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दुर्गम पहाड़ी एवं जंगल क्षेत्रों में ड्रोन और पैदल सर्चिंग कर 27 क्विंटल से अधिक अवैध गांजे की फसल जब्त

भोपाल मध्यप्रदेश में अवैध मादक पदार्थों की खेती, तस्करी एवं परिवहन के विरुद्ध प्रदेश में लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में बड़वानी जिले में अवैध गांजे की खेती के विरुद्ध “ऑपरेशन ग्रीन स्ट्राइक” के तहत अब तक की बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया है। कार्रवाई में 27 क्विंटल से अधिक गांजे के पौधे बरामद किए गए। जब्त मादक पदार्थ की अनुमानित कीमत 01 करोड़ 15 लाख रुपये से अधिक आंकी गई है। यह कार्यवाही पुलिस महानिरीक्षक, ग्रामीण जोन इंदौर, पुलिस उप महानिरीक्षक, निमाड़ रेंज खरगोन तथा पुलिस अधीक्षक बड़वानी के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं अनुविभागीय अधिकारी पुलिस सेंधवा के नेतृत्व में बड़वानी, खरगोन एवं खंडवा जिलों के 400 से अधिक पुलिसकर्मियों की 12 टीमों द्वारा की गई। थाना वरला क्षेत्र के दुर्गम पहाड़ी एवं जंगल इलाकों में अवैध रूप से की जा रही गांजे की खेती के विरुद्ध विशेष अभियान संचालित किया गया। टीमों द्वारा थाना वरला क्षेत्र के 19 गांवों में एक साथ सघन सर्चिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान ड्रोन तकनीक की सहायता लेने के साथ ही पुलिस टीमों ने दुर्गम पहाड़ी एवं जंगल क्षेत्रों में पैदल पहुंचकर संदिग्ध स्थानों की गहन तलाशी ली। अभियान के दौरान ग्राम डोकलियापानी, धवलियागीर, बागदरी, टाकियापानी एवं आड़नदी के दूरस्थ पहाड़ी एवं जंगल क्षेत्रों में अवैध गांजे की खेती किए जाने वाले 5 खेतों का पता लगाकर कार्रवाई की गई, जिनमें 26 हजार से अधिक गांजे के पौधे जब्त किए गए, जिनका कुल वजन 27 क्विंटल से अधिक तथा अनुमानित कीमत 1 करोड़ 15 लाख से अधिक है। पुलिस द्वारा जब्त किए गए खेत वन भूमि पर स्थित पाए गए हैं। इस संबंध में वन विभाग से संबंधित पट्टाधारियों/कब्जाधारियों की जानकारी प्राप्त की जा रही है। प्राप्त जानकारी के आधार पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा अवैध मादक पदार्थों की खेती एवं तस्करी के नेटवर्क के विरुद्ध अभियान को निरंतर प्रभावी बनाया जा रहा है। दुर्गम एवं वन क्षेत्रों में ड्रोन तकनीक, आधुनिक संसाधनों तथा विभिन्न जिलों के पुलिस बल के समन्वित उपयोग से ऐसी गतिविधियों की पहचान कर उनके विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।  

काम नहीं करने वाले ठेकेदारों पर लोक निर्माण विभाग की बड़ी कार्रवाई, 6 ठेकेदार ब्लैकलिस्टेड

