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इंदौर मेट्रो के दूसरे फेज का फाइनल टेस्ट संपन्न, इमरजेंसी ब्रेक और स्टेशन मैनेजमेंट की हुई परख

इंदौर  मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के दूसरे चरण का काउंटडाउन शुरू हो गया है. मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (MPMRCL) के अनुसार, मेट्रो रेल सुरक्षा आयुक्त (CMRS) की टीम ने 15 से 18 मार्च 2026 तक 17.5 किलोमीटर लंबे प्रायोरिटी कॉरिडोर का विस्तृत निरीक्षण पूरा कर लिया है।  MPMRCL की ओर से बताया गया कि मेट्रो रेल सुरक्षा आयुक्त (CMRS) की टीम ने 15 से 18 मार्च तक 17.5 किलोमीटर लंबे प्रायोरिटी कॉरिडोर का निरीक्षण किया और स्टेशन मैनेजमेंट, यात्रियों की सुविधाओं, गति, ब्रेकिंग सिस्टम, सिग्नलिंग और आपातकालीन स्थितियों जैसे पैमानों पर प्रोजेक्ट का मूल्यांकन किया।  मेट्रो रेल प्रायोरिटी कॉरिडोर के 6 किलोमीटर लंबे रूट पर कमर्शियल ऑपरेशन 31 मई 2025 को शुरू किए गए थे।  MPMRCL के मैनेजिंग डायरेक्टर एस कृष्णा चैतन्य ने कहा, "CMRS से हरी झंडी मिलने के बाद मेट्रो के दूसरे चरण के कमर्शियल ऑपरेशन जल्द ही शुरू हो सकते हैं।  मूल योजना के अनुसार, शहर में 31.32 किलोमीटर लंबा मेट्रो रेल कॉरिडोर 7500.8 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जाना है।   इसका निर्माण कार्य 2019 में शुरू हुआ था, लेकिन घनी आबादी वाले आवासीय और कमर्शियल इलाकों में आई बाधाओं के कारण प्रोजेक्ट में देरी हुई, और अब इसकी लागत बढ़ने की उम्मीद है।   

भोपाल में 5 मेट्रो स्टेशनों के नीचे पार्किंग होगी, ‘शहर सरकार’ का बजट 23 को पेश, 14 नई पार्किंग का प्रस्ताव

