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रायपुर: 73,868 निर्माण श्रमिकों को डीबीटी के माध्यम से विभिन्न योजनाओं की राशि वितरित

रायपुर : 73,868 निर्माण श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं की राशि डी.बी.टी. से की गई वितरण श्रम मंत्री  देवांगन ने श्रमिको के खाते में डीबीटी के जरिये राशि अंतरित की रायपुर छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल के संचालक मण्डल की बैठक में आज श्रम मंत्री  लखन लाल देवांगन एवं छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह ने 16 विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत कुल 73 हजार 868  निर्माण श्रमिकों एवं उनके परिवारजनों को 25 करोड़ 65 लाख 90 हजार 402 रूपये की राशि डी.बी.टी. के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में अंतरित किया गया। इस मौके पर सचिव सह श्रमायुक्त, श्रम विभाग,  हिम शिखर गुप्ता, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल के सचिव  गिरिश रामटेके उपस्थित थे।  इस पारदर्शी प्रक्रिया से न केवल श्रमिकों को त्वरित लाभ मिल रहा है, बल्कि योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और दक्षता भी सुनिश्चित हुई है।  विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत लाभार्थियों को सहायता प्रदान की गई है। इनमें दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना के तहत 23 लाभार्थियों को कुल 23 लाख रुपए की सहायता दी गई, निर्माण श्रमिकों के बच्चों हेतु उत्कृष्ट खेल प्रोत्साहन योजना में 7 बच्चों को 3 लाख 5 हजार रुपए प्रदान किए गए। निर्माण श्रमिकों के बच्चों हेतु निःशुल्क गणवेश एवं पुस्तक-कॉपी हेतु सहायता राशि योजना के तहत 31754 बच्चों को 4 करोड़ 18 लाख 62 हजार रुपए वितरित किए गए। मिनीमाता महतारी जतन योजना में 2436 हितग्राहियों को 4 करोड़ 87 लाख 20 हजार रुपए की सहायता दी गई। इसी प्रकार मुख्यमंत्री निर्माण मज़दूर सुरक्षा उपकरण सहायता योजना में 1080 श्रमिकों को 16 लाख 20 हजार रुपए शामिल है। इसी तरह मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजना के अंतर्गत 47 लाभार्थियों को 47 लाख रुपए स्वीकृत किए गए, जबकि मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक दीर्घायु सहायता योजना में 2 लाभार्थियों को 40 हजार रुपए प्रदान किए गए। मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना के तहत 220 श्रमिकों को कुल 2 करोड़ 20 लाख रुपए की सहायता मिली। मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना में 655 विद्यार्थियों को 55 लाख 1 हजार 176 रुपए प्रदान किए गए। मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना के माध्यम से 2461 हितग्राहियों को 4 करोड़ 92 लाख 20 हजार रुपए वितरित किए गए। मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना के तहत 32248 बच्चों को 6 करोड़ 47 लाख 61 हजार 500 रुपए की राशि प्रदान की गई। मुख्यमंत्री श्रमिक औजार सहायता योजना में 1961 श्रमिकों को 67 लाख 82 हजार 238 रुपए का लाभ मिला। इसके अलावा मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना में 326 श्रमिकों को कुल 65 लाख 20 हजार रुपए दिए गए। मुख्यमंत्री सायकल सहायता योजना के तहत 585 लाभार्थियों को 21 लाख 66 हजार 588 रुपए की सहायता दी गई। वहीं मुख्यमंत्री सिलाई मशीन सहायता योजना में 1 लाभार्थी को 7 हजार 900 रुपए मिले। अंत में, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक पेंशन सहायता योजना के तहत 56 श्रमिकों को 84 हजार रुपए की सहायता प्रदान की गई।      श्रम मंत्री  लखन लाल देवांगन एवं अध्यक्ष बी.ओ.सी.डब्लू. डॉ. रामप्रताप सिंह ने इस अवसर पर कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार श्रमिकों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है, मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में श्रमिकों को योजनाओं का लाभ सरल और पारदर्शी तरीके से सीधे उनके हाथों तक पहुंचाना हमारी प्राथमिकता है। श्रम विभाग द्वारा यह पहल रजत जयंती वर्ष में श्रमिक वर्ग के प्रति सरकार की संवेदनशीलता और समर्पण का प्रतीक है।

