samacharsecretary.com

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के प्रयासों से भटगांव विधानसभा को बड़ी सौगात, बुंदिया और बड़सरा में खुलेंगे नए धान उपार्जन केंद्र

 रायपुर महिला एवं बाल विकास मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े के विशेष प्रयासों से भटगांव विधानसभा क्षेत्र के किसानों को बड़ी सौगात मिली है। सूरजपुर जिले के भैयाथान विकासखंड के ग्राम बुंदिया एवं बड़सरा में नवीन धान उपार्जन केंद्र खोलने की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा इस संबंध में विधिवत आदेश जारी कर दिया गया है।  क्षेत्र के किसानों द्वारा लंबे समय से नए धान उपार्जन केंद्र खोले जाने की मांग की जा रही थी। भटगांव विधानसभा क्षेत्र के भ्रमण के दौरान ग्रामीणों एवं किसानों ने मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े को अपनी समस्या से अवगत कराया था। किसानों ने बताया था कि वर्तमान में दूर स्थित उपार्जन केंद्रों तक धान ले जाने में उन्हें अतिरिक्त समय और परिवहन व्यय वहन करना पड़ता है।  किसानों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े ने खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री दयाल दास बघेल को पत्र लिखकर बुंदिया एवं बड़सरा में नवीन धान उपार्जन केंद्रों की स्वीकृति प्रदान करने का आग्रह किया था। मंत्री के प्रयासों के फलस्वरूप शासन द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 एवं आगामी वर्षों के लिए दोनों केंद्रों की स्थापना को मंजूरी दी गई है। ग्राम बुंदिया में आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित बतरा के अंतर्गत तथा ग्राम बड़सरा में आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित शिवप्रसादनगर के अंतर्गत नवीन धान उपार्जन केंद्र स्थापित किए जाएंगे। किसानों को मिलेगी बड़ी राहत  नए धान उपार्जन केंद्रों के शुरू होने से किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए दूर-दराज के केंद्रों तक जाने की आवश्यकता नहीं होगी। इससे परिवहन, ट्रैक्टर भाड़े और अन्य खर्चों में कमी आएगी तथा किसानों के समय और श्रम की बचत होगी। स्थानीय स्तर पर धान की तुलाई एवं उपार्जन की सुविधा मिलने से खरीदी प्रक्रिया भी अधिक सुगम और सुविधाजनक होगी।  नवीन धान उपार्जन केंद्रों की स्वीकृति से क्षेत्र के किसानों एवं ग्रामीणों में हर्ष का माहौल है। किसानों ने मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि नजदीक ही धान खरीदी केंद्र उपलब्ध होने से उन्हें अपनी उपज बेचने में बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने इस निर्णय को क्षेत्र के अन्नदाताओं के हित में महत्वपूर्ण पहल बताया।

डीएमएफ से 13 विकास कार्यों के लिए 35.77 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति

रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व तथा वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी के विशेष प्रयासों से रायगढ़ जिले के खनन प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों को लगातार गति मिल रही है। इसी क्रम में जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) मद से 35 करोड़ 76 लाख 94 हजार रुपये की लागत के 13 महत्वपूर्ण विकास कार्यों को प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इन कार्यों से धरमजयगढ़, लैलूंगा, घरघोड़ा और तमनार विकासखंडों में शिक्षा, कौशल विकास, कृषि अधोसंरचना तथा ग्रामीण संपर्क व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। डीएमएफ निधि के माध्यम से स्वीकृत इन परियोजनाओं का उद्देश्य खनन प्रभावित क्षेत्रों के विद्यार्थियों, युवाओं, किसानों और ग्रामीण परिवारों को बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इन विकास कार्यों से क्षेत्र में सामाजिक एवं आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी। ग्रामीण विद्यार्थियों को मिलेंगी आधुनिक अध्ययन सुविधाएं तमनार, घरघोड़ा, लैलूंगा एवं धरमजयगढ़ विकासखंडों में पुस्तकालय भवन निर्माण तथा अन्य संबंधित कार्यों के लिए 6 करोड़ 39 लाख 64 हजार रुपये की स्वीकृति दी गई है। आधुनिक अध्ययन संसाधनों से युक्त इन पुस्तकालयों से ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को गुणवत्तापूर्ण अध्ययन का वातावरण मिलेगा। आईटीआई भवनों के उन्नयन से बढ़ेगा कौशल विकास स्थानीय युवाओं को बेहतर तकनीकी प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शासकीय आईटीआई घरघोड़ा के भवन के जीर्णोद्धार के लिए 1 करोड़ 56 लाख 30 हजार रुपये तथा शासकीय आईटीआई धरमजयगढ़ के भवन के उन्नयन हेतु 82 लाख 86 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इससे प्रशिक्षण सुविधाएं और अधिक सुदृढ़ होंगी तथा युवाओं के लिए रोजगारपरक कौशल विकास के नए अवसर उपलब्ध होंगे। कृषि अधोसंरचना को मिलेगा नया आधार तमनार विकासखंड में किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए 1 करोड़ 21 लाख 81 हजार रुपये की लागत से व्यावसायिक परिसर तथा 1 करोड़ 5 लाख 20 हजार रुपये की लागत से बाजार शेड यार्ड का निर्माण किया जाएगा। इन परियोजनाओं से किसानों को कृषि उत्पादों के भंडारण, विपणन और व्यापार के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। 24.73 करोड़ रुपये से मजबूत होगा ग्रामीण सड़क नेटवर्क धरमजयगढ़, लैलूंगा, घरघोड़ा एवं तमनार विकासखंडों में लगभग 24 करोड़ 73 लाख रुपये की लागत से आठ महत्वपूर्ण सड़क निर्माण कार्यों को स्वीकृति दी गई है। इनमें पीपराही-डीपापारा, सुबरा-कटकलिया, कोंडकेल-गेरूपानी, ढाप-भवानीपुर, किलकिला-उड़ीसा बॉर्डर, बरमुड़ा-उकारीपाली, टेरम-छिरभौंना तथा बाम्हनबहरी-पुलाईआंट मार्ग शामिल हैं। इन सड़कों के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन सुगम होगा, कृषि उत्पादों के परिवहन में सुविधा मिलेगी तथा शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंच आसान होगी। इन सभी परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल एवं प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) को कार्य एजेंसी नियुक्त किया गया है। जिला प्रशासन ने सभी निर्माण कार्य निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप 365 दिनों के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग एवं गुणवत्ता परीक्षण भी सुनिश्चित किया जाएगा।