भोपाल  भोपाल की 'शहर सरकार' का बजट 23 मार्च को पेश होगा। अबकी बार करीब साढ़े 3 हजार करोड़ रुपए का बजट प्रस्तावित है। टैक्स बढ़ाने को लेकर फिलहाल कोई निर्णय नहीं लिया गया है। पिछले साल टैक्स बढ़ने की वजह से मंत्री-विधायकों ने टैक्स बढ़ाने पर आपत्ति ली है। बैठक में 14 नई पार्किंग को लेकर प्रस्ताव आएगा। इनमें से 5 पार्किंग मेट्रो स्टेशन के नीचे प्रस्तावित की गई है। जहां 40 फोर व्हीलर और 250 टू व्हीलर्स खड़े किए जा सकेंगे। 16 मार्च को हुई मेयर इन कौंसिल की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई थी। अब परिषद में यह प्रस्ताव आएगा। पार्किंग को लेकर निगम ने पुलिस की भी सहमति ली है। मेट्रो स्टेशन बने, लेकिन पार्किंग नहीं बनाई बता दें कि भोपाल मेट्रो की ऑरेंज लाइन का प्रायोरिटी कॉरिडोर 6.22 किलोमीटर लंबा है। इसमें कुल 8 स्टेशन- सुभाष नगर, केंद्रीय स्कूल, डीबी मॉल, एमपी नगर, रानी कमलापति, डीआरएम तिराहा, अलकापुरी और एम्स शामिल हैं। इनमें से एक भी स्टेशन पर पार्किंग की व्यवस्था नहीं होने से यात्रियों को अपनी गाड़ियां खड़ी करने के लिए मुश्किलें झेलनी पड़ रही है। मेट्रो स्टेशनों पर सिर्फ पिक एंड ड्रॉप की व्यवस्था ही है। यानी, यात्री किसी गाड़ी से उतर और चढ़ तो रहे हैं, लेकिन वे अपने वाहन यहां खड़ा नहीं कर सकते। इस मुद्दे पर मेट्रो अफसर दो महीने से पार्किंग के लिए व्यवस्था कर रहे हैं। नगर निगम ने इस समस्या का हल निकाला है। इन जगहों पर पार्किंग रहेगी सुभाषनगर मेट्रो स्टेशन के दोनों गेट, केंद्रीय स्कूल, डीबी मॉल, डीआरएम ऑफिस और अलकापुरी मेट्रो स्टेशन के नीचे पार्किंग बनेगी। एमपी नगर, रानी कमलापति और एम्स स्टेशन के नीचे फिलहाल को लेकर कोई निर्णय नहीं लिया गया है। हालांकि, तीनों जगह पर दूसरी पार्किंग है। रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर ही बड़ी पार्किंग है। मेट्रो से आने-जाने वाले यात्री यहां पर अपनी गाड़ियां खड़ी कर रहे हैं। एम्स के पास मेट्रो की खुद की जमीन है। जहां पार्किंग विकसित होगी। एमपी नगर में ही निगम की एक पार्किंग है। यात्री वहां पर अपनी गाड़ियां खड़ी कर सकेंगे। लेगेसी वेस्ट के निपटारे का प्रस्ताव आएगा परिषद की बैठक में आदमपुर खंती लीगेसी वेस्ट के निपटान के लिए प्रस्ताव भी आएगा। दो दिन पहले एमआईसी ने इसे परिषद में लाने का निर्णय लिया था। इसमें 55.54 करोड़ रुपए खर्च होंगे। निगम के 145 वाहनों को कंडम घोषित किया जाएगा निगम के अनुपयोगी 145 वाहनों को कंडम घोषित कराए जाने के संबंध में भी प्रस्ताव परिषद की बैठक में आएगा। इसे भी एमआईसी मंजूरी दे चुकी है।

जयपुर में दो नए रूट पर मेट्रो चलाने की भजनलाल सरकार ने की तैयारी

जयपुर. भजनलाल सरकार ने जयपुर में मेट्रो नेटवर्क के विस्तार के संकेत दिए हैं। राजस्थान विधानसभा में देर रात अनुदान मांगों पर बहस का जवाब देते हुए यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने जयपुर में जगतपुरा और वैशाली नगर तक भी मेट्रो चलाने की संभावनाओं पर विचार करने के लिए घोषणा की। मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि जगतपुरा, वैशाली नगर सहित अन्य क्षेत्रों में मेट्रो के लिए संभावित कॉरिडोर चिन्हित किए जाएंगे। सलाहकार स्तर पर संभावित मार्गों और आवश्यकताओं का अध्ययन करवाया जा रहा है। यदि फिजिबल हुआ तो मेट्रो का विस्तार किया जाएगा। जयपुर को जाम से राहत देने की दिशा में ठोस कदम उन्होंने कहा कि जयपुर मेट्रो फेज-2 का विस्तृत ट्रैफिक-ट्रांसपोर्ट अध्ययन, सर्वेक्षण और वित्तीय-आर्थिक विश्लेषण के आधार पर वैज्ञानिक रूप से रूट तय किया गया है। प्रह्लादपुरा से टोडी मोड़ तक का मेट्रो कॉरिडोर ज्यादा यात्री भार वाले क्षेत्रों को जोड़ेगा, जो जयपुर को जाम से राहत देने की दिशा में ठोस कदम है। मेट्रो फेज-2 की डीपीआर को जल्द स्वीकृति की उम्मीद जयपुर मेट्रो फेज-2 की डीपीआर अब केंद्रीय मंत्रिमंडल की स्वीकृति के लिए लंबित है। राजस्थान सरकार को मेट्रो फेज-2 की स्वीकृति जल्द मिलने की उम्मीद है, जिससे जयपुर शहर की परिवहन व्यवस्था और मजबूत होगी। बता दें कि जयपुर मेट्रो फेज-2 की लंबाई लगभग 42.80 किलोमीटर होगी। इसमें कुल 36 स्टेशन प्रस्तावित हैं। इनमें से 34 एलिवेटेड और 2 अंडरग्राउंड होंगे।

