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शाही मस्जिद की मीनार का हिस्सा गिरने से हड़कंप, प्रशासन ने शुरू कराया मरम्मत काम

उज्जैन  उज्जैन के छत्री चौक स्थित शाही मस्जिद में गुरुवार को हादसा हो गया। यहां ऊंची मीनार का एक हिस्सा टूटकर मस्जिद की छत पर गिर गया। इससे छत समेत मस्जिद के कुछ हिस्से को नुकसान पहुंचा। प्रशासन छत की मरम्मत करवा रहा है। सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के तहत कंठाल से गोपाल मंदिर मार्ग को चौड़ा करने की योजना है। शाही मस्जिद की मीनार समेत करीब 6 फीट हिस्सा प्रस्तावित सड़क की जद में आ रहा था। इसे मुस्लिम समुदाय के लोग हाथ से तोड़ने का काम चार दिन से कर रहे थे। प्रशासन और मुस्लिम समुदाय के बीच बातचीत के बाद इसकी सहमति बनी थी। गुरुवार को निर्माण हटाने की कार्रवाई की जा रही थी। इसी दौरान मीनार का एक हिस्सा अचानक टूटकर नीचे गिर गया। प्रशासन के मुताबिक, हादसे में किसी व्यक्ति को चोट नहीं आई। 28 सितंबर को हुआ था विवाद शाही मस्जिद को लेकर 28 सितंबर को भी विवाद हुआ था। सोशल मीडिया पर मस्जिद को पूरी तरह तोड़े जाने से जुड़ी भ्रामक और AI से तैयार सामग्री वायरल होने के बाद बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए थे। पुलिस के मुताबिक, भीड़ ने पुलिस पर पथराव किया था। इसके बाद पुलिस ने आंसू गैस और हलका बल प्रयोग कर भीड़ को हटाया। मामले में कई FIR दर्ज की गई हैं। पुलिस सोशल मीडिया अकाउंट्स के साथ CCTV और ड्रोन फुटेज की भी जांच कर रही है। नौ आरोपी जेल भेजे गए 30 सितंबर को मामले में गिरफ्तार नौ आरोपियों को जिला कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने सभी को 12 अक्टूबर तक न्यायिक रिमांड पर भेज दिया। विवाद के बाद शाही मस्जिद और आसपास के इलाके में पुलिस बल तैनात है। बाजार के कुछ हिस्सों में दुकानें भी बंद रहीं। अब तक क्या कार्रवाई हुई     सड़क चौड़ीकरण की योजना: सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के तहत कंठाल से गोपाल मंदिर मार्ग को चौड़ा किया जा रहा है। शाही मस्जिद का एक हिस्सा प्रस्तावित सड़क की जद में आया।     मस्जिद कमेटी से सहमति: प्रशासन और मस्जिद कमेटी के बीच प्रभावित हिस्सा हटाने पर सहमति बनी। हाईकोर्ट में भी मुस्लिम पक्ष की ओर से सहयोग की बात कही गई।     28 सितंबर को बवाल: कार्रवाई के दौरान सोशल मीडिया पर मस्जिद को पूरी तरह तोड़े जाने की भ्रामक/AI सामग्री वायरल होने के बाद बड़ी भीड़ मौके पर पहुंची। पुलिस पर पथराव हुआ। पुलिस ने आंसू गैस और हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को हटाया।     पुलिस कार्रवाई: मामले में कई FIR दर्ज हुईं और आरोपियों की गिरफ्तारी शुरू हुई। सोशल मीडिया अकाउंट्स और CCTV/ड्रोन फुटेज की भी जांच की गई।     9 आरोपी कोर्ट में पेश: 30 सितंबर को 9 आरोपियों को जिला कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने सभी को 12 अक्टूबर तक न्यायिक रिमांड पर भेज दिया।     स्थिति: विवाद के बाद शाही मस्जिद और आसपास के इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है तथा बाजार के कई हिस्सों में दुकानें बंद रहीं। मस्जिद विवाद में उपद्रव फैलाने वाले 100 इंस्टाग्राम ID ब्लॉक उज्जैन में शाही मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने के दौरान हुए उपद्रव के बाद पुलिस ने सोशल मीडिया पर भी कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस ने उपद्रव से जुड़े भड़काऊ और वायरल कंटेंट वाले 100 से अधिक इंस्टाग्राम और फेसबुक अकाउंट/पेज ब्लॉक करवाए हैं।

सिंहस्थ 2028 से पहले उज्जैन में बड़ा फैसला, शाही मस्जिद हटाएगा नगर निगम; हाईकोर्ट से मिली मंजूरी

