samacharsecretary.com

जांच में तेजी: CBI कोर्ट से मांगेगी समर्थ की रिमांड, पहले दिन कई अहम सवाल-जवाब

 भोपाल नोएडा की त्विषा शर्मा की भोपाल स्थित ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले की जांच अब केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने शुरू कर दी है। मंगलवार को जांच के पहले ही दिन एजेंसी ने मामले से जुड़े प्रमुख लोगों से पूछताछ कर घटनास्थल का निरीक्षण किया। पहले ही दिन रिटायर्ड जज सास से करीब आधे घंटे पूछताछ सीबीआइ की टीम सबसे पहले उस घर में पहुंची, जहां त्विषा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। यहां अधिकारियों ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और त्विषा की सास रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह से करीब आधे घंटे पूछताछ की। सूत्रों के अनुसार, सीबीआइ के अधिकारियों ने गिरिबाला सिंह से त्विषा और उनके पति समर्थ सिंह के वैवाहिक संबंधों, परिवार के माहौल और घटना से पहले की परिस्थितियों को लेकर कई सवाल किए।  

फिटनेस नियमों की अनदेखी पड़ी भारी, इंदौर में 2 बसों की फिटनेस निरस्त

इंदौर शहर में लोक परिवहन व्यवस्था को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए जिला प्रशासन और आरटीओ द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। गुरुवार को भी सड़क पर दौड़ रही खतरनाक बसों पर सख्ती करते हुए कार्रवाई की गई। परमिट शर्तों का उल्लंघन पाए जाने पर 11 बसों को जब्त किया गया। वहीं दो बसों के फिटनेस निरस्त किए गए। जिला प्रशासन और आरटीओ द्वारा गुरुवार को तीन इमली चौराहा और राजकुमार ब्रिज के नीचे यात्री बसों की विशेष जांच अभियान चलाया गया। सुरक्षा उपकरणों की सूक्ष्म जांच और नियमों की अनदेखी जांच के दौरान बसों में सुरक्षा और परिवहन नियमों से जुड़े विभिन्न बिंदुओं की सूक्ष्मता से जांच की गई। अधिकारियों ने इमरजेंसी एग्जिट, फायर सेफ्टी सिस्टम, आपातकालीन निकास व्यवस्था, पैनिक बटन, जीपीएस, स्पीड गवर्नर और प्रेशर हार्न की स्थिति देखी। साथ ही बसों की निर्धारित बैठक क्षमता से अधिक सवारियां बैठाने, ओवरलोडिंग और अधिक किराया वसूली की भी जांच की गई। बसों के पंजीयन प्रमाण पत्र, बीमा, फिटनेस प्रमाण पत्र, परमिट और पीयूसी दस्तावेजों की भी पड़ताल की गई। खराब सुरक्षा उपकरण और अवैध पार्किंग पर कार्रवाई आरटीओ प्रदीप शर्मा ने बताया कि जांच में 13 यात्री बसों पर कार्रवाई की गई। इसमें कुछ बसों में फायर सेफ्टी उपकरण खराब पाए गए, कई बसों के इमरजेंसी एग्जिट बंद मिले और मेडिकल किट भी उपलब्ध नहीं थी। इसके अलावा कई बसें अवैध पार्किंग में खड़ी पाई गईं। संयुक्त कार्रवाई के दौरान एसडीएम ओमनारायण सिंह बड़कुल, एआरटीओ राजेश गुप्ता मौजूद रहे। भारी जुर्माना और बस स्टाफ को कड़ी समझाइश जांच के दौरान आठ बसों से 80 हजार जुर्माना वसूला गया। वहीं अन्य 3 बसों से डेढ़ लाख रुपये जुर्माना प्रस्तावित किया गया। अधिकारियों ने बस चालक-परिचालकों को समझाइश भी दी कि वे बसों में किसी प्रकार का ज्वलनशील पदार्थ परिवहन न करें और यात्रियों को आपातकालीन स्थिति में बचाव संबंधी जानकारी दें।  

