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इंदौर की युवती का खुलासा: शादी के बाद बच्चे का जबरन खतना और मांस खिलाने का दबाव

इंदौर इंदौर शहर में एक जैन युवती के साथ धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक मुस्लिम युवक ने पहले उससे शादी रचाई और फिर उस पर मुस्लिम धर्म अपनाने का दबाव बनाया। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने मुस्लिम युवक और उसकी बहन के खिलाफ गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है। जबरन कराया बच्चों का खतना जानकारी के अनुसार, एक हाई प्रोफाइल परिवार की युवती की शिकायत पर मुंबई के यूसुफ खान और उनकी बहन गुलबानो के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। जैन समाज की इस युवती ने बताया कि शादी के बाद यूसुफ ने उसके बच्चों का जबरन खतना करवाया और मांस खाने के लिए मजबूर कर बच्चों का धर्म परिवर्तन कराने का दबाव बनाया। इसके बाद पीड़िता ने इंदौर आकर अपने परिजनों को आपबीती सुनाई और थाने में शिकायत दर्ज कराई। रोमी नाम बताकर की थी दोस्ती पीड़िता ने पुलिस को बताया कि वह इंदौर की एक पॉश कॉलोनी में रहती है। साल 2004 में उसकी दोस्ती यूसुफ से हुई थी, जिसने उस समय अपना नाम रोमी बताया था। उस समय पीड़िता एक विज्ञापन कंपनी में काम करती थी। इसके बाद दोनों ने 2005 में मुंबई के सिद्धिविनायक मंदिर में शादी कर ली। उसी वर्ष पीड़िता को एक टीवी चैनल से जुड़ने का अवसर मिला। मुंबई जाने पर उसे पता चला कि रोमी वास्तव में यूसुफ है और मुस्लिम धर्म से है। इस पर पीड़िता ने रिश्ता तोड़ने की बात कही, लेकिन यूसुफ ने आश्वासन दिया कि वह उसे धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर नहीं करेगा और वह अपने जैन धर्म के अनुसार जीवन जी सकती है। मुस्लिम धर्म अपनाने का बनाया दवाब हालांकि, 2011 में पीड़िता के एक बेटे के जन्म के बाद यूसुफ और उसकी बहन गुलबानो का व्यवहार बदल गया। जन्म के 40 दिन बाद यूसुफ ने चुपके से बच्चे का खतना करवा दिया। इसके बाद यूसुफ ने पीड़िता पर दबाव बनाया कि उनकी बेटी की परवरिश और शिक्षा मुस्लिम रीति-रिवाजों के अनुसार होगी। गुलबानो ने भी पीड़िता को धमकाते हुए कहा कि वह मुस्लिम धर्म अपनाए, वरना यूसुफ से उसका रिश्ता खत्म कर दिया जाएगा। इसके अलावा, यूसुफ बच्चे को जबरन मांस खिलाता था। जब बच्चा मांस खाने से इनकार करता, तो यूसुफ उसके मुंह में मांस के टुकड़े डालकर मुंह बंद कर देता था। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि यूसुफ और गुलबानो ने कई बार उसके निजी वीडियो बनाए। घर पर आने वाले एक मसाज करने वाले व्यक्ति के साथ यूसुफ ने आपत्तिजनक वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल किया और वीडियो वायरल करने की धमकी दी। कुछ समय पहले पीड़िता एक कार्यक्रम में शामिल होने इंदौर आई और उसने अपनी पूरी आपबीती परिजनों को बताई। इसके बाद देर रात तुकोगंज थाने में यूसुफ और गुलबानो के खिलाफ गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया।

