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एक टिकट और बदल गई जिंदगी! UAE लॉटरी में करोड़ों जीतकर चर्चा में आया सिक्योरिटी गार्ड

दुबई  अबू धाबी के रुवैस इंडस्ट्रियल एरिया में ईद-उल-अजहा की छुट्टी वाली रात 26 साल का नेपाली युवक तैयब खान अपनी नाइट शिफ्ट में तैनात थे. गेट पर आने-जाने वालों की जांच करना और सुरक्षा व्यवस्था संभालना उनकी रोजमर्रा की जिम्मेदारी थी. चार साल पहले बेहतर भविष्य की तलाश में नेपाल से UAE पहुंचे तैयब को अंदाजा भी नहीं था कि एक ईमेल उनकी जिंदगी बदल देगा।  ड्यूटी के दौरान उनके फोन पर एक ईमेल आया. पहले तो उन्हें लगा कि शायद कोई छोटा-मोटा इनाम मिला होगा, लेकिन जैसे ही उन्होंने मेल खोला, उनके होश उड़ गए. गल्फ न्यूज के मुताबिक, UAE Lottery के Lucky Day ड्रा में उनके ग्रुप ने Dh30 मिलियन (करीब 70 करोड़ रुपये से अधिक) का ग्रैंड जैकपॉट जीत लिया था।  दोस्तों के साथ खरीदा था टिकट तैयब यह रकम अकेले नहीं जीते. उन्होंने अपने चार नेपाली दोस्तों के साथ मिलकर 2024 से नियमित रूप से लॉटरी टिकट खरीदना शुरू किया था. पांचों दोस्तों ने अपने ग्रुप का नाम 'Future Millionaires' रखा था. हर हफ्ते सभी Dh50-50 (करीब 1,100 रुपये) जमा करते और एक टिकट खरीदते थे।  उनकी यह छोटी-सी कोशिश आखिरकार रंग लाई और पांचों दोस्त रातोंरात करोड़पति बन गए. Dh30 मिलियन की रकम पांचों में बराबर बंटी, जिससे तैयब के हिस्से में करीब Dh6 मिलियन (करीब 14-15 करोड़ रुपये) आए।  अब क्या करेंगे तैयब? लॉटरी जीतने के बाद तैयब ने कहा कि वह सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी छोड़ने की योजना बना रहे हैं. उनका पहला लक्ष्य नेपाल में अपने परिवार के लिए एक बड़ा घर बनवाना है. इसके अलावा वह लंबे समय से खरीदना चाह रहे महिंद्रा थार और एक रोलेक्स घड़ी भी लेना चाहते हैं.तैयब ने यह भी बताया कि वह दुबई में रियल एस्टेट में निवेश करने और अपना खुद का बिजनेस शुरू करने की योजना बना रहे हैं।  आखिर क्या है UAE Lottery? तैयब जिस लॉटरी के जरिए करोड़पति बने, वह UAE की आधिकारिक और लाइसेंस प्राप्त राष्ट्रीय लॉटरी है. इसके सबसे लोकप्रिय गेम Lucky Day में एक एंट्री की कीमत Dh50 होती है. खिलाड़ी कुछ नंबर चुनते हैं और तय तारीख पर ड्रा निकाला जाता है. सभी नंबर मैच होने पर करोड़ों रुपये का जैकपॉट मिलता है।  वर्तमान में Lucky Day का ग्रैंड प्राइज Dh30 मिलियन है. यानी 70 करोड़ रुपये. इसके अलावा छोटे और मध्यम स्तर के कई इनाम भी दिए जाते हैं. UAE में यह लॉटरी सरकारी नियमन के तहत संचालित होती है और हजारों प्रवासी कर्मचारी इसमें भाग लेते हैं।  मेहनत, दोस्ती और किस्मत की कहानी तैयब खान की कहानी सिर्फ एक लॉटरी जीतने की नहीं है. यह उन लाखों प्रवासी कामगारों की कहानी भी है, जो अपने परिवार के बेहतर भविष्य के लिए घर से हजारों किलोमीटर दूर काम करते हैं. चार साल की मेहनत, दोस्तों का साथ और एक छोटे से सपने ने उनकी जिंदगी बदल दी।  तैयब की जीत यह भी दिखाती है कि कभी-कभी साधारण जिंदगी जीने वाले लोगों की किस्मत भी अचानक ऐसा मोड़ ले सकती है, जिसकी उन्होंने कभी कल्पना नहीं की होती। 