व्यापार में निवेश के नाम पर धोखाधड़ी करने वाला आरोपी गिरफ्तार

भोपाल मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेश में वित्तीय अपराधों एवं आमजन से धोखाधड़ी करने वाले अपराधियों के विरुद्ध लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में कटनी जिले की एनकेजे थाना पुलिस को व्यापार में निवेश के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार करने में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई है। कार्रवाही के दौरान पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 36 लाख 30 हजार रुपये नगद एवं घटना में प्रयुक्त एक लग्जरी वाहन सहित 76 लाख रुपए से अधिक की संपत्ति जब्त की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार फरियादी से आरोपी द्वारा स्वयं को रेलवे का कॉन्ट्रेक्टर बताते हुए रेलवे से संबंधित कार्य में निवेश कराने का झांसा दिया गया। आरोपी ने योजनाबद्ध तरीके से विश्वास में लेकर रेलवे ठेका दिलाने एवं उसमें लाभ दिलाने का प्रलोभन दिया तथा छलपूर्वक 36 लाख 30 हजार रुपये की राशि प्राप्त कर ली। बाद में फरियादी को अपने साथ हुई धोखाधड़ी का एहसास होने पर थाना एनकेजे में शिकायत दर्ज कराई गई। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस द्वारा तत्काल अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई। तकनीकी साक्ष्यों, साइबर इनपुट एवं सतत निगरानी के आधार पर पुलिस टीम द्वारा आरोपी की लोकेशन ट्रेस की गई। इसके पश्चात जिला पन्ना क्षेत्र में घेराबंदी कर आरोपी को हिरासत में लिया गया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने धोखाधड़ी की घटना को अंजाम देना स्वीकार किया। पुलिस द्वारा की गई यह कार्रवाई प्रदेश में वित्तीय अपराधों के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति को दर्शाती है।

1.41 करोड़ की साइबर ठगी मामले में गाजियाबाद के दो सगे भाई गिरफ्तार, खाते में पहुंचे थे 10.5 लाख

ग्वालियर ग्वालियर के कारोबारी दुर्गाशंकर नागर से क्रिप्टो ट्रेडिंग के नाम पर हुई 1.41 करोड़ रुपये की साइबर ठगी में पुलिस ने गाजियाबाद के दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया है। दोनों भाई दवा का थोक कारोबार करते हैं और इन्हीं की फर्म के खाते में ठगी के 10.50 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए थे। क्या है मामला पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी अग्रिम जमानत के लिए ग्वालियर में वकील से मिलने आए थे, इसी दौरान क्राइम ब्रांच ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में सामने आया कि 10 प्रतिशत कमीशन के लालच में उन्होंने अपनी फर्म के खाते में यह रकम मंगवाई थी। किस्तों में 1.41 करोड़ रुपये ठग लिए मुरार क्षेत्र निवासी 70 वर्षीय कारोबारी दुर्गाशंकर नागर को फेसबुक पर एक अनजान युवती की फ्रेंड रिक्वेस्ट आई थी। ठग ने खुद को इंग्लैंड की युवती बताकर बातचीत शुरू की और फिर क्रिप्टो ट्रेडिंग में निवेश का झांसा देकर अलग-अलग किस्तों में 1.41 करोड़ रुपये ठग लिए। इस मामले में क्राइम ब्रांच थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी। जांच के दौरान पहली लेयर में 10.50 लाख रुपये गाजियाबाद स्थित महादेव फार्मा एंड सर्जिकल के एक्सिस बैंक खाते में ट्रांसफर होने की जानकारी मिली। यह फर्म उत्तर प्रदेश के हापुड़ निवासी सगे भाई आदित्य शर्मा और प्रियांशु शर्मा संचालित करते हैं। जैसे ही आरोपितों को पता चला कि साइबर क्राइम विंग उनकी तलाश कर रही है, वे भूमिगत हो गए। पुलिस लगातार उनकी लोकेशन ट्रेस कर रही थी। इसी दौरान वे ग्वालियर पहुंचे, जहां उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपितों के पास से 59 हजार रुपये बरामद किए गए हैं। थाने में रोकर बोले- पता नहीं था साइबर ठगी का पैसा है पूछताछ के दौरान दोनों भाई रोने लगे और बताया कि उन्हें यह नहीं पता था कि यह साइबर ठगी का पैसा है। उन्हें कहा गया था कि बड़ी रकम व्यापार के लिए ट्रांसफर की जा रही है और इसके बदले 10 प्रतिशत कमीशन मिलेगा। ऑनलाइन गेम के कर्ज में फंसे जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों आरोपी ऑनलाइन गेम खेलते थे और इसी में कर्ज में डूब गए थे। कर्ज चुकाने के लिए उन्होंने कमीशन के लालच में अपने खाते का इस्तेमाल किया।