रायपुर  लोक निर्माण विभाग ने सड़कों और पुलों के निर्माण कार्यों में अत्यंत धीमी प्रगति और कार्य पूर्ण करने में रूचि नहीं लेने वाले 6 ठेकेदारों पर कड़ी कार्रवाई की है। विभाग द्वारा अनुबंध के अनुसार कार्य नहीं होने पर बार-बार नोटिस जारी करने, अनुबंध अवधि बढ़ाने, ठेकेदारों द्वारा स्वयं शपथ पत्र देने के बावजूद काम नहीं करने तथा कार्य पूर्ण करने में रूचि नहीं लेने वाले ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट कर उनके पंजीयन के नवीनीकरण पर रोक लगा दी है। दो ठेकेदारों के पंजीयन भी निरस्त किए गए हैं।  राज्य शासन ने बस्तर की महत्वाकांक्षी सड़कों के निर्माण की धीमी गति और विलंब को देखते हुए व्यापक समीक्षा के बाद वहां निर्माणाधीन कार्यों को पूरा करने में रूचि नहीं दिखाने वाले ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई की है। ये ठेकेदार बार-बार नोटिस जारी करने तथा स्वयं शपथ पत्र देने के बावजूद काम नहीं कर रहे थे। इनके द्वारा निर्माणाधीन सड़कों और पुलों को पूर्ण करने में रूचि नहीं ली जा रही थे। राज्य शासन ने इन कार्रवाईयों को लेकर बिलासपुर उच्च न्यायालय में कैविएट भी दायर की है। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता कार्यालय द्वारा सड़कों और पुलों के निर्माण में कोताही, लापरवाही और अनुबंधों के उल्लंघन पर ठेकेदार  के. मोहन रेड्डी, मेसर्स शांति विजय कन्सट्रक्शन, मेसर्स ट्रांसाफ्ट इंफ्रा., मेसर्स राघवा कन्सट्रक्शन, मेसर्स बालाजी इन्फ्रास्ट्रक्चर और मेसर्स पंकज हालदार के पंजीयन अ-नवीनीकरण (Non-Renewal) के आदेश जारी किए गए हैं। विभाग ने सार्वजनिक आवागमन और जनसुविधा के कार्यों में हीला-हवाला को गंभीरता से लेते हुए ठेकेदार  के. मोहन रेड्डी और मेसर्स ट्रांसाफ्ट इंफ्रा. के पंजीयन को भी निरस्त कर दिया है।  लोक निर्माण विभाग ने सुकमा जिले में चिंतलनार-मरियागुड़म मार्ग और कोंटा-गोलापल्ली मार्ग का काम कर रहे मेसर्स राघवा कंस्ट्रक्शन के पंजीयन को आगामी 5 वर्षों तक अ-नवीनीकरण की कार्रवाई की है। नारायणपुर जिले में नारायणपुर-सोनपुर-मरोड़ा का निर्माण कर रहे मेसर्स शांति विजय कन्सट्रक्शन के पंजीयन के नवीनीकरण पर भी आगामी 5 वर्षों तक रोक लगाई गई है। विभाग द्वारा चिंतलनार-मरियागुड़म मार्ग का काम कर रहे मेसर्स ट्रांसाफ्ट इंफ्रा. के पंजीयन को निरस्त करते हुए आदेश दिनांक से आगामी 5 वर्षों तक अनवीनीकरण के आदेश जारी किए गए हैं।    लोक निर्माण विभाग ने सुकमा जिले में भेज्जी-चिंतागुफा मार्ग और चिंतलनार-मरियागुड़म सड़क का निर्माण कर रहे ठेकेदार  के. मोहन रेड्डी के पंजीयन को निरस्त करते हुए आदेश दिनांक से आगामी 5 वर्षों तक अनवीनीकरण के आदेश जारी किए हैं। विभाग ने कोंटा-गोलापल्ली मार्ग का काम कर रहे मेसर्स बालाजी इन्फ्रास्ट्रक्चर के पंजीयन को आगामी 2 वर्षों तक अ-नवीनीकरण की कार्रवाई की है। वहीं नारायणपुर-सोनपुर-मरोड़ा मार्ग पर पुल-पुलिया का निर्माण कर रहे मेसर्स पंकज हालदार के पंजीयन को भी आगामी 5 वर्षों तक नवीनीकरण पर रोक लगाई गई है।  

बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई: हर्षवर्धन दीक्षित की संपत्तियों पर चला राजस्व विभाग का डंडा, दुकानें कुर्क

