशेष पुलिस टीम गठित की गई। सुनियोजित कार्य योजना के तहत पुलिस टीम ने टिडीया के खेत पर दबिश दी। घर बंद मिलने पर आसपास तलाशी में खेत के तीन हिस्सों में भारी मात्रा में गांजे के पौधे लगे पाए गए। मौके पर उपस्थित टीम ने कुल 3200 गांजे के पौधे (तौल 3551 किलो 240 ग्राम) नियमानुसार जब्त किए। आरोपी टिडीया पिता दीतु जमरे के विरुद्ध थाना चैनपुर पर एन.डी.पी.एस. एक्ट के तहत मामला दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई है। उल्‍लेखनीय है कि विगत 3 दिनों में मध्‍यप्रदेश पुलिस ने विभिन्‍न जिलों में कार्रवाही कर 75 लाख से अधिक मूल्य के अवैध मादक पदार्थ, वाहन एवं उपकरण जब्त कर अनेक आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। लगातार हो रही ये कार्रवाइयाँ यह दर्शाती हैं कि प्रदेश में मादक पदार्थों की खेती और तस्करी के विरुद्ध पुलिस सख्त रुख अपनाए हुए है। यह कार्रवाई मध्यप्रदेश पुलिस की सतर्कता, टीम भावना और दृढ़ इच्छाशक्ति का उत्कृष्ट उदाहरण है।