विगत 07 दिवस में प्रदेशभर से 1 करोड़ 38 लाख रुपए से अधिक मूल्य के मादक पदार्थ, वाहन एवं अन्य सामग्री जप्त

भोपाल मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेशभर में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी, भंडारण एवं बिक्री के विरुद्ध लगातार कार्यवाहियां की जा रही हैं। इसी कार्यवाही के दौरान पुलिस टीमों ने  विगत 07 दिनों में विभिन्न जिलों में अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही करते हुए 1 करोड़ 38 लाख रुपए से अधिक के मादक पदार्थ, वाहन, नकदी एवं अन्य सामग्री जप्त की है। कई अंतर्राज्यीय तस्करों को गिरफ्तार कर एनडीपीएस एक्ट के तहत वैधानिक कार्यवाही भी की गई। रीवा थाना सिविल लाइन पुलिस ने 749 शीशी कोडीन युक्त कफ सिरप (कीमत 1 लाख 50 हजार 549 रुपए) तथा तस्करी में प्रयुक्त बलेनो वाहन (कीमत लगभग 7 लाख रुपए ) सहित लगभग 8 लाख 50 हजार 549 रुपए की संपत्ति जब्त की है।   वहीं थाना बिछिया पुलिस ने 06 आरोपियों को गिरफ्तार कर 28.930 किलोग्राम अवैध गांजा (कीमत 4 लाख 20 हजार), परिवहन में प्रयुक्त कार (20 लाख रुपए), 08 मोबाइल (80 हजार रुपए) एवं नग़द 73 हजार 50 रुपए जब्त किए है। इस प्रकार दोनों कार्यवाही में पुलिस ने लगभग 34 लाख 23 हजार 599 रुपए की संपत्ति जब्त की है। राजगढ़ जीरापुर पुलिस ने “ऑपरेशन शुद्धि” के तहत 298 ग्राम स्मैक एवं 5.496 किलोग्राम कैमिकल पाउडर (टांका) जप्त कर  लगभग 35 लाख रुपए की संपत्ति जब्त की है। नीमच थाना नीमच पुलिस ने 150 ग्राम एमडी (कीमत 15 लाख रुपए) एवं 06 किलोग्राम पीसा हुआ डोडाचुरा (कीमत 90 हजार रुपए) जप्त कर 03 आरोपियों को गिरफ्तार किया। साथ ही परिवहन में प्रयुक्त 01 पल्सर मोटरसाइकिल भी जप्त की है। वहीं थाना रतनगढ़ एवं चौकी सरवानिया महाराज पुलिस ने लगभग 23 लाख रुपए का  153 किलो 500 ग्राम अवैध डोडाचुरा  जप्त कर 04 आरोपियों को गिरफ्तार किया। बालाघाट पुलिस ने अंतर्राज्यीय गांजा तस्करी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 09 आरोपियों को गिरफ्तार किया।आरोपियों के कब्जे से 23.140 किलोग्राम गांजा, तस्करी में प्रयुक्त वाहन, 02 बाइक, 10 मोबाइल सहित लगभग 12 लाख 30 हजार रुपए की संपत्ति जब्त की है। मंदसौर थाना नारायणगढ़ पुलिस ने अंतर्राज्यीय तस्कर के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए आरोपी की महिन्द्रा कार से 156.5 किलोग्राम डोडाचुरा जप्त किया, जिसकी अनुमानित कीमत 2 लाख 34 हजार 750 रुपए है। वहीं थाना पिपलियामंडी पुलिस ने 01 अंतर्राज्यीय तस्कर को 20.720 किलोग्राम अवैध डोडाचुरा (कीमत 41 हजार रुपए) सहित गिरफ्तार किया। इसी प्रकार एक अन्य कार्यवाही में थाना नाहरगढ पुलिस ने 500 ग्राम एम.डी.,  05  किलोग्राम अवैध मादक पदार्थ डोडाचुरा एवं  एक्सेस सुजुकी स्कुटर सहित लगभग  10 लाख रुपए की संपत्ति जब्त की है। इस प्रकार तीनों कार्यवाही में पुलिस ने लगभग 12 लाख 75 हजार 750 रुपए की संपत्ति जब्त की है। शिवपुरी थाना देहात पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए 20.45 ग्राम स्मैक के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार कर लगभग 4 लाख रुपए की संपत्ति जब्त की है।   शहडोल जैतपुर पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए 04 किलो 28 ग्राम गांजा के साथ 03 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जब्त की गई संपत्ति की कुल कीमत 31 हजार रुपए है। बैतूल कोतवाली पुलिस ने नशे के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करते हुए 30 हजार रुपए कीमत की ब्राउन शुगर जप्त कर 02 तस्करों को गिरफ्तार किया। उज्जैन थाना नीलगंगा पुलिस ने 25 ग्राम अवैध एम.डी. ड्रग्स के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार कर 50 हजार रुपए की संपत्ति जब्त की। वही थाना बिरलाग्राम पुलिस ने अवैध मादक पदार्थ गांजा के साथ 02 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके  कब्जे से 1 किलो 221 ग्राम अवैध गांजा, जिसकी कीमत लगभग 15 हजार रुपए है। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा मादक पदार्थों के विरुद्ध इस प्रकार की सख्त कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। आमजन से अपील है कि नशे से दूर रहें एवं किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।  

