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लक्ष्य सेन का कमाल, इतिहास रचा और ऑल इंग्लैंड ओपन में फाइनल में पहुंचे

बर्मिंघम भारतीय बैडमिंटन के उभरते हुए सितारे लक्ष्य सेन ने बर्मिंघम में चल रहे प्रतिष्ठित ऑल इंग्लैंड ओपन बैडमिंटन चैंपियनशिप 2026 के फाइनल में जगह बनाकर इतिहास रच दिया है। एक बेहद रोमांचक और शारीरिक रूप से थका देने वाले सेमीफाइनल मुकाबले में 24 वर्षीय सेन ने कनाडा के उभरते खिलाड़ी विक्टर लाई को तीन सेटों के कड़े संघर्ष में 21-16, 18-21, 21-15 से शिकस्त दी। यह लक्ष्य सेन के करियर का दूसरा ऑल इंग्लैंड फाइनल है, इससे पहले वे 2022 में भी इस ऐतिहासिक मुकाम तक पहुंचे थे। बर्मिंघम के कोर्ट पर यह मुकाबला केवल खेल कौशल का नहीं, बल्कि सहनशक्ति और मानसिक मजबूती की परीक्षा भी था। तीसरे और निर्णायक सेट में लक्ष्य सेन पैर में ऐंठन (cramps) और मांसपेशियों में खिंचाव के कारण काफी दर्द में नजर आए। उन्हें कोर्ट पर लंगड़ाते हुए और अपने पैर को घसीटते हुए देखा गया, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। मैच के दौरान एक समय पर उन्होंने 354 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से एक अविश्वसनीय विनर मारकर अपनी आक्रामकता का परिचय दिया। दूसरी ओर, उनके प्रतिद्वंद्वी विक्टर लाई भी चोटिल थे और उनकी उंगली से खून निकल रहा था, जिसके लिए उन्हें खेल के बीच में मेडिकल सहायता लेनी पड़ी। फाइनल तक का लक्ष्य सेन का सफर बेहद चुनौतीपूर्ण और प्रभावशाली रहा है। उन्होंने टूर्नामेंट के शुरुआती दौर में ही दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी और मौजूदा चैंपियन शी यूकी को हराकर बड़ा उलटफेर किया था। इसके बाद क्वार्टर फाइनल में उन्होंने दुनिया के छठे नंबर के खिलाड़ी ली शिफेंग को सीधे सेटों में मात देकर अपना आत्मविश्वास बढ़ाया। अब लक्ष्य सेन के पास प्रकाश पादुकोण (1980) और पुलेला गोपीचंद (2001) के बाद इस प्रतिष्ठित खिताब को जीतने वाला तीसरा भारतीय पुरुष खिलाड़ी बनने का सुनहरा मौका है। खिताबी मुकाबले में अब लक्ष्य सेन का सामना चीनी ताइपे के लिन चुन-यी से होगा, जिन्होंने दूसरे सेमीफाइनल में बड़ा उलटफेर करते हुए दुनिया के नंबर दो खिलाड़ी कुलवुत वितिदसर्न को शिकस्त दी है। लक्ष्य ने अपनी फिटनेस और कोर्ट पर मूवमेंट पर संतोष व्यक्त किया है और वे फाइनल में अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए तैयार हैं। पूरे भारत की नजरें अब इस महामुकाबले पर टिकी हैं कि क्या लक्ष्य 25 साल का सूखा खत्म कर भारत के लिए यह ट्रॉफी घर ला पाएंगे।  