भोपाल   राजधानी के रासलाखेड़ी स्थित आरआरबी रीगल प्रोजेक्ट, शुभ बिजनेस जोन  के खिलाफ जिला राजस्व प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कई दुकानों को कुर्क कर सील कर दिया। यह कार्रवाई नायब तहसीलदार एवं कार्यपालिक मजिस्ट्रेट वृत्त-गोविंदपुरा के आदेश पर पुलिस बल की मौजूदगी में की गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रोजेक्ट संचालक एवं बिल्डर हर्षवर्धन दीक्षित पर खरीदारों से दुकान एवं व्यावसायिक संपत्तियों के नाम पर करोड़ों  रुपये लेने के बावजूद समय पर कब्जा (पजेशन) नहीं देने के आरोप हैं। मामले में पीड़ित पक्ष द्वारा रेरा न्यायालय का दरवाजा खटखटाया गया था। न्यायालय द्वारा पारित आदेश के पालन में राजस्व प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए ग्राउंड फ्लोर की दुकान क्रमांक 3, 4, 5, 16, 17 तथा प्रथम तल की दुकान क्रमांक 43, 44 एवं 45 को कुर्क कर दिया। दस्तावेजों के अनुसार यह कार्रवाई मध्यप्रदेश संपदा विनियामक प्राधिकरण (रेरा) के प्रकरण क्रमांक एनबीपीएल-25-0118 में पारित आदेश के अनुपालन में की गई। नायब तहसीलदार न्यायालय द्वारा पुलिस उपायुक्त सुरक्षा एवं गुप्तवार्ता, नगर पुलिस भोपाल से पुलिस बल उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया था। इसके बाद राजस्व अमले, पटवारी और पुलिस प्रशासन की उपस्थिति में कुर्की की कार्रवाई संपन्न हुई। पीड़ित महिला खरीदार ने आरोप लगाया कि उसने दुकान के लिए पूरी राशि का भुगतान कर रजिस्ट्री भी करा ली थी, लेकिन लंबे समय से उसे पजेशन नहीं दिया गया। महिला का कहना है कि बार-बार संपर्क करने के बावजूद बिल्डर द्वारा केवल आश्वासन दिए जाते रहे। अंततः न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से उसे राहत मिली। स्थानीय खरीदारों का आरोप है कि प्रोजेक्ट में कई लोगों से दुकानों और व्यावसायिक इकाइयों के नाम पर करोड़ों राशि वसूली गई, लेकिन निर्धारित समयावधि में निर्माण एवं कब्जा उपलब्ध नहीं कराया गया। इससे अनेक निवेशक आर्थिक और मानसिक परेशानी का सामना कर रहे हैं। राजस्व प्रशासन का कहना है कि न्यायालय के आदेशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए कुर्की की कार्रवाई की गई है। मामले में आगे की वैधानिक प्रक्रिया नियमानुसार जारी रहेगी। इस कार्रवाई के बाद प्रोजेक्ट से जुड़े अन्य निवेशकों और खरीदारों में भी उम्मीद जगी है कि उनकी शिकायतों पर भी उचित कार्रवाई हो सकेगी। मुख्य बिंदु रासलाखेड़ी स्थित आरआरबी रीगल प्रोजेक्ट शुभ बिजनेस जोन पर कार्रवाई। नायब तहसीलदार गोविंदपुरा के आदेश पर दुकानों की कुर्की की कार्यवाही। ग्राउंड फ्लोर की 5 एवं प्रथम तल की 3 दुकानों को किया गया कुर्क। रेरा आदेश के अनुपालन में राजस्व प्रशासन की बड़ी कार्रवाई। पुलिस बल, पटवारी एवं राजस्व निरीक्षक अमले की मौजूदगी में हुई कार्रवाई। खरीदारों का आरोप, पूरी राशि लेने के बाद भी नहीं दिया गया पजेशन।