जंगलों पर माफिया का वार नाकाम: बुरहानपुर में सलाई गोंद की बड़ी खेप पकड़ी गई

बुरहानपुर वन विभाग की टीम ने रविवार को वन परिक्षेत्र खकनार के बोरखेड़ा से करीब साढ़े आठ क्विंटल सलाई गोंद जब्त की है। यह गोंद पिकअप वाहन क्रमांक एमपी 09 जीएच 3170 के माध्यम से ले जाई जा रही थी। वन विभाग की टीम ने जब वाहन रोककर इसकी जांच की तो उसमें गोंद भरी पाई गई, जिसके बाद गोंद और वाहन को जब्त कर लिया गया। चालक के खिलाफ वन अपराध का प्रकरण दर्ज किया जा रहा है। पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है ज्ञात हो कि जिले के जंगलों से सलाई व धावड़ा सहित अन्य पेड़ों से गोंद की निकासी पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है। इसके बावजूद गोंद माफिया लगातार सक्रिय हैं और जंगलों से अवैध रूप से गोंद निकाल रहे हैं। बीते माह प्रतिबंध के बावजूद गोंद माफिया द्वारा पेड़ों को खोखला करने संबंधी खबर प्रमुखता से सामने आई थी। इसके बाद वन विभाग ने निगरानी बढ़ाई और लगातार कार्रवाई करते हुए गोंद की बड़ी खेपें पकड़ना शुरू किया है। सीसीएफ और वन विभाग की टीम की संयुक्त कार्रवाई दो दिन पहले खंडवा सीसीएफ और बुरहानपुर वन विभाग की टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए धूलकोट रेंज से 780 किलो गोंद जब्त किया था। इसके अलावा शाहपुर क्षेत्र से एक बाइक भी जब्त की गई थी। उल्लेखनीय है कि एक जनहित याचिका पर निर्णय सुनाते हुए हाईकोर्ट ने गोंद निकासी पर प्रतिबंध लगाया है। इसके चलते वन विभाग ने पूर्व में जारी किए गए गोंद निकासी के सभी लाइसेंस रद्द कर दिए हैं