उज्जैन की सड़कों पर ‘लव जिहाद’ के खिलाफ जबरदस्त हल्ला बोल

उज्जैन मध्य प्रदेश में 'लव जिहाद' की बढ़ती घटनाओं को लेकर हिंदू पंचायत का आयोजन किया गया। इसमें हजारों हिंदू परिवार शामिल हुए। ऐसी घटनाओं के खिलाफ पूरे शहर में रैली निकाली गई। पंचायत द्वारा सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर जिहादी समर्थक समाज का आर्थिक बहिष्कार करने का निर्णय लिया गया। इस दौरान भारी संख्या में महिलाएं भी सड़क पर उतरीं। हिंदू समाज द्वारा खाचरोद नगर बंद का आह्वान किया गया। उज्जैन जिले के खाचरोद नागदा ओर आसपास के ग्रामीण क्षेत्र सहित मध्य प्रदेश में 'लव जिहाद'के बढ़ते मामले को देखते हुए गुरुवार को हिंदू पंचायत का आयोजन हुआ। इसमें हज़ारों की संख्या में महिलाएं, पुरुष सहित हिंदू जागरण मंच के लोगों के साथ साधु संत और हिंदू संगठनों के लोग शामिल हुए। इस दौरान सकल हिंदू समाज के लोगों ने एकत्रित होकर रैली निकाली। रैली उज्जैन गेट से शुक्रवारिया बाजार तक निकाली गई। इस दौरान खाचरोद का पूरा मार्केट बंद रहा। पंचायत द्वारा सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर जिहादी समर्थक समाज का आर्थिक बहिष्कार करने का निर्णय लिया गया। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश के अलग-अलग जिलों के साथ उज्जैन जिले के कई ग्रामीण क्षेत्र तराना,घटिया ओर खाचरोद में हाल ही में 'लव जिहाद' की घटनाएं बढ़ी हैं। खाचरोद में आयोजित पंचायत में साधु संत, विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के साथ संपूर्ण हिंदू समाज के लोग एकत्र हुए थे। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता आनंद गिरि महाराज, नरेंद्र गिरी महाराज, हिंदू जागरण मंच के प्रांत संगठक मोहित सेंगर, हिंदू जागरण मंच के प्राण संयोजक नेपाल सिंह डोडिया थे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में हिंदू जागरण वंश के प्रांत संयोजक भेरुलाल जी टाक, विश्व हिंदू परिषद के मोहन सिंह जी राठौड़ थे। हिंदू जागरण मंच मालवा प्रांत के संगठन मंत्री मोहित सेंगर ने बताया कि बताया कि देशभर में हिंदू लड़कियों को झूठे जाल में फंसाकर अपनी जनसंख्या बढ़ाकर जनसख्या असंतुलित करने वाले विधर्मी खाचरोद में लगातार घटनाओं को अंजाम दे रहे थे। इसमें शादीशुदा लड़कियों को भी जाल में फंसाया गया। इसके बाद थाने का घेराव कर प्रदर्शन किया गया था। हिन्दुओं को जाग्रत करने के लिए रैली का आयोजन किया गया। लड़कियों की सुरक्षित कर घर-घर सन्देश देने देने के लिए विशाल संख्या में लोग जुटे थे।

लव जिहाद मामले में फरार कांग्रेस नेता पर इनाम हुआ दोगुना, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

इंदौर  इंदौर पुलिस ने एक कांग्रेस पार्षद की गिरफ्तारी के लिए इनाम की राशि दोगुनी कर दी है. वह 'लव जिहाद' के लिए पैसे मुहैया कराने के मामले में एक महीने से फरार है.   एसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि आरोपी अनवर कादरी उर्फ डकैत की गिरफ्तारी के लिए इनाम की राशि 10 हजार रुपये से बढ़ाकर 20 हजार रुपये कर दी गई है. अगर पार्षद को आने वाले दिनों में गिरफ्तार नहीं किया जाता है, तो उसकी संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई शुरू की जाएगी. दरअसल, शहर के दो युवकों साहिल शेख और अल्ताफ शाह ने बीते जून में पुलिस के सामने कबूल किया था कि कांग्रेस पार्षद कादरी ने उन्हें लड़कियों को प्रेम संबंधों में लाने और उनका धर्म परिवर्तन कराने के लिए 3 लाख रुपये दिए थे. यह पैसा लड़कियों पर खर्च किया गया था. पुलिस अधिकारी ने बताया कि शेख और शाह दोनों को दो लड़कियों द्वारा लगाए गए रेप और अन्य आरोपों से जुड़े अलग-अलग मामलों में गिरफ्तार किया गया था. उन्होंने बताया कि उनके बयानों के आधार पर पुलिस ने कादरी पर पैसे के बल पर लोगों का धर्म परिवर्तन कराने की साजिश रचने का मामला दर्ज किया है. कादरी, जिसके खिलाफ शहर के विभिन्न पुलिस थानों में 18 आपराधिक मामले दर्ज हैं, तब से फरार है. उसके भूमिगत होने के बाद, जिला प्रशासन ने कड़े राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कादरी की गिरफ्तारी का आदेश दिया.

