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अतिक्रमण और प्रदूषण पर सख्ती, कांके डैम की ड्रोन मैपिंग कराएगा नगर निगम

 रांची विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर रांची नगर निगम ने शहर की प्रमुख जलसंपदा कांके डैम के संरक्षण और पुनर्जीवन की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। नगर आयुक्त सुशांत गौरव ने निगम और अंचल प्रशासन की टीम के साथ वार्ड संख्या 1 स्थित कांके डैम के तटवर्ती क्षेत्रों का निरीक्षण कर स्वच्छता, अतिक्रमण, अवैध कब्जा, निर्माण कार्यों और ड्रेनेज व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की। नगर आयुक्त ने मिशन गली, कांके डैम तट से लेकर कांके डैम पार्क तक के क्षेत्र का भ्रमण करते हुए अधिकारियों को डैम संरक्षण के लिए ठोस और प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया। इसके लिए स्वच्छता शाखा, नगर निवेशक शाखा, अभियंत्रण शाखा, ट्रांसपोर्ट शाखा, भू-संपदा शाखा और अंचल कार्यालय के अधिकारियों को शामिल करते हुए एक स्पेशल टास्क फोर्स गठित करने का आदेश दिया गया है। निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने डैम में बढ़ते प्रदूषण पर चिंता जताते हुए अभियंत्रण शाखा को निर्देश दिया कि डैम में सीधे गिरने वाले सभी नालों की पहचान कर उनके प्रवाह को तत्काल रोका जाए। साथ ही घरों से निकलने वाले गंदे पानी को डायवर्ट करने, सोकपिट निर्माण को बढ़ावा देने तथा डैम में किसी भी प्रकार के प्रदूषित तरल अपशिष्ट के प्रवेश पर पूर्ण रोक लगाने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए। कांके डैम के कैचमेंट एरिया की सुरक्षा को लेकर भू-संपदा शाखा और अंचल प्रशासन को पूरे क्षेत्र की मापी कराने और उसकी घेराबंदी करने का निर्देश दिया गया। एंड टू एंड वाकवे निर्माण शहरवासियों के लिए कांके डैम को एक बेहतर सार्वजनिक स्थल के रूप में विकसित करने की योजना भी तैयार की जा रही है। अभियंत्रण शाखा को पूरे कैचमेंट एरिया में एंड टू एंड वाकवे निर्माण का प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया गया है, जिससे लोगों को मार्निंग और इवनिंग वाक की बेहतर सुविधा मिल सके। निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त सुशांत गौरव ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि जलाशयों के संरक्षण से जुड़े सभी कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि नियमानुसार किसी भी जलाशय की अधिगृहित भूमि से 15 मीटर की परिधि के भीतर किसी प्रकार का भवन या अन्य निर्माण पूर्णतः प्रतिबंधित है। ऐसे मामलों में किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में योजनाबद्ध तरीके से कांके डैम को अतिक्रमण मुक्त, स्वच्छ और व्यवस्थित बनाते हुए इसे शहरवासियों के लिए एक आकर्षक और प्रस्तुत करने योग्य स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। डैम साइड स्थित अवैध खटालों पर होगी कार्रवाई नगर आयुक्त ने कहा कि कैचमेंट एरिया में आने वाली सभी अवैध संरचनाओं और अतिक्रमणों की पहचान कर उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। डैम क्षेत्र में संचालित अवैध खटालों, अवैध निर्माणों और अवैध बाउंड्री वॉल को लेकर भी निगम सख्त रुख अपनाने जा रहा है। नगर आयुक्त ने इनफोर्समेंट टीम को तत्काल कार्रवाई कर ऐसे सभी अतिक्रमणों को हटाने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जलाशय क्षेत्र में किसी भी प्रकार का अतिक्रमण या अवैध गतिविधि किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। डैम की निगरानी के लिए होगी ड्रोप मैपिंग डैम क्षेत्र की निगरानी को और प्रभावी बनाने के लिए ड्रोन मैपिंग कराने का निर्णय लिया गया है। ड्रोन सर्वे के माध्यम से पूरे कैचमेंट एरिया का प्लाटवार आकलन किया जाएगा, जिससे अवैध निर्माण, अतिक्रमण और अवैध व्यावसायिक गतिविधियों की सटीक पहचान हो सके चिन्हित मामलों में नोटिस जारी कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा कांके डैम में तेजी से फैल रही जलकुंभी और जमा हो रही गाद को हटाने के लिए भी विशेष अभियान चलाया जाएगा। नगर आयुक्त ने स्वच्छता और ट्रांसपोर्ट शाखा को पोकलेन मशीन और वीड हार्वेस्टिंग मशीन की मदद से नियमित सफाई अभियान चलाने का निर्देश दिया। साथ ही डैम के किनारों पर उगी झाड़ियों और घासों की छंटाई भी कराई जाएगी ताकि क्षेत्र की सुंदरता और स्वच्छता बनी रहे।  

