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कवि कुमार विश्वास ने भी यूजीसी रूल्स पर जताया आक्रोश

नई दिल्ली. देश भर के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में यूजीसी रूल्स 2026 लागू किए गए हैं। इसका एक वर्ग विरोध कर रहा है। यह मामला सोशल मीडिया पर भी खूब ट्रेंड हो रहा है और यूपी के बरेली शहर के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने तो इसके विरोध में पद से इस्तीफा देने का ही ऐलान कर दिया है। इस बीच कवि कुमार विश्वास ने भी इस मसले पर अपनी राय रखी है। उन्होंने दिवंगत रमेश रंजन मिश्र की कविता शेयर करते हुए अपनी राय जाहिर की है। कवि कुमार विश्वास ने जो पंक्तियां शेयर की हैं, वह इस प्रकार हैं- ''चाहे तिल लो या ताड़ लो राजा, राई लो या पहाड़ लो राजा, मैं अभागा ‘सवर्ण’ हूँ मेरा, रौंया-रौंया उखाड़ लो राजा ..।'' इन पंक्तियों के साथ ही कुमार विश्वास ने #UGC_RollBack भी पोस्ट के साथ साझा किया है। इस तरह उन्होंने उन आवाजों के साथ स्वर मिलाया है, जो यूजीसी रूल्स को वापस लेने या फिर उनमें संशोधन की मांग कर रहे हैं। कुमार विश्वास की इस पोस्ट पर भी लोगों ने कई तरह के कॉमेंट्स किए हैं। कुछ लोगों ने कुमार विश्वास को लेकर कहा है कि आपके प्रति हमारा सम्मान और बढ़ गया है। वहीं कुछ लोगों ने उनके बयान पर सवाल भी उठाए हैं। कई यूजर्स ने लिखा कि हमें उम्मीद थी कि आप जरूर इस मसले पर अपनी राय रखेंगे। यूपी में यह मसला और पकड़ रहा तूल, PCS अधिकारी का इस्तीफा बता दें कि यह मामला बीते कुछ दिनों से लगातार तूल पकड़ रहा है। खासतौर पर सत्ताधारी भाजपा के लिए इससे मुश्किल खड़ी हो रही है। एक तरफ सवर्णों में नाराजगी की बात कही जा रही है तो वहीं दूसरी तरफ यदि इसमें कुछ बदलाव किया गया तो ओबीसी, एससी-एसटी वर्ग में भी गुस्सा भड़क सकता है। इस बीच यूपी में मामला और तूल पकड़ रहा है, जहां पीसीएस अधिकारी और फिलहाल सिटी मजिस्ट्रेट के पद पर तैनात रहे अलंकार अग्निहोत्री ने इस्तीफा दे दिया है। सबसे ज्यादा विरोध इस बात को लेकर हो रहा है कि आखिर इन नियमों में यह प्रावधान क्यों नहीं जोड़ा गया है कि यदि कोई शिकायत झूठी पाई जाएगी तो फिर उस पर क्या ऐक्शन होगा। इसे एक वर्ग सवर्णों के खिलाफ प्रतिशोध बता रहा है।