जांच में तेजी: CBI कोर्ट से मांगेगी समर्थ की रिमांड, पहले दिन कई अहम सवाल-जवाब

 भोपाल नोएडा की त्विषा शर्मा की भोपाल स्थित ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले की जांच अब केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने शुरू कर दी है। मंगलवार को जांच के पहले ही दिन एजेंसी ने मामले से जुड़े प्रमुख लोगों से पूछताछ कर घटनास्थल का निरीक्षण किया। पहले ही दिन रिटायर्ड जज सास से करीब आधे घंटे पूछताछ सीबीआइ की टीम सबसे पहले उस घर में पहुंची, जहां त्विषा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। यहां अधिकारियों ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और त्विषा की सास रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह से करीब आधे घंटे पूछताछ की। सूत्रों के अनुसार, सीबीआइ के अधिकारियों ने गिरिबाला सिंह से त्विषा और उनके पति समर्थ सिंह के वैवाहिक संबंधों, परिवार के माहौल और घटना से पहले की परिस्थितियों को लेकर कई सवाल किए।  

फिटनेस नियमों की अनदेखी पड़ी भारी, इंदौर में 2 बसों की फिटनेस निरस्त

इंदौर शहर में लोक परिवहन व्यवस्था को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए जिला प्रशासन और आरटीओ द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। गुरुवार को भी सड़क पर दौड़ रही खतरनाक बसों पर सख्ती करते हुए कार्रवाई की गई। परमिट शर्तों का उल्लंघन पाए जाने पर 11 बसों को जब्त किया गया। वहीं दो बसों के फिटनेस निरस्त किए गए। जिला प्रशासन और आरटीओ द्वारा गुरुवार को तीन इमली चौराहा और राजकुमार ब्रिज के नीचे यात्री बसों की विशेष जांच अभियान चलाया गया। सुरक्षा उपकरणों की सूक्ष्म जांच और नियमों की अनदेखी जांच के दौरान बसों में सुरक्षा और परिवहन नियमों से जुड़े विभिन्न बिंदुओं की सूक्ष्मता से जांच की गई। अधिकारियों ने इमरजेंसी एग्जिट, फायर सेफ्टी सिस्टम, आपातकालीन निकास व्यवस्था, पैनिक बटन, जीपीएस, स्पीड गवर्नर और प्रेशर हार्न की स्थिति देखी। साथ ही बसों की निर्धारित बैठक क्षमता से अधिक सवारियां बैठाने, ओवरलोडिंग और अधिक किराया वसूली की भी जांच की गई। बसों के पंजीयन प्रमाण पत्र, बीमा, फिटनेस प्रमाण पत्र, परमिट और पीयूसी दस्तावेजों की भी पड़ताल की गई। खराब सुरक्षा उपकरण और अवैध पार्किंग पर कार्रवाई आरटीओ प्रदीप शर्मा ने बताया कि जांच में 13 यात्री बसों पर कार्रवाई की गई। इसमें कुछ बसों में फायर सेफ्टी उपकरण खराब पाए गए, कई बसों के इमरजेंसी एग्जिट बंद मिले और मेडिकल किट भी उपलब्ध नहीं थी। इसके अलावा कई बसें अवैध पार्किंग में खड़ी पाई गईं। संयुक्त कार्रवाई के दौरान एसडीएम ओमनारायण सिंह बड़कुल, एआरटीओ राजेश गुप्ता मौजूद रहे। भारी जुर्माना और बस स्टाफ को कड़ी समझाइश जांच के दौरान आठ बसों से 80 हजार जुर्माना वसूला गया। वहीं अन्य 3 बसों से डेढ़ लाख रुपये जुर्माना प्रस्तावित किया गया। अधिकारियों ने बस चालक-परिचालकों को समझाइश भी दी कि वे बसों में किसी प्रकार का ज्वलनशील पदार्थ परिवहन न करें और यात्रियों को आपातकालीन स्थिति में बचाव संबंधी जानकारी दें।  