रायपुर: श्रम मंत्री देवांगन बोले—शासन की योजनाओं का लाभ श्रमिकों तक समय पर पहुँचे

रायपुर : शासन की योजनाओं का त्वरित लाभ श्रमिकों को समय पर मिले: श्रम मंत्री देवांगन शासन की योजनाओं का त्वरित लाभ श्रमिकों को समय पर मिले श्रमिकों के कल्याण हेतु नवा रायपुर में कार्यशाला को आयोजन रायपुर, प्रदेश के श्रम मंत्री  लखन लाल देवांगन नवा रायपुर में श्रम विभाग द्वारा आयोजित लैब-राइट कार्यशाला का शुभारंभ किया। प्रदेश के श्रम विभाग द्वारा श्रमिकों के कल्याण के लिए अनेक योजनाए चलाई जा रही है। इन योजनाओं का त्वरित लाभ श्रमिकों को समय पर मिले इस उद्देश्य से यह कार्यशाला आयोजित की गई जिसमें प्रदेश के सभी जिलों से आए श्रम विभाग के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे। श्रम मंत्री  देवांगन ने द्वीप प्रज्वलित कर कार्यशाला का शुभारंभ किया। इस अवसर पर श्रम विभाग के सचिव सह श्रमायुक्त  हिमशिखर गुप्ता, अपर श्रमायुक्त एस.एल. जागड़े, मती सविता मिश्रा, उपायुक्त श्रम सूर्यभान पैकरा,  डीपी तिवारी सहित जिलों से आए श्रम अधिकारी उपस्थित थे। श्रम मंत्री देवांगन ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा श्रमिकों एवं उनके परिजनों की बेहतरी के लिए कई योजनाए संचालित की जा रही है। इन योजनाओं  के माध्यम से श्रमिकों की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने के लिए समय-समय पर डीबीटी के जरिए आर्थिक मदद दी जा रही है।  देवांगन ने कहा कि श्रमिकों के साथ-साथ उनके बच्चों को पढ़ाई-लिखाई के लिए भी सरकार द्वारा हर संभव प्रयास किए जा रहे है।  श्रम मंत्री  देवांगन ने जिलों से आए श्रम अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि यदि कोई श्रमिक पंजीयन कराने आता है तो दस्तावेज की कमी के कारण उनका आवेदन निरस्त न करें, जो भी कमी है उसे पूरा कराने में मदद करें। उन्होंने कहा कि श्रम कार्ड से श्रमिकों को अनेक लाभ है। जो पंजीकृत श्रमिक है उनका समय पर पंजीयन हो जिससे शासन की योजनाओं को लाभ मिलता रहें।  देवांगन ने कहा कि प्रधानमंत्री का सपना है कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित भारत बनाना है। यह तभी संभव है जब हर विभाग अपना बेहतर प्रदर्शन करें। लोगों की समस्याओं का समय पर निदान हो। उद्योग एवं श्रम विभाग आपस में समन्वय बनाकर कार्य करें।  श्रम विभाग के सचिव  हिमशिखर गुप्ता ने कहा कि लैब-राइट कार्यशाला के जरिए श्रमिकों के बेहतरी के लिए और बेहतर कदम उठाए जाएंगे। प्रदेश में धान कटाई के बाद श्रमिक काम की तलाश में अन्य राज्यों का रूख करते है। इस पर हमें अंकुश लगाने की जरूरत है। श्रम सचिव  गुप्ता ने श्रम विभाग के मैदानी अधिकारियों को विभाग की योजनाओं को अधिक से अधिक लाभ श्रमिकों दिलाने के निर्देश दिए।