रांची का कांके डैम होगा साफ, एसटीपी और नैनो टेक्नोलॉजी से रुकेगा प्रदूषण

रांची  राजधानी रांची के प्रमुख जलस्रोत कांके डैम को स्वच्छ और सुरक्षित बनाने की दिशा में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग ने बड़ी पहल शुरू की है। डैम के पानी की गुणवत्ता खराब मिलने के बाद विभाग अब हाईटेक तकनीक के जरिए इसकी सफाई कराने की तैयारी में जुट गया है। इसके तहत कांके डैम के आसपास चार स्थानों पर एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) बनाए जाएंगे, ताकि गंदे पानी को सीधे डैम में जाने से रोका जा सके। हाल ही में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सचिव अबु इमरान ने अधिकारियों के साथ कांके डैम के पानी की गुणवत्ता की समीक्षा की। जांच के दौरान पानी में हरे रंग की मात्रा अधिक पाई गई। अधिकारियों के अनुसार यह स्थिति जल प्रदूषण का संकेत है, जिसके कारण पानी को साफ करने में जरूरत से ज्यादा केमिकल का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। समीक्षा बैठक में सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि डैम की सफाई के लिए आधुनिक तकनीक अपनाई जाए और जल संरक्षण की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं। विभाग सचिव ने निर्देश दिया है कि कांके डैम में नैनो फिल्टर तकनीक अपनाई जाएगी। इससे पानी की सफाई के साथ-साथ पानी में अक्सीजन की मात्रा को भी बढ़ाया जाएगा नैनो फिल्टर तकनीक से होगी सफाई विभाग ने डैम की सफाई के लिए नैनो फिल्टर तकनीक लागू करने का प्रस्ताव मंत्रालय को भेज दिया है। मंजूरी मिलते ही इसे कांके डैम में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि इस तकनीक से डैम के भीतर माइक्रो बबल और आक्सीजन की मात्रा बढ़ाई जाएगी। इससे पानी प्राकृतिक रूप से अधिक साफ होगा और जल की गुणवत्ता में सुधार आएगा। साथ ही डैम में वर्षों से जमी गाद को कम करने में भी मदद मिलेगी। नैनीताल मॉडल पर काम करेगी योजना जानकारी के अनुसार, नैनो फिल्टर तकनीक का उपयोग वर्ष 2016 में नैनीताल में जल संकट के दौरान किया जा चुका है। वहां इस तकनीक के सकारात्मक परिणाम सामने आए थे। अब उसी मॉडल को रांची में लागू करने की तैयारी चल रही है। विभाग की ओर से इस योजना को जमीन पर उतारने की तैयारी कर रहा है। मंत्रालय से अनुमति मिलने के बाद कार्य को युद्ध स्तर पर शुरू किया जाएगा। बढ़ाई जाएगी ऑक्सीजन की मात्रा विभागीय इंजीनियरों के अनुसार वर्तमान में गेतलसूद डैम के पानी में लगभग 10 पीपीएम आक्सीजन मौजूद है। विभाग का लक्ष्य इसे बढ़ाकर 20 पीपीएम तक पहुंचाना है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि पानी में आक्सीजन की मात्रा 4 पीपीएम से नीचे चली जाए तो मछलियों और अन्य जलजीवों के लिए खतरा पैदा हो जाता है। ऐसे में नई तकनीक पर्यावरण संरक्षण के लिहाज से भी अहम मानी जा रही है। करोड़ों की मशीन खरीदने की तैयारी नैनो फिल्टर तकनीक को लागू करने के लिए विभाग करोड़ों रुपये की अत्याधुनिक मशीन खरीदने की तैयारी में है। इसके लिए विभागीय स्तर पर कई दौर की बैठक हो चुकी है मशीन चयन के लिए एक विशेष टीम का गठन भी किया गया है। साथ ही नैनीताल के इंजीनियरों से तकनीकी सहयोग लेने और रांची के इंजीनियरों को प्रशिक्षण देने की योजना बनाई जा रही है।