पंजाब में FCI कर्मचारी की चमकी किस्मत, ₹1 करोड़ जीतकर बोले- पहले उतारूंगा कर्ज

लुधियाना लुधियाना के रहने वाले रणधीर सिंह की जिंदगी उस वक्त पूरी तरह बदल गई, जब मात्र 7 रुपए की लॉटरी ने उन्हें करोड़पति बना दिया। जो शख्स कल तक दो वक्त की रोटी के लिए एफसीआई (FCI) में पसीना बहाता था और कर्ज के बोझ तले दबा था आज वह करोड़ों का मालिक बन चुका है।  लाखोवाल गांव के रणधीर सिंह (40) रोजाना की तरह काम पर थे। इसी दौरान उन्होंने कोहड़ा स्थित गुप्ता लॉटरी से सिक्किम स्टेट लॉटरी की 7-7 रुपए वाली 4 बंडल टिकटें खरीदीं। रणधीर बताते हैं कि उन्होंने बस यूं ही अपनी किस्मत आजमाने के लिए ये टिकटें ली थीं। जैसे ही शाम 6 बजे ड्रॉ का परिणाम आया रणधीर को अपनी आंखों पर यकीन नहीं हुआ। उन्होंने 1 करोड़ रुपए का पहला इनाम अपने नाम कर लिया था। 45 हजार से शुरू हुआ था सफर रणधीर के लिए लॉटरी का यह शौक नया नहीं था। उन्होंने बताया कि शुरुआत में जब उन्होंने पहली बार हाथ आजमाया था तब उनकी 45 हजार रुपए की लॉटरी निकली थी। उस छोटी सी जीत ने उन्हें उम्मीद दी थी कि शायद कभी बड़ा बदलाव आए। तब से वह कभी-कभार अपनी किस्मत आजमा लिया करते थे। इस बार तो कुदरत ने उनके घर की गरीबी को हमेशा के लिए मिटाने का फैसला कर लिया था। बीमारी और कर्ज से मिलेगी मुक्ति लॉटरी जीतने के बाद रणधीर की आंखों में खुशी के साथ-साथ पुराने संघर्षों के आंसू भी थे। उन्होंने बेहद भावुक होते हुए कहा कि मुझ पर काफी कर्ज है। अपनी और पत्नी की बीमारी के इलाज के लिए मैंने लोगों से पैसे उधार लिए थे, जिन्हें चुकाना मुश्किल हो रहा था। अब सबसे पहले मैं अपना सारा कर्ज उतारूंगा। रणधीर के परिवार में उनके बुजुर्ग माता-पिता भी हैं। अब तक वह संसाधनों की कमी के कारण उनकी वैसी सेवा नहीं कर पा रहे थे जैसी वह चाहते थे। हालांकि अब वह अपने माता-पिता को हर सुख-सुविधा देना चाहते हैं। बच्चों का भविष्य: मजदूर का बेटा मजदूर नहीं बनेगा रणधीर के दो बच्चे हैं एक बेटा और एक बेटी। उनका बेटा पढ़ाई में काफी होनहार है, जिसने कल ही में पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (PSEB) की 12वीं की परीक्षा में 84% अंक हासिल कर अपनी काबिलियत साबित की है। रणधीर का संकल्प है कि अब वह इन पैसों का सबसे बड़ा हिस्सा अपने बच्चों की उच्च शिक्षा पर खर्च करेंगे। वह नहीं चाहते कि जो जिल्लत और मजदूरी उन्होंने झेली है वह उनके बच्चों को देखनी पड़े। एजेंसी पर जश्न का माहौल कल (13 मई) जब विजेता रणधीर सिंह लुधियाना की पूजा लॉटरी एजेंसी पर पहुंचे तो उनका जोरदार स्वागत किया गया। एजेंसी के मालिकों और स्थानीय लोगों ने उन्हें फूल-मालाएं पहनाकर बधाई दी। पूरे इलाके में इस बात की चर्चा है कि कैसे एक साधारण मजदूर अपनी मेहनत और ऊपर वाले के आशीर्वाद से करोड़पति बन गया।  

गरीबी से करोड़पति बना ट्रैक्टर चालक, ₹10 करोड़ की लॉटरी से परिवार में जश्न

सिरसा  ट्रैक्टर चालक पृथ्वी सिंह ने कभी नहीं सोचा था कि एक ही रात में उसकी किस्मत बदल जाएगी. उसकी 10 करोड़ रुपये की लॉटरी लगी है. मामला हरियाणा के सिरसा का है, जहां पर ट्रक ड्राइवर ने लोहड़ी की लॉटरी में पहला इनाम जीता है. जानकारी के अनुसार, सिरसा जिला के रानियां में गाँव महम्दपुरिया में ट्रक चालक पृथ्वी सिंह ने पंजाब की लोहड़ी को लेकर लॉटरी टिकट खरीदा था. जैसे ही गांव में यह फैली तो ढोल-नगाड़ों के साथ लोग पहुंचे और परवार को बधाई दी. पृथ्वी सिंह दिहाड़ी पर ट्रैक्टर चलाने का काम करता है. बताया जा रहा है कि पृथ्वी सिंह ने सिरसा के डबवाली के साथ पंजाब के किलियाँवाली गाँव से लॉटरी खरीदी थी और उसे पंजाब स्टेट लोहडी मकर संक्रांति बंपर-2026 में 10 करोड़ का इनाम निकला. पृथ्वी सिंह के परिवार में पत्नी, एक बेटी और एक बेटा है. परिवार में खुशी का माहौल है. पृथ्वी सिंह की पत्नी स्कूल में स्वीपर का काम करती है. तीसरी बार खरीदा था टिकट पृथ्वी सिंह ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए बताया कि मैंने ये लॉटरी किलियांवाली गांव से ली थी और तीसरी बार मैंने ये लॉटरी खरीदी थी. वह बहुत खुश हैं औऱ इस पैसे से वह अपने सपने पूरे करेंगे और अपने बच्चों का भविष्य बनाऊंगा. पृथ्वी सिंह की पत्नी ने बताया कि मुझे बहुत ज्यादा खुशी है औ आज मेरे घर में सैकड़ों की संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ी हुई है. मैंने कभी सोचा नहीं था कि इस तरह से हमारे घर में दस करोड़ रुपये की लॉटरी लगेगी. हम अपने बच्चों के सपने पूरा करेंगे. लॉटरी लगने पर लोगों ने पृथ्वी सिंह को मिठाई खिलाई. बताया जा रहा है कि पथ्वी सिंह ने 500, 200 और 100 रुपयों की तीन टिकट एजेंट से खरीदे थे और 500 रुपये की टिकट पर 10 करोड़ का ईनाम जीता है. अब पृथ्वी सिंह को लॉटरी टिकट और दस्तावेज चंडीगढ़ जाकर जमा करवाने होंगे और उसके बाद, 30 प्रतिशत टैक्स कटेगा औऱ सात करोड़ रुपये उसके खाते में आएंगे.