लव-जिहाद का संगठित खेल? पूछताछ में सामने आया युवतियों को फंसाने और धर्म बदलवाने का बड़ा राज

 आगरा आगरा में अवैध धर्मांतरण गिरोह के गंदे खेल की परतें दिन व दिन खुलती जा रही हैं। पुलिस ने दिल्ली के मास्टरमाइंड अब्दुल रहमान के दो बेटों अब्दुल्ला, अब्दुल रहीम और रोहतक की दलित युवती से जबरन निकाह करने वाले जुनैद को गिरफ्तार कर लिया है। इस गिरोह ने न जाने कितनी युवतियों की जिंदगी को बर्बाद कर दिया। अब सवाल ये भी उठता है कि आखिर ये गिरोह युवतियों को जाल में फंसाता कैसे है। आइये बताते हैं पूरी कहानी…  अवैध धर्मांतरण गिरोह के मास्टरमाइंड अब्दुल रहमान का पूरा परिवार ही इस घिनौने खेल का हिस्सा है। अब्दुल रहमान की गिरफ्तारी के बाद उसकी पत्नी भी सामने आई थी। वह धर्मांतरण के लिए युवतियों को लेकर आने की बात कर रही थी। उसका एक वीडियो वायरल हुआ था। पुलिस ने आरोपी अब्दुल रहमान के घर दोबारा दबिश दी थी मगर उसकी पत्नी नहीं मिली। वह लापता हो गई।  एसबी कृष्णा ने किया खुलासा  गोवा की रहने वाली एसबी कृष्णा भी इस्लाम कबूल कर आयशा बनी थी। पुलिस की पूछताछ में उसने बताया कि वह पंजाब यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रही थी। तभी कश्मीरी छात्राओं ने उसे जाल में फंसाया। शबा नाम की छात्रा उसे कश्मीरी लेकर गई थी। परिजन ने दिल्ली में अपहरण का केस दर्ज करा दिया। वह कश्मीर में रह रही थी। वह पांच बार की नमाज पढ़ा करती थी। स्थानीय लोग भी नमाज पढ़ने आते थे। फिर करने लगी ये काम  मगर, उसके साथ वो व्यवहार नहीं होता था जो स्थानीय लोगों से किया जाता था। इस दाैरान उसे जिस घर में रखा गया था, वहां काम भी कराया जाता था। दो महीने बाद उसका मन वापस आने के लिए हुआ। तब वह दिल्ली आ गई। मगर, उसके मित्र मुस्तफा को जेल भेज दिया गया। वह धर्मांतरण कर चुकी थी इसलिए एक बार फिर गिरोह के संपर्क में आ गई। उसे कोलकाता बुला लिया गया। इसके बाद वह धर्मांतरण के लिए आने वाले लोगों के लिए रुपये मुहैया कराने का काम करने लगी। बंधक बनाकर रखी गई थी युवती  पुलिस ने गिरोह के मास्टरमाइंड अब्दुल रहमान के घर से रोहतक की युवती को बरामद किया। वह बंधक बनाकर रखी गई थी। उसका धर्मांतरण और निकाह भी कराया गया था। उसने भी पुलिस को कई अहम जानकारियां दीं। बताया कि उसे मुस्लिम धर्म के बारे में बताया गया। फिर धर्म परिवर्तन कराया गया। उसकी मदद की गई। उसे रुपयों से लेकर आवास तक दिया गया। बाद में वह धोखे का शिकार हो गई। जिस जुनैद नाम के युवक ने दोस्ती की थी। उसने पहले ही शादी कर ली थी। इसके बावजूद वो उसे अपने साथ रखना चाहता था। बाद में तलाक दे दिया। तब उसे अब्दुल रहमान ने रख लिया। गिरोह का है चरणबद्ध तरीका 1- पुलिस की पूछताछ में पता चला कि गिरोह के सदस्य अलग-अलग राज्यों के शिक्षण संस्थान में फैले हुए हैं। इनमें बड़ी संख्या में युवतियां भी शामिल हैं। वह छात्राओं को फंसाने का काम करती हैं। वह मिलकर और सोशल मीडिया के माध्यम से उन्हें इस्लाम धर्म के बारे में बताती हैं। अपने धर्म से अलग और सहूलियत के बारे बताया जाता है। जन्नत में जाने का रास्ता दिखलाया जाता है। संसार में सबके एक सामान होने की बात कही जाती थी। इससे प्रभावित होकर ही लोग जाल में फंस जाते थे। 2- एक बार किसी के राजी होने पर धन भी उपलब्ध कराया जाता था। बताया जाता था कि उनकी मदद की जाएगी। रहने और खाने की दिक्कत नहीं होगी। काम भी मिलता रहेगा। बताया जाता था कि किसी तरह की समस्या होने पर धर्म के लोग आपकी मदद करेंगे। सदर की सगी बहनों को भी दिल्ली ले जाने के बाद रुपये दिए गए थे। कोलकाता में कमरा भी दिलाया गया था। गिरोह के सदस्य उनके धर्मांतरण और निकाह से संबंधित कागजात भी तैयार करा रहे थे।   3- धर्मांतरण होने के बाद युवतियों को बुर्के में रखा जाता था। उनसे पांच बार की नमाज अदा कराई जाती थी। इस दाैरान उन्हें धार्मिक पुस्तकें भी पढ़वाई जाती थी, जिससे वो अपनी आस्था को कम नहीं कर सकें। सदर की एक युवती को इतना प्रभावित किया गया था वह मुजाहिद बनने के लिए भी तैयार हो गई थी। वह हथियार हाथ में लेना चाहती थी। सारे दस्तावेज बनने के बाद अगर, कोई वापस भी जाना चाहता है, तो वह नहीं जा सकता। खासकर युवतियों का घर वापसी करना आसान नहीं होता है। 4- धर्मांतरण और निकाह होने के बाद युवतियों को धोखा मिलता था। उन्हें अपना तो लिया जाता था लेकिन अपनों जैसा व्यवहार नहीं होता था। धर्मांतरण से पहले आवास और धन दिया जाता था, मगर हर तरफ से जाल में फंसने के बाद ऐसा कुछ नहीं होता था। ऐसे में निकाह करने वाली युवतियां का वापस जा पाना भी आसान नहीं होता था। वह गिरोह से जुड़ी होने के कारण पुलिस से भी मदद नहीं मांग पाती थीं।  