व्यापार में निवेश के नाम पर धोखाधड़ी करने वाला आरोपी गिरफ्तार

भोपाल मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेश में वित्तीय अपराधों एवं आमजन से धोखाधड़ी करने वाले अपराधियों के विरुद्ध लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में कटनी जिले की एनकेजे थाना पुलिस को व्यापार में निवेश के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार करने में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई है। कार्रवाही के दौरान पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 36 लाख 30 हजार रुपये नगद एवं घटना में प्रयुक्त एक लग्जरी वाहन सहित 76 लाख रुपए से अधिक की संपत्ति जब्त की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार फरियादी से आरोपी द्वारा स्वयं को रेलवे का कॉन्ट्रेक्टर बताते हुए रेलवे से संबंधित कार्य में निवेश कराने का झांसा दिया गया। आरोपी ने योजनाबद्ध तरीके से विश्वास में लेकर रेलवे ठेका दिलाने एवं उसमें लाभ दिलाने का प्रलोभन दिया तथा छलपूर्वक 36 लाख 30 हजार रुपये की राशि प्राप्त कर ली। बाद में फरियादी को अपने साथ हुई धोखाधड़ी का एहसास होने पर थाना एनकेजे में शिकायत दर्ज कराई गई। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस द्वारा तत्काल अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई। तकनीकी साक्ष्यों, साइबर इनपुट एवं सतत निगरानी के आधार पर पुलिस टीम द्वारा आरोपी की लोकेशन ट्रेस की गई। इसके पश्चात जिला पन्ना क्षेत्र में घेराबंदी कर आरोपी को हिरासत में लिया गया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने धोखाधड़ी की घटना को अंजाम देना स्वीकार किया। पुलिस द्वारा की गई यह कार्रवाई प्रदेश में वित्तीय अपराधों के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति को दर्शाती है।

1.41 करोड़ की साइबर ठगी मामले में गाजियाबाद के दो सगे भाई गिरफ्तार, खाते में पहुंचे थे 10.5 लाख

ग्वालियर ग्वालियर के कारोबारी दुर्गाशंकर नागर से क्रिप्टो ट्रेडिंग के नाम पर हुई 1.41 करोड़ रुपये की साइबर ठगी में पुलिस ने गाजियाबाद के दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया है। दोनों भाई दवा का थोक कारोबार करते हैं और इन्हीं की फर्म के खाते में ठगी के 10.50 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए थे। क्या है मामला पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी अग्रिम जमानत के लिए ग्वालियर में वकील से मिलने आए थे, इसी दौरान क्राइम ब्रांच ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में सामने आया कि 10 प्रतिशत कमीशन के लालच में उन्होंने अपनी फर्म के खाते में यह रकम मंगवाई थी। किस्तों में 1.41 करोड़ रुपये ठग लिए मुरार क्षेत्र निवासी 70 वर्षीय कारोबारी दुर्गाशंकर नागर को फेसबुक पर एक अनजान युवती की फ्रेंड रिक्वेस्ट आई थी। ठग ने खुद को इंग्लैंड की युवती बताकर बातचीत शुरू की और फिर क्रिप्टो ट्रेडिंग में निवेश का झांसा देकर अलग-अलग किस्तों में 1.41 करोड़ रुपये ठग लिए। इस मामले में क्राइम ब्रांच थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी। जांच के दौरान पहली लेयर में 10.50 लाख रुपये गाजियाबाद स्थित महादेव फार्मा एंड सर्जिकल के एक्सिस बैंक खाते में ट्रांसफर होने की जानकारी मिली। यह फर्म उत्तर प्रदेश के हापुड़ निवासी सगे भाई आदित्य शर्मा और प्रियांशु शर्मा संचालित करते हैं। जैसे ही आरोपितों को पता चला कि साइबर क्राइम विंग उनकी तलाश कर रही है, वे भूमिगत हो गए। पुलिस लगातार उनकी लोकेशन ट्रेस कर रही थी। इसी दौरान वे ग्वालियर पहुंचे, जहां उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपितों के पास से 59 हजार रुपये बरामद किए गए हैं। थाने में रोकर बोले- पता नहीं था साइबर ठगी का पैसा है पूछताछ के दौरान दोनों भाई रोने लगे और बताया कि उन्हें यह नहीं पता था कि यह साइबर ठगी का पैसा है। उन्हें कहा गया था कि बड़ी रकम व्यापार के लिए ट्रांसफर की जा रही है और इसके बदले 10 प्रतिशत कमीशन मिलेगा। ऑनलाइन गेम के कर्ज में फंसे जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों आरोपी ऑनलाइन गेम खेलते थे और इसी में कर्ज में डूब गए थे। कर्ज चुकाने के लिए उन्होंने कमीशन के लालच में अपने खाते का इस्तेमाल किया।