हजारों कर्मचारियों के खातों में पहुंचेगी बड़ी राशि, केंद्र सरकार का बड़ा कदम

भोपाल भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (पीएम-वीबीआरवाय) के तहत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शुक्रवार को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से लाभार्थियों को लगभग 2,400 करोड़ की प्रोत्साहन राशि वितरित करेंगे। एमपी-छत्तीसगढ़ के 34,610 कर्मचारी होंगे लाभान्वित क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त रौशन काश्यप ने बताया कि विज्ञान भवन नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय पीएम-वीबीआरवाय के कार्यक्रम को राष्ट्रीय आयाम देते हुए देश भर में 200 स्थानों पर एक साथ क्षेत्रीय कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन स्थानों पर इसका लाइव प्रसारण होगा। योजना से मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की 2476 कंपनियों के 34,610 कर्मचारी लाभान्वित होंगे। मध्य प्रदेश में दो स्थानों मैनिट सभागार भोपाल एवं एचईजी मंडीदीप में भी कार्यक्रम होंगे। जिसमें नियोक्ताओं, कर्मचारियों एवं गणमान्य व्यक्तियों के रूप में लगभग 700 अतिथि शामिल होंगे। मैनिट भोपाल और एचईजी मंडीदीप के कार्यक्रमों में शामिल होंगे मुख्य अतिथि मैनिट सभागार भोपाल में मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान, मप्र शासन के कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री गौतम टेटवाल शामिल होंगे। एचईजी मंडीदीप में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विधायक भोजपुर क्षेत्र सुरेन्द्र पटवा शामिल होंगे। भोपाल के हर्षित मेहरा और धार के नैतिक वैष्णव करेंगे पीएम से संवाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश के विभिन्न क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाले लाभार्थियों के साथ बातचीत भी करेंगे। इनमें भोपाल के हर्षित मेहरा और धार के नैतिक वैष्णव पीएम से संवाद करेंगे। 3.5 करोड़ से अधिक नौकरियां देना है उद्देश्य पीएम-वीबीआरवाय भारत सरकार की एक प्रमुख एंप्लायमेंट-लिंक्ड इंसेंटिव (ईएलआइ) योजना है, जिसका उद्देश्य औपचारिक रोजगार को बढ़ावा देना, संगठित कार्यबल में पहली बार प्रवेश करने वालों को सहायता प्रदान करना और नियोक्ताओं को अतिरिक्त रोजगार सृजन करने के लिए प्रोत्साहित करना है। इस योजना के तहत, पात्र पहली बार काम करने वाले कर्मचारियों को 15,000 तक का एक माह का वेतन मिलता है, जबकि नियोक्ताओं को प्रति अतिरिक्त कर्मचारी तीन हजार रुपये प्रति माह तक का प्रोत्साहन दो साल की अवधि के लिए मिलेगा, बशर्ते कर्मचारी कम से कम छह माह तक निरंतर रोजगार में रहे। विनिर्माण क्षेत्र को मिलेगी अतिरिक्त सहायता विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) क्षेत्र अतिरिक्त दो वर्षों के लिए विस्तारित सहायता के लिए पात्र है। जिससे श्रम-गहन उद्योगों में निरंतर रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलता है। 99,446 करोड़ के कुल परिव्यय के साथ शुरू की गई योजना का उद्देश्य दो वर्ष की अवधि में देश भर में 3.5 करोड़ से अधिक नौकरियों के सृजन की सुविधा प्रदान करना है। इनमें से लगभग 1.92 करोड़ लाभार्थियों के पहली बार औपचारिक कार्यबल में प्रवेश करने की उम्मीद है। योजना एक अगस्त 2025 से 31 जुलाई 2027 के बीच सृजित नौकरियों पर लागू हैं।