लव-जिहाद का संगठित खेल? पूछताछ में सामने आया युवतियों को फंसाने और धर्म बदलवाने का बड़ा राज

 आगरा आगरा में अवैध धर्मांतरण गिरोह के गंदे खेल की परतें दिन व दिन खुलती जा रही हैं। पुलिस ने दिल्ली के मास्टरमाइंड अब्दुल रहमान के दो बेटों अब्दुल्ला, अब्दुल रहीम और रोहतक की दलित युवती से जबरन निकाह करने वाले जुनैद को गिरफ्तार कर लिया है। इस गिरोह ने न जाने कितनी युवतियों की जिंदगी को बर्बाद कर दिया। अब सवाल ये भी उठता है कि आखिर ये गिरोह युवतियों को जाल में फंसाता कैसे है। आइये बताते हैं पूरी कहानी…  अवैध धर्मांतरण गिरोह के मास्टरमाइंड अब्दुल रहमान का पूरा परिवार ही इस घिनौने खेल का हिस्सा है। अब्दुल रहमान की गिरफ्तारी के बाद उसकी पत्नी भी सामने आई थी। वह धर्मांतरण के लिए युवतियों को लेकर आने की बात कर रही थी। उसका एक वीडियो वायरल हुआ था। पुलिस ने आरोपी अब्दुल रहमान के घर दोबारा दबिश दी थी मगर उसकी पत्नी नहीं मिली। वह लापता हो गई।  एसबी कृष्णा ने किया खुलासा  गोवा की रहने वाली एसबी कृष्णा भी इस्लाम कबूल कर आयशा बनी थी। पुलिस की पूछताछ में उसने बताया कि वह पंजाब यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रही थी। तभी कश्मीरी छात्राओं ने उसे जाल में फंसाया। शबा नाम की छात्रा उसे कश्मीरी लेकर गई थी। परिजन ने दिल्ली में अपहरण का केस दर्ज करा दिया। वह कश्मीर में रह रही थी। वह पांच बार की नमाज पढ़ा करती थी। स्थानीय लोग भी नमाज पढ़ने आते थे। फिर करने लगी ये काम  मगर, उसके साथ वो व्यवहार नहीं होता था जो स्थानीय लोगों से किया जाता था। इस दाैरान उसे जिस घर में रखा गया था, वहां काम भी कराया जाता था। दो महीने बाद उसका मन वापस आने के लिए हुआ। तब वह दिल्ली आ गई। मगर, उसके मित्र मुस्तफा को जेल भेज दिया गया। वह धर्मांतरण कर चुकी थी इसलिए एक बार फिर गिरोह के संपर्क में आ गई। उसे कोलकाता बुला लिया गया। इसके बाद वह धर्मांतरण के लिए आने वाले लोगों के लिए रुपये मुहैया कराने का काम करने लगी। बंधक बनाकर रखी गई थी युवती  पुलिस ने गिरोह के मास्टरमाइंड अब्दुल रहमान के घर से रोहतक की युवती को बरामद किया। वह बंधक बनाकर रखी गई थी। उसका धर्मांतरण और निकाह भी कराया गया था। उसने भी पुलिस को कई अहम जानकारियां दीं। बताया कि उसे मुस्लिम धर्म के बारे में बताया गया। फिर