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भोपाल मेट्रोपॉलिटन का विस्तार: 12,098 स्क्वायर किमी में 6 जिलों के 2510 गांव शामिल, नोटिफिकेशन जारी

 भोपाल  भोपाल मेट्रोपॉलिटन एरिया का दायरा 12,098 वर्ग किलोमीटर का होगा। इसमें छह जिलों के 2510 गांवों को शामिल किया है। भूमि के क्षेत्रफल के हिसाब से सबसे कम हिस्सा नर्मदापुरम का है तो भोपाल से अधिक सीहोर और राजगढ़ का क्षेत्र रखा गया है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। भोपाल मेट्रोपॉलिटन की अधिसूचना जारी होने के साथ ही अब प्रतिनियुक्ति पर अधिकारी और कर्मचारियों को लिया जाएगा। छह जिलों में तहसीलवार गांवों की जारी की गई अधिसूचना में भोपाल जिले में बैरसिया तहसील के 210 गांव, हुजूर तहसील के 257 गांव और कोलार तहसील के 60 गांव शामिल किए गए हैं। इसी तरह सीहोर जिले में आठ तहसील आष्टा, बुधनी, दोराहा, इच्छावर, जावर, श्यामपुर, रेहटी व सीहोर। रायसेन जिले में तीन तहसील गौहरगंज, रायसेन, सुल्तानपुर। राजगढ़ में सात तहसील ब्यावरा, खुजनेर, नरसिंहगढ़, पचोर, राजगढ़, सारंगपुर, सुठालिया। विदिशा में दो तहसील गुलाबगंज और विदिशा। नर्मदापुरम में पांच तहसील दोलारिया, होशंगाबाद गांव, इटारसी, माखन नगर, नर्मदापुरम शामिल की गई है। बता दें कि मध्य प्रदेश मेट्रोपॉलिटन रीजन प्लानिंग एंड डेवलपमेंट एक्ट 2025 को मई 2025 में कैबिनेट की मंजूरी मिली और अगस्त 2025 में विधानसभा से इसे पारित किया गया। किस जिले में कितनी तहसीलें अब भोपाल में वहीं, रायसेन जिले की बात करें तो इससे 3 तहसीलें जिनमें गौहरगंज, रायसेन, सुल्तानपुर रहेंगी। इसके अलावा, राजगढ़ जिले में 7 तहसीलें, जिनमें ब्यावरा, खुजनेर, नरसिंहगढ़, पचोर, राजगढ़, सारंगपुर, सुठालिया। विदिशा में दो तहसील गुलाबगंज और विदिशा। नर्मदापुरम में 5 तहसील दोलारिया, होशंगाबाद गांव, इटारसी, माखन नगर, नर्मदापुरम को शामिल किया गया है। मेट्रोपॉलिटन रीजन प्लानिंग एंड डेवलपमेंट एक्ट को 2025 में मिली मंजूरी आपको बता दें कि, मध्य प्रदेश मेट्रोपॉलिटन रीजन प्लानिंग एंड डेवलपमेंट एक्ट 2025 को मई 2025 में मोहन कैबिनेट की मंजूरी मिली थी और अगस्त 2025 में विधानसभा से इसे पारित किया गया था। क्षेत्रफल के हिसाब से किस जिले से कितना क्षेत्र जिला — क्षेत्र (वर्ग किमी) — प्रतिशत -सीहोर– 3302 — 50.46% -राजगढ़ — 2812– 46.61% -रायसेन– 2422– 28.57% -भोपाल — 2275– 82.25% -विदिशा– 804– 11.01% -नर्मदापुरम — 480 — 7.16% मुंबई से बड़े क्षेत्र में भोपाल मेट्रोपॉलिटन रीजन का विस्तार भोपाल मेट्रोपॉलिटन रीजन देश की आर्थिक मुंबई से भी बड़े इलाके में डेवलप किया जा रहा है, जिसमें राजधानी भोपाल और इसके पड़ोसी जिले रायसेन, सीहोर, विदिशा, राजगढ़ और नर्मदापुरम की कुल 12 हजार वर्गकिमी जमीन पर मेट्रोपॉलिटन रीजन का विस्तार किया जाएगा। अगर क्षेत्रफल की बात करें तो भोपाल मेट्रोपॉलिटन रीजन का एरिया 12,098 वर्ग किमी में फैला रहेगा तो वहीं मुंबई मेट्रोपॉलिटन सिटी 6,300 वर्गकिमी में फैली रहेगी। मेट्रोपॉलिटन रीजन में ये इलाके रहेंगे मेट्रोपॉलिटन रीजन का भोपाल केंद्र बिंदु रहेगा, यानी राजधानी भोपाल ही सेंटर पॉइंट होगा, जिसमें भोपाल की हुजूर, बैरसिया, कोलार तहसील मेट्रोपॉलिटन रीजन में शामिल हुई है. इसके साथ ही सीहोर जिले की इछावर, आष्टा, सीहोर श्यामपुर, जावर को भोपाल मेट्रोपॉलिटन रीजन का हिस्सा बनाया गया है. इसके साथ ही विदिशा जिले की ग्यारसपुर, गुलाबगंज और विदिशा तहसील को इस रीजन में जगह मिली है। राजगढ़ की नरसिंहगढ़, जीरापुर, ब्यावरा, पिछोर, खुजनेर तहसील को शामिल किया गया है। जबकि नर्मदापुरम की होशंगाबाद गांव, इटारसी, माखन नगर, नर्मदापुरम को जोड़ा है। इसके अलावा रायसेन जिले की औबेदुल्लागंज और रायसेन तहसील को जगह मिली है।

