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मनु भाकर का बड़ा बयान: वैभव सूर्यवंशी बन सकते हैं भारत के अगले सुपरस्टार

नई दिल्ली भारत की दोहरी ओलंपिक पदक विजेता निशानेबाज मनु भाकर नए सत्र से पहले आत्मविश्वास से लबरेज हैं और पेरिस खेलों में मिली सफलता के बाद एक बार फिर अपनी प्रतिस्पर्धी भावना को जगाने के लिए दृढ़ हैं। हालांकि सोमवार को भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (एनआरएआई) के 75 साल पूरे होने के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उनसे 15 साल के क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी को लेकर सवाल किया गया, जिनको लेकर मनु ने बड़ा बयान दिया है। मनु भाकर ने वैभव सूर्यवंंशी को लेकर क्या कहा? क्रिकेट के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी के सबसे होनहार युवा खिलाड़ियों में से एक के तौर पर सामने आने और उन्हें जल्द से जल्द राष्ट्रीय टीम में शामिल करने की बढ़ती मांगों के बीच मनु ने कहा कि अगर खिलाड़ी तैयार है और उसे सही मार्गदर्शन मिल रहा है तो इस प्रक्रिया को तेज करने में कोई रुकावट नहीं होनी चाहिए। मनु ने कहा, ‘अगर मार्गदर्शन सही हो और माहौल तरक्की में मददगार हो तो उम्र सिर्फ एक आंकड़ा है, प्रतिभा की कोई समय-सीमा नहीं होती। इसे छह साल की उम्र में भी पहचाना जा सकता है और 60 साल की उम्र में भी। सही मार्गदर्शन मिलने पर मुझे पूरा यकीन है कि वैभव सूर्यवंशी भारतीय क्रिकेट के अगले बड़े सितारे बन सकते हैं।’ एशियाई खेल और विश्व चैंपियनशिप का बेसब्री से इंतजार कर रहीं मनु भाकर इस साल 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए क्वालीफिकेशन चक्र शुरू होने के साथ ही मनु की नजरें एशियाई खेलों और विश्व चैंपियनशिप पर टिकी हैं। उन्हें विश्वास है कि ये लक्ष्य उनकी उस प्रतिस्पर्धी बढ़त को वापस दिलाएंगे जिसकी बदौलत उन्होंने 2024 ओलंपिक में दो कांस्य पदक जीते थे। 24 वर्षीय पिस्टल निशानेबाज मनु ने कहा, ‘इस साल के आखिर में एशियाई खेल (जापान में) और विश्व चैंपियनशिप होने वाली है इसलिए हम निश्चित रूप से इन दो बड़ी प्रतियोगिताओं का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।’ झज्जर की इस निशानेबाज ने कहा, ‘मैंने और मेरे कोच ने मिलकर अपनी तैयारियों को लेकर कुछ समय पहले ही चर्चा की थी। हमने योजना बनाई कि आगे कौन-कौन सी प्रतियोगिताएं होने वाली हैं और उनके लिए हमारी तैयारी कैसी होनी चाहिए। मुझे लगता है कि हमने सब कुछ ठीक से तय कर लिया है और उम्मीद है कि हम बहुत अच्छा प्रदर्शन करेंगे।’’ मनु अब अगले महीने आईएसएसएफ विश्व कप म्यूनिख में हिस्सा लेंगी।

एशियन राइफल/पिस्टल चैंपियनशिप: शूट-ऑफ में गोल्ड से चूकीं मनु भाकर, ईशा ने जीता ब्रॉन्ज