धर्म परिवर्तन कराया गया। उसकी मदद की गई। उसे रुपयों से लेकर आवास तक दिया गया। बाद में वह धोखे का शिकार हो गई। जिस जुनैद नाम के युवक ने दोस्ती की थी। उसने पहले ही शादी कर ली थी। इसके बावजूद वो उसे अपने साथ रखना चाहता था। बाद में तलाक दे दिया। तब उसे अब्दुल रहमान ने रख लिया। गिरोह का है चरणबद्ध तरीका 1- पुलिस की पूछताछ में पता चला कि गिरोह के सदस्य अलग-अलग राज्यों के शिक्षण संस्थान में फैले हुए हैं। इनमें बड़ी संख्या में युवतियां भी शामिल हैं। वह छात्राओं को फंसाने का काम करती हैं। वह मिलकर और सोशल मीडिया के माध्यम से उन्हें इस्लाम धर्म के बारे में बताती हैं। अपने धर्म से अलग और सहूलियत के बारे बताया जाता है। जन्नत में जाने का रास्ता दिखलाया जाता है। संसार में सबके एक सामान होने की बात कही जाती थी। इससे प्रभावित होकर ही लोग जाल में फंस जाते थे। 2- एक बार किसी के राजी होने पर धन भी उपलब्ध कराया जाता था। बताया जाता था कि उनकी मदद की जाएगी। रहने और खाने की दिक्कत नहीं होगी। काम भी मिलता रहेगा। बताया जाता था कि किसी तरह की समस्या होने पर धर्म के लोग आपकी मदद करेंगे। सदर की सगी बहनों को भी दिल्ली ले जाने के बाद रुपये दिए गए थे। कोलकाता में कमरा भी दिलाया गया था। गिरोह के सदस्य उनके धर्मांतरण और निकाह से संबंधित कागजात भी तैयार करा रहे थे।   3- धर्मांतरण होने के बाद युवतियों को बुर्के में रखा जाता था। उनसे पांच बार की नमाज अदा कराई जाती थी। इस दाैरान उन्हें धार्मिक पुस्तकें भी पढ़वाई जाती थी, जिससे वो अपनी आस्था को कम नहीं कर सकें। सदर की एक युवती को इतना प्रभावित किया गया था वह मुजाहिद बनने के लिए भी तैयार हो गई थी। वह हथियार हाथ में लेना चाहती थी। सारे दस्तावेज बनने के बाद अगर, कोई वापस भी जाना चाहता है, तो वह नहीं जा सकता। खासकर युवतियों का घर वापसी करना आसान नहीं होता है। 4- धर्मांतरण और निकाह होने के बाद युवतियों को धोखा मिलता था। उन्हें अपना तो लिया जाता था लेकिन अपनों जैसा व्यवहार नहीं होता था। धर्मांतरण से पहले आवास और धन दिया जाता था, मगर हर तरफ से जाल में फंसने के बाद ऐसा कुछ नहीं होता था। ऐसे में निकाह करने वाली युवतियां का वापस जा पाना भी आसान नहीं होता था। वह गिरोह से जुड़ी होने के कारण पुलिस से भी मदद नहीं मांग पाती थीं।  

