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आयुर्वेद में मर्म चिकित्सा की महत्वपूर्ण भूमिका — किशन सूर्यवंशी

भोपाल. नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी जी ने मानस भवन में विश्व आयुर्वेद परिषद, मध्यप्रदेश द्वारा आयोजित “आयुर्वेद कौशलम्” अंतर्गत “मर्म चिकित्सा कार्यशाला” के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में सहभागिता की एवं कार्यक्रम को संबोधित किया। इस अवसर पर सूर्यवंशी जी ने आयुर्वेद के महत्व पर प्रकाश डालते हुए विशेष रूप से मर्म चिकित्सा की उपयोगिता एवं उसके व्यापक प्रभाव पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद न केवल उपचार की प्राचीन पद्धति है, बल्कि यह स्वस्थ जीवनशैली का आधार भी है। मर्म चिकित्सा जैसी विधाएं आज के समय में लोगों को प्राकृतिक एवं प्रभावी उपचार प्रदान कर रही हैं। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने उपस्थित वैद्यजनों एवं प्रतिभागियों के साथ संवाद कर उनके अनुभवों को जाना तथा इस प्रकार की कार्यशालाओं के माध्यम से आयुर्वेद के प्रचार-प्रसार को और अधिक गति देने की आवश्यकता पर बल दिया। इस अवसर पर डॉ सुनील कुमार जोशी जी (पूर्व कुलपति, उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय) , प्रोफेसर ए.एस यादव जी ( कुलगुरु मानसरोवर ग्लोबल ),  प्रोफेसर महेश व्यास जी (डीन, All India Institute of Ayurveda, नई दिल्ली), प्रोफेसर आरके गुप्ता जी(अध्यक्ष, विश्व आयुर्वेद परिषद, मध्यप्रदेश), डॉक्टर उमेश शुक्ला जी (पं. खंडीलाल शर्मा आयुर्वेद महाविद्यालय भोपाल), गोपालदास मेहता जी (विश्व आयुर्वेद परिषद) की गरिमामयी उपस्थिति रही।

गौमांस विवाद पर नगर निगम अध्यक्ष ने लिया सख्त रुख, दोषियों को छोड़ने की नहीं होगी कोई गुंजाइश

भोपाल  भोपाल में सामने आए गौमांस मामले को लेकर बयानबाज़ी तेज हो गई है. नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने इस पूरे मामले पर बेहद सख्त और आक्रामक रुख अपनाया है. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि चाहे असलम चमड़ा हो या कहीं का भी चमड़ा, अगर कोई इस तरह के अपराध में लिप्त पाया गया तो उसे छोड़ा नहीं जाएगा. अपराधी ही नहीं, संरक्षण देने वाले भी नहीं बचेंगे किशन सूर्यवंशी ने कहा कि इस तरह के मामलों में सिर्फ अपराध करने वाले ही नहीं, बल्कि उन्हें संरक्षण देने वाले अधिकारी या कोई भी व्यक्ति भी कार्रवाई से नहीं बचेगा. उनका कहना था कि यदि जांच में कोई दोषी पाया जाता है, तो चाहे वह छोटा हो या बड़ा, कानून अपना काम करेगा. हिंदू संगठनों ने पकड़ा था वाहन नगर निगम अध्यक्ष ने बताया कि इस पूरे मामले में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल से जुड़े कार्यकर्ताओं ने एक संदिग्ध वाहन पकड़ा था. उस वाहन में गौमांस होने की बात सामने आई है, जिसके बाद मामला तूल पकड़ गया. रिपोर्ट में दोषी निकला तो सख्त कार्रवाई तय सूर्यवंशी ने कहा कि फिलहाल मामला जांच के अधीन है और पुलिस पूरे प्रकरण की जांच कर रही है. उन्होंने दो टूक कहा कि अगर आधिकारिक रिपोर्ट में गौमांस की पुष्टि होती है और कोई दोषी पाया जाता है, तो उसे किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा.  

शिक्षक सिर्फ ज्ञान ही नहीं, राष्ट्र का भविष्य भी गढ़ते हैं – किशन सूर्यवंशी

भोपाल  शिक्षक सम्मान समारोह में नगर निगम अध्यक्ष माननीय श्री किशन सूर्यवंशी जी ने अपने संबोधन में कहा कि गुरु का स्थान सर्वोपरि है। गुरु ही वह शक्ति हैं जो केवल छात्र के भविष्य का ही नहीं, बल्कि राष्ट्र के निर्माण का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि “शास्त्रों में गुरु को ब्रह्मा, विष्णु और महेश के समान बताया गया है। भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण जैसे अवतारों ने भी आश्रमों में शिक्षा ग्रहण की। इससे सिद्ध होता है कि चाहे सामान्य विद्यार्थी हों या ईश्वर के अवतार, सबके जीवन में गुरु की भूमिका अनिवार्य है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा 2047 तक विकसित भारत का जो सपना देखा गया है, उसमें शिक्षकों की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका होगी। शिक्षक केवल ज्ञान देने वाला नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्त और जिम्मेदार नागरिक गढ़ने वाला होता है।” श्री सूर्यवंशी जी ने कहा कि भारत की प्राचीन शिक्षा परंपरा ने सदैव दुनिया को मार्गदर्शन दिया है। नालंदा विश्वविद्यालय जैसे ज्ञान-केंद्रों को नष्ट इसलिए किया गया क्योंकि दुनिया को भय था कि भारत ज्ञान के बल पर विश्व नेतृत्व करेगा। आज भारत पुनः ‘विश्वगुरु’ बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। गणेश उत्सव का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि गणेश जी ने अपने माता-पिता की परिक्रमा कर यह संदेश दिया कि माता-पिता ही संपूर्ण संसार हैं। यह शिक्षा आज की युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणादायी है। अपने उद्बोधन के अंत में उन्होंने कहा कि शिक्षक का सम्मान करना सूर्य को दीप दिखाने के समान है। शिक्षक के भीतर उद्यम, साहस, धैर्य, बुद्धि, शक्ति और पराक्रम जैसे गुण होते हैं और यही गुण राष्ट्र निर्माण का आधार बनते हैं। इस अवसर पर कार्यक्रम में चांसलर आदरणीय श्री वी.एस. यादव जी, सम्माननीय शिक्षकगण और गणमान्यजन उपस्थित रहे।