उज्जैन उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के बीच गोपाल मंदिर रोड चौड़ीकरण परियोजना को लेकर एक बड़ा फैसला सामने आया है. करीब 100 साल पुरानी शाही मस्जिद को हटाने के खिलाफ दायर दोनों याचिकाओं को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर पीठ ने खारिज कर दिया है. इस फैसले के बाद नगर निगम के लिए सड़क चौड़ीकरण की राह आसान हो गई है. हालांकि मस्जिद प्रबंधन और मुस्लिम समाज ने फैसले पर असहमति जताते हुए ऊपरी अदालत में अपील करने की बात कही है।    हाईकोर्ट ने खारिज की दोनों याचिकाएं सिंहस्थ महापर्व 2028 को ध्यान में रखते हुए उज्जैन में कई विकास कार्य किए जा रहे हैं. इसी क्रम में गोपाल मंदिर रोड के चौड़ीकरण की योजना बनाई गई है. इस परियोजना की जद में आने वाली शाही मस्जिद को हटाने के खिलाफ दायर दो अलग-अलग याचिकाओं पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर पीठ में सुनवाई हुई. जस्टिस संदीप एन. भट्ट की एकल पीठ ने दोनों मामलों की एक साथ सुनवाई करने के बाद याचिकाएं खारिज कर दीं।  निगम की कार्रवाई का रास्ता हुआ साफ हाईकोर्ट का विस्तृत लिखित आदेश अभी जारी होना बाकी है, लेकिन याचिकाएं खारिज होने के बाद नगर निगम के लिए आगे की कार्रवाई का रास्ता खुल गया है. माना जा रहा है कि अब निगम सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत मस्जिद को हटाने या विस्थापन की प्रक्रिया को आगे बढ़ा सकता है।  मुस्लिम समाज ने जताई आपत्ति नगर निगम की ओर से मस्जिद को हटाने का नोटिस जारी होने के बाद से ही मुस्लिम समाज इसका विरोध कर रहा है. समाज के लोगों का कहना है कि शाही मस्जिद केवल एक धार्मिक स्थल ही नहीं, बल्कि ऐतिहासिक महत्व भी रखती है. इसी आधार पर इसे यथास्थान बनाए रखने की मांग की जा रही थी।  याचिकाकर्ताओं की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता सैय्यद अशहर अली वारसी ने कहा कि अदालत का विस्तृत आदेश अभी आना बाकी है. आदेश का अध्ययन करने के बाद कानूनी विकल्पों पर विचार किया जाएगा. उन्होंने संकेत दिए हैं कि मामले को डबल बेंच या सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी जा सकती है।  सिंहस्थ के लिए अहम माना जा रहा मार्ग प्रशासन का कहना है कि सिंहस्थ 2028 के दौरान लाखों श्रद्धालुओं के उज्जैन पहुंचने की संभावना है. ऐसे में शहर के प्रमुख मार्गों को चौड़ा करना जरूरी माना जा रहा है. गोपाल मंदिर रोड शहर के सबसे व्यस्त और अपेक्षाकृत संकरे रास्तों में शामिल है. प्रशासन का तर्क है कि सड़क चौड़ी होने से यातायात व्यवस्था बेहतर होगी और भीड़ प्रबंधन में मदद मिलेगी।  इन लोगों ने दायर की थीं याचिकाएं पहली याचिका शाही मस्जिद वक्फ पंचायत मोचियान और शाही मस्जिद इंतजामिया कमेटी की ओर से दायर की गई थी. इसमें मध्य प्रदेश शासन, नगर निगम उज्जैन, कलेक्टर और अन्य अधिकारियों को पक्षकार बनाया गया था. दूसरी याचिका शाही मस्जिद वक्फ पंच मोचियान के अध्यक्ष अरशान हुसैन की ओर से दाखिल की गई थी, जिसमें शासन, नगर निगम और वक्फ बोर्ड को पक्षकार बनाया गया था।  पुराने दस्तावेजों का दिया गया हवाला मस्जिद प्रबंधन की ओर से अदालत में दावा किया गया कि शाही मस्जिद 100 वर्ष से अधिक पुरानी और ऐतिहासिक महत्व की है. याचिकाकर्ताओं ने 17 मार्च 1925 से जुड़े दस्तावेजों का हवाला देते हुए कहा कि उस समय जारी एक पत्र में भूमि अधिग्रहण के बाद मस्जिद के शेष हिस्से को यथावत बनाए रखने का उल्लेख किया गया था. इसी आधार पर मस्जिद को संरक्षित रखने की मांग की गई थी।