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PMCH में 200 छात्रों की आंतरिक परीक्षा रद्द, नई तारीखें जारी

पटना देश में NEET की परीक्षा रद्द होने के बाद अब पटना में एमबीबीएस की परीक्षा रद्द कर दी गई है।पटना मेडिकल कॉलेज के औषधि विभाग के वर्ष 2022 बैच के एमबीबीएस छात्रों की प्रथम आंतरिक परीक्षा रद्द कर दी गई है। इसमें लिखित, मौखिक और प्रायोगिक परीक्षा शामिल हैं। कदाचार की आशंका को देखते हुए परीक्षा रद्द करने का निर्णय लिया गया। परीक्षा में औषधि विभाग के करीब 200 छात्र शामिल हुए थे। इसकी सूचना पटना मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य ने औषधि विभाग के विभागाध्यक्ष को दी है। साथ ही कार्रवाई के लिए मेडिकल एजुकेशन यूनिट को भी सूचित किया गया है। परीक्षा 11 और 12 मई को आयोजित की गई थी। 11 मई को लिखित परीक्षा हुई थी, जबकि 12 मई को मौखिक और प्रायोगिक परीक्षा आयोजित की गई थी। परीक्षा रद्द करने के साथ ही पटना मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने नई तिथियां भी जारी कर दी हैं। नई तिथि के अनुसार लिखित परीक्षा 20 मई को दोपहर एक बजे से दो बजे तक आयोजित की जाएगी। लिखित परीक्षा के लिए प्रश्नपत्र का पैटर्न भी कॉलेज प्रशासन ने जारी किया है। वहीं 21 मई को मौखिक और प्रायोगिक परीक्षा होगी, जो सुबह 10 बजे से दोपहर दो बजे तक चलेगी। परीक्षा में औषधि विभाग के सभी फैकल्टी सदस्यों की ड्यूटी लगाई गई है। नीट पर्चा लीक में एनटीए की विशेषज्ञ गिरफ्तार इधर नीट यूजी-2026 में बायोलॉजी का प्रश्नपत्र लीक कराने में लिप्त कथित मास्टरमाइंड मनीषा गुरुनाथ मंधारे को सीबीआई ने गिरफ्तार कर लिया है। मनीषा पुणे के एक कॉलेज में बॉटनी की लेक्चरर हैं। उसे एनटीए ने नीट यूजी-2026 में विशेषज्ञ बनाया था। जांच में सामने आया है कि परीक्षा के बॉटनी और जूलॉजी के प्रश्नपत्रों तक उसकी पूरी पहुंच थी। सीबीआई के अनुसार, बीते अप्रैल में मनीषा मंधारे ने पुणे की मनीषा वाघमारे (जिसे 14 मई को गिरफ्तार किया गया) के जरिये नीट अभ्यर्थियों को जमा किया और उनके लिए पुणे स्थित अपने आवास पर विशेष कक्षाएं चलाईं। इनमें छात्रों को बॉटनी और जूलॉजी के कई सवाल बताए गए। इनमें से अधिकांश प्रश्न तीन मई को आयोजित नीट यूजी के वास्तविक प्रश्नपत्र से मेल खाते थे। मनीषा की गिरफ्तारी लातूर के शिक्षक पीवी कुलकर्णी के बाद हुई है। कुलकर्णी भी नीट के प्रश्नपत्र तैयार करने वाली समितियों में था। सीबीआई जांच में पता चला है कि केमिस्ट्री व बायोलॉजी पर्चा लीक का स्रोत परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े लोग ही थे और कुछ बिचौलियों ने लाखों में पर्चे बेचे और छात्रों को विशेष कोचिंग कक्षाओं तक पहुंचाया। वहां, परीक्षा में आने वाले सवाल बताए गए।

नकल विवाद से गरमाया परीक्षा केंद्र, छात्रों के बवाल के बाद परीक्षा स्थगित

पटना बिहार की राजधानी पटना के साइंस कॉलेज में शनिवार को एमबीबीएस की परीक्षा के दौरान एक बार फिर हंगामा हो गया। नकल करने के इरादे से परीक्षा देने आए छात्रों ने हंगामा कर दिया। वहीं, परीक्षार्थियों ने पेपर लीक का आरोप भी लगाया है। 3 घंटे तक चले हंगामे के बाद परीक्षा रद्द कर दी गई। पटना साइंस कॉलेज में आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय की मेडिकल परीक्षा आयोजित की गई थी। यहां पीएमसीएच, एनएमसीएच और पावापुरी मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस स्टूडेंट्स परीक्षा देने पहुंचे थे। दो दिन पहले गुरुवार को भी परीक्षार्थियों द्वारा नकल किए जाने पर साइंस कॉलेज में हंगामा हुआ था, जिसके बाद कॉलेज प्रशासन ने परीक्षा लेने पर हाथ खड़े कर दिए थे। शनिवार को छात्रों ने आरोप लगाया कि एग्जाम शुरू होने से पहले ही पेपर लीक हो गया। कुछ छात्र मोबाइल फोन पर प्रश्न पत्र वायरल होने का दावा करने लगे। वहीं, दूसरी ओर कॉलेज प्रशासन से जानकारी मिली है कि छात्र परीक्षा में कदाचार करना चाहते थे। एग्जाम सेंटर पर वह बिना जांच के प्रवेश करना चाह रहे थे। जब जांच की जाने लगी तो उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। पटना साइंस कॉलेज में एमबीबीएस स्टूडेंट्स की परीक्षा शनिवार को सुबह 11 बजे से शुरू होनी थी। मगर परीक्षार्थियों के हंगामा के चलते दोपहर 1 बजे तक शुरू नहीं हो पाई। स्टूडेंट्स के आक्रोश के बाद परीक्षा को रद्द कर दिया गया। दो दिन पहले भी हुआ था भारी हंगामा 30 मई को भी पटना साइंस कॉलेज में एमबीबीएस परीक्षा के दौरान भारी हंगामा हुआ था। मेडिकल छात्रों द्वारा नकल करने पर अमादा रहने के बाद साइंस कॉलेज ने परीक्षा लेने से इनकार कर दिया था। एग्जाम शुरू होने के आधे घंटे बाद ही कॉलेज प्रशासन ने आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक को पत्र लिखकर परीक्षा नहीं लेने का फैसला सुना दिया था। परीक्षा केंद्र से सभी ऑर्ब्जवर और परीक्षक हट गए। इतना हंगामा होने के बाद भी मेडिकल छात्र जमकर नकल करते रहे और ढाई बजे तक पेपर देते रहे। साइंस कॉलेज की प्राचार्य प्रो. अलका ने बताया कि ऐसी परीक्षा आजतक मैंने नहीं देखी है। छात्रों को कदाचार करने से रोका गया तो अभद्र व्यवहार करने लगे। वहीं, गुरुवार को हुई नकल और कदाचार को देखते हुए साइंस कॉलेज ने शनिवार को कड़ी जांच के बाद ही परीक्षार्थियों को सेंटर में प्रवेश देने का फैसला लिया। सुबह वापस छात्र इस जांच का विरोध करने लगे और कॉलेज के गेट के बाहर प्रदर्शन किया।