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जालंधर में 4 साल के बच्चे के अपहरण का खुलासा, आरोपी गिरफ्तार

जालंधर. कमिश्नरेट पुलिस जालंधर ने चार वर्षीय बच्चे के अपहरण के मामले को सुलझाते हुए बच्चा चोरी और चाइल्ड ट्रैफिकिंग से जुड़े गिरोह के मुख्य आरोपित रजत रत्तू उर्फ रोकी को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि आरोपित ने अपने एक अन्य साथी के साथ मिलकर चार वर्षीय बच्चे को चाइल्ड ट्रैफिकिंग के उद्देश्य से अगवा किया था। उसने यह बच्चा एक लाख रुपए में बेचना था। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई बिना नंबर की सफेद एक्टिवा भी बरामद कर ली है। दूसरे आरोपित की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। पुलिस कमिश्नर सतिंदर सिंह के निर्देश पर डीसीपी सिटी आदित्य एस. वारियर, एडीसीपी जोन-2 माधवी शर्मा और एसीपी वेस्ट आतिश भाटिया की निगरानी में थाना बस्ती बावा खेल पुलिस ने कार्रवाई की। एसआइ गुरदीप चंद, थाना प्रभारी बस्ती बावा खेल, और एएसआइ सुखदेव चंद, चौकी इंचार्ज लेदर कांप्लेक्स, की टीम ने मामले की जांच शुरू की।

पानीपत में फैक्ट्री मालिक के बेटे के अपहरण का प्रयास

पानीपत. सेक्टर-29 पार्ट-2 स्थित एक टेक्सटाइल मशीनरी फैक्ट्री मालिक के बेटे का अपहरण के प्रयास का मामला सामने आया है। बदमाशों ने न केवल उसकी गाड़ी का पीछा किया, बल्कि फैक्ट्री के गेट पर दंगा करते हुए गार्ड के साथ बदतमीजी की और जान से मारने की धमकी भी दी। पुलिस ने इस मामले में नामजद आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। सेक्टर-18 निवासी आकांशु ने पुलिस को बताया कि 27 फरवरी की सुबह करीब 11:30 बजे जब वह अपनी फैक्ट्री से काम के सिलसिले में अपनी गाड़ी लेकर निकले। गेट के बाहर पहले से ही कृष्ण व उसका बेटा और 10-15 अन्य अज्ञात लोग 5-6 गाड़ियों के साथ खड़े थे। उन्हें देखते ही कृष्ण ने चिल्लाकर कहा, यह मुकेश का लड़का है, इसका पीछा करो। इसके बाद 2-3 गाड़ियों ने अपहरण की नीयत से आकांशु की गाड़ी का पीछा शुरू कर दिया, लेकिन वह किसी तरह बचकर निकलने में कामयाब रहे। इसी दौरान फैक्ट्री के अकाउंटेंट विशाल ने फोन पर सूचना दी कि कई लोग फैक्ट्री के गेट पर दंगा कर रहे हैं। सुरक्षा गार्ड निशांत मलिक के साथ बदतमीजी की और धमकी दी कि मुकेश और उसके बेटे ने बहुत पैसे कमा लिए हैं।

तीनों दरिंदों के खिलाफ हिम्मत दिखा छात्रा ने खुद को छुड़ाया, ग्वालियर में दिनदहाड़े किडनैपिंग की कोशिश नाकाम

ग्वालियर  ग्वालियर जिले में महिला सुरक्षा को शर्मसार कर देने वाली घटना, लेकिन साथ ही एक छात्रा की बहादुरी ने पूरे शहर को झकझोर दिया। दिनदहाड़े महिला पॉलिटेक्निक कॉलेज और महिला थाने के बीच तीन बदमाशों ने छात्रा को ऑटो में जबरन बैठाने की कोशिश की। लेकिन छात्रा ने ऐसी हिम्मत दिखाई कि आरोपी भाग खड़े हुए। घटना  सुबह 11 बजे की है जब ऑटो में सवार दो युवकों ने छात्रा का हाथ पकड़ उसे उठाने की कोशिश की। तीसरा ऑटो चालक उसे गाड़ी में बैठाने के लिए कह रहा था। छात्रा ने पूरे दम से विरोध किया और भागकर महिला पुलिस थाने की ओर दौड़ पड़ी। डर के मारे आरोपी ऑटो छोड़कर फरार हो गए। अद्भुत साहस दिखाते हुए, नाबालिग छात्रा ने खुद को उनके चंगुल से छुड़ाया और मदद के लिए महिला पुलिस थाने की ओर दौड़ी। हालांकि, मदद पहुंचने से पहले ही, आरोपी ऑटोरिक्शा छोड़कर पैदल ही भाग गए। दिनदहाड़े हुए इस घटनाक्रम से छात्रा दहशत में है। पुलिस ने केस दर्ज कर तीन आरोपितों बीरेंद्र सिंह, हरेंद्र गुर्जर और गौरव रावत को गिरफ्तार किया है। उनसे पूछताछ की जा रही है। घटना महिला थाना से चंद कदम की दूरी पर हुई। पड़ाव थाना क्षेत्र में साया होटल के पास रहने वाली 17 वर्षीय बालिका ने बताया कि वह पॉलीटेक्निक गर्ल्स कालेज में पढ़ती है। सुबह पौने 11 बजे कॉलेज जा रही थी। महिला थाने से थोड़ा आगे ऑटो खड़ा था। उसके पीछे वाली सीट पर बैठे दो युवक उसके हाथ-पैर पकड़कर जबरन बैठाने लगे और ड्राइवर को आटो चालू को कहा। पीड़िता जैसे-तैसे खुद को उनके चंगुल से छुड़ाते हुए पड़ाव चौराहे की ओर भागी। कुछ देर बाद ऑटो ड्राइवर और उसमें सवार आरोपित भी भाग गए। पुलिस ने ऑटोरिक्शा जब्त कर लिया है और आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। पड़ाव पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर शैलेंद्र भार्गव ने कहा कि हमने अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और सीसीटीवी फुटेज के जरिए उनकी पहचान करके तीनों को गिरफ्तार कर लिया है। घटना महिला थाने से महज 50 कदम की दूरी पर हुई और पूरी वारदात CCTV में कैद है। पुलिस ने ऑटो जब्त कर लिया है और आरोपियों को भी पुलिस ने पकड़ लिया है, जिनसे पूछताछ की जा रही है।