इंदौर की छात्राओं को बनाया जा रहा धर्मांतरण का टारगेट, ब्राह्मण युवती का शोषण और धर्मांतरण की कोशिश

इंदौर   इंदौर, जिसे मिनी मुंबई के नाम से जाना जाता है. इसी शहर में एक ब्राह्मण युवती के साथ धर्मांतरण और दुष्कर्म का गंभीर मामला सामने आया है. पीड़िता ने सुल्तान रोशन नागोरी पर संगीन आरोप लगाए हैं, जिसमें शारीरिक शोषण, धर्म परिवर्तन का दबाव, और अश्लील फोटो-वीडियो के जरिए ब्लैकमेलिंग शामिल है. लसुड़िया पुलिस ने शिकायत के आधार पर सुल्तान के खिलाफ धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम और दुष्कर्म सहित कई धाराओं में केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है.पीड़िता ने कहा कि सुल्तान ने उसके ऊपर जादू-टोना भी करवाया ताकि वह उसके प्रभाव में आ जाए. युवती ने आरोप लगाया कि इंदौर में मुस्लिम युवक खासकर कोचिंग में पढ़ने वाली हिंदू लड़कियों को टारगेट करते हैं. उसने बताया कि लगभग 10 हजार हिंदू लड़कियां मुस्लिम लड़कों के निशाने पर हैं. कॉल सेंटर और टेलीपरफॉर्मेंस के कार्यस्थलों पर भी धर्मांतरण के लिए स्लीपर सेल सक्रिय हैं. युवती ने कहा कि हिंदू लड़कियों को मुसलमान लड़कों की टीम में रखा जाता है, जहां उन्हें बताया जाता है कि “अल्लाह ने तुम्हें हमारे लिए बनाया है.” इसके बाद उन्हें खाने में नशा देकर शारीरिक शोषण किया जाता है. नशा देकर शारीरिक शोषण पीड़िता ने बताया कि सुल्तान ने 2018 से उसके साथ शारीरिक शोषण शुरू कर दिया था. उसने धमकी दी कि अगर उसने धर्म परिवर्तन नहीं किया तो उसके अश्लील फोटो और वीडियो वायरल कर देगा. होटल में शारीरिक संबंध के दौरान सुल्तान ने कई फोटो और वीडियो बनाए, जिससे दबाव बनाकर वह युवती को मुसलमान बनने के लिए मजबूर करता रहा. इस कारण पीड़िता 2019 में पंजाब चली गई और वहां नौकरी करने लगी.हालांकि, 2020 में सुल्तान की शादी के बाद, मार्च 2025 में युवती इंदौर लौटी और टेली परफॉर्मेंस में नौकरी शुरू की, लेकिन 6 जून 2025 को सुल्तान ने फिर से उससे संपर्क किया और पुराने फोटो-वीडियो वायरल करने की धमकी देकर शारीरिक संबंध बनाए पीड़िता ने हिम्मत दिखाते हुए लसुड़िया थाने में शिकायत दर्ज की. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सुल्तान को हिरासत में लिया. इस मामले ने शहर में सनसनी फैला दी है, और जांच में स्लीपर सेल्स और धर्मांतरण के कथित नेटवर्क की गहराई तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है.