लक्ष्य सेन ने रचा कमाल, इस सीज़न का पहला टाइटल अपने नाम किया

सिडनी  भारत के स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी लक्ष्य सेन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इस सत्र का अपना पहला खिताब जीत लिया। लक्ष्य ने पुरुष एकल वर्ग के फाइनल में जापान के युशी तनाका को हराकर ऑस्ट्रेलियाई ओपन सुपर 500 टूर्नामेंट का खिताब अपने नाम किया। 24 साल के लक्ष्य से शानदार लय बरकरार रखते हुए 26 वर्षीय तनाका को 38 मिनट तक चले मैच में 21-15, 21-11 से हराया। लक्ष्य के लिए पिछले समय से चीजें सही नहीं चल रही थीं और वह पेरिस ओलंपिक 2024 में चौथे स्थान पर रहे थे। 2021 विश्व चैंपियनशिप के कांस्य पदक विजेता लक्ष्य ने इससे पहले अपना आखिरी सुपर 300 खिताब पिछले साल लखनऊ में सैयद मोदी इंटरनेशनल में जीता था। वह सितंबर में हांगकांग सुपर 500 टूर्नामेंट में जीत के करीब थे, लेकिन उपविजेता रहे थे। लक्ष्य ने नहीं गंवाया एक भी गेम इस वर्ष ऑर्लियंस मास्टर्स सुपर 300 खिताब जीतने वाले विश्व के 26वें नंबर के खिलाड़ी तनाका का सामना करते हुए लक्ष्य ने शानदार नियंत्रण और तेज तर्रार खेल का नमूना पेश किया तथा एक भी गेम गंवाए बिना मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ मौजूदा राष्ट्रमंडल खेल चैंपियन लक्ष्य इस सत्र में बीडब्ल्यूएफ विश्व टूर खिताब जीतने वाले केवल दूसरे भारतीय बन गए। इससे पहले आयुष शेट्टी ने अमेरिकी ओपन सुपर 300 टूर्नामेंट जीता था। भारत के अन्य खिलाड़ियों में सात्विकसाईराज रेंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी हांगकांग और चीन मास्टर्स के फाइनल में पहुंचे थे, जबकि किदांबी श्रीकांत भी साल की शुरुआत में मलयेशिया मास्टर्स में उपविजेता रहे थे। 

जापान मास्टर्स में लक्ष्य सेन की धमाकेदार जीत, सेमीफाइनल में बनाई जगह

कुमामोटो (जापान) पेरिस 2024 के सेमीफाइनलिस्ट लक्ष्य सेन ने कुमामोटो मास्टर्स जापान 2025 में शानदार जीत दर्ज करते हुए सेमीफाइनल में जगह बना ली है। शुक्रवार को खेले गए मैच में लक्ष्य सेन ने सिंगापुर के पूर्व विश्व चैंपियन लो कियन यू को सीधे गेमों में 21-13, 21-17 से हराया। लक्ष्य की यह जीत उनके बीच 10 मैचों में सातवीं जीत रही। शुरुआत में लो कियन यू ने बढ़त बनाई, लेकिन लक्ष्य सेन ने तेजी से वापसी की और पहला गेम आराम से अपने नाम किया। दूसरे गेम में भी सिंगापुर के खिलाड़ी आगे थे, लेकिन लक्ष्य ने बेहतरीन आठ लगातार प्वाइंट लेकर मैच का रुख बदल दिया। लो कियन यू ने अंत में वापसी की कोशिश जरूर की, लेकिन लक्ष्य ने तीन शानदार प्वाइंट लेकर मुकाबला जीत लिया। अब सेमीफाइनल में लक्ष्य सेन का सामना जापान के वर्ल्ड नंबर 13 और एशियन गेम्स 2018 के ब्रॉन्ज मेडलिस्ट केंटा निशिमोटो से होगा। यह इस साल की बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर में लक्ष्य का तीसरा सेमीफाइनल है। इससे पहले वह हांगकांग ओपन के फाइनल और मकाओ ओपन के सेमीफाइनल तक पहुंचे थे। हालांकि, इस सीजन में उन्हें कई शुरुआती राउंड में हार मिली है, लेकिन डेनमार्क ओपन में वर्ल्ड नंबर 2 एंडर्स एंटनसन पर उनकी बड़ी जीत चर्चा में रही। कुमामोटो मास्टर्स जापान 2025 में भारत की ओर से अब केवल लक्ष्य सेन ही बाकी हैं। बाकी भारतीय खिलाड़ी पहले ही बाहर हो चुके हैं।