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मलेशिया की सड़कों पर दिखा दिलजीत सिंह का देसी अंदाज, फैंस के साथ की खूब मस्ती

मुंबई,  सिंगर और एक्टर दिलजीत दोसांझ इन दिनों अपनी कला और काम के जरिए लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। हाल ही में उन्हें इम्तियाज अली की फिल्म ‘अमर सिंह चमकीला’ के लिए एमी अवॉर्ड्स में नॉमिनेशन मिला, जो उनके करियर के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। इसके साथ ही, उन्होंने अपना ‘औरा टूर’ भी शुरू कर दिया है, जिसकी शुरुआत उन्होंने मलेशिया के कुआलालंपुर से की है। यह टूर उनके संगीत प्रेमियों के लिए एक खास मौका है, जहां वे लाइव परफॉर्मेंस के जरिए अपने गानों से लोगों को जोड़ते हैं। इस टूर के पहले कॉन्सर्ट के बाद, दिलजीत ने अपने इंस्टाग्राम पर एक मजेदार ब्लॉग वीडियो भी पोस्ट किया, जिसमें वह कुआलालंपुर की सड़कों पर घूमते, फैंस से मिलते और स्थानीय संस्कृति का आनंद लेते हुए नजर आते हैं। वीडियो की शुरुआत में दिलजीत रात के समय में कुआलालंपुर की सड़कों पर घूमते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में वह पेट्रोनास ट्विन टावर्स के पास खड़े होकर फोटो क्लिक करवाते हैं और मस्ती करते हुए गाना गाते हैं, ‘ऊंची है बिल्डिंग, लिफ्ट तेरी बंद है।’ इसके बाद वह मजाक में कहते हैं, ‘भागो नहीं तो ट्विन टावर की बत्ती बंद हो जाएगी।’ वीडियो में उनका फनी स्टाइल फैंस को काफी हंसा रहा है। वीडियो में वह कई भारतीय फैंस से घिरे आते हैं, जो उनके साथ फोटो खिंचवाने के लिए काफी उत्सुक दिखते हैं। दिलजीत बड़े ही प्यार से सबके साथ सेल्फी लेते हैं और बातचीत करते हैं। एक महिला फैन दिलजीत को देख काफी सरप्राइज हो जाती है और बोलती है, ‘असली हो न?’ इस पर दिलजीत हंसते हुए जवाब देते हैं, ‘हां जी, असली ही है।’ वीडियो में वह कुआलालंपुर के एक खास आयोजन ‘ड्यूरियन फेस्ट’ में पहुंचे हैं, जिसे वे मजाक में ‘ड्यूरियन’ के बजाय ‘दूरियां’ कहते हैं। वह बताते हैं कि ड्यूरियन फल को परंपरा के अनुसार खाने के लिए ग्लव्स पहनना जरूरी होता है क्योंकि इसकी गंध बहुत तेज होती है। वह ग्लव्स पहनकर इस फल का स्वाद लेते हैं, लेकिन उन्हें यह बिलकुल भी पसंद नहीं आता। उनके साथ टीम के कुछ सदस्य भी इस फल को चखते हैं और उन्हें भी यह स्वाद कुछ खास अच्छा नहीं लगता। इस पर दिलजीत कहते हैं कि हर किसी का स्वाद अलग होता है और हो सकता है कि यह पहली बार चखने की वजह से हमें पसंद न आया हो। ड्यूरियन फल के अनुभव के बाद वे एक कंगारू के पोस्टर के साथ भी तस्वीर खिंचवाते हैं। आखिर में दिलजीत अपने अगले कॉन्सर्ट की जानकारी देते हुए बताते हैं कि उनका अगला स्टॉप हॉन्ग-कॉन्ग है, जहां वे फिर से फैंस के साथ मस्ती करने और अपने संगीत का जादू बिखेरने वाले हैं।  

छत्तीसगढ़ की बेटी दिव्या ने एशियन बास्केटबॉल चैंपियनशिप में रचा इतिहास

महासमुंद छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले की होनहार बेटी दिव्या रंगारी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन किया है। दिव्या व उनकी टीम ने मलेशिया में आयोजित अंडर-16 एशियन वूमेन्स बास्केटबॉल चैंपियनशिप 2025 में भारत का परचम लहराया है। चैपियनशिप में दिव्या और उसकी टीम ने भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए शानदार खेल का प्रदर्शन किया और इस टूर्नामेंट में 8 साल बाद भारत की वापसी कराते हुए गोल्ड मेडल हासिल किया। यह पल दिव्या और उनकी टीम के लिए गौरव का पल था, जो भारत के लिए खेल रही थी। 13 से 19 सितम्बर तक मलेशिया में आयोजित इस टूर्नामेंट में 8 देशों के साथ भारत का मुकाबला हुआ। दिव्या और उसकी टीम ने पूरे दमखम के साथ खेलकर भारत को विजयी दिलाई। भारत की ओर से खेलने वाली खिलाड़ियों में महासमुंद की दिव्या रंगारी छत्तीसगढ़ की मात्र अकेली खिलाड़ी थी। FIFA बास्केटबॉल टूर्नामेंट चैंपियनशिप में भारत को गोल्ड मेडल दिलाने के बाद महासमुंद लौटी दिव्या का भव्य स्वागत हुआ। पूरे शहरवासी, खेल प्रेमी, जनप्रतिनिधि, समाज सेवी और विभिन्न समुदाय के लोगों ने उनका जगह-जगह भव्य स्वागत किया। रास्तेभर गाजे- बाजे की आवाज और आतिशबाजी के साथ भारत माता की जय के नारे गूंजती रही। किसी भी परिस्थिति में घबराएं नहीं, डटकर मुकाबला करें : दिव्या लोगों ने फूल माला और मिठाई के साथ दिव्या का स्वागत किया। सभी ने दिव्या से मुलाकात कर उसके उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए शुभकामनाएं दी। इस दौरान दिव्या ने कठिनाइयों में पीछे हट जाने वाले खिलाड़ियों को संदेश देते हुए कहा कि हर परिस्थितियों में घबराकर मैदान छोड़ने की जरूरत नहीं है बल्कि वहां डटे रहकर मुकाबला करने से ही जीत मिलती है। दिव्या ने अपने इस सफलता का श्रेय अपने कोच, अपने माता-पिता और बास्केटबॉल संघ के सदस्यों को दिया है। उनके परिजन भी दिव्या की इस सफलता पर गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। पिता ने कहा – बेटी ने दिलाई पहचान दिव्या के पिता का कहना है कि जो लोग मुझे जानते नहीं थे, वे आज मुझे अपनी बेटी के नाम से पहचानने लगे हैं। एक पिता के लिए इससे बड़ी बात और क्या हो सकती है। बास्केटबॉल संघ ने भी दिव्या के इस सफलता पर खुशी जाहिर की और आने वाले समय में हर खिलाड़ी के लिए एक बेहतर प्लेटफॉर्म तैयार करने की बात कही।