यात्रियों के लिए बड़ी अपडेट: 15 स्टेशनों पर नमो भारत ट्रेन की टाइमिंग जानें, मेरठ मेट्रो के सभी 13 स्टेशनों का पूरा शेड्यूल देखें

मेरठ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर के बाकी हिस्से और मेरठ मेट्रो का उद्घाटन करेंगे। इसके साथ ही 82.15 किमी लंबा पूरा हाई-स्पीड कॉरिडोर जनता के लिए चालू हो जाएगा। अभी इस कॉरिडोर का 55 किमी का हिस्सा चालू है।   करीब 82.15 किलोमीटर (70 किमी एलिवेटेड और 12 किमी भूमिगत) लंबाई वाली नमो भारत और मेरठ मेट्रो परियोजना लगभग 30,274 करोड़ रुपये में तैयार हुई है। इससे मेरठ के अलावा आसपास के जिलों के लोगों को लाभ मिलेगा। मेरठ से दिल्ली पहुंचाना आसान हो जाएगा। अभी तक रैपिड ट्रेन दिल्ली के न्यू अशोक नगर से मेरठ साउथ तक संचालित की जा रही थी। अब यह मेरठ मोदीपुरम से दिल्ली के सराय काले खां तक संचालित की जाएगी। करीब 82 किमी की इस दूरी की यात्रा के लिए लोगों को करीब 213 रुपये चुकाने होंगे। वहीं, मेरठ में मेट्रो का संचालन पहली बार होने जा रहा है। करीब 23 किलोमीटर लंबे रूट पर चलने वाली मेट्रो का किराया अभी घोषित नहीं किया गया है। प्रधानमंत्री के दौरे के लिए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। दिल्ली रोड पर यातायात के मार्ग में बदलाव किया गया है। रैली स्थल के पास ही वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था की गई है। मेरठ मेट्रो और नमो भारत का टाइम-टेबल मेरठ की सड़कों का बोझ कम होने वाला है। मेरठ मेट्रो और नमो भारत का सफर शुरू हो रहा है। यात्रियों की सुविधा के लिए हर स्टेशन के लिए पहली और आखिरी ट्रेन का समय भी तय कर दिया गया है। मोदीपुरम से मेरठ साउथ के बीच डाउन लाइन पर पहली मेरठ मेट्रो मोदीपुरम स्टेशन से सुबह 06:06 बजे रवाना होगी।   वहीं आखिरी मेट्रो रात 10:06 बजे चलेगी। इसी तरह मेरठ साउथ से मोदीपुरम की ओर अप लाइन पर पहली ट्रेन मेरठ साउथ से सुबह 06:10 बजे और आखिरी ट्रेन रात 10:02 बजे मिलेगी।   वहीं सराय काले खां से मोदीपुरम तक अप लाइन पर नमो भारत की पहली ट्रेन सराय काले खां से सुबह 06:00 बजे और आखिरी ट्रेन रात 10:00 बजे मिलेगी। जबकि मोदीपुरम से सराय काले खां डाउन लाइन पर पहली मोदीपुरम से ट्रेन सुबह 06:01 बजे और आखिरी ट्रेन रात 10:01 बजे मिलेगी। नमो भारत: मोदीपुरम से सराय काले खां (डाउन लाइन) स्टेशन का नाम पहली ट्रेन (सुबह) आखिरी ट्रेन (रात) मोदीपुरम 06:01 10:01 बेगमपुल 06:07 10:07 शताब्दी नगर 06:14 10:14 मेरठ सदर 05:57 10:20 मोदी नगर उत्तर 06:02 10:25 मोदी नगर दक्षिण 06:06 10:29 मुराद नगर 06:11 10:33 दुहाई 05:57 10:38 गुलधर 06:00 10:41 साहिबाबाद 06:04 10:45 आनंद विहार 06:08 10:49 तिलक नगर 06:13 10:54 न्यू अशोक नगर 06:18 10:59 नमो भारत: सराय काले खां से मोदीपुरम(अप लाइन) स्टेशन का नाम पहली ट्रेन (सुबह) आखिरी ट्रेन (रात) सराय काले खां 06:00 10:00 न्यू अशोक नगर 06:05 10:05 आनंद विहार 06:11 10:11 साहिबाबाद 06:16 10:16 गाजियाबाद 06:10 10:21 गुलधर 06:14 10:25 दुहाई 05:50 10:29 मुरादनगर 05:54 10:33 मोदीनगर सदर 05:59 10:38 मोदीनगर उत्तर 06:03 10:42 शताब्दी नगर 06:05 10:52 मेरठ मेट्रो: मोदीपुरम से मेरठ साउथ के बीच (डाउन लाइन) स्टेशन का नाम पहली ट्रेन (सुबह) आखिरी ट्रेन (रात) मोदीपुरम (प्रथम) 06:06 10:06 मेरठ नॉर्थ 06:09 10:09 दौरली 06:12 10:12 एमईएस कॉलोनी 06:16 10:16 बेगमपुल 06:19 10:19 भैंसाली 06:21 10:21 मेरठ सेंट्रल 06:23 10:23 कंकरखेड़ा 06:26 10:26 मोहन नगर 06:29 10:29 तितानी 06:32 10:32 पर्तापुर (आर्मी) 06:34 10:34 मेरठ मेट्रो: मेरठ साउथ से मोदीपुरम की ओर(अप लाइन) स्टेशन का नाम पहली ट्रेन (सुबह) आखिरी ट्रेन (रात) मेरठ सदर (प्रथम) 06:10 10:02 पर्तापुर (आर्मी) 06:13 10:05 तितानी 06:15 10:07 शताब्दी नगर 06:20 10:12 ब्रह्मपुरी 06:22 10:14 मेरठ सेंट्रल 06:25 10:17 भैंसाली 06:29 10:21 बेगमपुल 06:32 10:24 एमईएस कॉलोनी 06:34 10:26 दौरली 06:37 10:29 मेरठ नॉर्थ 06:39 10:31 मोदीपुरम (आगमन) 06:42 10:34  