विगत 07 दिवस में प्रदेशभर से 1 करोड़ 38 लाख रुपए से अधिक मूल्य के मादक पदार्थ, वाहन एवं अन्य सामग्री जप्त

भोपाल मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेशभर में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी, भंडारण एवं बिक्री के विरुद्ध लगातार कार्यवाहियां की जा रही हैं। इसी कार्यवाही के दौरान पुलिस टीमों ने  विगत 07 दिनों में विभिन्न जिलों में अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही करते हुए 1 करोड़ 38 लाख रुपए से अधिक के मादक पदार्थ, वाहन, नकदी एवं अन्य सामग्री जप्त की है। कई अंतर्राज्यीय तस्करों को गिरफ्तार कर एनडीपीएस एक्ट के तहत वैधानिक कार्यवाही भी की गई। रीवा थाना सिविल लाइन पुलिस ने 749 शीशी कोडीन युक्त कफ सिरप (कीमत 1 लाख 50 हजार 549 रुपए) तथा तस्करी में प्रयुक्त बलेनो वाहन (कीमत लगभग 7 लाख रुपए ) सहित लगभग 8 लाख 50 हजार 549 रुपए की संपत्ति जब्त की है।   वहीं थाना बिछिया पुलिस ने 06 आरोपियों को गिरफ्तार कर 28.930 किलोग्राम अवैध गांजा (कीमत 4 लाख 20 हजार), परिवहन में प्रयुक्त कार (20 लाख रुपए), 08 मोबाइल (80 हजार रुपए) एवं नग़द 73 हजार 50 रुपए जब्त किए है। इस प्रकार दोनों कार्यवाही में पुलिस ने लगभग 34 लाख 23 हजार 599 रुपए की संपत्ति जब्त की है। राजगढ़ जीरापुर पुलिस ने “ऑपरेशन शुद्धि” के तहत 298 ग्राम स्मैक एवं 5.496 किलोग्राम कैमिकल पाउडर (टांका) जप्त कर  लगभग 35 लाख रुपए की संपत्ति जब्त की है। नीमच थाना नीमच पुलिस ने 150 ग्राम एमडी (कीमत 15 लाख रुपए) एवं 06 किलोग्राम पीसा हुआ डोडाचुरा (कीमत 90 हजार रुपए) जप्त कर 03 आरोपियों को गिरफ्तार किया। साथ ही परिवहन में प्रयुक्त 01 पल्सर मोटरसाइकिल भी जप्त की है। वहीं थाना रतनगढ़ एवं चौकी सरवानिया महाराज पुलिस ने लगभग 23 लाख रुपए का  153 किलो 500 ग्राम अवैध डोडाचुरा  जप्त कर 04 आरोपियों को गिरफ्तार किया। बालाघाट पुलिस ने अंतर्राज्यीय गांजा तस्करी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 09 आरोपियों को गिरफ्तार किया।आरोपियों के कब्जे से 23.140 किलोग्राम गांजा, तस्करी में प्रयुक्त वाहन, 02 बाइक, 10 मोबाइल सहित लगभग 12 लाख 30 हजार रुपए की संपत्ति जब्त की है। मंदसौर थाना नारायणगढ़ पुलिस ने अंतर्राज्यीय तस्कर के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए आरोपी की महिन्द्रा कार से 156.5 किलोग्राम डोडाचुरा जप्त किया, जिसकी अनुमानित कीमत 2 लाख 34 हजार 750 रुपए है। वहीं थाना पिपलियामंडी पुलिस ने 01 अंतर्राज्यीय तस्कर को 20.720 किलोग्राम अवैध डोडाचुरा (कीमत 41 हजार रुपए) सहित गिरफ्तार किया। इसी प्रकार एक अन्य कार्यवाही में थाना नाहरगढ पुलिस ने 500 ग्राम एम.डी.,  05  किलोग्राम अवैध मादक पदार्थ डोडाचुरा एवं  एक्सेस सुजुकी स्कुटर सहित लगभग  10 लाख रुपए की संपत्ति जब्त की है। इस प्रकार तीनों कार्यवाही में पुलिस ने लगभग 12 लाख 75 हजार 750 रुपए की संपत्ति जब्त की है। शिवपुरी थाना देहात पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए 20.45 ग्राम स्मैक के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार कर लगभग 4 लाख रुपए की संपत्ति जब्त की है।   शहडोल जैतपुर पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए 04 किलो 28 ग्राम गांजा के साथ 03 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जब्त की गई संपत्ति की कुल कीमत 31 हजार रुपए है। बैतूल कोतवाली पुलिस ने नशे के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करते हुए 30 हजार रुपए कीमत की ब्राउन शुगर जप्त कर 02 तस्करों को गिरफ्तार किया। उज्जैन थाना नीलगंगा पुलिस ने 25 ग्राम अवैध एम.डी. ड्रग्स के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार कर 50 हजार रुपए की संपत्ति जब्त की। वही थाना बिरलाग्राम पुलिस ने अवैध मादक पदार्थ गांजा के साथ 02 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके  कब्जे से 1 किलो 221 ग्राम अवैध गांजा, जिसकी कीमत लगभग 15 हजार रुपए है। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा मादक पदार्थों के विरुद्ध इस प्रकार की सख्त कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। आमजन से अपील है कि नशे से दूर रहें एवं किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।  