ताजमहल पर कुमार विश्वास का तीखा बयान: युवाओं के लिए अयोध्या हो प्राथमिकता

लखनऊ  मशहूर कवि कुमार विश्वास पिछले दिनों अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती से जुड़े एक कार्यक्रम में शामिल हुए, जहां उन्होंने विभिन्न मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने ताजमहल, महात्मा गांधी, दिल्ली प्रदूषण समेत तमाम मामलों का जिक्र किया। कुमार विश्वास ने आगरा में स्थित दुनिया के सात अजूबों में से एक ताजमहल को कब्रिस्तान बताते हुए कहा कि अब युवा उसकी बजाए अयोध्या जा रहे हैं, जोकि एक बड़ा परिवर्तन हुआ है। कार्यक्रम में कुमार विश्वास ने कहा, ''यहां नए साल पर पहली बार ऐसा हो रहा है कि जो आगरा में कब्रिस्तान है, उसे देखने के बजाए युवा ज्यादा संख्या में आगरा की बजाए अयोध्या, वृंदावन में जा रहे हैं। परिवर्तन हो रहा है। बदलने में देर लगेगी और तर्क का उत्तर दिया जा सकता है, कुतर्क का नहीं दिया जा सकता।'' हालांकि, विश्वास ने ताजमहल शब्द का नाम नहीं लिया, लेकिन उनका इशारा ताजमहल ही था। उन्होंने आगे कहा कि जिन्हें लगता है कि सेक्युलर देश है, इसमें इतना राम क्यों, रामनवमी क्यों, धर्मनिरपेक्ष देश है, इसीलिए तो सब चल रहा है। अटल जयंती की पूर्व संध्या पर यूपी की राजधानी लखनऊ में आयोजित किए गए इस कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, सीएम योगी आदित्यनाथ, ब्रजेश पाठक समेत तमाम नेता मौजूद थे। अयोध्या के राम मंदिर मामले पर बोलते हुए कुमार विश्वास ने कहा कि यह देश अदभुत है। यहां राम हुए हैं, या नहीं हुए, इस बात पर सुप्रीम कोर्ट में केस 30 साल तक चला। न्याय के देवता को न्याय के मंदिर में ही पुष्टि करवानी पड़ी कि वे वहीं पैदा हुए जहां उनका मंदिर था। अद्भुत देश है। जब आखिरी चरण में मुकदमा था तब उसी दिनों रामनवमी की छुट्टी पड़ गई। सुप्रीम कोर्ट बंद हो गया। हमने मिलॉर्ड से फोन करके पूछा कि जब नहीं हुए थे तो छुट्टी क्यों हुई और अगर छुट्टी हुई है तो हुए ही होंगे।'' दिल्ली पलूशन, महात्मा गांधी पर क्या बोले विश्वास कुमार विश्वास ने कार्यक्रम में दिल्ली में जारी पलूशन पर भी तंज कसा। उन्होंने बताया कि दिल्ली में तीनों सरकारें भाजपा की हैं, जिसके बाद भी अद्भुत हवा उपलब्ध करवाई जा रही। उन्होंने कहा, ''रक्षा मंत्री दिल्ली रहते हैं, हम भी दिल्ली रहते हैं। अब तो तीन तल की सरकार आ गई। नगर पालिका, राज्य और केंद्र में भी आप ही हो। डॉक्टर कह रहे कि एक आदमी बाहर बैठ जाए तो 100 सिगरेट पी लेता है। कितनी अद्भुत हवा उपलब्ध करवाई है।'' वहीं, महात्मा गांधी, सरदार पटेल पर कहा कि (तुम) कांग्रेस तो अपने नानाजी, पापा जी और मम्मी जी में लगे रहे। पटेल बाहर बैठे थे तो वे ले गए। मैं तो कहता हूं कि महात्मा गांधी को भी ले लो। वे आयुर्वेद भी कह रहे, खादी पहन रहे, स्वदेशी कह रहे और गीता भी पढ़ रहे। सारे वे काम कह रहे जो आप कहते हो। वहां कोई पूछ भी नहीं रहा गांधी जी को। उनके पास अपने ही तीन फर्जी गांधी बहुत हैं।''  

गोला-बारूद से नहीं, फुलझड़ियों से खतरा! कुमार विश्वास ने किया पटाखा नीति पर व्यंग्य

मुंबई  हिंदी के जाने-माने कवि डॉ. कुमार विश्वास ने दिवाली से पहले आतिशबाजी को लेकर बड़ा बयान दिया है. मुंबई में आयोजित एक कवि सम्मेलन में डॉ. कुमार विश्वास ने तीन साल से चल रहे यूक्रेन-रूस युद्ध के बहाने दिवाली पर आतिशबाजी का विरोध करने वालों को करारा जवाब दिया है. मुंबई के षणमुखानंद हॉल में आयोजित कार्यक्रम में डॉ. कुमार विश्वास ने कहा, ‘तीन साल से यूक्रेन और रूस आपस में भिड़े हुए हैं. इतना गोला-बारूद बर्बाद कर दिया. गाजा में भी गोला-बारूद चल रहा है.’ उन्होंने भारत के ऑपरेशन सिंदूर और उसके बाद पाकिस्तान के साथ हुए तनाव को भारत का वॉर्मअप बताते हुए कहा कि इतने गोले-बारूद से ओजोन परत बिलकुल सुरक्षित रही, लेकिन दिवाली पर चार फुलझड़ी से ओजोन में बड़ा छेद हो जाएगा. डॉ. कुमार विश्वास ने तंज कसते हुए कहा, ‘ओजोन में चार फुलझड़ियों से इतना बड़ा छेद हो जाएगा कि उसमें से बहुत सारे बुद्धिजीवी ऊपर जाएंगे और नीचे आएंगे.’ हर दिवाली छिड़ती है आतिशबाजी को लेकर बहस दरअसल, हर दिवाली पर इस बात को लेकर बहस छिड़ती है कि इसदिन होने वाली आतिशबाजी से पर्यावरण को कितना नुकसान होता है. इसे लेकर एक पक्ष का कहना होता है कि एक सुनियोजित साजिश के तहत हिंदू त्योहारों को निशाना बनाने की कोशिश के चलते पर्यावरण का बहाना बनाया जाता है. इस पक्ष का तर्क यह भी होता है कि न्यू ईयर से लेकर दुनियाभर में होने वाले विभिन्न आयोजनों में जमकर आतिशबाजी की जाती है, लेकिन उनपर कोई सवाल नहीं उठाया जाता. वहीं दूसरे पक्ष का कहना होता है कि दिवाली पर होने वाली आतिशबाजी से प्रदूषण फैलता है और पर्यावरण को नुकसान होता है.