मेट्रो ब्लू लाइन निर्माण: सैकड़ों संपत्तियों को हटाना अनिवार्य, जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू

भोपाल  मेट्रो ट्रेन की ब्लू लाइन के लिए जिला प्रशासन ने  भदभदा डिपो चौराहा से रत्नागिरी करोंद तक 9 हेक्टेयर जमीन को अधिसूचित कर दिया है। इसमें बाधक निर्माण पहले ही चिह्नित कर लिए गए थे। इन्हें नोटिस देने, मुआवजा देने की प्रक्रिया की जा रही थी। हालांकि बीते एक साल में 40% को ही खाली कराया जा सका है। छह हेक्टेयर जमीन रेकॉर्ड में सरकारी दर्ज है। हालांकि मौके पर बाजार, आबादी है। अब इसे हटाने बड़ी कार्रवाई शुरू होगी। की थी अंडरग्राउंड मेट्रो की मांग बता दें, इसी लाइन के डिपो चौराहा से लिली टॉकीज तक के क्षेत्र में सांसद आलोक शर्मा ने अंडरग्राउंड की मांग की थी। हालांकि अधिसूचना पर में इसका जिक्र नहीं था।  14 किमी की लाइन, पुल बोगदा पर करेगी क्रॉस भोपाल के भदभदा से रत्नागिरी तक 14 किमी की एलीवेटेड लाइन बनाई जाएगी। पियर्स यानी मेट्रो एलीवेटेड लाइन के खंभों के लिए जमीन की टेस्टिंग हो चुकी है। अप्रेल तक काम दिखना शुरू हो जाएगा इस लाइन का काम वर्ष 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है।