नई दिल्ली एशियन राइफल/पिस्टल चैंपियनशिप में सोमवार को 25 मीटर विमेंस पिस्टल का रोमांचक फाइनल खेला गया, जिसमें मनु भाकर को वियतनाम की थुय ट्रांग गुयेन से हार का सामना करना पड़ा। इसी के साथ मनु ने गोल्ड मेडल जीतने का मौका भी गंवा दिया। डॉ. करणी सिंह शूटिंग रेंज में यह फाइनल दो शूट-ऑफ के बाद तय हुआ। फाइनल में, ईशा सिंह ने पहली सीरीज में परफेक्ट पांच शॉट लगाए, जबकि मनु और थुय ट्रांग ने चार-चार शॉट लगाए। कड़े मुकाबले वाले फाइनल में हर सीरीज के बाद तीनों निशानेबाज मेडल की पोजीशन बदल रहे थे। भारतीय निशानेबाज वियतनामी निशानेबाज पर दबाव बना रहे थे, लेकिन छठी सीरीज में परफेक्ट पांच शॉट लगाकर उन्होंने दो अंकों की बढ़त बना ली। मनु और ईशा ने गुयेन की सातवीं सीरीज में एक शॉट का फायदा उठाकर अंतर कम किया। ईशा आठवीं सीरीज के अंत में 30 अंकों के साथ आगे चल रही थीं। वह नौवीं सीरीज में अपने सभी शॉट चूक गईं, जिसके चलते उन्हें ब्रॉन्ज मेडल से संतोष करना पड़ा। आखिरी सीरीज में, मनु ने तीन शॉट लगाए, जबकि गुयेन ने दो शॉट लगाए और फाइनल 35 शॉट पर खत्म हुआ, जिससे मुकाबला शूट-ऑफ में चला गया। पहले शूट-ऑफ में, दोनों निशानेबाजों ने दो-दो शॉट लगाए, और अगले शूट-ऑफ में मनु तीन शॉट चूक गईं और गोल्ड मेडल से चूक गईं। फाइनल में तीसरी भारतीय, रिदम सांगवान चौथे स्थान पर रहीं। दूसरी ओर, ईशा सिंह ने चैंपियनशिप में अपना दूसरा व्यक्तिगत मेडल जीता, उन्होंने ब्रॉन्ज पर निशाना साधा। नाम्या कपूर ने जूनियर कैटेगरी में एक और कड़े शूट-ऑफ में गोल्ड मेडल जीता, जबकि अंजलि भागवत ने इसी इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया। इसी के साथ भारत के कुल मेडल की संख्या 60 हो गई है, जिसमें 37 गोल्ड, 13 सिल्वर और 10 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं। जूनियर फाइनल में, नाम्या कपूर ने शूट-ऑफ में गोल्ड मेडल जीता। वर्ल्ड चैंपियनशिप मेडल जीतने वाली सबसे युवा भारतीय निशानेबाज ने 29 शॉट लगाए, जो इंडोनेशिया की रिहादतुल अस्यिफा के बराबर थे। युवा निशानेबाज ने शूट-ऑफ में अपना संयम बनाए रखा, उन्होंने तीन शॉट लगाए जबकि अस्यिफा अपने सभी शॉट चूक गईं। अंजलि भागवत ने 24 के स्कोर के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता। टॉप स्थान पर रहकर फाइनल के लिए क्वालीफाई करने वालीं पारिशा गुप्ता 14 के स्कोर के साथ पांचवें स्थान पर रहीं। भारतीय टीमों ने सीनियर और जूनियर दोनों कैटेगरी में गोल्ड मेडल भी हासिल किया।

