samacharsecretary.com

पंजाब के तीन धार्मिक शहरों में नॉनवेज पर बैन, मांस की बिक्री और सेवन भी प्रतिबंधित

चंडीगढ़. पंजाब सरकार ने राज्य के तीन पवित्र शहरों में मांस की बिक्री और इस्तेमाल पर रोक से संबंधित नोटिफिकेशन अब असाधारण गजट में प्रकाशित कर दिया है। पंजाब सरकार के 9 सितंबर 2026 के असाधारण गजट में पशुपालन, मत्स्य पालन एवं डेयरी विकास विभाग की ओर से जारी आदेश को प्रकाशित किया गया है। खास बात यह है कि गजट में प्रकाशित आदेश पर 23 दिसंबर 2025 की तारीख दर्ज है। यानी प्रतिबंध का आदेश करीब साढ़े आठ महीने पहले जारी किया गया था, लेकिन अब इसे सरकारी गजट में प्रकाशित किया गया है। सरकार का यह आदेश अमृतसर की चारदीवारी वाले क्षेत्र, रूपनगर जिले के श्री आनंदपुर साहिब और बठिंडा जिले के तलवंडी साबो (श्री दमदमा साहिब) में लागू होगा। आदेश में कहा गया है कि इन क्षेत्रों में मांस की बिक्री और इस्तेमाल पर रोक तत्काल प्रभाव से लागू की जाएगी। उल्लंघन करने वालों के खिलाफ राज्य में लागू संबंधित कानूनों और नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी। गृह विभाग के निर्देश पर जारी हुआ आदेश पशुपालन विभाग के आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह कार्रवाई गृह मामले विभाग की 15 दिसंबर 2025 की अधिसूचना में दिए गए निर्देशों के अनुपालन में की गई है। इसके बाद पशुपालन, मत्स्य पालन एवं डेयरी विकास विभाग ने 23 दिसंबर 2025 को प्रतिबंध संबंधी आदेश जारी किया। अब इसे 9 सितंबर 2026 को पंजाब सरकार के असाधारण गजट में प्रकाशित किया गया है। अमृतसर में पूरे शहर पर नहीं, चारदीवारी क्षेत्र में रोक नोटिफिकेशन में अमृतसर के लिए पूरे शहर को प्रतिबंधित क्षेत्र नहीं बनाया गया है। इसमें विशेष तौर पर अमृतसर के चारदीवारी वाले शहर का उल्लेख है। वहीं श्री आनंदपुर साहिब और तलवंडी साबो (श्री दमदमा साहिब) की संबंधित नगर पालिका सीमाओं में यह आदेश लागू होगा। पवित्र शहर घोषित करने के फैसले की पृष्ठभूमि राज्य सरकार ने इन क्षेत्रों को धार्मिक महत्व को देखते हुए पवित्र शहर घोषित करने का फैसला किया था। अमृतसर में श्री हरमंदिर साहिब, श्री आनंदपुर साहिब में तख्त श्री केसगढ़ साहिब और तलवंडी साबो में तख्त श्री दमदमा साहिब जैसे प्रमुख धार्मिक स्थल हैं। इन क्षेत्रों की धार्मिक मर्यादा और गरिमा को बनाए रखने के उद्देश्य से प्रतिबंध का फैसला लिया गया था। हालांकि, वर्तमान गजट में मांस की बिक्री और इस्तेमाल पर प्रतिबंध का स्पष्ट उल्लेख है। शराब, तंबाकू और अन्य नशीले पदार्थों पर रोक संबंधी व्यापक घोषणा को अलग सरकारी आदेश के बिना इसी नोटिफिकेशन का हिस्सा नहीं माना जा सकता।

चंडीगढ़ में मीट की बिक्री पर नगर निगम ने लगाई पाबंदी!

चंडीगढ़. महाशिवरात्रि के पवित्र त्योहार के मद्देनजर चंडीगढ़ नगर निगम द्वारा शहर में मीट की दुकानें और स्लॉटरहाउस (बूचड़खाने) बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं। नगर निगम के कमिश्नर अमित कुमार द्वारा जारी किए गए आधिकारिक आदेशों के अनुसार 15 फरवरी, 2026 को रविवार के दिन शहर की सीमा में आते सारे स्लॉटरहाउस और मीट की दुकानें पूरी तरह बंद रहेंगी। यह फैसला महाशिवरात्रि की पवित्रता को मुख्य रखते हुए मेयर सौरभ जोशी के निर्देशों पर लिया गया है। निगम प्रशासन ने सभी अधिकारियों को इन आदेशों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए है। नगर निगम द्वारा जारी जनतक सूचना में स्पष्ट किया गया है कि नगर निगम के अधिकार क्षेत्र में आने वाले सभी लाइसेंस धारकों, दुकानदारों, रेहड़ी-पटरी वालों और जानवरों की हत्या और मीट की बिक्री से संबंधित हिस्सेदारों को इन आदेशों की सख्ती से पालन करनी होगी। नगर निगम के मेडिकल ऑफिसर (हेल्थ) की तरफ से इस दफ्तरी आदेश की कॉपियां संबंधित विभागों को भी भेज दी गई हैं ताकि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि अगर कोई भी व्यक्ति 15 फरवरी को मीट बेचता या स्लॉटर हाउस चलाता हुआ पाया गया, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। शहर की मर्यादा और धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए, निगम की स्पेशल टीमें इस दिन अलग-अलग इलाकों में चेकिंग भी करेंगी।