भोपाल मेट्रो को वित्तीय सहारा: दो नए रूटों के लिए बजट मिलने की संभावना, पिछली बार मिली थी बड़ी मंजूरी

भोपाल भोपाल में मेट्रो के 2 रूट पर काम चल रहा है। ऑरेंज लाइन के फेज-2 का रूट सुभाषनगर से करोंद के बीच है, जबकि ब्लू लाइन भदभदा से रत्नागिरी तक गुजरेगी। इन दोनों रूट के लिए बजट का प्रावधान हो सकता है। पिछले बजट में भोपाल को 425 करोड़ रुपए मिले थे। बजट से कई सड़कों के निर्माण को लेकर भी बजट मिलने की उम्मीद है। पिछली बार 41 सड़कें और 3 फ्लाईओवर मंजूर किए गए थे। वहीं, शहर के लगभग हर इलाके और ग्रामीण क्षेत्र की सड़कों के निर्माण के लिए टोकन राशि बजट में रखी गई थी। इनकी अनुमानित लागत 447.21 करोड़ रुपए थी। पिछले बजट में शैतान सिंह तिराहे से कोलार मेन रोड को जोड़ने वाली सड़क और बावड़िया के प्रस्तावित नए आरओबी की एप्रोच रोड बनाने का प्रावधान था। हालांकि, एक साल में यह काम नहीं हो सका है। बजट से भोपाल में खेल और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विभागों को लेकर भी उम्मीदें हैं। पिछले बजटों में इन दोनों ही विभागों को लेकर बजट मिला था।