शूटिंग के दिग्गज आज दिखाएंगे कमाल, नेशनल ट्रायल्स दिल्ली में शुरू

नई दिल्ली भारतीय घरेलू शूटिंग सीजन सोमवार को शुरू होने जा रहा है। दिल्ली स्थित डॉ. करणी सिंह शूटिंग रेंज में 19 से 25 जनवरी तक नेशनल सिलेक्शन ट्रायल्स होंगे। इसमें देश के टॉप राइफल और पिस्टल शूटर शामिल होंगे। पुरुषों और महिलाओं के लिए खास 50 मीटर राइफल प्रोन इवेंट होंगे। पहले दिन दो टी1 प्रोन फाइनल होंगे। पुरुषों के 25 मीटर रैपिड-फायर पिस्टल टी1 क्वालिफिकेशन का पहला दिन होगा। पुरुषों के रैपिड-फायर पिस्टल इवेंट में सबसे कम प्रतिभागी हैं, जिसमें ओलंपियन और वर्ल्ड चैंपियनशिप सिल्वर मेडलिस्ट अनीश भानवाला सहित भारत के लगभग एक दर्जन टॉप प्रतियोगी शामिल हैं। डॉ. करणी सिंह शूटिंग रेंज में हिस्सा लेने वाले अन्य टॉप शूटरों में पुरुषों के 10 मीटर एयर पिस्टल में मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन सम्राट राणा, डबल ओलंपिक ब्रॉन्ज मेडलिस्ट मनु भाकर और उनके साथी पेरिस ओलंपिक ब्रॉन्ज मेडलिस्ट स्वप्निल कुसाले और सरबजोत सिंह, जो पुरुषों के एयर पिस्टल प्रतियोगिता में भी हिस्सा ले रहे हैं, शामिल होंगे। पूर्व मिक्स्ड टीम वर्ल्ड चैंपियन और पिछले साल की व्यक्तिगत वर्ल्ड चैंपियनशिप ब्रॉन्ज मेडलिस्ट ईशा सिंह, मनु भाकर के साथ महिलाओं के दोनों पिस्टल इवेंट्स में हिस्सा लेंगी। इसके अलावा, 10 मीटर एयर राइफल के पूर्व वर्ल्ड चैंपियन रुद्रांक्ष बालासाहेब पाटिल पुरुषों के दोनों राइफल इवेंट्स में हिस्सा लेंगे। वर्ल्ड चैंपियनशिप मेडलिस्ट अंजुम मौदगिल, मेहुली घोष और अखिल श्योरान के अलावा, प्रतिभागी महिलाएं एयर राइफल और 3पी इवेंट्स में भी हिस्सा लेंगी। इसमें वर्ल्ड नंबर दो और वर्ल्ड कप फाइनल की विजेता सुरुचि फोगाट एयर पिस्टल इवेंट ट्रायल्स का मुख्य आकर्षण रहेंगी। नेशनल ट्रायल्स में ग्रुप A के नए खिलाड़ी शामिल होंगे जिन्होंने हाल ही में अच्छा प्रदर्शन किया है और एलीट लेवल पर पहुंचे हैं। पुरुषों के पिस्टल इवेंट में जोनाथन गेविन एंटनी, पुरुषों और महिलाओं के 3पी में क्रमशः एड्रियन कर्माकर और मोहित संधू और पुरुषों के रैपिड फायर पिस्टल में सूरज शर्मा जैसे प्रतियोगियों से अनुभवी सितारों को चुनौती देने की उम्मीद है। अनुभवी निशानेबाजों में, ओलंपियन और पूर्व एशियाई खेलों की चैंपियन रही सरनोबत महिलाओं के दोनों पिस्टल इवेंट्स में हिस्सा लेंगी। उनके साथ एशियाई खेलों में कांस्य पदक विजेता ओएनजीसी की श्वेता सिंह भी रहेंगी। इसके अलावा नौसेना के ओमकार सिंह और गुजरात की लज्जा गोस्वामी जैसे जाने-माने एथलीट भी होंगे, जो दो दशकों से भारत और जूनियर इंडिया टीमों का हिस्सा रहे हैं और इस खेल में प्रमुख बने हुए हैं। नए साल के पहले हफ्ते में 68वीं नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप प्रतियोगिता खत्म होने के साथ ही टॉप निशानेबाज, खासकर वे जो स्कोर के मामले में नेशनल में जगह नहीं बना पाए, वे मजबूत वापसी करने की कोशिश करेंगे, क्योंकि इंटरनेशनल सीजन मार्च में खत्म होकर फिर अप्रैल में शुरू होगा और भारतीय टीम में जगह बनाने की होड़ तेज हो जाएगी। 2026 की पहली नेशनल टीम के लिए क्वालिफाई करने के लिए शुरुआती दो ट्रायल्स के स्कोर जरूरी हैं। टॉप निशानेबाज अपने कौशल का आकलन करने और सुधार के क्षेत्रों की पहचान करने के लिए शुरुआती प्रमुख इंटरनेशनल इवेंट्स में प्रतिस्पर्धा करना चाहेंगे। यह तैयारी साल के दूसरे व्यस्त हिस्से से पहले महत्वपूर्ण है, जिसमें एशियाई खेल और विश्व चैंपियनशिप शामिल हैं।

मनु भाकर और भारतीय शूटर्स का धमाका! फाइनल में जगह पक्की, मेडल की दौड़ शुरू

नई दिल्ली  देश के 8 निशानेबाज कतर में जलवा दिखाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं. इन शूटर्स ने ISSF वर्ल्ड कप फाइनल 2025 के लिए क्वालिफाई कर लिया है. यह टूर्नामेंट 4 से 9 दिसंबर तक दोहा (कतर) में खेला जाएगा. इसमें दुनिया के बेस्ट शूटर्स हिस्सा लेंगे. खास बात ये है कि मनु भाकर दो इवेंट में क्वालिफाई करने वाली अकेली भारतीय हैं. उन पर सबकी नजर रहने वाली है. दो बार की ओलंपिक मेडलिस्ट मन्नू भाकर ISSF वर्ल्ड कप फाइनल 2025 में भारत की सबसे बड़ी उम्मीद होंगी.  खास बात यह है कि उन्होंने दो इवेंट (महिला 10 मीटर एयर पिस्टल और 25 मीटर पिस्टल) में निशाना साधेंगी. वह इस टूर्नामेंट में भारत की लीडर मानी जा रही हैं. उनके नेतृत्व में कुछ युवा तो कुछ स्टार शूटर्स शामिल हैं.   इन 8 शूटर्स ने किया क्वालीफाई     सुरुचि सिंह (महिला 10m एयर पिस्टल)- इस साल की सबसे बड़ी स्टार रहीं, जिन्होंने लगातार ब्यूनस आयर्स, लीमा और म्यूनिख में तीन गोल्ड जीते. अभी वो वर्ल्ड नंबर-1 हैं.     ईशा सिंह (महिला 10m एयर पिस्टल)- चीन के निंगबो में हुए ISSF वर्ल्ड कप में गोल्ड जीतकर जगह बनाई है. अब ईशा से इसी तरह के प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है.     रुद्रांक्श पाटिल (पुरुष 10m एयर राइफल)– ब्यूनस आयर्स में गोल्ड जीतकर क्वालीफाई किया है. उनसे देश को बड़ी उम्मीदें हैं.     अर्जुन बाबुता (पुरुष 10m एयर राइफल)- लीमा में सिल्वर जीतकर एंट्री पाई है. अब उनके सामने दोहा में होने वाले इस फाइनल में गोल्ड जीतने की चुनौती रहेगी.     सिफ्त कौर सामरा (महिला 50m राइफल थ्री पोजीशन) एशियन चैंपियन और वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर ने ब्यूनस आयर्स में गोल्ड के साथ फाइनल के लिए क्वालीफाई किया है.     विजयवीर सिद्धू (पुरुष 25m रैपिड-फायर पिस्टल)- ब्यूनस आयर्स में गोल्ड जीतकर एंट्री ली है.     सिमरनप्रीत कौर बरार (महिला 25m पिस्टल)- लीमा में सिल्वर मेडल जीतकर क्वालीफाई किया है. अभी और बढ़ सकती है दल की संख्या 2025 में चार विश्व कप चरणों में भारत ने कमाल का प्रदर्शन किया और तब जाकर 8 शूटर फाइनल में जगह पक्की कर पाए हैं. पिछले चार चरणों में भारतीय दल ने राइफल/पिस्टल स्टैंडिंग में कुल मिलाकर दूसरे स्थान पर रहते हुए 9 स्वर्ण, 6 रजत और 7 कांस्य सहित कुल 22 मेडल जीते. भारत के पास अभी और खिलाड़ियों को क्वालीफाई कराने का मौका है. अक्टूबर में एथेंस में ISSF वर्ल्ड चैम्पियनशिप शॉटगन और नवंबर में काहिरा में ISSF वर्ल्ड चैम्पियनशिप राइफल/पिस्टल में भारतीय शूटर क्वालीफाई कर सकते हैं. इससे भारतीय दल की संख्या और बढ़ सकती है.