लापरवाही पड़ी भारी! जल जीवन मिशन में गड़बड़ी पर 26 इंजीनियरों पर गिरी गाज

लखनऊ प्रदेश के हर ग्रामीण घर तक नल से जल पहुंचाने के लिए मिशन मोड में कार्य कर रहे ग्रामीण जलापूर्ति विभाग ने काम में लापरवाही बरतने वाले इंजीनियरों-कर्मचारियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। जल जीवन मिशन परियोजना के कार्यों में लेटलतीफी, लापरवाही करने वाले 26 इंजीनियरों पर निलंबन, विभागीय कार्रवाई, कारण बताओ नोटिस जैसी कार्रवाइयों की गाज गिरी है। नमामि गंगे विभाग के अपर मुख्य सचिव अनुराग श्रीवास्तव ने अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता, और जूनियर इंजीनियर रैंक के 12 इंजीनियरों को निलंबित कर दिया है।  वहीं, चार अधिशासी अभियंताओं के खिलाफ विभागीय अनुशासनिक जांच कराने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा परियोजना के कार्यों में धीमी प्रगति को लेकर तीन अधिशासी अभियंताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। साथ ही विभिन्न योजनाओं से शिकायत मिलने के बाद सात इंजीनियरों का तबादला कर दिया गया है। हाल के दिनों में लेटलतीफी के मामले में जल निगम कर्मियों के खिलाफ यह सबसे बड़ी कार्रवाई है। नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग के अपर मुख्य सचिव अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व में राज्य सरकार हर ग्रामीण घर तक नल से जल पहुंचाने के लिए मिशन मोड पर काम कर रही है। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अगर कर्मचारी अपनी कार्यशैली में सुधार नहीं करते हैं, तो बर्खास्तगी का भी एक्शन लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार जनहित से जुड़े कार्यों में पूर्ण पारदर्शिता एवं उत्तरवायित्व सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। किसी भी स्तर पर लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। जल निगम ग्रामीण विभाग ने जिन कर्मचारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की है, उसमें लखीमपुर खीरी के अधिशासी अभियंता अविनाश गुप्ता, जौनपुर के अधिशासी अभियंता सौमित्र श्रीवास्तव, गाजीपुर के अधिशासी अभियंता मो. कासिम हाशमी, चंदौली के कार्यवाहक अधिशासी अभियंता अमित राजपूत, चंदौली के सहायक अभियंता सीताराम यादव, बिजनौर के सहायक अभियंता अकबर हसन, औरैया के जूनियर इंजीनियर अनुराग गोयल, हाथरस के कुलदीप कुमार सिंह, आजमगढ़ के राजेन्द्र कुमार यादव, बरेली के रूप चन्द्र, बाराबंकी के जूनियर इंजीनियर अवनीश प्रताप सिंह और कुशीनगर के कार्यवाहक खंडीय लेखाकार धर्मप्रकाश महेश्वरी शामिल हैं। जल निगम ग्रामीण विभाग ने चार इंजिनियरों के खिलाफ विभागीय अनुशासनिक जांच के आदेश दिए हैं। इसमें औरैया के अधिशासी अभियंता अमन यादव, मैनपुरी के अधिशासी अभियंता अंकित यादव, प्रयागराज के अधिशासी अभियंता प्रवीण कुट्टी, और शामली के कार्यवाहक अधिशासी अभियंता फूल सिंह यादव शामिल हैं। इसके अलावा, तीन गाजियाबाद के अधिशासी अभियंता भारत भूषण, आगरा में तैनात अमित कुमार और मीरजापुर में तैनात राजेश कुमार गुप्ता को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। सहायक अभियंता विपिन कुमार वर्मा को प्रतापगढ़ से चंदौली स्थानांतरित कर दिया गया है। रामपुर में तैनात मो. असजद को रामपुर से चंदौली, प्रदीप कुमार मिश्रा को बाराबंकी से बिजनौर, उदयराज गुप्ता को चंदौली से रामपुर, अमित कुमार को शामली से बाराबंकी, चन्द्र बोध त्यागी को मैनपुरी से आजमगढ, और जूनियर इंजीनियर अजय कुमार को कौशांबी से आजमगढ़ स्थानांतरित कर दिया गया है।

लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई: घूस लेते महिला सुपरवाइजर ट्रैप

खंडवा, खालवा विकासखंड मुख्यालय खालवा में महिला एवं बाल विकास विभाग की एक संविदा पर्यवेक्षक को लोकायुक्त की टीम ने पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोप है कि पर्यवेक्षक ने पहले सहायिका पद पर नियुक्ति के लिए पांच हजार रुपये और बाद में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के पद पर पदस्थापना के लिए दो लाख रुपये की मांग की थी। शिकायतकर्ता 27 वर्षीय सलिता पालवी निवासी ग्राम मोजवाड़ी वर्तमान में आंगनवाड़ी केंद्र क्रमांक-एक मोजवाड़ी में सहायिका के पद पर पदस्थ हैं। उनकी नियुक्ति अक्टूबर 2025 में हुई थी। मोजवाड़ी स्थित आंगनवाड़ी केंद्र-3 में कार्यकर्ता का पद रिक्त होने पर उन्होंने नियमानुसार महिला एवं बाल विकास विभाग, खालवा में आवेदन प्रस्तुत किया था। नियुक्ति दिलाने पांच, पदास्थापना के लिए दो लाख मांगे आरोप है कि महिला एवं बाल विकास परियोजना खालवा के सेक्टर सांवलीखेड़ा की संविदा पर्यवेक्षक 55 वर्षीय अंजिला मोहे निवासी ग्राम मलगांव ने आवेदिका से पहले सहायिका पद पर नियुक्ति दिलाने के नाम पर पांच हजार रुपये तथा कार्यकर्ता पद पर पदस्थापना के लिए दो लाख रुपए की मांग की। इस प्रकार कुल दो लाख पांच हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई थी। शिकायत के बाद बिछाया जाल पीड़िता ने मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक, विशेष पुलिस स्थापना (लोकायुक्त) इंदौर विशेष पुलिस स्थापना (लोकायुक्त) इंदौर राजेश सहाय से की। शिकायत का सत्यापन सही पाए जाने पर ट्रैप दल का गठन किया गया। योजनाबद्ध कार्रवाई के तहत लोकायुक्त टीम ने गुरुवार को आरोपित अंजिला मोहे को आवेदिका से पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। मामले की जांच जारी आरोपित के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 की धारा 7 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। कार्रवाई के दौरान लोकायुक्त इंस्पेक्टर प्रतिभा तोमर, आशुतोष मिठास सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे। लोकायुक्त की इस कार्रवाई के बाद महिला एवं बाल विकास विभाग में हड़कंप की स्थिति है। मामले की आगे की जांच जारी है। रुपये लेते हुए ऐसे हुई ट्रैप फरियादिया सलिता पालवी ने बताया कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं पर्यवेक्षकों का जनपद पंचायत खालवा सभाकक्ष में प्रशिक्षण चल रहा था। इसी दौरान मैडम ने परियोजना कार्यालय में बुलाया। पूर्व से नियत योजना के तहत लोकायुक्त अधिकारियों ने तैयारी करके रखी थी, जैसे ही परियोजना आफिस में रिश्वत की राशि मैडम को दी, अधिकारियों में पकड़ लिया।