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फीस चुकाने के लिए MBA छात्र ने बेची किडनी, 9 लाख का सौदा हुआ 3.5 लाख में

देहरादून देहरादून के एक नामी कॉलेज में एमबीए चतुर्थ सेमेस्टर की पढ़ाई कर रहा छात्र अपनी फीस जमा करने को किडनी बेचने को तैयार हो गया। उसने ऑपरेशन करवाकर किडनी निकलवा तो ली, लेकिन उसके साथ धोखाधड़ी हो गई। पुलिस को उसने बताया कि पहले नौ लाख रुपये में सौदा तय हुआ था, लेकिन बाद में यह लोग छह लाख ही देने को तैयार हुए। ऑपरेशन होने के बाद खाते में 3.50 लाख रुपये ही दिए। उसने पुलिस से बकाया पैसा दिलाने की भी मांग की। कानपुर डीसीपी वेस्ट जोन एसएम कासिम आबिदी ने बताया कि आयुष कुमार बिहार के समस्तीपुर का रहने वाला है। वह देहरादून में एमबीए कर रहा है। उसने पुलिस को बताया कि परिवार में मां, छोटा भाई और बहन है। पिता ने किसी कारण से आत्महत्या कर ली थी। इसके चलते पढ़ाई छूटने के डर से वह किडनी बेचने को तैयार हो गया। किडनी रैकेट के संपर्क में कैसे आया किडनी रैकेट के संपर्क में कैसे आया, पुलिस के इस सवाल पर उसने बताया कि पांच से छह माह पूर्व टेलीग्राम पर किडनी डोनर ग्रुप से जुड़ा। वह पहले लोन लेकर फीस देना चाहता था लेकिन लोन मिला नहीं। इसके बाद किडनी डोनेट करने का निर्णय लिया। उसे डॉक्टर अफजल, डॉ. वैभव कानपुर लेकर आए थे। डीसीपी ने बताया कि आयुष साइबर अपराध से भी जुड़ा रहा है। उसके खिलाफ पुलिस को साक्ष्य मिले हैं। उसने कई म्यूल अकाउंट बनवाए हैं। ऐसे में अपराधियों से उसकी साठगांठ की डिटेल खंगाली जा रही है। लखनऊ-नोएडा के अस्पताल रडार पर एसीपी आशुतोष कुमार ने बताया कि जांच के दौरान लखनऊ और नोएडा के कुछ अस्पतालों की बारे में जानकारी मिली है। यहां से केस बिगड़ने के बाद मरीजों को लखनऊ और नोएडा के बड़े अस्पतालों में भेजा जाता था। साफ है कि इन अस्पतालों की भी अवैध किडनी कारोबार में भूमिका है। जांच चल रही है। डॉक्टर दंपति समेत छह धरे किडनी की खरीद-फरोख्त और अवैध ट्रांसप्लांट के रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने आईएमए की उपाध्यक्ष डॉ. प्रीति आहूजा समेत पांच डॉक्टरों और एक दलाल को गिरफ्तार किया है। अभी दो और डॉक्टरों समेत चार लोगों की पुलिस को तलाश है।

चौंकाने वाली हकीकत: आईफोन पाने की चाह में किशोर ने गंवाई किडनी, अब हालत गंभीर

बीजिंग  सोशल मीडिया की दुनिया में अक्सर अजीबोगरीब खबरें सामने आती हैं लेकिन कुछ घटनाएं ऐसी होती हैं जो इंसान को भीतर तक झकझोर देती हैं. ऐसा ही एक मामला चीन से सामने आया था जिसने पूरी दुनिया को चौंका दिया. टेक्नोलॉजी के जुनून और महंगे गैजेट्स की चाहत इंसान को किस हद तक ले जा सकती है इसका अंदाजा इस घटना से लगाया जा सकता है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक 17 साल के किशोर ने सिर्फ आईफोन और आईपैड खरीदने के लिए अपनी एक किडनी बेच दी थी. यह खबर जब सामने आई तो दुनिया भर के अखबारों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर सनसनी मच गई. आज यह घटना एक चेतावनी की तरह देखी जाती है कि शौक और दिखावे की चाह किस तरह जिंदगी को बर्बाद कर सकती है. 17 साल पहले आईफोन के लिए बेची किडनी, अब भुगत रहा अंजाम चीन का रहने वाला यह किशोर, जिसका नाम मीडिया रिपोर्ट्स में वांग शांगकुन बताया गया है, साल 2011 में उस समय सुर्खियों में आया जब उसने ब्लैक मार्केट के जरिए अपनी किडनी बेच दी. उस वक्त उसकी उम्र महज 17 साल थी और उसे नवीनतम तकनीक की भूख थी. वह अपने दोस्तों की तरह आईफोन 4 और आईपैड 2 का मालिक बनना चाहता था. आर्थिक तंगी की वजह से उसके परिवार की स्थिति इतनी अच्छी नहीं थी कि ये महंगे गैजेट्स खरीद सके. ऐसे में किशोर ने गलत रास्ता अपनाया और अपनी किडनी बेचकर करीब 22,000 युआन (लगभग कुछ हजार डॉलर) हासिल किए. बिस्तर तक सीमित रह गई जिंदगी किडनी बेचने के बाद उसने अपने मनपसंद गैजेट्स तो खरीद लिए लेकिन उसका स्वास्थ्य लगातार बिगड़ता गया. रिपोर्ट्स के मुताबिक, अवैध और अस्वच्छ माहौल में हुई इस सर्जरी ने उसकी बाकी की जिंदगी को दर्द और परेशानी से भर दिया. कहा जाता है कि अब उसकी दूसरी किडनी भी ठीक से काम नहीं कर रही और वह डायलिसिस पर निर्भर है. कई रिपोर्ट्स के अनुसार, उसकी स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि वह आजकल लगभग बिस्तर पर ही सीमित हो गया है.