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कानपुर:3500 करोड़ की ठगी का खुलासा, रजिस्ट्री ऑफिस में आयकर टीम ने मारा छापा

 कानपुर   कानपुर रजिस्ट्री विभाग एक बार फिर आयकर विभाग की कार्रवाई की जद में आया है।  विभाग के जोन-3 में आयकर विभाग ने सर्वे किया। सिविल लाइंस स्थित कार्यालय में बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। छह घंटे की जांच में लगभग 3500 करोड़ की विसंगतियों के साक्ष्य मिले हैं। आयकर विभाग को लगभग 800 करोड़ के टैक्स का चूना लगा है। फिलहाल रजिस्ट्री अधिकारियों को दस दिन का समय देकर कागजात प्रस्तुत करने को कहा गया है। आयकर निदेशक (आसूचना एवं आपराधिक अन्वेषण) के निर्देश पर रजिस्ट्री कार्यालय के जोन वन में सहायक निदेशक विमलेश राय की अगुवाई में अचल संपत्ति की रजिस्ट्री की जांच के लिए सर्वे किया गया। टीम में आयकर निरीक्षक कुलदीप गुप्ता, देव अनंत श्रीवास्तव, कय्यूम अहमद, रवि पासवान के साथ भारी पुलिस बल भी तैनात रहा। आयकर अधिकारियों ने वर्ष 2020 से 2025 तक की रजिस्ट्री की जांच की। सर्वे टीम का कहना है कि अब तक जिन दस्तावेजों की छानबीन हुई है, उसके अनुसार, 3500 करोड़ रुपये की विसंगतियां मिली हैं। एक हजार पैन में नंबर मनमर्जी के मिलेः आयकर सर्वे के दौरान कई रजिस्ट्री में मनमर्जी पैन लिखा गया। लगभग एक हजार पैन में व्यापक स्तर पर गड़बड़ी मिलीं। गलत मोबाइल नंबर तक लिखे गए। सर्वे टीम का आकलन है कि ऐसा जानबूझकर किया गया। इसकी आड़ में आयकर विभाग की आंखों में धूल झोंकने का पूरा प्रयास किया गया। रजिस्ट्री विभाग की ओर से संपत्तियों की रजिस्ट्री का जो डाटा आयकर विभाग को भेजा गया, वह वास्तविक रजिस्ट्रेशन रिकॉर्ड से मेल नहीं खा रहा था। डिजिटल और मैनुअल दोनों प्रकार के रिकॉर्ड, स्टांप शुल्क की गणना से संबंधित विवरण और डाटा ट्रांसफर प्रक्रिया की पड़ताल की गई। 34 दिन में तीसरी बड़ी कार्रवाई, अभी और रडार में : रजिस्ट्री विभाग के खिलाफ आयकर विभाग की 34 दिन में यह तीसरी बड़ी कार्रवाई है। 26 दिसंबर को जोन वन में सर्वे किया गया था, जिसमें 2500 करोड़ की हेराफेरी का मामला सामने आया था। वहीं 30 दिसंबर को जोन टू में सर्वे के दौरान 1100 करोड़ की विसंगतियां मिली थीं। जोन-3 में तो 3500 करोड़ का खेल सामने आया है। विभाग को तीनों जोन में लगभग 2 हजार करोड़ के टैक्स का चूना लगने की बात कही जा रही है।

कानपुर निवासी लेफ्टिनेंट जनरल अविनाश दास ने नई दिल्ली स्थित ‘आर्मी हॉस्पिटल रिसर्च एंड रेफरल’ के कमांडेंट का पदभार संभाला

नई दिल्ली , कानपुर निवासी प्रतिष्ठित ई.एन.टी. सर्जन लेफ्टिनेंट जनरल अविनाश दास, जिन्होंने सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाओं में लगभग चार दशकों तक अनुकरणीय सेवाये दी हैं, ने नई दिल्ली स्थित सशस्त्र बलों के प्रसिद्ध एवं महत्वपूर्ण अस्पताल, 'आर्मी हॉस्पिटल रिसर्च एंड रेफरल' (आर एंड आर हॉस्पिटल) के कमांडेंट के रूप में कार्यभार ग्रहण किया है। लेफ्टिनेंट जनरल दास का सैन्य चिकित्सा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान रहा है। अपने सेवा काल के दौरान लेफ्टिनेंट जनरल दास द्वारा चिकित्सा के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के साथ-साथ प्रशासनिक एवं कमांड पदों पर रहते हुये महत्वपूर्ण कार्य किया गया है।  पुणे स्थित आर्म्ड फोर्सेज मेडिकल कॉलेज से स्नातक लेफ्टिनेंट जनरल अविनाश दास ने नई दिल्ली स्थित आर्मी के बेस हॉस्पिटल एवं कमांड हॉस्पिटल लखनऊ में वरिष्ठ सलाहकार के रूप में भी कार्य किया है। कमांडेंट, सी.एच. (एन.सी.) रहते हुए उन्होंने कमांड हॉस्पिटल, उधमपुर को नए अत्याधुनिक एवं सुसज्जित अस्पताल भवन में स्थानांतरित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अपने दीर्घ और विशिष्ट करियर के दौरान लेफ्टिनेंट जनरल दास ने असाधारण नेतृत्व और सेवा भावना का उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्हें चीफ आफ आर्मी स्टाफ (सी.ओ.ए.एस.), चीफ ऑफ इंटिग्रेटेड स्टाफ कमेटी (सी.आई.एस.सी.) तथा जी.ओ.सी. इन सी. प्रशस्ति पत्रों से सम्मानित किया जा चुका है। 'आर्मी हॉस्पिटल रिसर्च एंड रेफरल' के कमांडेंट के रूप में उनकी नियुक्ति से अस्पताल में उत्कृष्टता के मानकों में और वृद्धि होने की अपेक्षा है, जिससे सशस्त्र बलों के साथ – साथ नागरिक समुदाय को भी उच्चस्तरीय चिकित्सा सेवाएं प्राप्त होंगी। कमांडेंट के रूप में लेफ्टिनेंट जनरल दास का उद्देश्य अस्पताल की गौरवशाली परंपरा को बनाए रखते हुए चिकित्सा सेवा, अनुसंधान तथा शिक्षण के क्षेत्र में नवाचार और गुणवत्ता के उच्चतम स्तर को सुनिश्चित करना है। वे अस्पताल की सामर्थ्य को और सुदृढ़ बनाने, अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं को विकसित करने तथा चिकित्सा उत्कृष्टता एवं नवाचार की संस्कृति को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।