जंगलों पर माफिया का वार नाकाम: बुरहानपुर में सलाई गोंद की बड़ी खेप पकड़ी गई

बुरहानपुर वन विभाग की टीम ने रविवार को वन परिक्षेत्र खकनार के बोरखेड़ा से करीब साढ़े आठ क्विंटल सलाई गोंद जब्त की है। यह गोंद पिकअप वाहन क्रमांक एमपी 09 जीएच 3170 के माध्यम से ले जाई जा रही थी। वन विभाग की टीम ने जब वाहन रोककर इसकी जांच की तो उसमें गोंद भरी पाई गई, जिसके बाद गोंद और वाहन को जब्त कर लिया गया। चालक के खिलाफ वन अपराध का प्रकरण दर्ज किया जा रहा है। पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है ज्ञात हो कि जिले के जंगलों से सलाई व धावड़ा सहित अन्य पेड़ों से गोंद की निकासी पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है। इसके बावजूद गोंद माफिया लगातार सक्रिय हैं और जंगलों से अवैध रूप से गोंद निकाल रहे हैं। बीते माह प्रतिबंध के बावजूद गोंद माफिया द्वारा पेड़ों को खोखला करने संबंधी खबर प्रमुखता से सामने आई थी। इसके बाद वन विभाग ने निगरानी बढ़ाई और लगातार कार्रवाई करते हुए गोंद की बड़ी खेपें पकड़ना शुरू किया है। सीसीएफ और वन विभाग की टीम की संयुक्त कार्रवाई दो दिन पहले खंडवा सीसीएफ और बुरहानपुर वन विभाग की टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए धूलकोट रेंज से 780 किलो गोंद जब्त किया था। इसके अलावा शाहपुर क्षेत्र से एक बाइक भी जब्त की गई थी। उल्लेखनीय है कि एक जनहित याचिका पर निर्णय सुनाते हुए हाईकोर्ट ने गोंद निकासी पर प्रतिबंध लगाया है। इसके चलते वन विभाग ने पूर्व में जारी किए गए गोंद निकासी के सभी लाइसेंस रद्द कर दिए हैं