नोएडा मेट्रो एक्सटेंशन कॉरिडोर को केंद्र की मंजूरी

सेक्टर-142 से बॉटनिकल गार्डन तक 11.56 किमी विस्तार को हरी झंडी परी चौक से बॉटनिकल गार्डन का सफर भी होगा आसान, यात्रा समय घटेगा योगी सरकार की शहरी कनेक्टिविटी रणनीति को मिलेगा बल, नोएडा-ग्रेटर नोएडा में सक्रिय मेट्रो नेटवर्क 61.62 किमी तक पहुंचेगा लखनऊ,  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने नोएडा मेट्रो रेल परियोजना के सेक्टर-142 से बॉटनिकल गार्डन तक 11.56 किलोमीटर लंबे एक्सटेंशन कॉरिडोर को मंजूरी दे दी है। इस नए एलिवेटेड कॉरिडोर में कुल 8 स्टेशन होंगे। इसके संचालन में आने के बाद नोएडा और ग्रेटर नोएडा में मेट्रो नेटवर्क की कुल लंबाई बढ़कर 61.62 किलोमीटर हो जाएगी। यह कॉरिडोर नोएडा से ग्रेटर नोएडा की यात्रा भी सुगम बनाएगा। इस फैसले को उत्तर प्रदेश में शहरीकरण और औद्योगिक विकास के अनुरूप सार्वजनिक परिवहन ढांचे को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम बताया जा रहा है। योगी आदित्यनाथ सरकार के शहरी विकास और निवेश प्रोत्साहन मॉडल में मजबूत कनेक्टिविटी को आधार स्तंभ माना गया है और यह परियोजना उसी रणनीति का विस्तार मानी जा रही है। यह नया कॉरिडोर नोएडा के सेक्टर-142 से बॉटनिकल गार्डन तक जाएगा, जहां दिल्ली मेट्रो की ब्लू लाइन और मैजेंटा लाइन से इंटरचेंज की सुविधा मिलेगी। इससे नोएडा व ग्रेटर नोएडा के निवासियों को सीधे दिल्ली और अन्य प्रमुख ट्रांजिट हब से जुड़ने का लाभ मिलेगा। इससे दिल्ली एयरपोर्ट, प्रमुख रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों तक पहुंच और सुगम होगी। एक्सटेंशन कॉरिडोर से नोएडा के कई प्रमुख व्यावसायिक, औद्योगिक और शैक्षणिक क्षेत्रों को सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी। सेक्टर-142 स्थित एडवांट बिजनेस पार्क, सेक्टर-98 का स्काईमार्क वन मॉल, सेक्टर-93 का मॉल ऑफ नोएडा, सेक्टर-145 में माइक्रोसॉफ्ट, सेक्टर-157 में टीसीएस, सेक्टर-126 में हैवेल्स, सेक्टर-132 में इंफोसिस और एडोबी, सेक्टर-135 में कॉग्निजेंट तथा सेक्टर-127 में ओरेकल जैसे बड़े संस्थानों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र भी इस विस्तार से जुड़ेंगे। सेक्टर-125 स्थित एमिटी विश्वविद्यालय, सेक्टर-91 का पंचशील बालक इंटर कॉलेज, सेक्टर-44 का महामाया बालिका इंटर कॉलेज और सेक्टर-128 का मैक्स सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल अब मेट्रो नेटवर्क से बेहतर तरीके से कनेक्ट होंगे। इसके अलावा बॉटनिकल गार्डन और सेक्टर-93 पार्क जैसे प्रमुख सार्वजनिक स्थलों तक पहुंच आसान होगी। इस विस्तार से सड़क यातायात का दबाव कम होगा और यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी। मेट्रो को सड़क परिवहन का प्रभावी विकल्प बताते हुए अधिकारियों का कहना है कि इससे ट्रैफिक जाम में कमी, सड़क सुरक्षा में सुधार और ईंधन की बचत होगी। पर्यावरणीय दृष्टि से भी यह परियोजना महत्वपूर्ण मानी जा रही है। मेट्रो नेटवर्क के विस्तार से जीवाश्म ईंधन आधारित परिवहन पर निर्भरता घटेगी और कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी। “बुनियादी ढांचे के विकास में बेहतर कनेक्टिविटी की अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। जिस तरह से नोएडा व ग्रेटर नोएडा विभिन्न औद्योगिक गतिविधियों का हब बन रहे हैं, यह नया मेट्रो रूट दिल्ली व नोएडा/ग्रेटर नोएडा के बीच कनेक्टिविटी को सुगम कर नए निवेश को बढ़ावा देने के साथ-साथ मेट्रो स्टेशनों के आसपास व्यावसायिक गतिविधियों को भी बल देगा। योगी सरकार का लक्ष्य नोएडा और ग्रेटर नोएडा को राष्ट्रीय और वैश्विक निवेश मानचित्र पर और मजबूत स्थान दिलाना है। यह परियोजना उसी व्यापक दृष्टि का हिस्सा है, जो उत्तर प्रदेश को आधुनिक, सुव्यवस्थित और सतत शहरी विकास की दिशा में आगे बढ़ा रही है।” –    शरद कोहली, आर्थिक मामलों के विशेषज्ञ

भोपाल से विदिशा, रायसेन और सीहोर तक मेट्रो सेवा शुरू, राजधानी को मिलेगा सैटेलाइट शहरों से कनेक्शन