नायीखेड़ी-नागदा-रतलाम मार्ग की स्वीकृति से बड़नगर के समग्र विकास के खुलेंगे द्वार

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत विश्व पटल पर नई ऊंचाइयां को छू रहा है। देश में मध्यप्रदेश का विशेष महत्व है। विकास के इस कारवां को आगे बढ़ाते हुए राज्य सरकार समाज के हर वर्ग और प्रत्येक क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रही है। उज्जैन जिले का बड़नगर भी विकास में अग्रणी रहेगा। बड़नगर अब इंदौर-उज्जैन मेट्रोपोलिटन एरिया का भाग बनेगा। बड़नगर पर बाबा महाकाल सहित चंबल, शिप्रा और गंभीर नदियों का भी आशीर्वाद है। प्रधानमंत्री  मोदी ने धार में देश के पहले पीएम मित्र पार्क का भूमि-पूजन किया है। टेक्सटाइल सेक्टर के इस मेगा इंडस्ट्रियल पार्क का लाभ भी बड़नगरवासियों को मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बड़नगर क्षेत्र में संचालित गौशालाओं को नरवाई प्रबंधन के लिए मशीनें लेने में सहायता के उद्देश्य से स्वेच्छानुदान से अंश राशि उपलब्ध कराने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इससे नरवाई के निराकरण के साथ ही गौशालाओं को पर्याप्त भूसा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बड़नगर क्षेत्र के व्यायाम शालाओं को प्रोत्साहन स्वरूप एक-एक लाख रूपए देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव, नायीखेड़ी-नागदा-रतलाम मार्ग की स्वीकृति प्रदान करने के लिए उनका आभार प्रकट करने मुख्यमंत्री निवास पहुंचे बड़नगर विधानसभा क्षेत्र के निवासियों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का बड़नगरवासियों ने साफा और गजमाला पहनाकर अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बाबा महाकाल के आशीर्वाद से उज्जैन और बड़नगर अब 3 प्रमुख मार्गों के माध्यम से रतलाम से जुड़ गया है। तीसरा नया 2 लेन रास्ता गंभीर डैम के पास से नागदा होकर निकलने वाला है। लगभग 150 करोड़ रूपए का नायीखेड़ी-नागदा-रतलाम मार्ग क्षेत्रवासियों के लिए बड़ी सौगात है। इससे रतलाम की दूरी 40 किलोमीटर कम हो जाएगी। नई सड़क से सिंहस्थ : 2028 के आयोजन में भी सुविधा होगी। उज्जैन में विमानतल भी बनाया जा रहा है, इसका लाभ भी बड़नगर को मिलेगा। आगामी वर्षों में रतलाम सहित राजस्थान और गुजरात से भी बड़नगर का संपर्क सुगम और सशक्त होगा। सड़कें विकास का आधार हैं, इन सड़कों से बड़नगर सहित सम्पूर्ण क्षेत्र के विकास के द्वार खुलेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि सिंहस्थ : 2028 को दृष्टिगत रखते हुए यह प्रस्तावित मार्ग विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। वर्तमान में रतलाम से उज्जैन आने वाले श्रद्धालु मुख्यत: बदनावर-बड़नगर मार्ग से आवागमन करते हैं, जिसकी कुल लंबाई लगभग 115 कि.मी. है। प्रस्तावित वैकल्पिक मार्ग की कुल लंबाई लगभग 74 कि.मी. है, जो वर्तमान प्रचलित मार्ग की तुलना में लगभग 40 कि.मी. कम है। इस मार्ग के विकसित होने से यात्रा की दूरी एवं समय दोनों में उल्लेखनीय कमी आएगी तथा मुख्य मार्गों पर यातायात का दबाव भी कम होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान कृष्ण के जीवन से प्रेरणा लेकर हमें मित्र की सहायता करने के लिए सदैव तत्पर रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेशवासी हमारे लिए भगवान  हनुमान की तरह हैं, जिन्हें केवल जनभागीदारी की शक्ति का भान कराना होता है। सरकार के कार्य अपने आप होते चले जाते हैं। अभिनंदन समारोह में बड़नगर विधायक  जितेंद्र पंड्या,  अंतर सिंह देवड़ा,  उमराव सिंह,  विजय चौधरी सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे।