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तुलसी चालीसा का पाठ करें इस पूर्णिमा: घर में आएगी सुख-समृद्धि और लक्ष्मी का वास

हिंदू धर्म में हर माह में एक पूर्णिमा मनाई जाती है. इस माह में मार्गशीर्ष पूर्णिमा मनाई जाएगी. इस दिन भगवान विष्णु और चंद्र देव की पूजा की जाती है. पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान और दान करने की परंपरा सदियों से चली आ रही है. मान्यता है कि इस दिन स्नान-दान करने से पुण्य फल प्राप्त होते हैं. इस दिन तुसली माता की भी पूजा की जाती है. इस दिन तुसली माता की पूजा करने से मां लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त होता है, जिससे जीवन में सुख-शांति बनी रहती है. मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन तुलसी के पौधे की पूजा-अर्चना करनी चाहिए. साथ ही इस दिन तुलसी चालीसा का पाठ करने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और घर में प्रवेश करती है, जिससे कभी भी धन-धान्य की कमी नहीं होती. मार्गशीर्ष पूर्णिमा कब है? वैदिक पंचांग के अनुसार, मार्गशीर्ष पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 04 दिसंबर को सुबह 08 बजकर 37 मिनट पर हो रही है. वहीं, इस तिथि का समापन 05 दिसंबर को सुबह 04 बजकर 43 मिनट पर हो जाएगा. ऐसे में इस साल 04 दिसंबर को मार्गशीर्ष पूर्णिमा मनाई जाएगी. इसी दिन पूर्णिमा का स्नान-दान किया जाएगा. तुलसी चालीसा श्री तुलसी महारानी, करूं विनय सिरनाय। जो मम हो संकट विकट, दीजै मात नशाय।। नमो नमो तुलसी महारानी, महिमा अमित न जाय बखानी। दियो विष्णु तुमको सनमाना, जग में छायो सुयश महाना।। विष्णुप्रिया जय जयतिभवानि, तिहूँ लोक की हो सुखखानी। भगवत पूजा कर जो कोई, बिना तुम्हारे सफल न होई।। जिन घर तव नहिं होय निवासा, उस पर करहिं विष्णु नहिं बासा। करे सदा जो तव नित सुमिरन, तेहिके काज होय सब पूरन।। कातिक मास महात्म तुम्हारा, ताको जानत सब संसारा। तव पूजन जो करैं कुंवारी, पावै सुन्दर वर सुकुमारी।। कर जो पूजन नितप्रति नारी, सुख सम्पत्ति से होय सुखारी। वृद्धा नारी करै जो पूजन, मिले भक्ति होवै पुलकित मन।। श्रद्धा से पूजै जो कोई, भवनिधि से तर जावै सोई। कथा भागवत यज्ञ करावै, तुम बिन नहीं सफलता पावै।। छायो तब प्रताप जगभारी, ध्यावत तुमहिं सकल चितधारी। तुम्हीं मात यंत्रन तंत्रन, सकल काज सिधि होवै क्षण में।। औषधि रूप आप हो माता, सब जग में तव यश विख्याता, देव रिषी मुनि औ तपधारी, करत सदा तव जय जयकारी।। वेद पुरानन तव यश गाया, महिमा अगम पार नहिं पाया। नमो नमो जै जै सुखकारनि, नमो नमो जै दुखनिवारनि।। नमो नमो सुखसम्पति देनी, नमो नमो अघ काटन छेनी। नमो नमो भक्तन दुःख हरनी, नमो नमो दुष्टन मद छेनी।। नमो नमो भव पार उतारनि, नमो नमो परलोक सुधारनि। नमो नमो निज भक्त उबारनि, नमो नमो जनकाज संवारनि।। नमो नमो जय कुमति नशावनि, नमो नमो सुख उपजावनि। जयति जयति जय तुलसीमाई, ध्याऊँ तुमको शीश नवाई।। निजजन जानि मोहि अपनाओ, बिगड़े कारज आप बनाओ। करूँ विनय मैं मात तुम्हारी, पूरण आशा करहु हमारी।। शरण चरण कर जोरि मनाऊं, निशदिन तेरे ही गुण गाऊं। क्रहु मात यह अब मोपर दाया, निर्मल होय सकल ममकाया।। मंगू मात यह बर दीजै, सकल मनोरथ पूर्ण कीजै। जनूं नहिं कुछ नेम अचारा, छमहु मात अपराध हमारा।। बरह मास करै जो पूजा, ता सम जग में और न दूजा। प्रथमहि गंगाजल मंगवावे, फिर सुन्दर स्नान करावे।। चन्दन अक्षत पुष्प् चढ़ावे, धूप दीप नैवेद्य लगावे। करे आचमन गंगा जल से, ध्यान करे हृदय निर्मल से।। पाठ करे फिर चालीसा की, अस्तुति करे मात तुलसा की। यह विधि पूजा करे हमेशा, ताके तन नहिं रहै क्लेशा।। करै मास कार्तिक का साधन, सोवे नित पवित्र सिध हुई जाहीं। है यह कथा महा सुखदाई, पढ़े सुने सो भव तर जाई।। तुलसी मैया तुम कल्याणी, तुम्हरी महिमा सब जग जानी। भाव ना तुझे माँ नित नित ध्यावे, गा गाकर मां तुझे रिझावे।। यह श्रीतुलसी चालीसा पाठ करे जो कोय। गोविन्द सो फल पावही जो मन इच्छा होय।।

पूर्णिमा के खास उपाय: दूर होंगी पैसों की परेशानियाँ, बढ़ेगी किस्मत की चमक

हिंदू धर्म में पूर्णिमा तिथि बहुत विशेष और पावन मानी गई है. हर माह में एक पूर्णिमा तिथि पड़ती है. इस तरह से वर्ष भर में 12 पूर्णमा पड़ती है. पूर्णिमा तिथि पर स्नान-दान की परंपरा सदियों से चली आ रही है. पूर्णिमा पर स्नान-दान का बहुत महत्व है. मान्यता है कि पूर्णिमा तिथि पर स्नान-दान करने से पुण्य फल प्राप्त होते हैं. ये मार्गशीर्ष मास चल रहा है, जिसे अगहन माह भी कहा जाता है. मार्गशीर्ष माह की पूर्णिमा तिथि पर धन की देवी माता लक्ष्मी का पूजन किया जाता है. हिंदू मान्यताओं के अनुसार, पूर्णिमा पर माता लक्ष्मी की पूजा करने से उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है. इस दिन पूजा पाठ के साथ-साथ माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्ति के लिए और धन संबंधी समस्याओं से मुक्ति पाने के लिए कुछ विशेष उपाय भी किए जाते हैं. आइए जानते हैं इन उपायों के बारे में. मार्गशीर्ष पूर्णिमा कब है? द्रिक पंचांग के अनुसार, मार्गशीर्ष पूर्णिमा की तिथि की शुरुआत इस साल 04 दिसंबर, गुरुवार को सुबह 8 बजकर 37 मिनट पर हो रही है. वहीं इस तिथि का समापन अगले दिन 05 दिसंबर शुक्रवार को प्रात: 4 बजकर 43 मिनट पर होगा. ऐस में मार्गशीर्ष पूर्णिमा 04 दिसंबर को मनाई जाएगी. इसी दिन इसका का व्रत, स्नान और दान किया जाएगा. इस दिन चंद्रोदय का समय शाम 4 बजकर 35 मिनट रहने वाला है. पूर्णिमा के दिन करें ये उपाय पूर्णिमा के दिन माता लक्ष्मी के पूजन के दौरान उन्हें लाल रंग के फूल जरूर चढ़ाने चाहिए. साथ ही कनकधारा स्त्रोत का भी पाठ करना चाहिए. घी का दीपक जलाना चाहिए. माता लक्ष्मी के मंत्रों का जाप करना चाहिए. इस उपाय को करने से माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है. पूर्णिमा के दिन 11 कौड़ियों पर पीसी हल्दी लगाकर उसको पूजा के समय माता लक्ष्मी को चढ़ाना चाहिए. लक्ष्मी चालीसा का पाठ करना चाहिए. कौड़ियों को एक साफ लाल कपड़े में बांधकर धन के स्थान या तिजोरी में रख लेना चाहिए. इस उपाय को करने से धन संबंधी समस्याओं से मुक्ति मिलती है.