भोपाल  मेट्रो ट्रेन प्रोजेक्ट के तहत अब भोपाल मेट्रोपॉलिटन रीजन यानी बीएमआर में भी रूट तय होगा। भोपाल से सीहोर, विदिशा, रायसेन, राजगढ़ की ओर मेट्रो की संभावनाएं तलाशी जाएंगी। बीएमआर के लिए बन रही डीपीआर में इसके प्रावधान किए जा रहे हैं। भोपाल मेट्रोपॉलिटन रीजन की योजना में मेट्रो को शामिल करने शासन ने बीडीए को निर्देशित किया है। रोड नेटवर्क के साथ मेट्रो नेटवर्क से पास के शहरों में प्रस्तावित सैटेलाइट टाउनशिप को भोपाल से सीधे जोड़ा जाएगा। भोपाल शहर में 6 लाइनें तय अभी मेट्रो ट्रेन प्रोजेक्ट में भोपाल शहर में ही छह लाइनें तय की हुई है। 103 किमी लंबी लाइन में से फिलहाल 6.22 किमी की लाइन पर मेट्रो का कमर्शियल रन शुरू किया जा चुका है। पहले चरण की दो लाइनों के 32 किमी में मेट्रो को आमजन यात्रियों के साथ चलाने 2028 से 2030 तक की समय सीमा तय की है। मेट्रो रेल कारपोरेशन धीरेधीरे मेट्रो को चरणबद्ध तरीके से तैयार करने की योजना बना रहा है। अब वहभोपाल के भीतर के साथ मेट्रोपॉलिटन रीजन वाले क्षेत्रों तक भी रूट तय करेगा। उपनगरीय परिवहन में बदलेगी मेट्रो बीएमआर की डीपीआर तैयार करने वाले अफसरों के अनुसार भोपाल के लिए लोकल ट्रांसपोर्ट का हिस्सा बनने जा रही मेट्रो बीएमआर में उपनगरीय रेल की भूमिका में रहेगी। इससे मौजूदा व बीएमआर में प्रस्तावित उपनगरों को जोड़ा जाएगा। बीएमआर में भोपाल की बसाहट को सैटेलाइट टाउनशिप से पास के शहरों में शिफ्ट किया जाएगा। यहां आबादी का दबाव बढऩे से रोकने के लिए नई टाउनशिप विकसित होगी। इन्हीं को आवाजाही में मदद के लिए मेट्रो उपनगरीय सेवा विकसित होगी। सवाल: छह किमी में दस साल, बीएमआर कब बनेगी? बीएमआर में मेट्रो की प्लानिंग तो ठीक है, लेकिन मौजूदा 103 किमी के प्रस्तावित नेटवर्क में से महज सात फीसदी ही बन पाया है। शहरी नेटवर्क का 93 फीसदी बनना बाकी है। सात फीसदी निर्माण में यूरोपियन बैंक से लोन लिया हुआ है। बचे हुए हिस्से को बनाने और बीएमआर से जुड़े शहरों तक मेट्रो पहुंचाने कई गुना ज्यादा बजट और समय लगेगा। मेट्रो, रोड सबका विकल्प है बीएमआर के लिए शासन की मंशा के अनुसार योजना तय की जा रही है। संबंधित क्षेत्रों को पब्लिक ट्रांसपोर्ट सभी माध्यमों से जोड़ा जाएगा। मेट्रो, रोड सबका विकल्प है। -संजीव सिंह, अध्यक्ष बीडीए- संभागायुक्त

भोपाल मेट्रो प्रोजेक्ट में अड़चन, सांसद ने ब्लू लाइन का काम रोका, सियासी चर्चाएं तेज

भोपाल  भोपाल में प्रस्तावित मेट्रो प्रोजेक्ट (Bhopal Metro) को लेकर यातायात समिति की बैठक में बड़ा मुद्दा उठा। गुरुवार को पुलिस कमिश्नर कार्यालय में आयोजित बैठक में भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने भदभदा से रत्नागिरी तिराहा तक प्रस्तावित मेट्रो की ब्लू लाइन पर गंभीर आपत्ति दर्ज कराई।सांसद ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत माता चौराहे से लिली टॉकीज, जहांगीराबाद तक मेट्रो को एलिवेटेड की बजाय अंडरग्राउंड किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस हिस्से में अब तक जो भी काम हुआ है, उसे तुरंत रोका जाए और पूरे प्रोजेक्ट की नए सिरे से प्लानिंग की जाए। सांसद ने जाहिर की आपत्ति सांसद आलोक शर्मा (MP Alok Sharma) का कहना था कि यह इलाका शहर का अत्यंत व्यस्त और संवेदनशील क्षेत्र है, जहां मेट्रो का एलिवेटेड निर्माण यातायात, व्यापार और आम नागरिकों की आवाजाही को गंभीर रूप से प्रभावित करेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनता की सुविधा और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अंडरग्राउंड मेट्रो पर गंभीरता से विचार किया जाए।बैठक में नगर निगम कमिश्नर संस्कृति जैन, पुलिस कमिश्नर हरि नारायण चारी मिश्रा, एडीएम सुमित कुमार पांडे, अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर अवधेश गोस्वामी सहित नगर निगम, पुलिस और अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में उठे ये मुद्दे बैठक में शहर के ब्लैक स्पॉट और लेफ्ट टर्न सुधार का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। अधिकारियों ने बताया कि भोपाल में कुल 16 ब्लैक स्पॉट, 37 लेफ्ट टर्न और करीब 200 बिजली के पोल व डीपी शिफ्टिंग की समीक्षा की गई है। इनमें से 11 ब्लैक स्पॉट और 27 लेफ्ट टर्न पर निर्माण कार्य के लिए एजेंसी चयन और टेंडर प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। बैठक में यह भी तय किया गया कि अगली यातायात समिति की बैठक में पीडब्ल्यूडी के ईएनसी, एनएचएआई, सड़क यातायात के वरिष्ठ अधिकारी और रोड सेफ्टी विशेषज्ञों को शामिल किया जाएगा, ताकि निर्णय प्रक्रिया में आ रही बाधाओं को दूर किया जा सके और शहर की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सके।  

यूपी वालों के लिए खुशखबरी! अब इस शहर में भी शुरू होगी मेट्रो सेवा

वाराणसी  यूपी के वाराणसी में लालबहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से कैंट रेलवे स्टेशन तक मेट्रो रेल सेवा शुरू होगी। इसके लिए विमानपत्तन प्राधिकरण की ओर से रेलवे मुख्यालय को प्रस्ताव भेजा गया है। इस सेवा को शुरू करने का उद्देश्य विमान से उतरने के बाद यात्री मेट्रो से शहर तक पहुंच जाएं। इससे यात्रियों को सुविधा होने के साथ किराये में बचत होगी। बाबतपुर एयरपोर्ट से प्रतिदिन लगभग 80 विमानों का संचालन होता है। इन उड़ानों से 10,000 से 12,000 यात्रियों का आवागमन होता है। इस समय हवाई अड्डे के विस्तारीकरण का काम तेजी के साथ चल रहा है। इसमें मल्टी लेवल पार्किंग, आठ एयरोब्रिज के साथ पांच हजार यात्री क्षमता वाला नया टर्मिनल भवन, रनवे के नीचे अत्याधुनिक सुविधा और सुरक्षा युक्त टनल निर्माण शामिल है। इससे यहां घरेलू और अंतरराष्ट्रीय विमानों की संख्या बढ़ जाएगी। यात्री संख्या भी बढ़ेगी। एयरपोर्ट विस्तारीकरण में काशी की ऐतिहासिकता और पौराणिकता की छाप भी होगी ताकि यात्रियों को बाबा विश्वनाथ की नगरी में होने का अहसास हो। एयरपोर्ट से कैंट स्टेशन की दूरी करीब 22 किलोमीटर है। यहां से यात्री टैक्सी, ऑटो और ई-बस से गंतत्व को जाते हैं। इस दूरी को तय करने में खासकर टैक्सी और ऑटो चालक अच्छा-खासा किराया यात्रियों से वसूल लेते हैं। इसको देखते हुए मेट्रो सेवा कारगर साबित होगी। यात्रियों की सुविधा के लिए भेजा प्रस्ताव: निदेशक एयरपोर्ट निदेशक पुनीत गुप्ता ने बताया कि विस्तारीकरण के बाद विमानों के बढ़ने से यात्रियों का आवागमन भी बढ़ेगा। यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखकर हवाई अड्डे से बाबतपुर रेलवे स्टेशन होकर शहर तक मेट्रो सेवा शुरू करने का प्रस्ताव भेजा गया है। इस बारे में रेलवे के अधिकारियों का कहना है कि मेट्रो सेवा के लिए फिजिबिलिटी सर्वे के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।