लापरवाही पड़ी भारी! जल जीवन मिशन में गड़बड़ी पर 26 इंजीनियरों पर गिरी गाज

लखनऊ प्रदेश के हर ग्रामीण घर तक नल से जल पहुंचाने के लिए मिशन मोड में कार्य कर रहे ग्रामीण जलापूर्ति विभाग ने काम में लापरवाही बरतने वाले इंजीनियरों-कर्मचारियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। जल जीवन मिशन परियोजना के कार्यों में लेटलतीफी, लापरवाही करने वाले 26 इंजीनियरों पर निलंबन, विभागीय कार्रवाई, कारण बताओ नोटिस जैसी कार्रवाइयों की गाज गिरी है। नमामि गंगे विभाग के अपर मुख्य सचिव अनुराग श्रीवास्तव ने अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता, और जूनियर इंजीनियर रैंक के 12 इंजीनियरों को निलंबित कर दिया है।  वहीं, चार अधिशासी अभियंताओं के खिलाफ विभागीय अनुशासनिक जांच कराने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा परियोजना के कार्यों में धीमी प्रगति को लेकर तीन अधिशासी अभियंताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। साथ ही विभिन्न योजनाओं से शिकायत मिलने के बाद सात इंजीनियरों का तबादला कर दिया गया है। हाल के दिनों में लेटलतीफी के मामले में जल निगम कर्मियों के खिलाफ यह सबसे बड़ी कार्रवाई है। नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग के अपर मुख्य सचिव अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व में राज्य सरकार हर ग्रामीण घर तक नल से जल पहुंचाने के लिए मिशन मोड पर काम कर रही है। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अगर कर्मचारी अपनी कार्यशैली में सुधार नहीं करते हैं, तो बर्खास्तगी का भी एक्शन लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार जनहित से जुड़े कार्यों में पूर्ण पारदर्शिता एवं उत्तरवायित्व सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। किसी भी स्तर पर लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। जल निगम ग्रामीण विभाग ने जिन कर्मचारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की है, उसमें लखीमपुर खीरी के अधिशासी अभियंता अविनाश गुप्ता, जौनपुर के अधिशासी अभियंता सौमित्र श्रीवास्तव, गाजीपुर के अधिशासी अभियंता मो. कासिम हाशमी, चंदौली के कार्यवाहक अधिशासी अभियंता अमित राजपूत, चंदौली के सहायक अभियंता सीताराम यादव, बिजनौर के सहायक अभियंता अकबर हसन, औरैया के जूनियर इंजीनियर अनुराग गोयल, हाथरस के कुलदीप कुमार सिंह, आजमगढ़ के राजेन्द्र कुमार यादव, बरेली के रूप चन्द्र, बाराबंकी के जूनियर इंजीनियर अवनीश प्रताप सिंह और कुशीनगर के कार्यवाहक खंडीय लेखाकार धर्मप्रकाश महेश्वरी शामिल हैं। जल निगम ग्रामीण विभाग ने चार इंजिनियरों के खिलाफ विभागीय अनुशासनिक जांच के आदेश दिए हैं। इसमें औरैया के अधिशासी अभियंता अमन यादव, मैनपुरी के अधिशासी अभियंता अंकित यादव, प्रयागराज के अधिशासी अभियंता प्रवीण कुट्टी, और शामली के कार्यवाहक अधिशासी अभियंता फूल सिंह यादव शामिल हैं। इसके अलावा, तीन गाजियाबाद के अधिशासी अभियंता भारत भूषण, आगरा में तैनात अमित कुमार और मीरजापुर में तैनात राजेश कुमार गुप्ता को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। सहायक अभियंता विपिन कुमार वर्मा को प्रतापगढ़ से चंदौली स्थानांतरित कर दिया गया है। रामपुर में तैनात मो. असजद को रामपुर से चंदौली, प्रदीप कुमार मिश्रा को बाराबंकी से बिजनौर, उदयराज गुप्ता को चंदौली से रामपुर, अमित कुमार को शामली से बाराबंकी, चन्द्र बोध त्यागी को मैनपुरी से आजमगढ, और जूनियर इंजीनियर अजय कुमार को कौशांबी से आजमगढ़ स्थानांतरित कर दिया गया है।