‘शिव वर्मा’ के नाम पर छल: असल में निकला कासिम पठान, लव जिहाद का चौंकाने वाला मामला

शाहजहांपुर  उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में एक मुस्लिम युवक पर गंभीर आरोप लगे हैं. उसके खिलाफ हिंदू युवती ने धर्मांतरण के लिए दबाव डालने का आरोप लगाया है. आरोपी ने हिंदू युवक के नाम से सोशल मीडिया पर आईडी बनाई थी. इस आईडी के जरिए उसने पीड़िता से नजदीकी बढ़ाई. फिर शादी का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म किया और काफी टाइम तक ब्लैकमेल करता रहा. जब धर्म परिवर्तन का दबाव बढ़ने लगा तो युवती ने पुलिस से शिकायत की.   पीड़िता की शिकायत पर शाहजहांपुर कोतवाली पुलिस हरकत में आई. वहीं, हिंदू युवा वाहिनी के कार्यकर्ताओं ने भी कोतवाली का घेराव किया. जिसके बाद पुलिस ने पीड़िता की तहरीर पर आरोपी युवक समेत 6 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया. मुख्य आरोपी को गिरफ्तार भी कर लिया गया है. साथ ही पीड़िता को मेडिकल के लिए भेजा गया है.  दरअसल, बीते दिन कोतवाली क्षेत्र कि रहने वाली एक हिंदू युवती ने आरोप लगाया कि नावेद उर्फ कासिम पठान ने शिव वर्मा नाम से फेसबुक और इंस्टाग्राम पर आईडी बनाकर उसको मैसेज किए. बात बढ़ी तो माथे पर टीका और हाथ में कलावा बांधकर उससे मिलने आया. इसके बाद उसने युवती को एक किराए के कमरे पर बुलाकर उसके साथ दुष्कर्म किया. यहां तक कि उसने हिडेन कैमरे से उसका वीडियो भी बना लिया.काफी टाइम तक वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उसका यौन शोषण करता रहा. साथ ही धर्म परिवर्तन का दबाव भी बनाता था.   कोतवाली के बाहर प्रोटेस्ट करते हिंदूवादी संगठन के लोग पीड़ित युवती का आरोप है कि एक दिन जब उसने नावेद उर्फ कासिम पठान का मोबाइल देखा तो दंग रह गई. मोबाइल में कई और लड़कियों के वीडियोज थे. उसे पता चला कि यह लोग एक संगठित गिरोह चलाते हैं, जिनका मकसद ही दूसरे धर्म की लड़कियों को फंसाना होता है. इस काम में नावेद का भाई कैफ और दोस्त अकील भी शामिल है.  फिलहाल, घटना से हिंदूवादी संगठनों में भारी आक्रोश है. उन्होंने कोतवाली में धरना दिया और आरोपियों पर सख्त एक्शन की मांग की. पुलिस ने तहरीर मिलने पर नावेद उर्फ कासिम पठान, भाई कैफ, पिता असलम खां, मां उजमा और दोस्त अकील के खिलाफ गैंग रेप और धर्म परिवर्तन सहित गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है. साथ ही मुख्य आरोपी नावेद को गिरफ्तार कर लिया है.  मामले में हिंदू युवा वाहिनी के नेता अभिषेक तिवारी ने कहा कि शाहजहांपुर में लव जिहाद का मामला सामने आया है. युवक कासिम पठान माथे पर तिलक और हाथ पर कलावा धारण करता था. इसने शिव वर्मा नाम से फेसबुक आईडी बनाकर हिंदू युवती के साथ गलत काम किया. जब युवती ने शादी के लिए कहा तो उसने नमाज पढ़कर धर्म परिवर्तन करने का दबाव बनाया. इसके मोबाइल से और भी हिंदू लड़कियों के अश्लील फोटो/वीडियो मिले हैं. पुलिस इसपर कड़ी कार्रवाई करे.